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Ana Sayfaya Dön

बोकारो पेटरवार प्रखंड,चापी नहर रोड की स्थिति इतनी दयनीय है कि पैदल चलना भी खतरे से खाली नहीं है, स्कूटी सवार गिरते गिरते बचे। ऐसे रोज दर्जनों लोग गिर रहे हैं। DCBokaro Hemant Soren Office of Chief Minister, Jharkhand महोदय रोड जल्द से जल्द दुरुस्त करवाने की कृपा करें। #YeThikKarkeDikhao

12,769 görüntüleme • 1 yıl önce •via X (Twitter)

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Benzer Videolar

मुझे तरस आ रहा है उस सिस्टम पर जो इनको 15 करोड़ रुपए सालाना देता हैं। इनके अनुसार रोड में कोई अफरा तफरी नहीं तो गैस को लेकर सब बढ़िया चल रहा है। मतलब अगर गैस की शॉर्टेज है तो रोड में लोग एक दूसरे के ऊपर सिलेंडर क्यों नहीं फेंक रहे हैं? दूसरी बात, भाई साहब कह रहे हैं कि, लोगो द्वारा कहा गया था कि कोविड के समय ऑक्सीजन की कमी हो गई है, भाई साहब इतनी भी द... मत करो, सबको पता है कि ऑक्सीजन की कमी हुई थी। आगे कह रहे हैं कि पहले रोजाना 50 से 55 लाख सिलेंडर बुक हो रहे थे, लेकिन अब 70 से 75 लाख सिलेंडर प्रति दिन बुकिंग हो रही है। तो ये कौन बताएगा कि कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई रुक गई है जिस वजह से छोटे दुकानदार घरेलू सिलेंडर उपयोग कर रहे हैं। सुधीर चौधरी जी, अगर थोड़ी सी भी पत्रकारिता कर लो न तो देश का भला हो जाएगा। Sudhir Chaudhary

खुचरेंप

43,637 görüntüleme • 6 ay önce

मेरे जुनूं का नतीजा ज़रूर निकलेगा इसी सियाह समुंदर से नूर निकलेगा 🙌 75 साल बाद पानी दिल्ली से 1400KM दूर झारखंड के पाकुड़ के आदिवासी गांव में पहुंचा है और ठंडक यहां हमारे कलेजे तक पहुंच रही है। आपको बता नहीं सकता कितनी खुशी मिल रही है। ये आप दर्शकों की जीत है जो जरूरी मुद्दों देख रहे हैं,तरजीह दे रहे हैं। जिसकी वजह से सरकार को भी ध्यान देना पड़ा। खुद मुख्यमंत्री Hemant Soren ने संवेदनशीलता दिखाई और अच्छी बात ये है कि DC Pakur मेधा भारद्वाज भी पूरी तत्परता से काम कर रही हैं और उन्होंने पानी का पक्का इंतजाम जल्द करने का वादा भी किया है। एक बात और कहना चाहूँगा सिर्फ एक गांव की कहानी नहीं है,कई गांव हैं जहाँ जांच करने की ज़रूरत है। और उम्मीद है DC PAKUR ऐसा जरूर करवाएँगी

Abhinav Pandey

16,953 görüntüleme • 3 ay önce

स्कूल व्याख्याता,वरिष्ठ अध्यापक भर्ती,संस्कृत शिक्षा विभाग वरिष्ठ अध्यापक भर्ती,पीटीआई फर्स्ट ग्रेड सेकंड ग्रेड भर्ती परीक्षाओ का परिणाम जल्द से जल्द जारी करवाने और पशु चिकित्सक,FSO भर्ती का इंटरव्यू तिथि जारी करवाने और कॉलेज अस्सिटेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा तिथि जारी करवाने की मांग को लेकर आज आरपीएससी के बाहर प्रदर्शन किया और RPSC सचिव जी को ज्ञापन सौंपा l सचिव जी ने जल्द से जल्द परिणाम जारी करने का आश्वासन दिया है l कल रात को अजमेर प्रशासन द्वारा आज के धरने प्रदर्शन की अनुमति कैंसिल कर दी गई थी l फिर भी हमने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करके युवा बेरोजगारों की आवाज बुलंद की है l और अभी एडीएम सिटी अजमेर से अनिश्चितकालीन धरने की अनुमति के लिए प्रयास जारी है l और एडीएम सिटी अजमेर कह रहे हैं कि आप लोग कुछ देर इंतजार करें वह जिला कलेक्टर से बात करने के बाद ही धरने की अनुमति देंगे l CMO Rajasthan

