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बाबा साहब के सपनों के भारत में सबको समान शिक्षा थी।
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फर्जी प्रोफेसर नफरती आदमी,संविधान ने सबको बराबर का अधिकार दिया है,पर तुम्हारा सारा ज्ञान एक ही परिवार को राजा बनाने के लिए दलाली करना,कहां लिखी है उसमें तेरा ज्ञान कहां जाता है।।दलित भाई को भी राजा बनने का अधिकार है न कि एक ही परिवार को

यह लाल टोपी का 14 नीली टोपी कब से पहनने लगा

इसलिए मुलायम ने अखिलेश को पढ़ने के लिए ऑस्ट्रेलिया भेज दिया तो अखिलेश ने पढ़ लिया और मुख्यमंत्री बन गया । लालू यादव ने बाबा साहब को नहीं माना और समझा इस वजह से उसके दोनों लड़के अनपढ़ अंगूठा टेक हो गए ।

इसीलिए लक्षमण यादव और अखिलेश यादव एक ही स्कूल में पढ़ते थे 🤣🤣🤣🤣🤣

तू पहिले मनुवाद के साथ बन चुके यादव समाज के लोगो को समझा फिर बाद में बाबासाहेब आंबेडकर,फूले शाहू पेरियार,संविधान, सामाजिक न्याय यदि पर बाद में ज्ञान देना

पहले खुद के समाज को सुधारो की लठैती बंद करे आधा बिना कहे सुधर जाएंगे

कितने बच्चों को तुम पढ़ाई में मदद करते हो, सिर्फ ज्ञान देना आता है ताकि तुम्हारे बहकवे में कुछ लोग आ जाएं

जैसे की यह। धनवान दलित का बच्चा अच्छा शिक्षा पाता हैं और दूसरे दलितों को नीचे रखता हैं जिससे रिज़र्वेशन बना रहे। ब्राह्मणों और जेनरल कास्ट को कम से कम अवसर मिले॥ उत्तम शिक्षा सभी का अधिकार हैं।

ये काम समाजवादीयों को अपने घर से शुरू करना चाहिए। श्री लक्ष्मण यादव, आपको भी अपने समाज में काम करने की ज़रूरत है ताकि दलितों पे उनके द्वार अत्याचार रोका जा सके।कृपया दलितों को ज्ञान देना बंद करें क्योंकि वे बाबा साहब डॉ बीआर अंबेडकर के अनुयायी हैं।
