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पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ कहां गए? वो छिप क्यों रहे हैं? क्या भारत के उपराष्ट्रपति ऐसी स्थिति में हैं, जहां वह एक शब्द भी नहीं बोल सकते? राज्यसभा में जोर-जोर से बोलने वाला शख्स अचानक से खामोश हो गया, एकदम खामोश. हम ऐसे वक्त में हम जी रहे हैं. :...

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राहुल गांधी जी के मेरी 3 लाइन है जो बोलता हूं राहुल गांधी जी शानदार जानदार और दमदार...! हमारा सौभाग्य है कि हमको राहुल गांधी जी के रूप में सदन में सर्वगुण सम्पन्न नेता विपक्ष मिला है..! राहुल गांधी जी के सामने अच्छे अच्छे बड़े से बड़े लीडर टिक नहीं पाते हैं, पार्लियामेंट से पहले ही निकल जाते हैं..! राहुल गांधी जी के लिए में खामोश तो बोल नहीं सकता हु क्योंकि आजकल तो राहुल गांधी जी खुद ही सबको खामोश करवा रहे हैं....! राहुल गांधी जी तिरंगा लेकर युवा दलित पीड़ित परिवारों से मिलने पूरे भारत में यात्रा की जो बहुत ही सराहनीय थी उनका कोई मुकाबला नहीं है....! मौजूदा वक्त में राहुल गांधी जी छात्रों के मुद्दे पर जोरदार अपनी आवाज रख रहे हैं, जब वो सदन आते है तो लगता हैं जैसे "कह देना छेनू आया"

Ratan acharya

31,411 Aufrufe • vor 13 Tagen

अभिनय सर के इस वीडियो से उनको जज नहीं किया जा सकता है। वो इस सरकार के कार्यशैली पर सवाल उठाते रहे हैं। लेकिन यहां ये कह देना विपक्ष कहां है.? राहुल गांधी कहां हैं.? ये मेरे अनुसार उचित नहीं है। राहुल जी बड़े नेता हैं उनका अचानक से कहीं आगमन नहीं हो सकता है। क्या किसी शिक्षक संघ ने उन्हें इस आंदोलन की जानकारी पहले से दी थी.? क्या किसी ने उन्हें आमंत्रित किया था..? शायद नहीं! राहुल गांधी जी 6 दिन पहले ही अपने ट्वीट के माध्यम से SSC छात्रों के मुद्दे को उठाया था। रेलवे NTPC के समय भी राहुल जी मजबूती से छात्रों के साथ खड़े थे। अभी बिहार में चुनाव है उनकी अपनी व्यस्तता है। ऐसे में उनके ऊपर ऐसे टिप्पणी करना सही नहीं है। इस देश में कई आंदोलन हुए विपक्ष के लोग बढ़ चढ़कर शामिल हुए लेकिन सरकार झुकी क्या.? एक किसान आंदोलन हुआ सैकड़ों लोग जान गंवा दिए, यूपी का चुनाव निकट आ गया तब जाकर सरकार चुनाव के डर से झुकी। मीडिया भी आज पूरी तरीके से सरकार के चरणवंदना में व्यस्त है। जो कुछ स्वतंत्र यूट्यूबर हैं वहीं लोग इस देश की मुद्दा को दिखा रहे हैं। ये भी सत्य है कि कई शिक्षक भाजपा के प्रबल समर्थक हैं। उनके साथ हमारी कोई हमदर्दी नहीं है।वो आंदोलन में भी सिर्फ इसलिए हैं ताकि उनके बच्चे उनसे सवाल न करें। वैसे भी ये कहा जाता है छात्र आंदोलन को राजनीति से दूर रखने पर ही उसके सफ़ल होने के ज्यादा उम्मीद रहती है। चुकी मैं अभिनय सर को काफ़ी पहले से जानता हूं,वो किसी रूप में मुझे भाजपा के समर्थक नहीं लगते हैं। वो गुस्से में ये बात बोल गए हैं लेकिन विपक्ष और राहुल गांधी जी हमेशा बच्चों के साथ हैं और रहेंगे। बाकी आप क्या सोचते हैं अपनी प्रतिक्रिया दीजिए।

Pratik Patel

435,200 Aufrufe • vor 1 Jahr

राहुल गांधी के मंचों से खुलेआम प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति को लेकर अभद्र, अपमानजनक और अमर्यादित टिप्पणियां की जा रही हैं। अब वो देश में और कैसी अराजकता फैलाना चाहते हैं? कांग्रेस तो शुरू से ही लोकतंत्र को कुचलने वाली पार्टी रही है। हमने 1974 का आंदोलन भी देखा और 1975 की इमरजेंसी भी झेली है। क्या यही सिखाता है वह संविधान, जिसकी प्रति को वे हाथ में लेकर घूमते हैं? प्रधानमंत्री किसी पार्टी के नहीं, पूरे देश के होते हैं। राहुल गांधी को शायद बिहार आकर यह समझ में आ गया है कि अब वह चुनाव जीतने की स्थिति में नहीं हैं। इसलिए बौखलाहट और निराशा में ऐसे बयान दे रहे हैं। बिहार की धरती ऐसे व्यवहार को कभी बर्दाश्त नहीं करती। हम इस बयान की कड़ी निंदा करते हैं और राहुल गांधी को स्पष्ट रूप से कहना चाहते हैं कि अब आप घर बैठिए, आप विपक्ष के नेता बनने लायक नहीं हैं।

Rajiv Ranjan (Lalan) Singh

47,844 Aufrufe • vor 1 Jahr

जहां तक डीबेट का सवाल है तो राहुल गांधी न तो नेता प्रतिपक्ष हैं न कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष हैं और न ही इंडी गठबंधन के चेयरमैन, वो मात्र एक सांसद है, तो वे प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी से तुलना कैसे कर रहे हैं। ये कोई कांग्रेस पार्टी नहीं है जहां अध्यक्ष भले ही खड़गे जी हैं मगर बयान से लेकर यात्रा तक राहुल गांधी ही निकालते है। वैसे राहुल गांधी जी का किसी भी विषय पर बहस करने का स्तर कितना है ये देश जानता है। राहुल गांधी का एक हाल ही का वीडियो है जिसमें वो बता रहे हैं कि IIT में इंजीनियरिंग के सवालों और उसके उत्तर इंजीनियरिंग के सिद्धांतों पर नहीं बल्कि इस आधार पर दिखाई पड़ते हैं कि प्रश्न पूछने वाला और उत्तर देने वाला किसी जाति का है । जिसको महाभारत में GST Demonetisation क्यों नहीं हुआ यह दिखाई पड़ता हो वो क्या किसी से भी बहस के योग्य हैं।

Dr. Sudhanshu Trivedi

476,525 Aufrufe • vor 2 Jahren