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बिना सिंध के हिन्द कहां है, रावी बिन पंजाब नहीं, गंगा आखिर खुश हो कैसे, जब तक संग चिनाब नहीं...
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जूनियर दुग्गल साब आज कवि हैं😂

सिंध से ही हिंद की पहचान नहीं, हर घाटी, हर पर्वत यहाँ महान है। रावी के बिना भी पंजाब हरा है, हर नदी में संस्कृति की धारा बही है। गंगा खुश रहती अपनी धारा में, चिनाब से नहीं, सब से नाता गहरा है। भारत की मिट्टी में सब हैं शामिल, कोई एक नहीं, सबका योगदान सुनहरा है।

इन लाइनों में बहुत गहरी बातें छुपी है बिना सिंध के हिन्द कहां है, रावी बिन पंजाब नहीं, गंगा आखिर खुश हो कैसे, जब तक संग चिनाब नहीं...

कविता सुनकर मन बहलाये सिरिययस ना ले इसे कही चुनावी नेता का जुबानी जुमला आज कश्मीर में कल बंगाल में चली 🧐😂 कैसा लगा भाई 🧐

वो कसर अब भी हमारे मन में है कि एक दिन हम सिंध को पुनः भारत में लेंगे और अखंड भारत का हमारा सपना जो अधूरा है वह पूरा हो जाएगा।

जय हो महराज जी 🙏 पीओके हमारा है!

बिना सिंध के हिन्द कहां है, रावी बिन पंजाब नहीं, गंगा आखिर खुश हो कैसे, जब तक संग चिनाब नहीं... भगवा ए हिंद के सम्राट योगी आदित्यनाथ जी को जय श्री राम 🙏🚩🚩

बिना सिंध के हिन्द कहां है, रावी बिन पंजाब नहीं, गंगा आखिर खुश हो कैसे, जब तक संग चिनाब नहीं... जय हो🚩🚩🚩🚩

बिना सिंध के हिन्द कहाँ है, रावी बिन पंजाब नहीं। गंगा कैसे सुखी रहेगी, जब तक संग चिनाब नहीं। लाहौर बिना तो संविधान की, अपनी बात अधूरी है। बिना करांची कैसे कह दें, यह आज़ादी पूरी है। आज़ादी का जश्न मनेगा, पेशावर की गलियों में। तभी तो खुशबू आ पाएगी, काश्मीर की कलियों में।

नेता जी को मिले भारत रत्न ! #नेताजी_को_भारतरत्न
