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ब्रेकिंग न्यूज़ 🚨 Rt रि-ट्वीट 🙏 पैम्पर्स के डाइपर जितने भी मुस्लिम अपने बच्चों के लिए खरीद रहे है वह सावधान हो जाए... पम्पर्स हमारे नबी ए करीम मुहम्मद स.अ.व. की शान मे गुस्ताखी कर रहे है । बड़ी मेहरबानी प्लीज़ आगे लोगों तक जरूर पहुंचाए। Pampers India Pampers #Muslims

67,539 views • 1 year ago •via X (Twitter)

8 Comments

Wasi Ahmad's profile picture
Wasi Ahmad1 year ago

@pampersindia @Pampers Allah sab dekh raha hai wahi madadgar hai

Muhammad Rahman Khan sahab's profile picture
Muhammad Rahman Khan sahab1 year ago

@pampersindia @Pampers @Pampers क्या चल रहा है तुम्हारे अंदर इस्लामोंफोबिया हो गया क्या तुम्हारे अंदर

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Suhail Kassar1 year ago

@pampersindia @Pampers @pampersindia @Pampers #Muslims

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hindustan1 year ago

@pampersindia @Pampers कपडा लगाओ 😀😀 चपटी धरती

Mustak Ali , AIMIM's profile picture
Mustak Ali , AIMIM1 year ago

@pampersindia @Pampers इस कंपनी पर अफायार होनी चाहिए

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Saif Ali1 year ago

@pampersindia @Pampers बड़ी मेहरबानी प्लीज़ आगे लोगों तक जरूर पहुंचाए। @pampersindia @Pampers #Muslims

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imran ahmad1 year ago

@pampersindia @Pampers किस कम्पनी का है

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Mohd Nadeem Qadri1 year ago

@pampersindia @Pampers Gustakh e Rasool ki ek saja sar tan se juda sar tan se juda ⚔️😡

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बहुजन समाज पार्टी देश की तीसरी सबसे बड़ी राष्ट्रीय पार्टी है। जिसका कैडर देश के हर राज्य में आदरणीय बहन जी के नेतृत्व और दिशा निर्देश में मान्यवर कांशीराम साहेब के विचार और बहुजन मिशन को मजबूती से आगे बढ़ा रहा है। हमारा समाज अब एक बड़ी राजनीतिक ताकत है, मान्यवर साहेब के वैचारिक और आदरणीय बहन कु. Mayawati जी के राजनैतिक संघर्ष और कुशल शासन का ही प्रभाव है कि आज किसी की हिम्मत नहीं है कि वह हमारे गुरुओं और महापुरुषों के खिलाफ बोल सके। यही वजह है कि विरोधी राजनीतिक दल वोटों के लिए छल प्रपंच कर हमारे समाज के लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए सावधान रहें, संगठित रहें, बीएसपी फिर से सत्ता में आने वाली है, आने वाला वक्त हमारा है।

Akash Anand

30,401 views • 1 year ago

मोदी जी ने पिछले 48 घंटों में हनुमान जी की पतंग उड़ा कर उन्हें गेमिंग से जोड़ा हमारे धार्मिक ग्रंथ रामायण और महाभारत को कहानी बताया यह हिंदुस्तान के करोड़ों लोगों की आस्था पर प्रहार है मोदी जी, यह आपके लिए होंगे कहानियाँ हमारे लिए तो यह ग्रंथ जीवन जीने के आधार हैं, नैतिकता की धुरी हैं, आदर्श हैं - पूजनीय हैं पहले भी आप प्रभु राम के क़द को अपने से छोटा दिखा कर, उनको अपनी उँगली पकड़ा कर उनका अपमान कर चुके हैं काशी में तो विकास के नाम पर जितने मंदिर और मूर्तियां आप तुड़वा रहे हैं - वह लोगों की आस्था और विश्वास के सख्त खिलाफ है कितनी धर्म विरोधी सोच है आपकी. लेकिन, आपके चरणचुम्बक अब भी चुप रहेंगे - जब आप करोड़ों लोगों की आस्था का मखौल उड़ायेंगे

