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Ana Sayfaya Dön

प्रतापगढ़ के छोटीसादड़ी में अवैध खनन रोकने पहुंचे वन विभाग के रेंजर प्रताप सिंह चूंडावत जी को डंपर से कुचलना एवं इलाज के दौरान उनकी मृत्यु की ख़बर अत्यंत पीड़ादायक है। ये केवल एक अधिकारी की हत्या नहीं, राजस्थान की कानून व्यवस्था को खुली चुनौती है। सवाल ये है...

59,359 görüntüleme • 11 gün önce •via X (Twitter)

15 Yorum

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Manisha11 gün önce

नाम गोविंद सिंह है, काम दोगला है! • सत्ता में थे: पुलिस का इस्तेमाल विधायकों की जासूसी कराने और बाड़ेबंदी में किया। • कोरोना काल में: जनता को राम भरोसे छोड़ खुद अपनी कुर्सी बचाते रहे। • अब निकाय चुनाव हारे: तो अपनी नाकामी छिपाने के लिए पुलिस के ही पीछे हाथ धोकर पड़ गए! डोटासर जी, इस गिरगिट की तरह रंग बदलने वाली राजनीति का जवाब जनता ने दे दिया है

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Shanaya Gurjar11 gün önce

डोटासरा ने अपने घमंड को साइड में रख कर संगठन मजबूत किया होता तो अज कांग्रेस हारती नही और बीजेपी की जीत नही होती !

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sejal saini11 gün önce

डोटासरा जी जब आप सत्ता में थे तब तो पुलिस-प्रशासन का इस्तेमाल अपने ही विधायकों और मंत्रियों की जासूसी कराने में होता था। कोरोना काल के उस भयानक संकट में आपने प्रदेश की जनता को अपने हाल पर असहाय छोड़ दिया था और पूरी सरकार बाड़ेबंदी के खेल में व्यस्त थी आज जब निकाय चुनावों में प्रदेश भर की जनता ने कांग्रेस को नकार दिया है और 200 से अधिक निकायों में भाजपा को स्पष्ट जनादेश दिया है तो आप अपनी हार स्वीकार करने के बजाय पुलिस के पीछे हाथ धोकर पड़े हैं जब सत्ता में रहें तो पुलिस सही और जब जनता हरा दे तो पुलिस पर ठीकरा फोड़ना

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Bhupendra Singh11 gün önce

#पंचायत_सहायक_संघर्ष #Regularize_PS_VS #पं_शिक्षक_वि_सहायक_नियमित_करो @RajCMO @BhajanlalBjp @madandilawar @NitinNabin @RahulGandhi @kharge @PMOIndia @AmitShah @zeerajasthan_ सारे नेता संविदा कर्मचारी का शोषण करना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते है।

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संस्कृत शिक्षा 🌍11 gün önce

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड & शिक्षा विभाग :- 3rd ग्रेड शिक्षक भर्ती 2025(लेवल 1&2)आखिर कब तक हमें इंतजार करना पड़ेगा! भर्ती को कोर्ट केस कब मुक्ति मिलेगी? कब DV कार्यक्रम पूरा होगा? कब नियुक्ति पत्र दोगे?आखिर इसका जिम्मेदार कौन? @GovindDotasra

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raj kumar sharma11 gün önce

डोटासरा जी , इस पर आप क्या बोलोगे ..?

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Jyoti Verma11 gün önce

आपकी हार का ठीकरा कब तक दूसरो पर फोड़ोगे डोटासरा जी ?

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Tanisha Sharma11 gün önce

डोटासरा जी अगर भाजपा सरकार चुनाव में बेईमानी कर रही है तो ये क्या बताइये ? इस पर क्या बोलेगे

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Rakesh Choudhary11 gün önce

Kaka ji puri congress ko Khtm kr di ab to istifa de de

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Kamla Bai11 gün önce

डोटासरा जी, सत्ता में पुलिस का इस्तेमाल जासूसी के लिए और विपक्ष में पुलिस पर सवाल! ये कैसी राजनीति है! जनता ने निकाय चुनाव में जवाब दे दिया अब हार का ठीकरा पुलिस-प्रशासन पर फोड़ना बंद कीजिए।

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anjali Verma11 gün önce

जब अपनी सरकार थी तब पुलिस का राजनीतिक इस्तेमाल किया, और आज निष्पक्ष चुनाव हुए तो पुलिस के पीछे हाथ धोकर पड़ गए..

