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Ana Sayfaya Dön

“बॉलर को देखकर अपनी आँखें ही बता देती हैं कि वो बॉल कहाँ डालेगा।” – कपिल देव

34,396 görüntüleme • 1 yıl önce •via X (Twitter)

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एक तरफ इंग्लैंड की उछाल पिच है तो दूसरी तरफ तथाकथित IPL की समतल पिच है। दोनों बॉलर ने “शॉर्ट ऑफ गुड लेंथ” डाली है,बॉल बल्ले का किनारा लेकर हवा में गई है। एक का कैच पकड़ लिया जाता है और दूसरे का नहीं.. गोरे और कुछ उनके काले टट्टे इसे आधार बना कर IPL को पट्टा पिच बोल कर बदनाम कर रहे है। वैसे गोरों का तो मानना ही है कि उनका पोट्टी भी तीसरी दुनिया के देशों (अक्सर भारत को टैग कर के) के शुद्ध घी से ज्यादा प्योर है। जब तक क्रिकेट खेलने वाला उनके देश में जाकर उनकी पतलून ना उतार दे,उसे क्रिकेटर ही नहीं मानते। वैसे वैभव ने IPL में गोरों की जिस तरह से भरता बनाया था किसी से छुपा नहीं है। जबकि हकीकत यही है कि पिच कोई भी हो बॉलर को बॉल सही जगह डालना जरूरी है और बल्लेबाज को बॉल की मेरिट पर सही स्पॉट पर हिट करना ... बाकी सब कहने की बाते है,हमारे देश में तो बच्चे ऐसी- ऐसी पिच पर खेलते है जहां ये समझ ही आता कि पिच कौन है और मैदान कौन है। कौन सी बॉल कब कहा और किधर जाएगी ये सिर्फ बॉल तय करती है। इसलिए खासकर वैभव के लिए लिए उछाल और बाउंस बहुत ज्यादा कोई मायने नहीं रखता। जो बिहार से है वो इस बात की पुष्टि करेंगे कि हम किस किस पिच पर क्रिकेट खेलते आए है। #ENGvsIND

Uday Yadav

17,088 görüntüleme • 1 ay önce