Loading video...
Video Failed to Load
बाहुबली की पत्नी विभा देवी नहीं पढ़ पाईं शपथ: पास बैठी JDU विधायक से बोलीं- छुटकी पढ़ ना, बता ना; पीछे मुड़कर देखते रहे सभी MLA #BiharVidhanSabha #18thAssembly #OathCeremony #HindiNews
248,595 views • 10 months ago •via X (Twitter)
30 Comments

ऐसे ही बिहार पीछे नही है। शायद ही ऐसा कोई और राज्य मे होता होगा की MLA शपथ नही ले पा रहे है। मै समझता हूँ, संविधान अधिकार देता है चुनाव लड़ने के लिए लेकिन जनता के पास तो और भी विकल्प होते है, किसी पढ़े लिखे को वोट दे।

बाहुबली नहीं बलात्कारी की पत्नी है, बलात्कारी को बाहुबली कह कर उसका सम्मान मत बढ़ा गोदी मीडिया

Isko Shiksha mantra banao, yahi sahi candidate hai…🤣😂🤣😂.

असली कलम की ताकत यह है जो हमें बाबा साहब अंबेडकर देकर गए हैंआज उसी के बल पर हम दलित बहुजन समाज शिक्षा के बल पर सीना तानकर शपथ ले रहे हैंऔर एक वह व्यक्तित्व जो हजारों सालों से हमें गुलाम बना कर रखा था बाहुबली के बल पर शपथ नहीं ले पाया धन्यवाद बाबा साहबआजआपकी संतान इज्जत से खड़ी है

बेकार की कवायद है यह सब, जब राज काज अनपढों और अपराधियों को ही चलाना है तो ये शपथ वपथ की नौटंकी को इन लोगों को कैंसल करवा देना चाहिए हमेशा के लिए, वोटर्स के पास अब वैसे भी ज्यादा सवाल करने की ताकत और इच्छा शक्ति दोनों ही अब नहीं रही है। इन्हें इन झंझटों से पूर्ण रूप से मुक्त करें।

शिक्षा मंत्री न बनाया गया तो मेरा बिहार से भरोसा उठ जाएगा

जो शपथ तक न पढ़ पाए मानवीय आधार पर उसकी तो सदस्यता रद्द ही कर देनी चाहिए।

इनके वेतन, बंगले, गाड़ी, नौकर-चाकर आदि के लिए जनता को टैक्स तो देना ही होगा।

निरक्षर होना कोई गुनाह नहीं है। उस ज़माने मे महिलाओं के लिए पढ़ना लिखना कठिन होता था। ना तो संविधान मे ना ही किसी सम्बद्ध अधिनियम मे असेंबली मे चुने जाने की शैक्षिक योग्यता के बारे मे लिखा गया है। जनता के दुख दर्द सुने, उनका निराकरण करें। उनकी आवाज उठायें। यही अपेक्षित होता है l

अरे भाई सीधी सी गणित है जब आप 10000 रुपए में अपना वोट बचोगे तो कौन सा असली सामान मिलेगा और वोट बेचने वाले अनपढ़ होने की वजह से मोल भाव करना तो आता नहीं है कि वोट की कीमत क्या है अब सस्ते में बेचोगे तो अनपढ़ समान ही तो मिलेगा

एक चपरासी बनने के लिए मिनिमम योग्यता 10वी पास है। परीक्षा क्रैक करने के लिए मैथ, सामान्य ज्ञान, विज्ञान, इंग्लिश में निपुणता होना चाहिए लेकिन देश या राज्य चलाने के लिए किसी क्वालिफिकेशन की आवश्यकता नहीं है। विधायक, सांसद अनपढ़ जाहिल हो तो भी चलेगा और यही लोग कानून बनाएंगे और हम पर थोपेंगे... ये लोग प्रशासनिक अधिकारी को अपने इशारे पर नचाएंगे क्योंकि यह डेमोक्रेसी है....! अब ऐसे डेमोक्रेसी के लिए कौन जिम्मेदार है जनता या नेता मुझे नहीं पाता ? लेकिन इतना कहूंगा #Longlivedemocracy