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jignesh patel11 gün önce

आपके कार्यकाल मे भी एसी घटनाए हुई थी उनका जवाब तो दीजिए

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Siddharth Singh11 gün önce

डोटासरा जी आरोपियों पर तुरंत कारवाई की जाएगी ओर एसी घटनाए आपके काल मे भी तो हुई उस टाइम आपने क्यों कुछ नहीं बोला ?

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it's me Vikram11 gün önce

डोटासरा जी काँग्रेस की निकाय चुनावों की हार की असली वजह आप हो? हर चीज का ठीकरा भाजपा पर मत फोड़ो |

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anjali avasthi11 gün önce

डोटासरा जी, एक बार आप ये भी डेक लो .. ?

Benzer Videolar

पुलिस थाना केकड़ी सदर (अजमेर) में तैनात ये ASI राजेश मीणा जी हैं, जिन्हें अवैध खनन रोकने पर बुरी तरह पीटा गया, इनाम के तौर पर विभाग से संस्पेंशन मिला... क्योंकि इन्होंने भाजपा नेताओं के संरक्षण में चल रहे अवैध खनन पर हाथ डालने की हिम्मत की है। ये सिर्फ एक पुलिसकर्मी पर हमला नहीं, कानून के राज पर सीधा हमला है। भाजपा नेता एवं सीनियर पुलिस अफसरों की मिलीभगत से अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है, और कर्त्तव्य का पालन करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रताड़ित और अपमानित किया जा रहा है। पुलिस की वर्दी रौंदी जा रही है, और सरकार मौन दर्शक बनी बैठी है। क्या भाजपा सरकार अवैध खनन के आगे पूरी तरह समर्पण कर चुकी है?

Govind Singh Dotasra

46,004 görüntüleme • 9 ay önce

सवाल कांग्रेस-बीजेपी का नहीं, युवाओं के भविष्य का है। पिछले 2 साल से भाजपा सरकार में OMR शीट बदलने एवं नंबर बढ़ाकर नौकरियां बेचने की बेईमानी चल रही है। SOG की रिपोर्ट बताती है कि कर्मचारी चयन बोर्ड के सिस्टम में ये धोखाधड़ी बिते 9 वर्षों एवं पूर्व की सरकारों में भी रही है। यानी भाजपा की वसुंधरा राजे सरकार से लेकर भाजपा की भजनलाल सरकार तक बोर्ड द्वारा कराई गई सभी भर्ती परीक्षाएं संदेह के घेरे में है। सवाल ये भी है कि आखिर 2 साल में व्यवस्था परिवर्तन क्यों नहीं हुआ? सरकार को युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखकर सभी भर्ती परीक्षाओं की गहनता से जांच एवं दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। CMO Rajasthan

Govind Singh Dotasra

40,504 görüntüleme • 8 ay önce

जनपद एटा के कोतवाली नगर क्षेत्र अंतर्गत प्रेमी नगला (शिकोहाबाद रोड) में दिनदहाड़े डॉ. गंगा सिंह शाक्य, उनकी धर्मपत्नी, पुत्रवधू एवं पुत्री की नृशंस हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। यह कृत्य न केवल अमानवीय है, बल्कि कानून-व्यवस्था की पूरी तरह से विफलता को दर्शाता है। इस जघन्य अपराध की मैं घोर निंदा करता हूँ। 👉 तथाकथित “कानून का राज” देने वाली योगी आदित्यनाथ सरकार में आज प्रदेश गुंडाराज की चपेट में है। अगर उत्तर प्रदेश संभल नहीं पा रहा, तो सिर्फ भाषण और प्रचार से क्या हासिल? किस कानून-व्यवस्था की बात की जाती है? किस पुलिस की तारीफ की जाती है— उस पुलिस की, जो आगरा में निर्दोषों पर अत्याचार करती है? या उस पुलिस की, जो आज तक बनारस में स्नेहा कुशवाहा हत्याकांड के आरोपियों को पकड़ नहीं पाई? जो सरकार गुंडाराज खत्म करने का दावा करती थी, उसी के कार्यकाल में आए दिन हत्याएँ हो रही हैं। सवाल यह है कि आखिर ये गुंडे पैदा कहाँ से हो रहे हैं, और इन्हें संरक्षण कौन दे रहा है? प्रदेश की जनता अब जुमले नहीं, जवाब चाहती है। न्याय चाहिए, सुरक्षा चाहिए—और वह भी तुरंत। #JusticeForGangaSinghShakya