Upen Yadav (मोदी का परिवार)

109,263 görüntüleme • 3 yıl önce

प्रिय साथियों... कोई भी अब आज जंतर मंतर पर न जाएं, हर्ष दुबे ने हमारा आंदोलन खराब कर दिया है, इस आंदोलन का मुखिया को हर्ष दुवे एक व्यक्ति नहीं हो सकता है, बात जब केंद्र सरकार से है तो किसी राज्य के उपमुख्यमंत्री से प्रेस कॉन्फ्रेंस वो भी अकेले करना कितना उचित है? यह हाईजैक और डैमेज साधने के लिए किया गया है। क्या हर्ष दुवे ने जो आंदोलन में शामिल होने लोग आए और जिन संगठन प्रमुखों और जिनकी मेहनत से लोग एकत्र हुए उन्होंने उपमुख्यमंत्री से मिलने की सूचना किसी से साझा की या जानकारी दी? या किसी से कोई राय मशवरा लिया? हम लोग अब नई रणनीति बना रहे हैं, हमारी बात केंद्रीय नेतृत्व को सुनना है न कि किसी राज्य के उपमुख्यमंत्री से वार्ता है, हमें ज्ञापन नहीं देना है, हमारी मांगों पर तुरंत विचार करना है, हमें समीक्षा का लॉलीपॉप नहीं चाहिए है, हम आपको अगली अपडेट जल्द करेंगे, तब तक थोड़ा धैर्य रखें संयम रखें बड़ी असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है, हम आपको जल्द अपडेट करते हैं।

Anuj Agnihotri Swatntra

11,962 görüntüleme • 24 gün önce

इसी इलाके से अब एक और वीडियो सामने आया है, और इस बार आरोप पहले से ज्यादा गंभीर लग रहे हैं। अल्मोड़ा के खूंट क्षेत्र में बताया जा रहा है कि दिल्ली–एनसीआर से कुछ व्यापारी करीब 500 नाली जमीन खरीदने पहुंचे, जिसके बाद गांव वालों ने विरोध किया और वीडियो वायरल हो गया। जो लोग पलायन कर चुके हैं, उनके लिए यह एक सीधा संकेत है। अपनी पैतृक जमीन की स्थिति जल्द से जल्द जाकर या दस्तावेज़ों के जरिए जांच लें। क्योंकि ऐसे मामलों को देखकर यह आशंका और गहरी होती जा रही है कि कहीं-कहीं जमीन स्थानीय परिवारों की जानकारी और सहमति के बिना भी हाथ बदल रही है। प्रशासन से फिर वही मांग है कि इन वीडियो और आरोपों का संज्ञान लिया जाए, जांच पारदर्शी हो, और अगर नियमों का उल्लंघन या दबाव की बात सच है तो कार्रवाई तुरंत हो। पहाड़ की जमीन सिर्फ कागज का टुकड़ा नहीं है। वह पीढ़ियों की मेहनत, पहचान और सुरक्षा है। Pushkar Singh Dhami जिला प्रशासन अल्मोड़ा

Kumaon Jagran

10,507 görüntüleme • 8 ay önce

सारण की बेटी को न्याय दिलाने की मांग युवराज सुधीर सिंह ने सारण की बेटी के साथ हुई इस वीभत्स घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा है कि इस मामले के सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनके अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया जाए, ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए कि बेटियों की अस्मिता से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे जघन्य अपराध करने वाले दरिंदों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो और आवश्यकता पड़े तो उनका एनकाउंटर भी किया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी अपराधी ऐसी घिनौनी हरकत करने की हिम्मत न कर सके। युवराज सुधीर सिंह ने कहा कि बेटी के साथ अत्यंत अमानवीय अपराध हुआ है, इसलिए सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि उसे शीघ्र न्याय दिलाया जाए और दोषियों को कठोरतम दंड मिले। साथ ही उन्होंने समाज के सभी जागरूक और संवेदनशील लोगों से अपील की है कि पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़े रहें और जो भी लोग मिलने जा रहे हैं वे परिवार की आर्थिक सहायता भी करें, ताकि इस कठिन समय में उन्हें सहारा मिल सके। यह सिर्फ एक परिवार की लड़ाई नहीं, बल्कि समाज की हर बेटी के सम्मान और सुरक्षा की लड़ाई है। बेटी को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए। #JusticeForSaranKiBeti #बेटी_को_न्याय_दो #सारण_रेपिस्टों_को_फांसी_दो