Supriya Shrinate

87,486 views • 8 months ago

अरे दोगली महिला तू जो झूठ फैला रही है उसकी सच्चाई देख ले अब तक उत्तर प्रदेश में सिर्फ अमीर और करोड़पति लोग ही शानदार और आलीशान भवनों में होटल में रिसोर्ट में अपने बच्चों की शादी करवा पा रहे थे योगी जी ने अपनी विधायक निधि से एक ऐसा आलीशान सामुदायिक भवन बनवा रहे हैं जो कोई भी गरीब व्यक्ति अपनी बेटी या बेटे का मांगलिक कार्यक्रम इसमें आयोजित कर सकता है इसके अलावा यहां कोई भी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हो सकता है सुन ले समाजवादी पार्टी के पैसे से पलने वाली दोगली महिला यह सामुदायिक भवन योगी जी अपने लिए नहीं बनवा रहे ना अपने पार्टी के लोगों के लिए बनवा रहे बल्कि यह सामुदायिक भवन योगी जी आम और गरीब जनता के लिए बनवा रहे हैं जो अच्छे तरीके से बिल्कुल मुफ्त में एक फाइव स्टार फीलिंग के साथ अपने बच्चों की शादी विवाह मांगलिक कार्यक्रम आयोजित कर सके

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

23,003 views • 2 months ago

आप ने देखा होगा की जब से रोशन यादव और खान सर के बीच विवाद हुआ है कुछ लोगों को फ्री मे कंटेंट मिल गया है News वालों का फिर भी समझ मे आता है, लेकिन टीचर्स को क्या वो भी बच्चों को इसी मसले मे घसीट लिए है बच्चों का अब पढ़ाई लिखाई से दूर दूर तक कोई नाता नहीं है l वो या तो खान सर या रोशन सर या फिर प्रिंस यादव मे उलझ कर रह गये है l इस वीडियो मे जो भी बोल rhe है विपिन सर जो भी है जांच का विषय तो है ये सीधा - सीधा frod है l लेकिन इन लोगों से निवेदन है की esme बच्चों को बख्स दें अपने अपने वर्चस्व की लड़ाई का हिस्सा बच्चों को ना बनाएं उन्हें मोहरे की तरह use ना करें 🙏 निष्पक्ष जांच हो और जल्द से जल्द दोषियो को सजा मिले....!! Next वीडियो कमैंट्स बॉक्स मे 👇

Arohi Shukla

55,966 views • 3 months ago

हिन्दू धर्म के सामने चुनौतियों पर एक विचार 👇 कुछ लोगों का मानना है कि हमारे देश की शिक्षा व्यवस्था और पूर्व में बनी नीतियों के कारण बच्चों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक शिक्षा का महत्व कम होता गया। आज अधिकांश अभिभावक अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्हें केवल औपचारिक शिक्षा पर केंद्रित कर रहे हैं, जबकि अपने धर्म, संस्कृति और परंपराओं का ज्ञान अपेक्षाकृत कम दे पा रहे हैं। ऐसे में यदि बच्चों को अपने धर्म और संस्कृति की पर्याप्त समझ नहीं होगी, तो वे किसी भी प्रकार के वैचारिक प्रभाव या प्रचार से आसानी से प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए आवश्यक है कि आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को अपने धर्म, संस्कृति, इतिहास और नैतिक मूल्यों का भी संतुलित ज्ञान दिया जाए, ताकि वे स्वयं सोच-समझकर अपने विचार बना सकें और किसी भी प्रकार के भ्रामक प्रचार से बच सकें। और दुबारा ऐसा देखने को ना मिले, जैसा हमने CJP प्रोटेस्ट में देखा है।