YOUTH_ARMY

30,618 görüntüleme • 8 ay önce

राजस्थान की भाजपा सरकार में सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉक्टर किरोडी लाल जी मीणा अपनी सरकार से नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं, जिस सरकार में कैबिनेट मंत्री की सुनवाई नहीं हो रही उस सरकार में आम आदमी का क्या होगा,राइजिंग राजस्थान के दौरान व्यवस्थाओं को लेकर सरकार व्यस्त है तो दूसरी तरफ कैबिनेट मंत्री डॉक्टर किरोडी लाल मीणा लगातार सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं, मुख्यमंत्री की चुप्पी से स्पष्ट हो गया है की सरकार का धनी-धोरी कोई नहीं है । जब सरकार के मंत्री खुलकर यह कह रहे हैं कि मेरी सरकार में मेरी ही सुनवाई नहीं हो रही तो मैं कहां जाऊं सरकार को और सरकार के मुख्यमंत्री को सामने आकर बताना चाहिए की राजस्थान की जनता- दवाई, को राशन को पेंशन को और कानून व्यवस्था को लेकर किसके पास जाएं क्योंकि जब मंत्री रो रहे हो तो आम आदमी के आंसू कौन पोछेगा!

Pratap Khachariyawas

22,303 görüntüleme • 1 yıl önce

राजस्थान के निकाय चुनावों में जनता ने भाजपा के खिलाफ अपना स्पष्ट जनादेश एवं संदेश दिया। अधिकांश निकायों में जनता ने भाजपा को नकारते हुए कांग्रेस पार्टी को बहुमत एवं समर्थन दिया। लेकिन बोर्ड बनाने के दौरान जिस तरह भाजपा ने सत्ता के दबाव, पुलिस-प्रशासन के दुरुपयोग, पार्षदों की हिरासत, दबाव और खरीद-फरोख्त की, उसने न सिर्फ लोकतंत्र को शर्मसार किया है, बल्कि पूरी चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को कलंकित करने का काम किया है। पहली बार राजस्थान में सत्ता का ऐसा तांडव देखने को मिला, जहां जनादेश के विपरित भाजपा ने बेईमानी, बेशर्मी, सत्ता और मशीनरी के दम पर अपने बोर्ड बनाए। जहां-जहां जनता ने भाजपा को स्पष्ट जनादेश नहीं दिया, वहां सत्ता, धनबल एवं बाहुबल के सहारे जनादेश को पलटने की बेहद खतरनाक परंपरा स्थापित की गई। लोकतंत्र की हत्या करके जनादेश लूटा गया। ये राजस्थान के हर मतदाता का अपमान और उसके वोट के साथ अन्याय है, जिसने भाजपा को खारिज करते हुए कांग्रेस पार्टी के जनप्रतिनिधि को चुनकर भेजा। राजस्थान की जनता ने पिछले एक हफ्ते में सत्ता की जो साज़िशें देखी हैं, वो कभी नहीं भूलेगी। सत्ता चाहे किसी की हो, जनादेश की चोरी और लोकतंत्र का अपमान राजस्थान की कभी स्वीकार नहीं करेगा। निकाय चुनाव में भाजपा ने जिस तरह से बेईमानी की, उसके बाद इस बात की पूरी आशंका है कि पंचायत चुनाव में भी भाजपा बेईमानी और सत्ता के दुरुपयोग का ये खेल खेलेगी। भाजपा को याद रखना चाहिए...कि पुलिस के पहरे में बोर्ड तो बनाया जा सकता है, लेकिन जनता का विश्वास नहीं जीता जा सकता। सत्ता के दम पर कुर्सी हासिल की जा सकती है, जनादेश नहीं जीता जा सकता। निकाय चुनाव में सत्ता के अहंकार में जिस तरह से लोकतांत्रिक मर्यादाओं को कुचला गया, तानाशाही की गई, उसके खिलाफ कांग्रेस पार्टी सड़क से सदन तक मजबूती से लड़ेगी।

