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बात तो ठीक है. Dr Kumar Vishvas Saurabh Dwivedi
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इंटरव्यू लिंक:

मैं आपके साथ दोहराउंगा सब लेकिन उससे पहले आप यह करवा दीजिए- बाबरी मस्जिद को फिर से उसी जगह पर बनवा दीजिए, गुजरात दंगे के आरोपियों को जेल भेजवा दीजिए, आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी दीजिए, हर थाने में एक मस्जिद बनवाइए, हर सरकारी उद्घाटन पर कुरान की आयत पढ़वाइए, नए संसद के उद्घाटन देश भर के इमामों के हाथों से दोबारा करवाइए, रामनवमी के जुलूस के बाद मस्जिदों पर पथराव करने वालों को गिरफ्तार कीजिए। से सब जिस दिन कर दीजिएगा पंडित विश्वास शर्मा, हम भी सेकेंड के सौवें हिस्से की भी देरी लगाए बिना कह देंगे जो आप कहना चाहते हैं। अभी आप और हिंदू इस देश में प्रिविलेज्ड हैं। बात तो ठीक है कहने वाले कभी मुसलमान बन कर सोचा है हमारी परेशानी? किसी का दुख हरने के लिए पहले उसके दुख को महसूस करना पड़ता है।

देश के हर न्यूज़ चैनल के दफ्तर में होली खेली जाती है। दिवाली मनाई जाती है। हर एक सरकारी दफ्तर में ब्राह्मण द्वारा पूजा पाठ करवाई जाती है। माता की चौकी से लेकर दशहरे तक का चंदा होता है। ऐसे में कोई भी हिंदू, खुद को संविधान को पहली वरीयता देगा ही। सारा फायदा तो उसे ही मिल रहा है हिंदू बन कर और बिना हिंदू बने, दोनों तरफ से उसे फायदा हो रहा है। जिस धर्म का लालन पालन ज्यादातर राज्य सरकारें कर रही हैं, कहीं कॉरिडोर तो कहीं गलियारा बन रहा है, उसे भला धर्म और भारतीय का क्या अंतर पता चलेगा। इससे गंदा और बेवकूफी भरा कुतर्क मैंने पहले कहीं नहीं सुना। शुक्रिया सौरभ द्विवेदी एवं लल्लनटॉप का। हर हफ्ते संघियों का एजेंडा फिट करने में लगे रहते हैं। ये सब बंद करवाइए, फिर पंडित विश्वास कुमार से शर्मा से हम भी पूछेंगे,’ क्या गुरू? गीता या संविधान? और वैसे भी भारतीय राष्ट्रवाद को बहुसंख्यक हिंदू राष्ट्रवाद कई विद्वानों ने कहा ही है।

@DrKumarVishwas @saurabhtop एक देश जहां थानों से लेकर चौकियों तक यहां तक की सीमा पर भी हिंदू बहुसंख्यकवाद चलता हो, जहां प्राईवेट नौकरी से लेकर सरकारी दफ्तर में हिंदू बहुसंख्यकवाद चलता हो, वहां बात तो ठीक लगेगी ही। जहां राष्ट्रवाद की परिकल्पना ही हिंदू संस्कृति से ओतप्रोत हो, वहां बात तो ठीक लगेगी ही।

पंडित विश्वास शर्मा- तीन महीना पुराना वीडियो सामने आया और एमपी पुलिस ने तीन आरोपियों के मकान गिरा दिए। सिर्फ मारपीट और गाली थी वीडियो में। आरोपी मुसलमान थे, पीड़ित हिंदू। पंडित जी, कभी देखा है किसी हिंदू आरोपी का घर गिरते हुए, जिसने मुसलमान को पीटा या मारा हो। नासिर और जुनैद को ज़िंदा जलाने वाले हिंदू, सरेआम घूम रहे हैं। यही वो प्रिविलेज्ड है जो राजनीति के माध्यम से संविधान ने आपको दे रखा है। बहुत हल्की बात करी है आपने, और उतना ही हल्कापन सौरभ द्विवेदी जी का रहा है इस पर। काउंटर में ये सब बातें जो रख सके वह उनके ही जैसा है, मैं ऐसा मानता हूं। अनुभव, तुम्हें अभी बहुत पढ़ने और समझने की ज़रूरत है।

देश में अल्पसंख्यकों पर हमला सिर्फ और सिर्फ स्टेट रोक सकता है। सख्त कानून बने। उसका पालन हो। लेकिन ऐसा तब तक नहीं होगा जब तक कि हिंदूओं के भीतर से नफरत, कट्टरता, हिंसा की भावना उनके अपने उदारवादी/धार्मिक/आम जन नहीं निकाल देते। कानून बने कि मस्जिद पर दारू पी कर चढ़े तो पांच साल जेल, फॉस्ट ट्रैक कोर्ट बने, जैसे बलात्कारियों के साथ होता है। पंडित विश्वास शर्मा जो बांच रहा है और जो सौरभ द्विवेदी के साथ लोग सुन रहे हैं, वे यह सब बात नहीं बोल पा रहे थे क्या? ओह। अब समझा। एक साल हो गया था इस कार्यक्रम को, पंडित टू पंडित बातचीत थी। टीआरपी था। ख़ैर, जब भी थोड़ा लल्लनटॉप पर भरोसा करना शुरू करता हूं, अपनी पूंछ उठा कर अपनी असलियत दिखा देते हो।

@DrKumarVishwas @saurabhtop य़ह दरअसल आरएसएस की विचारधारा है. यह मुसलमान, शोषित वर्ग के दमन के लिये बनाये गये उनके प्रोपेगेंडा का हिस्सा है. जो पीड़ित हैं उन्हें ही दोषी बता दो. मुसलमान पहले धर्म चुनते हैं और शोषित वर्ग पूर्व जन्म के पापों का फल भोगते हैं!वाह! अपराधी ही पीड़ित का अपराध तय करेगा और सजा देगा

@DrKumarVishwas @saurabhtop मगर प्रेक्टिकल नहीं है जब भारत से बंटकर पाकिस्तान बना तो भारत ने संविधान को चुना और पाकिस्तान ने कुरान को , बताने की जरूरत नहीं है की क्यों इसलिए जो चीजें प्रैक्टिकल नहीं है प्रेक्टिकल लोगों का काम है बताना की प्रेक्टिकल नहीं है ये चीज लंदन अमेरिका जैसी आधुनिक जगहों पर भी नहीं

@DrKumarVishwas @saurabhtop Minority pr julm kro masjid pr hamla karo masjid k samne dj bajao church ko todo ye hota minority k sath tab muh band rehta?

@DrKumarVishwas @saurabhtop Ask him if he supports demolition of Masjid to build a temple which is completely unconstitutional and will never visit Ram Mandir in Ayodhya. About time journalists learn to ask cross-questioning.
