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प्रधानमंत्री जी परीक्षा पर चर्चा कर सकते हैं, लेकिन परीक्षा पेपर लीक पर चर्चा नहीं करेंगे।

15,840 次观看 • 4 个月前 •via X (Twitter)

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कल SSC GD की परीक्षा के लिए एक केंद्र पर 800 लोगों को बुला लिया गया, लेकिन बैठने की व्यवस्था सिर्फ 250 लोगों के लिए ही थी। कितना दुखद है कि मोदी सरकार ठीक से एक परीक्षा भी नहीं करवा पा रही है। हालात ये हैं कि जब एक 17 साल का छात्र CBSE से जुड़ी समस्याओं पर गुहार लगाता है, तो अपनी रीढ़ की हड्डी खो चुके कुछ पत्रकार उसे देशद्रोही बताने लगते हैं। जो प्रधानमंत्री परीक्षा से पहले 'परीक्षा पे चर्चा' करते हैं, वही प्रधानमंत्री पेपर लीक होने पर एक शब्द नहीं बोलते। पहले NEET के पेपर लीक की खबरें आने लगी, उसके बाद CBSE का मामला सामने आ गया। आखिर नरेंद्र मोदी की क्या मजबूरी है कि उन्होंने एक अयोग्य व्यक्ति को शिक्षा मंत्री बना दिया है। : NSUI के प्रभारी Kanhaiya Kumar जी 📍 दिल्ली

Congress

187,626 次观看 • 4 个月前

नरेंद्र मोदी ने जुमला दिया था- हम हार्वर्ड वाले नहीं, बल्कि हार्डवर्क वाले हैं। इनका यही हार्डवर्क है कि पेपर लीक हो जा रहा है। बात साफ है- जो सरकार 'वोट चोरी' करेगी, वो पेपर चुराएगी। जिस सरकार में बैठे लोग Education का E नहीं जानते, वो ऐसा ही शिगूफा छोड़ेंगे और टेलीग्राम बैन कर देंगे। पेपर लीक रोकने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे, NTA को बैन करना होगा, लेकिन परीक्षा पर चर्चा करने वाले PM मोदी पेपर लीक पर एक शब्द नहीं बोलते। • आज कोई ऐसी परीक्षा नहीं, जिसका पेपर लीक न हो रहा हो • अब सवाल UPSC जैसी परीक्षा पर भी उठ रहा है इस सबका कारण सरकार में बैठे लोगों का नाकारापन है। सरकार में शिक्षा के प्रति गंभीरता की कमी ने शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था को मजाक बनाकर रख दिया है। : NSUI के प्रभारी Kanhaiya Kumar जी 📍 दिल्ली

Congress

134,669 次观看 • 3 个月前

तुम करते रहो तैयारी, हम करते रहेंगे पेपर लीक… जयपुर में ECG परीक्षा के पेपर लीक हो गया, जिसने पूरे परीक्षा सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, एक तरफ छात्र दिन-रात मेहनत कर अपनी परीक्षा की तैयारी करते हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग कथित तौर पर पेपर लीक जैसी घटनाओं में शामिल होकर पूरी मेहनत पर पानी फेर देते हैं, इतना ही नहीं, बाहर से आए छात्रों से रहने के नाम पर ₹6000 तक वसूले गए , जो हालात को और भी चिंताजनक बनाता है, अब सवाल सिर्फ एक परीक्षा का नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की पारदर्शिता और ईमानदारी का है, आखिर कब तक मेहनत करने वाले छात्र ऐसे सिस्टम की वजह से पीछे रहेंगे?

ʀᴜᴅʜʀᴀ ʏᴀᴅᴀᴠ🇮🇳

13,552 次观看 • 3 个月前

रेलवे को एक बार में बता देना चाहिए कि अब पहले जैसी भर्ती नहीं निकलेगी। इससे वोट कम नहीं होगा। वोट तो फिर भी धर्म के नाम पर ही मिलेगा लेकिन एक बार में बता देने से इतनी बड़ी संख्या में युवा भर्तियों का इंतज़ार नहीं करेंगे और कोचिंग के लिए खेत नहीं बेचेंगे और कर्ज़ नहीं लेंगे। भर्ती निकलेगी तभी तो आरक्षण भी मिलेगा। अफ़सोस है कि युवाओं को यह सब झेलना पड़ता है। उनके जीवन में इतना तनाव हैं । इन युवाओं को ‘परीक्षा पर चर्चा’ में प्रधानमंत्री का प्रवचन सुनाना चाहिए। उसमें असफ़लताओं का सामना करने के उपाय बताए जाते हैं। जब भर्ती नहीं निकलेगी, परीक्षा नहीं होगी तो असफल भी नहीं होंगे। ज़ाहिर है तनाव नहीं होगा। परीक्षा नहीं होगी मगर परीक्षा पर चर्चा होगी। #RailwayJobPeCharcha #alp

ravish kumar

577,308 次观看 • 2 年前