Rajput of भारत

12,683 görüntüleme • 6 ay önce

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी , कान खोल कर इस वीडियो को सुनिये और इस गंभीरता को समझिये कि राज्य को आपने किस तरह बारूद के ढे़र पर बैठा दिया है। राज्य की सरकार के लिये इससे बड़ी शर्म की बात और क्या हो सकती है कि राज्य की शासन व्यवस्था से इंसाफ़ नहीं मिला तो दिल्ली से आकर ये आदमी ईडी आफिस से अपनी ज़मीन बचाने की फ़रियाद कर रहा है। बिना विलम्ब इस मामले का संज्ञान लीजिये। इन गुंडे मवालियों पर एफ़आइआर करवा कर जेल भिजवाइये। दोषी पुलिस वालों पर भी कारवाई करिये। वरना ऐसे ही मनबढ़ू लोग जो दूसरों की ज़मीन क़ब्ज़ा कर रहे हैं वे आमलेगों के बहू-बेटियों पर भी क़ब्ज़ा करेंगे। Hemant Soren Jharkhand Police Ranchi Police

Babulal Marandi

21,325 görüntüleme • 3 yıl önce

कल रामगढ़ के गोला में सरस्वती पूजा के विसर्जन जुलूस पर समुदाय विशेष द्वारा हिंसक हमला किया गया है, जिसमें दो श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। ग्रामीण शांतिपूर्वक माँ सरस्वती की प्रतिमा विसर्जित करने जा रहे थे लेकिन समुदाय विशेष के लोगों द्वारा रास्ता रोककर जुलूस में जा रहे बच्चों, महिलाओं पर हमला किया गया। हैरानी की बात है कि घटना के वीडियो में दिख रहे आरोपियों की पहचान स्पष्ट होने के बाद भी पुलिस ने किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की है। Hemant Soren जी, कुछ साल पहले सरस्वती पूजा के विसर्जन जुलूस से खिंचकर रूपेश पांडेय की हत्या कर दी गई थी। क्या इस बार भी आप और आपका पुलिस प्रशासन ऐसे ही किसी निर्दोष की हत्या का इंतजार कर रहा है? आखिर प्रशासन ने समुदाय विशेष के लोगों को उपद्रव मचाने की इतनी ढील क्यों दे रखी है ? क्या हेमंत सरकार की तुष्टीकरण नीति के चलते अपराधियों को खुली छूट दी जा रही है? अगर जल्द ही प्रशासन ने आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई नहीं की, तो जनता को मजबूरन आंदोलन करने को बाध्य होना पड़ेगा। BJP Narendra Modi Jagat Prakash Nadda Amit Shah BJP JHARKHAND

Babulal Marandi

19,659 görüntüleme • 1 yıl önce

शर्म आ रहीं है या नहीं मुख्यमंत्री Hemant Soren 😡 डॉ. Dr. Shyama Prasad Mukherjee University के छात्र सांस्कृतिक प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर जीत हासिल करके लौट रहे हैं, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनके लिए DSW और कॉलेज प्रशासन की ओर से अब तक वापसी (Return) टिकट तक की व्यवस्था नहीं की गई है। यह उन छात्रों के लिए निराशाजनक स्थिति है जिन्होंने विश्वविद्यालय का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया, फिर भी उन्हें बुनियादी सुविधाएँ तक नहीं मिल पा रही हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन को चाहिए कि ऐसे प्रतिभाशाली छात्रों का सम्मान करे और उनकी यात्रा व अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ तुरंत सुनिश्चित करे। #dspmu #viral #ranchi