Govind Singh Dotasra

23,686 görüntüleme • 12 gün önce

भाजपा सरकार राजस्थान जैसे शांति प्रिय प्रदेश को अशांत बनाने के इरादे से डर, भय और असंवैधानिक कार्यों वाला 'गुजरात मॉडल' यहां थोपने पर आमादा है। जिस प्रदेश में संविधान और कानून है, भाजपा वहां डर और धार्मिक उन्माद फैलाने के लिए एवं निजी संपत्तियों पर प्रशासन को बैठाने के लिए काला कानून बनाने जा रही है। जहां शांति है, वहां अशांति का ठप्पा लगाने की साजिश रची जा रही है। आज मंत्रिमंडल की बैठक में 'अशांत क्षेत्रों में स्थायी निवासियों की सम्पत्तियों एवं किरायेदारों के अधिकारों से संबंधी विधेयक के प्रारूप को मंजूरी दी गई है। भाजपा सरकार का ये निर्णय सियासी एजेंडे के तहत भाजपा और सरकारी गुंडागर्दी को कानूनी जामा पहनाने का कुप्रयास है। कौन तय करेगा कि कौन-सा इलाका अशांत है, किस आधार पर जनसंख्या चिन्हित की जाएगी, किस संविधान में इसकी अनुमति है? भाजपा सरकार अपनी 2 साल की नाकामियों को छिपाने के लिए ये डर का माहौल बनाकर दंगे फैलाने की राजनीति करना चाहती है। पहले मोहल्ला अशांत, फिर कस्बा और जिला अशांति, और अंततः पूरा लोकतंत्र अशांत घोषित करने की साजिश की जा रही है। ये संविधान के अनुच्छेद 300A के तहत संपत्ति के अधिकार और अनुच्छेद 14 के समानता के मूल अधिकार पर सीधा हमला है। निजी संपत्तियों पर प्रशासन को बैठाने का कानून लाकर शांत राजस्थान को अशांत प्रदेश में बदलने की कोशिश हो रही है। जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने और केवल धार्मिक उन्माद फैलाने के लिए ये सब किया जा रहा है। ताकि आगामी विधानसभा सत्र में सदन में जनता के मुद्दों पर बात न हो। जहां 'अशांत क्षेत्र' घोषित होगा, वहां न निवेश आएगा, न विकास होगा, न सामाजिक सौहार्द बचेगा। 2 साल से पर्ची पढ़कर सरकार चलाने वाले आज विवेक छोड़कर संविधान पर हमला कर रहे हैं, राजस्थान की जनता इस षड्यंत्र को कभी स्वीकार नहीं करेगी।

Govind Singh Dotasra

11,328 görüntüleme • 8 ay önce

क्या सीएम भजन लाल जी बताएंगे कि यह कानून व्यवस्था का कौन सा मॉडल है? प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति इससे अधिक भयावह क्या हो सकती है कि सरकार के मंत्री ही थाने में जाकर पुलिसकर्मियों को धमका रहे हैं। जिन लोगों पर प्रदेश में कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरस्त करने की जिम्मेदारी है, वही कानून को हाथ में लेने को आमदा हैं। मंत्री महोदय विधानसभा के लोग टूटी सड़कों, सीवर लाइन जाम एवं जलभराव की समस्या से त्रस्त होकर आंदोलनरत हैं, लेकिन उस पर आपके मुंह से एक शब्द नहीं निकल रहा। आज ही निवारू में एक विद्यालय की छत गिर गई वह तो गनीमत है कि यह हादसा अभी शाम के समय हुआ जब विद्यालय में कोई मौजूद नहीं था, अन्यथा कितने लोगों की जान जा सकती थी, लेकिन आपको क्या फर्क पड़ता है, आप तो अपने रावणरूपी अहंकार में मदहोश हो। CMO Rajasthan Bhajanlal Sharma