सनातनी अमित

53,771 views • 2 months ago

यह जंतर-मंतर का वीडियो है। आज दिल्ली की उमस भरी गर्मी जान ले रही है। उस हाल में वहाँ लोग ठसा-ठस भरे हैं। हाथ का पंखा लेकर नौजवान एक दूसरे को हवा का मरहम लगा रहे हैं। घर में पंखे के नीचे राहत नहीं है, वहाँ तो क्या ही हालत होगी। इस गर्मी में वहां मौजूद लोगों की हालत भी ख़राब हो रही होगी। सोनम वांगचुक को जबरन हटाने के बाद भी धरना कमज़ोर नही हुआ है। लोगों ने आगे आकर इस धरने को थाम लिया है। कौन नेता है, कैसा नेता है, यह सब सवाल पीछे चला गया है। आज पूरे दिन जंतर-मंतर पर भारी भीड़ रही। धरना स्थल तक जाने के लिए लोग कतार में बिना शिकायत खड़े हैं। वहाँ से लौटने वाले लोगों की लाइन राजीव चौक मेट्रो में भी बढ़ती जा रही है। सोमवार को सरकार का इम्तहान है। कल वह मार्च में बाधा डालेगी या मार्च होने देगी। आप नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, ग़ाज़ियाबाद इन महानगरों, महाज़िलों में रहने वाले जेन ज़ी, जेन बी जेन एक्स, जेन जो भी, किसी से पूछ लीजिए। क्या यहाँ एक भी सरकारी शैक्षणिक संस्थान है, जिसकी दुनिया छोड़िए, भारत में पहचान हो। जिसकी गुणवत्ता की तारीफ होती हो। जिसमें पढ़ने का सपना देखा जाता हो। एक भी नहीं है। सोचिए लाखों करोड़ों की आबादी के बीच एक ढंग का कॉलेज नहीं है। जहाँ भारत का एस्पिरेशनल क्लास रहता है। वह 12 साल से व्हाट्स एप यूनिवर्सिटी में डूबा रह गया। बच्चों के लिए अमेरिका का वीज़ा बनवाता रहा लेकिन मुड़ कर नहीं देखा कि उसके शहर में एक भी कॉलेज काम का क्यों नहीं है। इसके कारण मिडिल क्लास के साथ साथ नियो मिडिल क्लास के बच्चे भी घिस रहे हैं, पिस रहे हैं, मिट रहे हैं। जो मेहनत मज़दूरी करने वाला तबका है, जिसे लग रहा है कि पढ़ाई से उसके परिवार का भविष्य बदल सकता है, वह कड़ी मेहनत कर अपने बच्चों को किसी तरह स्कूल और कालेज भेज रहा है। उसे पता ही नहीं है कि वह अपने बच्चों को जिन सपनों के लिए तैयार कर रहा है, वह कब का रौंदा जा चुका है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, ग़ाज़ियाबाद और गुरुग्राम के घरों में काम करने वाली महिलाओं से पूछ लीजिए। हाड़ तोड़ मेहनत कर रही हैं और अपने बेटी की पढ़ाई के लिए फीस भर रही हैं। उनके बच्चे भी ख़ूब मेहनत करते हैं लेकिन सामाजिक पूंजी नहीं होने के कारण उन्हें गाइड नहीं मिल पाता। हर दिन लाखों सपनों की हत्या हो रही है। समाज के इस तबके को अभी शिक्षा से जुड़े मुद्दे की समझ नहीं है, कभी तो उन्हें भी पता चलेगा कि सारा सिस्टम इसी तरह डिज़ाइन किया गया है कि उनके बाद उनकी बेटियाँ भी घरों में काम करती रहेंगी । शिक्षा को बर्बाद किया गया ताकि लाखों लोगों का भविष्य बर्बाद हो सके और वे कम से कम पैसे में काम करने के लिए हमेशा मजबूर रहें। भारत के भविष्य के साथ लंबे समय तक यह धोखा हुआ है। हो सकता है भारत का युवा धर्म की राजनीति में फिर से सनक जाएगा, वह गौरव और पहचान राजनीति में धर्म से पाने लगेगा, यह सब हो सकता है, हो ही रहा है, लेकिन अगले तीस साल में भी वह अपने सपनों को पूरा करने के लिए बड़े स्तर के शैक्षणिक संस्थानों को नहीं पा सकता है। यह लड़ाई आज की नहीं है, अगले पचास साल की है।

ravish kumar

525,626 views • 2 months ago

जब एक मेहनतकश मुस्लिम समुदाय के मुहम्मद युनुस खान जो पेशे से कूली है वह अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिला सकता है, तो यह सिर्फ़ उसकी सफलता नहीं, बल्कि शिक्षा की ताक़त और एक पिता के अटूट हौसले की जीत है। वर्षों पहले आई सच्चर समिति की रिपोर्ट ने भी मुस्लिम समुदाय की शिक्षा और सामाजिक-आर्थिक स्थिति पर गंभीर चिंताएँ सामने रखी थीं। ऐसे हालात में, और आज भी शिक्षा तथा समान अवसरों को लेकर उठती बहसों के बीच, इस पिता का संघर्ष और भी प्रेरणादायक बन जाता है। उसने साबित कर दिया कि पहचान, पेशा या आर्थिक स्थिति इंसान की मंज़िल तय नहीं करती। जो अपने बच्चों के भविष्य के लिए हर दिन पसीना बहाता है, वही असल मायनों में समाज का सबसे बड़ा निर्माता होता है। कपड़े साधारण हो सकते हैं, लेकिन सपने कभी साधारण नहीं होते। और जब इरादे बुलंद हों, तो मेहनत आने वाली पीढ़ियों की तक़दीर बदल देती है। सलाम है हर उस माँ-बाप को, जो अपनी ज़िंदगी की हर मुश्किल सहकर भी अपने बच्चों को शिक्षा की सबसे बड़ी दौलत देते हैं।