कल्पना श्रीवास्तव 🇮🇳

15,061 görüntüleme • 6 ay önce

ऐसे इनफ्लुएंसर मेरे यहां क्यों नहीं हैं? दो दिन पहले बारां की इसी रोड का वीडियो मैंने ट्वीट किया था। बारां के ही एक मित्र ने भेजा था और बताया था कि यह हालात विधायक राधेश्याम बैरवा के घर के सामने की है। इस इनफ्लुएंसर भाई ने इसी रोड पर एक वीडियो से व्यवस्था पर कटाक्ष कर दिया तो यह भाई सरकार की आंखों में खटक गया। इस कार्रवाई की धमकियां मिल रही हैं। पुलिस का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह सिर्फ गलत ही नहीं है बल्कि अपराध भी है। सत्ता को यह समझना होगा कि आलोचना सुधार के लिए की जाती है। कटाक्ष सबसे बड़ा और सबसे शांतिपूर्ण विरोध है। दिक्कत यह हो गई है आजकल कि कटाक्ष और व्यंग्य पहली बात तो लोगों को समझ में नहीं आते और आते भी हैं तो झेले नहीं जाते। बारां में यह समस्या पिछले 5 साल से बनी हुई है। विधायक महोदय यहीं रहते हैं तो वह स्वयं भी दिक्कतें झेल ही रहे होंगे। उन्हें इस इनफ्लुएंसर भाई का आभार व्यक्त करना चाहिए कि इसके कारण यह समस्या प्रदेश भर में पहुंची है और जब पहुंची है तो निराकरण भी जल्दी होने की संभावना बनेगी। बड़ी खुशी की बात है कि बारां जैसी छोटी जगह पर इतने क्रिएटिव लोग रहते हैं और समस्या को इतने रचनात्मक तरीके से उठाने का सामर्थ्य रखते हैं। मैं चाहता हूं कि हर शहर में हर गांव में ऐसे क्रिएटिव लोग हों और वह अपनी समस्याओं को बहुत दूर तक पहुंच सकें। CMO Rajasthan Bhajanlal Sharma इस बच्चे पर कोई भी कार्रवाई लोकतंत्र के लिए बेहद घातक होगी। कृपया संज्ञान लें।

