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बटोंगे तो Kटोंगे मुहावरें को अर्थ उदाहरण सहित बताया हैं सुध सुधांशु त्रिवेदी जी ने..
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अभी भी समझ जाओ नहीं तो ऐसा दिन भी देख़ना पड़ेगा जब झुककर ga-nd ऊपर उठानी पड़ जायेगी शुक्रवार को..

बहुत ही अच्छे उदाहरण दिए हैं और यह बात बिल्कुल सत्य है कि कटोगे तो बटोगे।

समझ तो सभी को आती है, पर कुछ मुर्ख आँख बंद करके ऐसे बैठे हैं जैसे बिल्ली गायब हो जाएगी

"बटोंगे तो कटोंगे" एक हिंदी मुहावरा है, जिसका अर्थ है कि यदि आप कुछ बांटते हैं या विभाजित करते हैं, तो अंततः आपको उसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। यह मुहावरा अक्सर यह बताने के लिए प्रयोग किया जाता है कि जो लोग चीज़ों को बांटते हैं या किसी स्थिति में हस्तक्षेप करते हैं, वे खुद ही मुश्किल में पड़ सकते हैं। उदाहरण: 1. वास्तविक जीवन में: जब दो दोस्तों ने अपने काम को बांटने का फैसला किया, तो उनकी समझ में दिक्कतें आईं। इसलिए एक ने कहा, "याद रखो, बटोंगे तो कटोंगे।" 2. शिक्षा में: जब छात्र अपने नोट्स को बांटने की सोचते हैं और किसी विषय में गड़बड़ी कर देते हैं, तो शिक्षक उन्हें चेतावनी देते हैं कि "अगर तुम अपनी पढ़ाई को बांटोगे तो तुम्हारी मेहनत का फल भी कट जाएगा।" सारांश: यह मुहावरा हमें यह स

"बटोंगे तो कटोंगे" एक हिंदी मुहावरा है, जिसका अर्थ है कि जब आप किसी समस्या का सामना करते हैं या किसी चीज़ को साझा करते हैं, तो उसका नकारात्मक परिणाम भी भुगतना पड़ सकता है। यह मुहावरा सामान्यतः तब इस्तेमाल होता है जब किसी विषय पर विचार-विमर्श या विवाद के दौरान परिणामों का सामना करना पड़ता है।

सही बात जहा जहा बता हे वहा वहा कटा हे

बांटना नहीं हैं तो मंदिर में पूजा सिर्फ पंडित ही क्यूँ करें पहले अपनी दान में मिली हुई जमीनें बाँटो, सोना बंटोरने वाले सोना बाटो फिर बात करो ...

वाह! बहुत बढिया तरीके से समझाया है

भाईसाहब गूगल फेल हैं इनके आगे

सुधांशु त्रिवेदी जी ने बिल्कुल स्पष्ट रूप से समझा दिया, अब हिंदू समझें
