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परंपरा नहीं पीड़ा है ये । घोड़ी हैं, सजावट नहीं। शादी करो - शोषण नहीं।

461,848 Aufrufe • vor 1 Jahr •via X (Twitter)

11 Kommentare

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MJvor 1 Jahr

Ek shaadi me 1-2 ghante se zyada koi insaan ghodi par nhi baithta, par lavdi ko bimari par hindu rituals ko blame Krna hai.

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Rahulvor 1 Jahr

The experience of horse riding is only available at a cost . Everyone pays fully for whatever services they buy . The customer is not to be blamed and shamed here , it is the service provider who is not taking care. Stop this moral policing and hold the owner of horse accountable

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Solar Heavyvor 1 Jahr

- All I Knew

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Kamal Manoharvor 1 Jahr

भाई किसी डाक्टर को दिखा बैठने से घोड़े का यह हाल नहीं होता और शादी में घोडा नहीं घोडी होती है लिब्रांडू है

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सुरेश [Suresh]vor 1 Jahr

ये हालत इसलिए नहीं हुई कि इस पर लोगों ने सवारी की, इसलिए हुई कि इसके मालिक ने इसका ध्यान नहीं रखा. जो लोग अश्वप्रेमी है वो जानते है कि घोड़े को अच्छा खाना खिलाकर सही तरीके से सवारी की जाए वो तभी निखरता है

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Jitendravor 1 Jahr

इसके इस हाल के लिए शायद ज़िम्मेदार दूल्हा ना होकर ,कुपोषण और मालिक की लापरवाही हो सकती है ना जाने क्यो पुराने रीति रिवाजों को troll करने का trend बन गया है “मतलब कुछ भी”

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Tony starkvor 1 Jahr

बुढ़िया पागल हो गई है वह घोड़ी बेचारी पता नहीं किस काम की वजह से बीमार पड़ी है यह बुढ़िया उसकी शादी के साथ जोड़ रही है. हरामखोर बुढ़िया घोड़े ने हमेशा से मनुष्य का साथ दिया है हर काम में चाहे वह युद्ध हो चाहे कोई और.

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pawan joshivor 1 Jahr

जिन आदमियों से दिन रात मजदूरी कराई जाती है, उनका शोषण किया जाता है, उनके बारे में क्यों कुछ नहीं करते तुम लोग, क्योंकि उससे व्यवस्था के खिलाफ जाने का डर है और कुछ होगा नहीं, खुद को महान साबित करने के लिए जानवरों की चिंतक बन रही है

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Jitendra Sainvor 1 Jahr

हमारे आस-पास भी लोग घोडे रखते है लेकिन वो अपने बेटे से ज़्यादा उनका ख़्याल रखते है,ये हर जगह रीति रिवाज परपंरा को को गाली देकर फेम मिल सकता है,जीवों के प्रति सहानुभिति नहीं ,ये ऐसे घोडे वाले सिर्फ शहरों में ही मिलते है कार्यवाही करवाओं मालिक पर ,जिनकी औकात नहीं वो घोडे ना रखे !

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Vishal Sidhuvor 1 Jahr

भाई कितने बेवकूफ लोग है ये, युद्ध तक मे घोड़े इस्तमाल होते थे फिर तो उन सबकी कमर में ऐसे ही मुड़ाव आ जाता होगा, जबकि इसपर तो साल में 10 20 बार ही 1 2 घण्टे को आदमी बैठता है। लॉजिक है कोई

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THE TEACHER ASSOCIATIONvor 1 Jahr

ये तालिबानी सोच वाली औरत ये बताए की अगर लोग शादी मे घोड़ा इस्तेमाल करना बंद कर दे तो लोग जो घोड़ा पालते है वो भी बंद एसे मे ये घोड़ा प्रजाति संकट मे आ जाएगी क्यों की अब इसका इस्तेमाल न के बराबर है...बेवकूफ़ बुढ़िया खुद घोड़ी बनना बन जब रात मे मजे लेती हो तब क्या इस से तुम्हारी कमर अकड़ नहीं अकड़ती और घोड़ा का कमर अकड़ा रही हो...!!!

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Sambit Patra

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