Sensitive content

This media may contain sensitive content.

Loading video...

Video Failed to Load

Go Home

पुरुषों के जीवन की सारी परेशानियाँ पसंदीदा स्त्रियों के गोद में दम तोड़ देती है...!! ❣️🤗

98,956 views • 6 months ago •via X (Twitter)

0 Comments

No comments available

Comments from the original post will appear here

Related Videos

संसार की सारी पौराणिक आधुनिक महान कृतियों की केंद्र स्त्रियां रही है सदैव। रामायण की सीता का त्याग, संघर्ष सबसे जाना मगर वंचित रहे वास्तविक राम से। महाभारत की द्रोपदी को सबने लिखा पढ़ा सराहा उसके क्रोध को, प्रतीक्षा को, उसके प्रतिशोध को। किंतु साहित्य वंचित रह गया कर्ण, भीष्म और अर्जुन जैसे नायकों के वास्तविक युद्ध से, जिसे उन्होंने रणभूमि में नहीं मनभूमि में लड़ा। साहित्य कभी पहुंच नहीं सका पुरुषों के कोमल ह्रदय तक, इतिहास भी युद्धों में उलझा रहा। महान बताया योद्धाओं को और प्रेमियों को कायर। पुरुषों ने त्याग किए अपनों के लिए, संघर्ष किया, समाज में लज्जित हुए, स्वाभिमान से समझौता किया। अपने लक्ष्यों, सपनो को जला कर अपनों के लिए उस आग पर रोटियां सेंकी। खड़े ही रहे सदा धूप में, ठंड में, बरसात में। यहां साहित्य दोषी नहीं है, दोषी है परमात्मा निर्मित सीमाएं। क्योंकि संसार में कोई महाकाव्य कभी पुरुषों के विरह, अंतःमन को समेट ही नहीं सकता। इसलिए संसार का सबसे बड़ा महाकाव्य लिखा नहीं गया बल्कि भोगा गया है पुरुषों के द्वारा! - अमन युवराज

हिन्दी पंक्तियाँ

41,567 views • 2 years ago