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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज दिल्ली हवाई अड्डे पर दोपहर 1:15 बजे पहुंचे, एयरपोर्ट से उन्हें अपने आवास जाना था। लेकिन प्रधानमंत्री ने तुरंत अपने आवास के लिए रवाना होने के बजाय एयरपोर्ट पर ही प्रतीक्षा करने का निर्णय लिया। क्योंकि दोपहर 2 बजे नीट परीक्षा शुरू होनी थी। विद्यार्थियों...

66,217 views • 3 months ago •via X (Twitter)

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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के दौरान बदायूं में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य के रोड शो के कारण लगे भीषण जाम में फंसकर सैकड़ों अभ्यर्थी समय पर परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच सके। यह अत्यंत दुखद और चिंताजनक है कि वर्षों की मेहनत और लगभग छह साल के लंबे इंतजार के बाद आयोजित इस महत्वपूर्ण परीक्षा में प्रशासनिक अव्यवस्था के कारण युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ। बरेली सहित आसपास के कई जिलों से परीक्षा देने आ रहे अभ्यर्थी जाम में घंटों फंसे रहे, जिसके चलते उनकी परीक्षा छूट गई। यह उन युवाओं के साथ अन्याय है जिन्होंने पूरी मेहनत और समय से निकलने के बावजूद व्यवस्था की विफलता का खामियाजा भुगता। मैं उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करता हूं कि जाम के कारण परीक्षा से वंचित रहे सभी अभ्यर्थियों की निष्पक्ष जांच कराकर उन्हें पुनः परीक्षा देने का अवसर दिया जाए। साथ ही भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं के दिन किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम, रोड शो या यातायात बाधित करने वाले आयोजनों की अनुमति न दी जाए, ताकि किसी भी युवा के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो।

Aditya Yadav

17,473 views • 3 months ago

इसीलिए कहा जाता है कि परीक्षा के दिन समय का एक-एक मिनट बहुत कीमती होता है। यह वीडियो RE-NEET परीक्षा का बताया जा रहा है, जिसमें एक लड़की अपने पिता के साथ परीक्षा केंद्र पर पहुंचती है, लेकिन कुछ देर हो जाने की वजह से नियमों के अनुसार उसे अंदर प्रवेश नहीं दिया जाता। पिता, जिसने अपनी बेटी के भविष्य के लिए जमीन-जायदाद तक बेचकर तैयारी करवाई थी, वहीं सड़क पर टूटकर रोने लगता है। बेटी भी अपने पिता की हालत देखकर खुद को रोक नहीं पाती और वहीं फूट-फूटकर रो पड़ती है। लेकिन इसी घटना से एक बड़ी सीख मिलती है परीक्षा के दिन हमेशा समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें, ताकि ऐसी किसी भी स्थिति का सामना न करना पड़े।

ʀᴜᴅʜʀᴀ ʏᴀᴅᴀᴠ🇮🇳

83,296 views • 3 months ago

*BPSC परीक्षा के विरुद्ध फैलाए जा रहे भ्रम पर कुछ जानने योग्य तथ्य। ◆आज बिहार लोकसेवा आयोग के सामने छात्रों पर लाठीचार्ज की जो अप्रिय घटना सामने आई है । - उसके पीछे भ्रम फैला कर राजनीतिक लाभ लेने की शर्मनाक कोशिश काम कर रही थी । - इसकी वजह से हमारे पढ़ने-लिखने वाले युवाओं को भी परेशानी उठानी पड़ी । - आज जो प्रदर्शन BPSC कार्यालय के सामने हो रहा था...उसका आधार ही भ्रामक था - जिस #नॉर्मलाइजेशन की आड़ में छात्रों को भड़काने का प्रयास किया जा रहा था - उसका प्रस्ताव 70 वीं BPSC की परीक्षा में था ही नहीं - दिनांक 23 सितंबर 2024 को जो विज्ञापन आयोग की ओर से निकाला गया था...उसमें कहीं भी #नॉर्मलाइजेशन की चर्चा नहीं है । - दूसरी मांग जो भ्रमित करने वाले लोग उठा रहे थे...कि फिर से कुछ दिनों के लिए आवेदन के लिए पोर्टल को खोला जाए - तो हम सभी को यह जानना चाहिए कि विज्ञापन के साथ 28 सितंबर से 18 अक्टूबर 2024 तक आवेदन करने का अवसर दिया गया था - जिसे छात्रों की सुविधा के लिए बढ़ाकर 4 नवम्बर तक किया गया - अब जबकि आयोग आगामी 13 दिसंबर को परीक्षा आयोजित करने जा रही है । - ऐसे में आवेदन के लिए पोर्टल फिर से खोलना और नए आवेदन करने वाले छात्रों के लिए परीक्षा की व्यवस्था कराना कठिन हो जाएगा । - जो लोग BPSC की परीक्षा में बैठने की शैक्षणिक योग्यता हासिल नहीं कर पाए - वो आज अपने राजनीतिक फायदे के लिए भ्रम फैलाकर युवाओं को भड़काने में जुटे हैं । - अपने एजेंट के रूप में सोशल मीडिया पर सस्ती लोकप्रियता बटोरने वाले लोगों को छात्रों का रहनुमा बनाकर आगे भेज रहे हैं । - उनका यह बर्ताव दुर्भाग्यपूर्ण तो है ही बिहार के प्रतिभाशाली युवाओं के लिए भी अहितकर है । - इस प्रकार का भ्रम और अशांति का वातावरण बनाकर ये लोग मेहनत करने वाले युवाओं के भविष्य को प्रभावित करने में लगे हैं । - एक सप्ताह बाद 13 दिसंबर को परीक्षा होनी है जिसमें राज्य ही नहीं देश के अलग अलग हिस्सों से छात्र आएंगे । - उनकी मेहनत को ये लोग प्रभावित कर रहे हैं ।

Vijay Kumar Sinha

63,485 views • 1 year ago

पटना में 70वीं BPSC परीक्षा को रद्द कर दोबारा कराने की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है. साथ ही छात्र परीक्षा में निगेटिव मार्किंग खत्म करने, एकल परीक्षा लागू करने समेत कई मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए हैं. छात्रों ने गांधी मैदान से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास के घेराव के लिए मार्च शुरू किया है. मार्च को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं. पुलिसकर्मी छात्रों को समझाने और उन्हें आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास कर रहे हैं. हालांकि, छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और मुख्यमंत्री आवास तक मार्च निकालने की कोशिश कर रहे हैं. #Patna | #BPSC | #StudentProtest | #AajTakSocial | #ATReel

AajTak

22,372 views • 1 month ago

कपिल सिब्बल ने उठाया आचार संहिता के उल्लंघन का मुद्दा - "मैंने प्रधानमंत्री का भाषण सुना, प्रधानमंत्री के पीछे राष्ट्रीय ध्वज था और वे भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर बोल रहे थे, जबकि चुनाव चल रहे हैं। यह भारत की राजनीति में एक नया निम्न स्तर है। लेकिन मुझे पता है कि न तो मुख्य चुनाव आयुक्त और न ही कोई अन्य संस्था इस बारे में कुछ करेगी..." क्या हमेशा की तरह प्रधानमंत्री के पद का इस्तेमाल चुनाव को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है? बंगाल में तृणमूल सत्ता में है और मुख्य प्रतिद्वंद्वी है। प्रधानमंत्री के संबोधन में तृणमूल पर हमला किया गया। देश की सरकार और प्रधानमंत्री के पद का इस्तेमाल चुनाव प्रभावित करने के लिए हो रहा है।

Krishna Kant

133,987 views • 5 months ago