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'परजीवी ख़्वाब' मेरे काव्य संकलन 'वह एक और मन' से.......
11,471 просмотров • 3 лет назад •via X (Twitter)
Комментарии: 10

vedprakash dwivedi3 лет назад
अत्यंत सुंदर व प्रेरणा प्रद पंक्तियां परम पूज्यनीय बड़े भैया जी सादर प्रणाम

Dinesh shukla (Journalist) 🇮🇳3 лет назад
बहुत सुंदर सर

brajendra singh sengar3 лет назад
वाह... बेहतरीन👌👌👌👌

Pramod Kumar Sharma3 лет назад
अतल मन की गहराई से उठी कविता की पक्तंतिया

Dharmendra Singh3 лет назад
🙏🙏 जीवन की वास्तविकता दर्शाती बहुत सुंदर पंक्तियां 🙏🙏

Shailesh kumar shukla3 лет назад
'शानदार संकलन ' सादर प्रणाम

Amit kumar Rai3 лет назад
अद्भुत

आशीष गुर्जर3 лет назад
बहुत ही शानदार पंक्तियां सर

Gagan Kumar3 лет назад
प्रकृति और जिंदगी का एक अद्भुत संगम, दिल को छू लेने वाली पंक्तियां Proud of you Sir 👏

Sanjay Kapur3 лет назад
Nice 👍👍
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