जिनको कम पढ़ना लिखना आता है, उन लोगों को शपथ रट कर याद कर जाना चाहिए। मोकामा वाले अनंत सिंह की तरह😂😂

गुंडों को ‘बाहुबली’ बोलने का प्रचलन बंद होना चाहिए। गुंडों को गुंडा ही कहना चाहिए। ‘बाहुबली’, ‘दबंग’ आदि सुन कर उन्हें आनंद मिलता है कि जलवा कायम है।

आइये ना हमरा बिहार में!😂

जो शपथ पड़ नहीं पाया वो अपनी शपथ निभाएगा कैसे

Nothing wrong, she is in the same league of modiji

यही तो भारत है जहां अनपढ़,गवार, माफिया और अपराधी देश को चलाते है। IAS ki तरह नेताओ की योग्यता भी निर्धारित होनी चाहिए।

tabhi Bihar aur Bihari sabse peeche hai.. aise hi hona chahiye in logo ke sath... KC Sinha jaise Mathematician chunav haar gaye aur aise anpad log chunav jeet gaye.... Wah re Bihar...! Pehle mujhe Bihariyon par daya aati thi par ab gussa aata hai...!! Maaro saalo ko..! 🙄

तो क्या? विधायक बनने के लिए साक्षरता ज़रूरी नहीं है। लोगों ने उन पर भरोसा किया और वोट दिया। वह जनता का प्रतिनिधित्व करती हैं। पढ़ने-लिखने के लिए प्रशासनिक अधिकारी होते हैं - उनका काम अपनी जनता की आवाज़ बनना है।

पढ़े लिखे BLO आत्महत्या कर रहे हैं और अनपढ़ लोग शपथ ले रहे हैं! चुनाव आयोग खामोश है❓ जो जनप्रतिनिधि अपनी शपथ प्रदेश राज्यपाल के सामने पढ़ ना सके वो समाज पे कलंक है इस कुव्यवस्था को रोकने का प्रावधान भी संविधान में हिंदी में लिखा हुआ है लेकिन कोई संविधान को पढ़ना नहीं चाहता❗

अब बताइए अपने क्षेत्र को क्या विकास करेगी। इससे बड़ा कोई बिहार में जंगल राज हो सकता है जंगल राज बोल बोल के बिहार के कितने युवाओं को इन लोगों ने हरा दिया प्रत्यक्ष कैमरा पर दिखाई दे रहा है फिर भी किसी की आवाज नहीं उठ रहा है।

काम वाली बाई का वीडियो दिखा रहे हो अब AI का कमाल है

लगे हाथ इनको मंत्री पद भी दे देना चाहिए था #बिहार

जब वोटचोरी की सरकार हो तो क्या ही अपेक्षा कर सकते हैं. अनपढ मंत्री बन रहें हैं, पढें लिखे नोकरी की तलाश. वाह रे अमृतकाल.

देश कि क्या दुर्दशा है देख लो अपनी आंखों से। अगर इस तरह के लोग चुनकर आयेगे तो फिर देश का बंटाधार होना निश्चित है।

आजादी को 75 वर्ष से भी ज्यादा हो गए है, बिहार और बिहारी अपने दुर्दशा के स्वयं जिम्मेवार है।

सोचिए, ये बिहार के लिए कितना बड़ा दुर्भाग्य है। एक तरफ़ हम हर जगह पढ़े-लिखे लोगों को प्राथमिकता देते हैं, छोटी नौकरी से बड़े पद तक योग्यता को आधार मानते हैं। और दूसरी तरफ़, राजनीति में हम उन्हीं मानकों को भूलकर ऐसे नेताओं को विजेता बना देते हैं।

विकास हि रहा है साल दर साल ......और. नेता ...का विकास ...पढ़ने में नहीं.....प्रॉपर्टी बनाने में .....decide minimum qualification

Wah jiya ho bihar ke janta 😭😂

ये क्या हमारे भविष्य के लिए सोच पाएगी?