Arvind Chotia

38,934 görüntüleme • 1 yıl önce

कोटा में प्रसूताओं की मौत के सम्बन्ध में मीडिया से बातचीत की : देखिए बहुत ही गंभीर स्थिति है। जिस रूप में यह 4 मई से आने लगे अब आप सोच सकते हो कि 4 मई, 4 जून, लगभग डेढ़ महीना हो गया। तो इनमें से जो चार की डेथ हो गई है। और अभी तक उनका एफ़.एस.एल. वगैरह की रिपोर्ट आती है, अभी तक आई नहीं है। अब डॉक्टर कहते हैं चार-छह महीने लगते हैं। तो मालूम करना पड़ेगा वास्तव में चार-छह महीने लगते हैं या कम, या इमरजेंसी में और कहीं भेज के हम करवा सकते हैं क्या रिपोर्ट? राजस्थान के अलावा भी, यह तो हमें मालूम करना पड़ेगा, हमें मालूम नहीं। बाकी जो पाँच पेशेंट भर्ती हैं, उनकी किडनी की स्थिति में थोड़ा-बहुत फ़र्क है। किसी की ज़्यादा, किसी की कम पर सबकी किडनी डैमेज है। ठीक है? डायलिसिस किसी की तीन बार होता है सप्ताह में, किसी की दो बार, किसी की एक बार होता है। ये स्थिति बनी हुई है। परिवार वाले करीब-करीब ये सब गरीब हैं। एक भी परिवार ऐसा नहीं मिला जो कि यह सब कुछ करने के लिए सक्षम हो। एक बेटा मान लो टैक्सी ड्राइवर था, वो टैक्सी बंद हो गई, ये सेवा कर रहा है वो। ये स्पेशल केस है, ये मामूली केस नहीं है कि किन कारणों से ये प्रसव के बाद में स्थिति बनी है, ये बताने के लिए कोई तैयार नहीं है। डॉक्टर भी कहते हैं हमें नहीं मालूम। टीमें आई हैं, एम्स की भी आई हैं और स्टेट गवर्नमेंट की भी आई है, उसका तो मैं स्वागत करता हूँ कि कम से कम टीमें आई हैं, एम्स की भी और स्टेट गवर्नमेंट की भी। उनकी रिपोर्ट क्या है? यह यहाँ के डॉक्टरों को मालूम नहीं है और यह स्थिति इतनी सीरियस है, ऐसी बातें पब्लिक से भी शेयर करनी चाहिए कि भाई, कुछ कमी रह गई थी दवाओं में? या इलाज में? देखभाल में? ये नौबत क्यों आई? क्योंकि प्राइवेट हॉस्पिटल में दवाएं वही है कह रहे हैं। यहाँ के डॉक्टर कह रहे हैं प्राइवेट अस्पताल में दवाएं वही थी, वहाँ ये स्थिति नहीं बनी है। तो वहाँ नहीं बनी फिर यहाँ ही क्यों बनी? जेके के अंदर भी दो डेथ हुई। तो जेके में दो डेथ हुई, यहाँ चार डेथ, यहाँ दो? तीन डेथ। तीन डेथ, यहाँ आ गए, वो यहाँ आ गए शिफ्ट हो गए थे। यहाँ भी, आप ठीक कह रहे हैं। तो ये स्थिति है। मेरी मांग मुख्यमंत्री जी से और स्वास्थ्य मंत्री जी यह रहेगी कि इस केस को आप स्पेशल मानो। खाली इलाज फ्री हो गया, उसमें भी क्या है? कई लोग समझते नहीं हैं। दवाएं जैनरिक दी जा रही है मान लो। हमने खुद ने फैसला किया 10 साल पहले जैनरिक दवाओं का, डायलिसिस फ्री किया हम लोगों ने। परंतु कई लोगों को भ्रम रहता है, कई लोग कहते हैं ब्रांडेड दवाएं दो तो ज़्यादा से जल्दी ठीक हो जाते हैं। कुछ लोगों ने शिकायत करी, तो उनको भी तसल्ली दिलानी चाहिए कि जैनरिक दवाएं और ब्रांडेड में कोई फ़र्क नहीं है। फिर भी मान लो, क्योंकि स्पेशल केस है, तो मान लो पाँच मरीजों के लिए आप ब्रांडेड दवाएं देकर इनको खुश कर सकते हैं। कॉन्फिडेंस बिल्ड कर सकते हैं, तो करना चाहिए। बात छोटी सी होती है। कुछ इनको इमदाद मिलनी चाहिए। किसी के निधन पर इमदाद करते हैं लोगों की। उनकी तो ऐसी स्थिति है जो डेढ़-डेढ़ महीने से भुगत रहे हैं बेड पर। डीमोरलाइज हैं, ठीक होंगे तो बाद में हमारा क्या होगा? किडनी हमारी खराब हो गई तो डायलिसिस रोज कौन करेगा? यहाँ आने देंगे क्या? ये उनको भ्रम था तो मैंने डॉक्टर से बात करी और उनको विश्वास दिलाया कि आपको कोई मना नहीं करेगा। आप आएं, डायलिसिस करवाएं। पर जिंदगी में डायलिसिस पे जिंदा रहे आदमी, वो ही बहुत बड़ी बात है ना? अगर आपकी किडनियां खराब हो गई है, इलाज के अभाव में या गलत दवाओं से या किन कारणों से, तो सरकार का सबसे पहला काम है कि इसकी तह में जाना चाहिए कि ये हुआ क्यों है? लोग मरे क्यों हैं और क्यों भुगत रहे हैं? ये मालूम जब तक नहीं होगा, तब तक आगे बात बढ़ेगी ही नहीं। ये हम कह के आए है। 1/2 ,

Ashok Gehlot

19,375 görüntüleme • 3 ay önce

12 वर्षीय अनाथ सुनील तिर्की, दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर! दाने-दाने को तरस रहा मासूम... हजारीबाग (झारखंड): केरेडारी प्रखंड के अंतर्गत फुसरी गांव का निवासी 12 वर्षीय अनाथ बालक सुनील तिर्की आज दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। इस मासूम का इस दुनिया में कोई सहारा नहीं है। आलम यह है कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण इस बच्चे का अब तक न तो जन्म प्रमाण पत्र बन पाया है और न ही आधार कार्ड। यही वजह है कि आज तक इस अनाथ बच्चे को किसी भी प्रकार की सरकारी मदद का लाभ नहीं मिल सका है। यह 12 साल का मासूम इस उम्र में पढ़ाई करने के बजाय पेट पालने के लिए मजदूरी करने को मजबूर है। लाचारी इतनी बड़ी है कि रोज काम न मिलने के कारण उसे कई दिन और रातें भूखे रहकर, सिर्फ पानी पीकर बितानी पड़ती हैं। आर्थिक तंगी और इस भीषण मजबूरी के कारण वह स्कूल भी नहीं जा पा रहा है। Hemant Soren Jharkhand Mukti Morcha DC Hazaribag Sita Soren Pradip Prasad Manish Jaiswal Deepak Birua Rabindra Nath Mahato Babulal Marandi Kanchan Ugursandi - 𑢬𑣁𑣓𑣏𑣉𑣓 𑢧𑣋𑣃𑣜𑣞𑣁𑣓 We Are Ranchi Roshan Lal Choudhary Office of Chief Minister, Jharkhand IPRD Jharkhand Kalpana Murmu Soren IPRD Jharkhand

