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बीजेपी राम मंदिर की वजह से आई थी बीजेपी राम मंदिर के वजह से जाएगी ।

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बीजेपी ने रात के अंधेरे में बाबरी मस्जिद में मूर्तियां रखवा दी थी बीजेपी कुछ भी कर सकती है :- अखिलेश यादव सोचिए यह अखिलेश यादव कभी मानने को तैयार ही नहीं होता था कि अयोध्या में भगवान राम का जन्म हुआ था और अयोध्या हिंदुओं की है और अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बनना चाहिए और यह जिस घटना का जिक्र कर रहा है यह घटना नेहरू के समय में हुई थी जब नैयर साहब फैजाबाद यानी अयोध्या जिले के जिला अधिकारी थे नेहरू ने बहुत प्रेशर डाला की मूर्तियां हटा ली जाए लेकिन नैयर साहब ने एक ही बात कहा कि यह मूर्तियां खुद प्रकट हुई है मैं इन्हें हटाने का पाप नहीं कर सकता और नैयर साहब ने इस्तीफा दे दिया और केरल का हो करके भी उन्होंने फैजाबाद से जनसंघ पार्टी से MP का चुनाव लड़ा और जीतकर संसद बन गए और उन्होंने संसद में राम मंदिर का मुद्दा बहुत उठाया और उन्हें मूर्तियों की वजह से ही हिंदुओं का कब्जा वहां बना रहा और उन्हें मूर्तियों की वजह से बाबरी मस्जिद में नमाज नहीं हो सकी और उन्हें मूर्तियों के रखने की वजह से आज अयोध्या में राम मंदिर बना समझ जाओ की अखिलेश यादव किसी जमाने में अयोध्या से राम मंदिर से और हिंदुओं से कितनी नफरत और घृणा करता था

Janardan Mishra

55,072 views • 1 month ago

Super Exclusive-- राम मंदिर पर सबसे विस्फोटक खुलासा। पहली बार नृपेंद्र मिश्रा की अगुवाई वाली राम मंदिर Construction committee पर सवाल। 27 जुलाई को राम मंदिर के लेखा प्रभारी रहे महिपाल सिंह की SIT को दी गई 'विस्फोटक' गवाही। पहली बार सामने आई। "800 करोड़ का राम मंदिर, 2200 करोड़ में बना, और वो भी 'दोषपूर्ण' बना!! राम मंदिर के पैसे से, VHP का घर बना!!" 26 जुलाई को SIT ने महिपाल सिंह से ईमेल के माध्यम से मांगी थी जानकारी। 27 जुलाई को महिपाल सिंह ने SIT को दी जानकारी। महिपाल ने SIT को बताया- "जगन्नाथ मंदिर, लवकुश मंदिर और रंगमहल में राम मंदिर के लिए फ्री में मिल रहा था कार्यालय, फिर भी चंपत राय ने लाखों खर्च किए। चंपत राय के आवास पर बिना रसीद दिए ही, राम मंदिर के लिए चंदा लिया जाता रहा। उस राशि की चोरी हुई, पर कोई एक्शन नहीं हुआ। राम मंदिर ट्रस्ट के पैसों से विश्व हिंदू परिषद की कालोनी में निर्माण किए गए। राम मंदिर ट्रस्ट के पैसों से विश्व हिंदू परिषद के कार्यक्रम किए गए। विश्व हिंदू परिषद की कालोनी में रहने वाले लोगों को राम मंदिर के पैसों से मानदेय का भुगतान किया गया। निशुल्क मिल रहे पत्थरों की जगह घटिया क्वालिटी के पत्थर बहुत अधिक कीमत पर लिए गए। राम लला के झूले के लिए 150 किलो चांदी आई, मगर झूला सिर्फ 85 किलो में बनाया गया। चंपत राय ने अनेक विवादास्पद संपत्तियां खरीदी, जिनका कब्जा ही नहीं मिला। ट्रस्ट को करोड़ों का नुकसान हुआ। राम मंदिर निर्माण का एस्टीमेट 800 करोड़ का था, 2200 करोड़ से ज्यादा का खर्च हुआ। राम मंदिर का निर्माण वास्तु के विपरीत हुआ। राम मंदिर के लिए आया मुकुट गायब हुआ। मुकट गायब करने वालों को चंपत राय ने क्षमा किया। कोई पुलिस कार्यवाही नहीं की।" महिपाल सिंह ने यह भी लिखा- "मेरी दी गई जानकारी पूरी तरह 100 परसेंट सत्य है।" पूरी खबर TOP SECRET

abhishek upadhyay

257,101 views • 26 days ago