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बाढ़ से बचाव व राहत के लिए प्रशासन को पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है...

94,439 Aufrufe • vor 4 Tagen •via X (Twitter)

2 Kommentare

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RAJESH KUMAR JAINvor 4 Tagen

आपने शासन मे सब काम तरीके से होता है आप सब समाधान करने पर ध्यान देते हैं 🙏

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The Savarn Voice -equality for all.vor 4 Tagen

😶

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यह अत्यंत चिंता का विषय है कि दिवालिया हो चुकी बिहार सरकार बाढ़ पीड़ितों की सहायता करने में उदासीन है। आपदा राहत की राशि का उपयोग केवल निर्धारित उद्देश्यों के लिए सुनिश्चित किया जाना चाहिए था किन्तु इस वर्ष राज्य की आकस्मिक निधि एवं अन्य वित्तीय संसाधनों का उपयोग नियमित सरकारी खर्चों में इस प्रकार हुआ है कि आपदा के समय राहत के लिए धन की अत्यंत कमी हो रही है। मैंने प्रधानमंत्री को पत्र लिख आग्रह किया है कि केंद्र सरकार:- 1. बिहार की विनाशकारी बाढ़ को “राष्ट्रीय आपदा” घोषित करे। 2. बिहार की मदद के लिए तत्काल 𝟓 हजार करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान करते हुए विशेष बाढ़ राहत पैकेज उपलब्ध कराए। 3. भीषण बाढ़ से प्रभावित एवं सड़क संपर्कहीन क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त नाव, बोट एवं अन्य संसाधनों की तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए। 4. बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यकता वाले क्षेत्रों में सेना एवं वायुसेना के हेलीकॉप्टरों का सहयोग सुनिश्चित किया जाए। 5. भोजन, पेयजल, दवा, पशुचारा एवं अस्थायी आश्रय की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। 6. किसानों, मजदूरों, पशुपालकों एवं प्रभावित परिवारों के लिए विशेष आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। 7. राज्य की वित्तीय एवं आपदा-प्रबंधन तैयारियों तथा राज्य की आकस्मिक निधि के उपयोग व लेन-देन की स्वतंत्र समीक्षा/ CAG परीक्षण कराई जाए। #TejashwiYadav #RJD #Bihar #flood

Tejashwi Yadav

48,810 Aufrufe • vor 1 Monat

अपने बिहार परिवार के बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए मैं अपना दो महीने का वेतन मुख्यमन्त्री राहत कोष में समर्पित करता हूँ। बिहार राज्य सरकार द्वारा बाढ़ से प्रभावित परिवारों को ₹7,000 प्रति परिवार की वित्तीय सहायता के रूप में कुल ₹550 करोड़ से अधिक की राशि प्रदान की गई है। राहत शिविरों, कम्युनिटी किचन, चिकित्सा सुविधाओं और पशु चारे की व्यवस्था के साथ NDRF एवं SDRF की टीमें बचाव कार्यों में तैनात हैं। किसानों की फसल क्षति का आकलन कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी जारी है हम बिहार के बाढ़ प्रभावित परिवारजनों के साथ पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ खड़े हैं। Samrat Choudhary Nitin Nabin

Manoj Tiwari

42,887 Aufrufe • vor 21 Tagen

आज रात पूर्व निर्धारित कार्यक्रम निरस्त कर नई दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचा और चित्रकूट में अतिवृष्टि और मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ की स्थिति के मद्देनजर संबंधित अधिकारियों की आपात बैठक ली। बचाव और राहत कार्यों के साथ सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। चित्रकूट में लगातार अतिवृष्टि से मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने पर प्रशासन एवं SDRF की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। प्रभावित लोगों के लिए आश्रय स्थलों पर भोजन और चिकित्सा सहित आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। कल सतना जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा भी लूंगा। बाढ़ एवं जल भराव की स्थिति में सूचना और सहायता के लिए कंट्रोल रूम टेलीफोन नंबर-07672-223211 की व्यवस्था की गई है।

Dr Mohan Yadav

10,843 Aufrufe • vor 1 Monat

बिहार में कई नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। गंगा, सोन, पुनपुन, गंडक, बुढी गंडक, बागमती, कोसी इत्यादि नदियों में बढ़ते जलस्तर और बाढ़ के कारण लोगों में दहशत है। 15 से अधिक जिले बाढ़ की चपेट में है लेकिन एनडीए सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों की अभी तक कोई तैयारी नहीं की है। सरकार की ओर से आमजन की सुरक्षा और बाढ़ प्रभावितों को किसी प्रकार की कोई सुविधा प्रदान नहीं की गई है। ना ही कोई जागरूकता अभियान चलाया गया है। दियारा क्षेत्रों के बाढ़ के कहर और कटाव से किसानों की मक्का और हरी सब्जियों की फसलें पानी में डूब गई है। घरों, सड़कों, स्कूलों और खेतों में पानी भर गया है। दियारा क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद होने के कारण ग्रामीणों को अंधेरे के साथ-साथ पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गांवों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क टूटने के कारण राशन और जरूरी सामान की कमी होने लगी है। हमारी सरकार से माँग है कि दियारा क्षेत्रों को अविलंब बाढ़ग्रस्त घोषित किया जाए। सरकार की तरफ़ से बाढ़ राहत शिविर, सामुदायिक किचन और चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। राहत शिविर नहीं होने से लाइफ जैकेट, दवाएं और सांप-बिच्छू काटने जैसी आपात स्थितियों के लिए प्रशासन संचालित नावें और इमरजेंसी बोट की तत्काल व्यवस्था होनी चाहिए।

Tejashwi Yadav

51,672 Aufrufe • vor 1 Monat