Office Of Abhishek Choudhary

73,141 görüntüleme • 2 yıl önce

दो दिन पूर्व केकड़ी की खारी नदी में बजरी डंपर से हुई मौत एक हृदयविदारक घटना है, जो भाजपा सरकार के संरक्षण में पनप रहे बजरी माफिया के खुले कत्ल का प्रमाण है। शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। प्रदेश में बजरी माफिया बेलगाम हैं और भाजपा सरकार उनकी संरक्षक बनी हुई है। इससे भी अधिक शर्मनाक यह है कि केकड़ी थाने के पुलिसकर्मी श्री राजेश मीणा ने वीडियो बनाकर बताया है कि उन्हें स्थानीय भाजपा विधायक ने अवैध खनन पर कार्रवाई करने से रोका और धमकाया। भाजपा राज में पुलिसकर्मियों पर तानाशाही की जा रही है ताकि माफिया को खुली छूट मिल सके। केकड़ी विधानसभा क्षेत्र में पिछले 2 साल में 4 लोगों की जान बजरी माफिया ने ली है। मुख्यमंत्री जी, इस मामले में तुरंत संज्ञान लें और दोषी माफियाओं व उन्हें संरक्षण देने वाले जनप्रतिनिधियों पर सख्त कार्रवाई करें। Bhajanlal Sharma JAWAHAR SINGH BEDHAM Rajasthan Police

Ashok Gehlot

20,726 görüntüleme • 8 ay önce

अब ये स्पष्ट हो गया है कि भाजपा का लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास नहीं है। ये लोग सत्ता के दुरुपयोग से पंचायत और नगर निकाय प्रणाली को पंगु बनाकर केवल तानाशाही शासन करना चाहते हैं। प्रदेश में 1 साल से पंचायत और निकाय चुनाव लंबित है। संवैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन पर हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने सरकार को 6 महीने में चुनाव कराने का आदेश दिया था। हमें आशा थी कि हाईकोर्ट की डबल बेंच भी अपना निर्णय सरकार को तुरंत चुनाव कराने का देगी। लेकिन आदेश जनता अपेक्षा व भावना के विपरित रहा। संविधान विरोधी भाजपा सरकार ने पंचायत व निकाय चुनाव टालने के लिए हाईकोर्ट की डबल बेंच से 6 महीने में चुनाव के आदेश पर रोक लगवा दी। ये सरासर लोकतांत्रिक मूल्यों का गला घोंटने के समान है। ये ना सिर्फ पंचायती राज व्यवस्था के प्रावधानों की अवहेलना है, बल्कि स्वशासन और जनता की सरकार के अधिकार का दमन है। जब स्वयं राज्य निर्वाचन आयोग "एक राज्य, एक चुनाव" को अव्यवहारिक बता चुका है, तो फिर भाजपा सरकार माननीय कोर्ट को क्यों गुमराह करने में लगी है? ये समझ से परे है कि आखिर भाजपा चुनाव से क्यों भाग रही है, मुख्यमंत्री जी को ऐसी क्या घबराहट है?

Govind Singh Dotasra

11,822 görüntüleme • 1 yıl önce

ये सिर्फ़ एक धर्म परायण संत को रोकने की घटना नहीं है, ये संवैधानिक और धार्मिक मर्यादाओं को रौंदने की तस्वीर है। धर्माचार्य शंकराचार्य महाराज स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद जी को पुलिस द्वारा रोकना और उनके समर्थकों के साथ धक्का-मुक्की - यह सीधे-सीधे सत्ता के अहंकार का प्रदर्शन है। भाजपा और उसकी शासित पुलिस आज कानून की नहीं, राजनीतिक आदेशों की चौकीदार बन चुकी है। जो सरकार रोज़ धर्म की आड़ में राजनीति करती है, वही सरकार आज एक विश्व भर में आदरणीय, प्रातःस्मरणीय शंकराचार्य के साथ ऐसा व्यवहार कर रही है। यह भाजपा का दोहरा चरित्र नहीं तो क्या है? उत्तर प्रदेश की पुलिस अब संविधान से नहीं, सत्ता से संचालित हो रही है। सवाल पूछने वालों को रोको, विरोध करने वालों को दबाओ, और हर असहमति को “कानून-व्यवस्था” का नाम देकर कुचल दो - यही भाजपा मॉडल है। धर्म, विचार और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला अब खुलकर हो रहा है। देश यह सब देख रहा है।

Sanjay Singh AAP

45,111 görüntüleme • 8 ay önce