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प्रोटेस्ट में एक छात्र हाथ जोड़कर खड़ा है पुलिस लाठियों से पीटती रही उस सिपाही ने आखिर में उसके सिर पर लाठी मारा उसके बाद वह छात्र वहीं सड़क पर गिरकर बेहोश हो गया। कुत्ते पुलिस वाले हत्या के लिए भेजे गये हैं। उस पुलिस वाले पर attempt to...

354,067 просмотров • 27 дней назад •via X (Twitter)

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बलिया जिले में कुछ लड़कों का आपस में छोटा मोटा विवाद हो गया , उसके बाद रेवती थाने की पुलिस बेटे की जगह उसके पिता कामजी गोंड को घर से थाने उठा ले गई , परिजनों का आरोप है कि थाने में उसके साथ मारपीट की गई , जिससे उनकी हालत खराब हो गई और बनारस हॉस्पिटल में मृत्यु हो गई ! मृत्यु के बाद पुलिस का व्यवहार इस वीडियो में देख सकतें हैं , क्या किसी अमीर और रसूख वाले से पुलिस ऐसे बात कर सकती हैं ? पुलिस मारपीट से इनकार कर रही हैं तो क्या उस आदमी की थाने से निकलने के बाद अपने आप हालत खराब हो गई ? पुलिस जब घर से उठा कर ले गई थी तो घर पर क्यों नहीं लाकर छोड़ा ? बनारस से शव को घर लाते समय रास्ते में पुलिस एंबुलेंस को क्यों रोक रही थी , आखिर किस बात का डर था ? ऐसे बहुत से सवाल खड़े हो रहे हैं , पुलिस को उचित जांच कर दोषियों पर करवाई करनी चाहिए !

Prem Bhardwaj

65,345 просмотров • 1 месяц назад

उत्तर प्रदेश पुलिस का गोरखपुर में तैनात दरिंदा सिपाही धर्मेंद्र यादव न्यायपालिका और सरकारी सिस्टम के मुंह पर एक जोरदार तमाचा है धर्मेंद्र यादव पुलिस में भर्ती होने के पहले बलात्कार के मामले में जेल जा चुका था लेकिन अखिलेश यादव के सरकार में बिना उसकी इंटेलिजेंस बैकग्राउंड जांच किये पुलिस में भर्ती कर दिया गया पुलिस में नौकरी पाने के बाद भी यह 2 साल पहले किसी कम से बंगाल गया था और वहां इसने एक महिला के साथ छेड़खानी की थी भीड़ में इसे मारा था किसी तरह बंगाल पुलिस ने इसे बचाया उस मामले में बंगाल पुलिस ने इसके ऊपर केस दर्ज नहीं किया था उसके बाद यह फरवरी 2025 में किसी सरकारी काम से पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में गया था वहां उसने एक महिला का रेप किया और करीब 10 महीने जेल में रहने के बाद यह जमानत पर छूट गया जमानत पर छूटने के बाद कोर्ट ने इसे पुलिस में फिर से लेने का आदेश दिया और उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे डायल 112 में नियुक्त किया दो दिन पहले गोरखपुर के जिला अस्पताल में एक 12 साल की बच्ची अपनी बीमार मां को खाना देने आई थी और जब वह खाना देने के बाद घर जा रही थी तभी सिपाही ने उसकी बाइक से पीछा किया और उसे पहले फुसलाकर बाइक पर बिठाया और सुनसान जगह पर बच्ची का बलात्कार किया और बच्ची का कत्ल करके उसे नदी में फेंक दिया अब सोचिए कि इतना अपराध करने वाला वह भी महिलाओं के प्रति अपराध करने वाला जो एक सीरियल बलात्कारी है वह उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हो जाता है वह दो बार जेल जाता है अदालतें उसे जमानत देती है वह नौकरी से सस्पेंड होता है अदालत उसे नौकरी पर रखने का आदेश देती है भारत की न्यायपालिका ने यह भी नहीं सोचा कि यह व्यक्ति पुलिस फोर्स में है इसके ऊपर महिलाओं बच्चियों के सुरक्षा की जिम्मेदारी है लेकिन फिर भी भारत की अदालत्ते हैं इसके प्रति नरम रूख अपनाती रही और अगर अदालत ने उसे ना जमानत दिया होता ना नौकरी पर दोबारा रखने का आदेश होता तो एक 12 साल की गुड़िया हमारे और आपके बीच में जिंदा होती पुलिस जब इसे मेडिकल के लिए जिला अस्पताल लेकर आई थी तब सैकड़ो लोगों की भीड़ ने इसे मारने के लिए दौड़ा लिया और पुलिस से कहा कि इसे आप हमारे हवाले कर दीजिए

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

14,330 просмотров • 20 дней назад

रात के 2 बज रहे हैं। वीडियो बनारस से आया है, बाइक यूपी पुलिस का कांस्टेबल चला रहा है, बीच में छात्र बैठा है और पीछे एक और पुलिसकर्मी। बनारस में छात्रों की आज रात लगातार गिरफ्तारियाँ हो रही हैं। उनके कमरों के बाहर पुलिस का पहरा बैठा दिया गया है। प्रधानमंत्री और उनके पूरे अमले को आखिर ऐसा किस बात का डर है? क्या कल सुबह 11 बजे छात्र मनरेगा बचाओ के विरोध में खड़े होंगे, तो सत्ता हिल जाएगी? जो सरकार दुनिया भर में लोकतंत्र का ढिंढोरा पीट रही है, वही रात के अंधेरे में, प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में, छात्रों को पुलिस इसलिए उठा कर ले जा रही है क्योंकि डर है कि कल सुबह वह मनरेगा बचाओ का प्लेकार्ड लेकर अपनी यूनिवर्सिटी के गेट पर खड़ा मिलेगा। छात्र डरने वाले नहीं हैं, छात्र टाइट हैं। जितनी हिम्मत है जुटा लो — सरकार और पुलिस। कल उत्तर प्रदेश के छात्र मनरेगा बचाओ संग्राम मार्च निकालेंगे और तानाशाही को करारा जवाब देंगे।

Varun Choudhary

14,111 просмотров • 7 месяцев назад