Ehtesham

151,532 views • 1 month ago

मध्य प्रदेश की पहचान आज घोटालों से हो गई है। किसान के साथ खाद और बीज में घोटाला, नौजवानों के साथ रोज़गार में घोटाला और हर काम में घोटाला। हमारे मध्य प्रदेश की 70% अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है अगर हमारा किसान डूबता है तो पूरा मध्य प्रदेश डूबता है। हमारे किसानों के साथ लगातार कितना बड़ा अन्याय हो रहा है। वह खाद बीज और फ़सल के सही दाम के लिए परेशान हो रहे हैं। नौजवानो समझ लो बहुत बड़ा राजनीतिक परिवर्तन हुआ है। पहले आप जिन्हें ज्ञान देते थे वे अब आपको ज्ञान देने के लिए तैयार हैं। आप इस परिवर्तन को याद रखियेगा। इसलिए जब तक हम घर घर नहीं जाएँगे, लोगों के पास नहीं पहुंचेंगे तब तक BJP से मुक़ाबला नहीं कर पाएंगे। मुझे पूरा भरोसा है अपने कांग्रेस के साथियों पर कि वे इस परिवर्तन को पहचानेंगे और कमर कसकर पार्टी के लिए काम करेंगे। मुझे पूरा विश्वास है अपना समय भी आएगा। #MP_माँगे_जवाब

Kamal Nath

15,303 views • 1 year ago

बिल्कुल सर, 14 नवंबर को जनसुराज खाता भी नहीं खुले फिर भी हम प्रशांत किशोर के साथ है और हमेशा रहेंगे! वो प्रशांत किशोर ही है जो बिहारियों के पलायन को चुनावी मुद्दा बनाया,बिहारियों को बताया कि पलायन सम्मान नहीं अपमान है और जब तक प्रशांत इस पलायन के खिलाफ लड़ाई में है जब तक हम साथ रहेंगे! वो प्रशांत किशोर ही है जो वृद्धों के 400 रुपया पेंशन का मुद्दा बनाया और पेंशन बढ़ के 1100 रुपया हो गया, और हमारा लक्ष्य 2500 रुपया करने का और ये जब तक हो नहीं जाता जब तक प्रशांत किशोर के साथ है! वो प्रशांत किशोर ही है जो बिहार का CD रेशियो को बिहारियों के सामने रखा,बिहार का पैसा दूसरे राज्यों का दिया जा रहा है ये प्रशांत ने ही बताया,और जब तक बिहार का CD रेशियो गुजरात महाराष्ट्र के बराबर नहीं हो जाता तब तक हम प्रशांत किशोर के साथ है! वो प्रशांत किशोर ही है जो बिहार के शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की बात कर रहे है और जब तक बिहार का शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हो जाता तब तक प्रशांत किशोर के साथ है ! वो प्रशांत किशोर ही है जो बिहार में राजनीति बिहार के मुद्दों पर कर रहें है,बिहार के लोगों के लिए राजनीति कर रहे है,बिना हिंदू मुस्लिम,बिना जात पात किए राजनीति कर रहे है जब तक प्रशांत किशोर है तब हम उनके साथ है! एक जनसुराज हि ऐसी पार्टी है जिसमें बिहार के हर वर्ग का बिहारी अपने आप को बाहरी नहीं समझता जनसुराजी समझता है,बिहार के लिए लड़ने वाला समझता है,जब तक ये सांसे चल रही है तब तक हम जनसुराजी है! एक प्रशांत किशोर को हराओगे अब हर घर से प्रशांत किशोर निकलेगा! जय बिहार ✊🙏 जय जय बिहार ✊🙏