Sutibro Goswami ( पत्रकार )

43,054 görüntüleme • 2 ay önce

देश- प्रदेश में पेट्रोल - डीजल और सीएनजी के बढ़ते दामों एवं ख़राब होती स्थिति पर मीडिया को आज प्रतिक्रिया दी : विपक्ष मांग क्या कर रहा है? राहुल जी क्या मांग कर रहे हैं? आप देशवासियों को बताओ कि स्थिति यह है, हमारी मजबूरी है, अंतरराष्ट्रीय स्थिति बन गई उसके कारण मजबूरी है और आने वाले वक्त में हमें यह कदम उठाने पड़ सकते हैं। अभी तो खाली मोदी जी ने देशवासियों को आह्वान किया कि आपको क्या-क्या कदम उठाने हैं। वो कदम उठाने के लिए जो कहा गया उसके बाद सब मुख्यमंत्रियों का उन राज्यों में जहां बीजेपी की सरकारें हैं, उनके मंत्रियों का नाटक हुआ, कोई रिक्शा में गए, कोई पैदल गए, कोई इलेक्ट्रिक वैन में गए और वो का वो तमाशा हो रहा है अभी भी। तमाशे से पब्लिक में मैसेज नहीं जाता है। अगर आप हकीकत में कुछ त्याग करते हो, उसका मैसेज सीधा उतरता गले के अंदर ,पर ये खाली तमाशे कर रहे हैं। अब कल परसों और बढ़ा दिए आज सीएनजी के बढ़ा दिए, ये क्या मजाक है। आप खुल के कहो भई ये हमारी मजबूरी है। लोग लाइक करेंगे उस बात को और वो भी समझेंगे कि नेता प्रतिपक्ष का सम्मान किया है, उन्होंने जो मांग की है उसका जवाब दिया है सत्ता पक्ष ने, एनडीए गवर्नमेंट ने, प्रधानमंत्री मोदी जी ने और अमित शाह जी ने। तो ये तो हुई कायदे की बात। ये जो कर रहे हैं वो बिल्कुल ही ऐसे काम कर रहे हैं जिससे कि लोगों में गलतफहमी पैदा हो और लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि अब कल कितना बढ़ेगा। इस चिंता में लोग तकलीफ में हैं। पेट्रोल पंप पर लाइनें लग रही हैं ये स्वीकार नहीं कर रहे। मुझे आश्चर्य होता है कि जो हकीकत है कि पेट्रोल वाले कहते हैं एक हजार का पेट्रोल लो और कोई कोटा से आएगा, जयपुर, जोधपुर से आएगा, भरतपुर से आएगा, तीन बार रुक के उसको पेट्रोल भरवाना पड़ता है रास्ते में। तो ये जो प्रैक्टिकल हकीकत है उसको ये सरकार हमारे जो मुख्यमंत्री जी और इनके नेता हैं, यहां के जो हमारे मदन राठौड़ साहब हैं उनके अध्यक्ष हैं, इनका काम ही यही है, झूठ बोलो, बार बार असत्य बोलो और नकार दो कि हो ही नहीं रहा है। अरे भाई पब्लिक दुखी हो रही है। पेट्रोल डीजल मिल नहीं रहा है। लाइनें लगी हुई है। LPG नहीं मिलता दस से पंद्रह दिन तक, ये तो गांव गांव से खबर आ रही है। लोहावट से खबर आ गई, ओसियां से खबर आ गई। स्थिति ऐसी बिगड़ी हुई है। जो एजेंसी वाले हैं LPG वाले वो खुद हमें कहते हैं हमारी स्थिति ऐसी हो गई है, टेंशन होता है क्योंकि पब्लिक को जवाब क्या दें हम लोग? वो इसलिए हो रहा है क्योंकि भारत सरकार स्थिति स्पष्ट नहीं करती। स्थिति स्पष्ट करती तो गांव गांव में मैसेज होता तो जो एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर है, पेट्रोल पंप के मालिक भी हैं, उनको जनता के आक्रोश का सामना नहीं करना पड़ता। गलती केंद्र की है और राज्य सरकार की।

Ashok Gehlot

12,631 görüntüleme • 3 ay önce