बाहरी बिहारी

16,266 views • 10 months ago

यह ऐतिहासिक है अविस्मरणीय है। पूरे संघी ढांचे पर अब तक की सबसे करारी चोट है। राहुल गांधी ने धज्जियां उड़ा कर रख दी है सरकार की और सरकार के हाथ, पैर, आंख, दिमाग के तौर पर अपने अपने एजेंडे को आगे बढ़ा रहे उसके शॉर्प शूटर्स की। राहुल गांधी ने आज जिस तरह से सरकार और भक्तों का मखौल उड़ाया हैं बिल्कुल इसी रुख की कब से जरूरत महसूस हो रही थी। जिन लोगों ने अपनी तस्वीर स्क्रीन पर देखी होगी वह समझ गए होंगे कि अब बच निकलने का और कोई रास्ता नहीं है। यह धज्जियां और कहीं न कहीं भक्तों के गढ़ इंदौर में उड़ाई गई है। दिल्ली विश्वविद्यालय में परिणाम जो भी रहे हो छात्रों की इस अभूतपूर्व भीड़ ने साबित कर दिया है कि इस देश का युवा सिर्फ और सिर्फ राहुल के साथ है। शानदार राहुल

Awesh Tiwari

39,620 views • 9 days ago

राहुल गांधी जी ने SC, ST, OBC वर्ग के लोगों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ एक कैंपेन शुरू किया है, जिसके माध्यम से वह इनके हक की मांग कर रहे हैं। देश की बड़ी-बड़ी कंपनियों में या अन्य बड़े पदों पर SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों की भागीदारी नहीं है। इसलिए राहुल गांधी जी लगातार इनकी आवाज को उठा रहे हैं। राहुल गांधी जी का कहना है 👇 ⦁ आरक्षण में 50% की दीवार तोड़नी चाहिए ⦁ देश में जातिगत जनगणना होनी चाहिए ताकि देश को पता चल सके कि किसकी कितनी भागीदारी है। देश इतना आगे बढ़ चुका है, लेकिन कई प्रदेशों में आज भी छुआछूत जैसी समस्याएं हैं, समाज में आर्थिक असमानता है। इसी को ख़त्म करने के लिए राहुल गांधी जी सड़क पर उतरें हैं और उनके साथ पूरी कांग्रेस पार्टी खड़ी है। : पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot जी

Congress

30,067 views • 1 year ago

गजब का दोगलापन है भाई जब सत्ता में थे तब डेढ़ सौ लोगों की ब्लास्ट में हत्या करने वाले आतंकियों से मुकदमा वापस ले लिया क्योंकि वह मुस्लिम थे जुम्मे के दिन मंदिरों में हिंदुओं को घंटी बजाने से प्रतिबंधित कर दिया था ताकि नमाज पढ़ रहे मुसलमानो के कानों में घंटी की आवाज न जाए और हां यह रिपोर्टिंग और स्टिंग ऑपरेशन देख लेना तुमने कैसा उत्तर प्रदेश में सामाजिक सौहार्द बनाया था की मुजफ्फरनगर के दंगे भड़के और इसमें कई पुलिस अधिकारी कह रहे हैं कि हमको यह मना किया गया था कि आप दंगाइयों को पकड़े क्योंकि वह दंगाई मुस्लिम है और पुलिस अधिकारी यह भी कह रहे हैं कि हमने कई दंगाइयों को पकड़ कर लाये लेकिन ऊपर से फोन आ गया कि जितने मुस्लिम दंगाई है सब को छोड़ दो यह स्टिंग ऑपरेशन जरूर देखना क्या पता थोड़ा बहुत शर्म आ जाए

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

31,687 views • 2 months ago

ममता इतनी शक्तिशाली क्यों है? जानिए सतोगुण और मन का रहस्य | Sant Rampal Ji Maharaj Satsang ---- इस वीडियो में एक ऐसे व्यक्ति की प्रेरक और गहरी आध्यात्मिक कथा सुनाई गई है, जिसने पत्नी और दो बच्चों को छोड़कर वैराग्य धारण कर लिया और 12 वर्षों तक आश्रम में रहकर साधना की। लेकिन 12 साल बाद जब उसे भिक्षा मांगने के लिए बाहर भेजा गया, तो एक परिवार और छोटे बच्चों को देखकर उसके मन में अपने घर-परिवार की यादें जाग उठीं। वह कई बार अपने घर जाने और वापस आश्रम लौटने के बीच मन से संघर्ष करता है। अंततः वह अपने परिवार को दूर से देखने के लिए खेतों तक पहुंच जाता है, जहां उसकी पत्नी और छोटा भाई खेत में काम कर रहे होते हैं। आगे एक पेड़ को लेकर हुए विवाद में ऐसा मोड़ आता है, जिससे साधु को अपने परिवार के सामने अपनी असली पहचान बतानी पड़ती है। इस कथा के माध्यम से यह समझाने का प्रयास किया गया है कि मनुष्य के लिए परिवार, संतान और संपत्ति का मोह छोड़ना इतना कठिन क्यों होता है। आगे संत कबीर की वाणी के माध्यम से मन, ममता और सतोगुण के प्रभाव को समझाया गया है। वीडियो को अंत तक जरूर देखें और जानें—क्या वास्तविक वैराग्य केवल घर छोड़ देने से प्राप्त हो जाता है, या इसके लिए मन के मोह से मुक्त होना भी आवश्यक है? अगर आपको यह आध्यात्मिक कथा और ज्ञानवर्धक विचार पसंद आएं तो वीडियो को Like, Share और Subscribe जरूर करें।

Sant Rampal Ji Maharaj

22,419 views • 1 month ago

ग़ुलामी! जानते हैं क्या होती है? इस विडीओ में समझ आएगा। समस्या भाषा नहीं है, नरेंद्र मोदी अंग्रेज़ी नहीं बोल पाते, इसलिए हिन्दी बोल रहे हैं और अनुवादक अंग्रेज़ी में बोल रहा है, यहाँ तक कोई दिक़्क़त नहीं है। दिक़्क़त है शब्दों में, दिक़्क़त है बॉडी लैंग्वेज की, दिक़्क़त है राग-दरबारी गाने से। आमतौर पर अमेरिका के राष्ट्रपति को 'मिस्टर प्रेसिडेंट' कह कर सम्बोधित किया जाता है। लेकिन यहाँ नरेंद्र मोदी उन्हें बार-बार 'एक्सेलेन्सी' कह रहे हैं। ये है सबसे बड़ी ग़ुलामी की निशानी। अब आते हैं शब्दों पर। नरेंद्र मोदी, डॉनल्ड ट्रम्प की किस बात के लिए भूरि-भूरि प्रशंसा कर रहे हैं? पूरी दुनिया में तहलका मचाने के लिए? पश्चिमी एशिया में कौन सी शांति स्थापित की ट्रम्प ने, जिसकी नरेंद्र मोदी इतनी तारीफ़ किए जा रहे हैं? हमारे नाविक मारे गए, उसके लिए इतने मीठे शब्दों में अनुनय-विनय? कि उनकी जान की रक्षा महत्वपूर्ण है? माना कि डिप्लोमैटिक बातचीत में आप किसी का कॉलर नहीं पकड़ सकते, लेकिन इतना घिघियाया भी नहीं जाता। आपको बोलना चाहिए था कि भारत शान्ति का पक्षधर ज़रूर है, लेकिन भारत की सेनाओं ने चूड़ियाँ नहीं पहन रखी हैं। अमेरिका की ऐसी कोई भी धृष्टता, हमारे सम्बन्ध हमेशा के लिए चौपट कर सकती है। आप हाथ में पर्ची लिए एक-एक लाइन डर-डर के बोल रहे हैं, आपका हलक़ सूखा जा रहा है। बुला लीजिए किसी बॉडी लैंग्वेज एक्स्पर्ट को, और पूछिए उससे कि क्या ये विडीओ देख कर ऐसा नहीं लग रहा है कि शहंशाह के दरबार में बैठा एक मुलाज़िम, उस शहंशाह की शान में क़सीदे पढ़ रहा है? पुराने ज़माने में अगर बादशाह सलामत किसी को चाकू फेंक कर मारें और निशाना चूक जाए तो दरबारी कहते थे कि 'ख़ंजर ने ना-फरमाबरदारी कर दी' मतलब चाकू ने महराज के आदेश की अवहेलना की है। आप भी कुछ वैसा करते नज़र आ रहे हैं। Narendra Modi जी, पूरी दुनिया में एक सनकी ने जीना हराम कर रखा है, और आप उसे 'शान्ति के प्रयासों' के लिए धन्यवाद कर रहे हैं? बेहद शर्मनाक है ये!

Gyanesh Tiwari

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