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बाहुबली की पत्नी विभा देवी नहीं पढ़ पाईं शपथ: पास बैठी JDU विधायक से बोलीं- छुटकी पढ़ ना, बता ना; पीछे मुड़कर देखते रहे सभी MLA #BiharVidhanSabha #18thAssembly #OathCeremony #HindiNews

248,595 views • 10 months ago •via X (Twitter)

30 Comments

Rahul's profile picture
Rahul10 months ago

ऐसे ही बिहार पीछे नही है। शायद ही ऐसा कोई और राज्य मे होता होगा की MLA शपथ नही ले पा रहे है। मै समझता हूँ, संविधान अधिकार देता है चुनाव लड़ने के लिए लेकिन जनता के पास तो और भी विकल्प होते है, किसी पढ़े लिखे को वोट दे।

मनीष 🇮🇳's profile picture
मनीष 🇮🇳10 months ago

बाहुबली नहीं बलात्कारी की पत्नी है, बलात्कारी को बाहुबली कह कर उसका सम्मान मत बढ़ा गोदी मीडिया

Monk🇮🇳's profile picture
Monk🇮🇳10 months ago

Isko Shiksha mantra banao, yahi sahi candidate hai…🤣😂🤣😂.

Devendra Rathore's profile picture
Devendra Rathore10 months ago

असली कलम की ताकत यह है जो हमें बाबा साहब अंबेडकर देकर गए हैंआज उसी के बल पर हम दलित बहुजन समाज शिक्षा के बल पर सीना तानकर शपथ ले रहे हैंऔर एक वह व्यक्तित्व जो हजारों सालों से हमें गुलाम बना कर रखा था बाहुबली के बल पर शपथ नहीं ले पाया धन्यवाद बाबा साहबआजआपकी संतान इज्जत से खड़ी है

Abhimanyu's profile picture
Abhimanyu10 months ago

बेकार की कवायद है यह सब, जब राज काज अनपढों और अपराधियों को ही चलाना है तो ये शपथ वपथ की नौटंकी को इन लोगों को कैंसल करवा देना चाहिए हमेशा के लिए, वोटर्स के पास अब वैसे भी ज्यादा सवाल करने की ताकत और इच्छा शक्ति दोनों ही अब नहीं रही है। इन्हें इन झंझटों से पूर्ण रूप से मुक्त करें।

Maahira Ali ✨'s profile picture
Maahira Ali ✨10 months ago

शिक्षा मंत्री न बनाया गया तो मेरा बिहार से भरोसा उठ जाएगा

Mudasser Eqbal । مدثر اقبال's profile picture
Mudasser Eqbal । مدثر اقبال10 months ago

जो शपथ तक न पढ़ पाए मानवीय आधार पर उसकी तो सदस्यता रद्द ही कर देनी चाहिए।

Indian Tax Payer's profile picture
Indian Tax Payer10 months ago

इनके वेतन, बंगले, गाड़ी, नौकर-चाकर आदि के लिए जनता को टैक्स तो देना ही होगा।

Akhilesh Rai's profile picture
Akhilesh Rai10 months ago

निरक्षर होना कोई गुनाह नहीं है। उस ज़माने मे महिलाओं के लिए पढ़ना लिखना कठिन होता था। ना तो संविधान मे ना ही किसी सम्बद्ध अधिनियम मे असेंबली मे चुने जाने की शैक्षिक योग्यता के बारे मे लिखा गया है। जनता के दुख दर्द सुने, उनका निराकरण करें। उनकी आवाज उठायें। यही अपेक्षित होता है l

Devendra Rathore's profile picture
Devendra Rathore10 months ago

अरे भाई सीधी सी गणित है जब आप 10000 रुपए में अपना वोट बचोगे तो कौन सा असली सामान मिलेगा और वोट बेचने वाले अनपढ़ होने की वजह से मोल भाव करना तो आता नहीं है कि वोट की कीमत क्या है अब सस्ते में बेचोगे तो अनपढ़ समान ही तो मिलेगा

BIHARI BABU's profile picture
BIHARI BABU10 months ago

एक चपरासी बनने के लिए मिनिमम योग्यता 10वी पास है। परीक्षा क्रैक करने के लिए मैथ, सामान्य ज्ञान, विज्ञान, इंग्लिश में निपुणता होना चाहिए लेकिन देश या राज्य चलाने के लिए किसी क्वालिफिकेशन की आवश्यकता नहीं है। विधायक, सांसद अनपढ़ जाहिल हो तो भी चलेगा और यही लोग कानून बनाएंगे और हम पर थोपेंगे... ये लोग प्रशासनिक अधिकारी को अपने इशारे पर नचाएंगे क्योंकि यह डेमोक्रेसी है....! अब ऐसे डेमोक्रेसी के लिए कौन जिम्मेदार है जनता या नेता मुझे नहीं पाता ? लेकिन इतना कहूंगा #Longlivedemocracy

Rajesh Kumar's profile picture
Rajesh Kumar10 months ago

जिनको कम पढ़ना लिखना आता है, उन लोगों को शपथ रट कर याद कर जाना चाहिए। मोकामा वाले अनंत सिंह की तरह😂😂

Bihari Baddie's profile picture
Bihari Baddie10 months ago

गुंडों को ‘बाहुबली’ बोलने का प्रचलन बंद होना चाहिए। गुंडों को गुंडा ही कहना चाहिए। ‘बाहुबली’, ‘दबंग’ आदि सुन कर उन्हें आनंद मिलता है कि जलवा कायम है।

satyamev jayte's profile picture
satyamev jayte10 months ago

आइये ना हमरा बिहार में!😂

Pawan Saini(इंसानियत सर्वोपरि )'s profile picture
Pawan Saini(इंसानियत सर्वोपरि )10 months ago

जो शपथ पड़ नहीं पाया वो अपनी शपथ निभाएगा कैसे

Dr Ravi Kumar's profile picture
Dr Ravi Kumar10 months ago

Nothing wrong, she is in the same league of modiji

VikashGupta💞's profile picture
VikashGupta💞10 months ago

यही तो भारत है जहां अनपढ़,गवार, माफिया और अपराधी देश को चलाते है। IAS ki तरह नेताओ की योग्यता भी निर्धारित होनी चाहिए।

Aman Bansal 🇮🇳's profile picture
Aman Bansal 🇮🇳10 months ago

tabhi Bihar aur Bihari sabse peeche hai.. aise hi hona chahiye in logo ke sath... KC Sinha jaise Mathematician chunav haar gaye aur aise anpad log chunav jeet gaye.... Wah re Bihar...! Pehle mujhe Bihariyon par daya aati thi par ab gussa aata hai...!! Maaro saalo ko..! 🙄

Santosh's profile picture
Santosh10 months ago

तो क्या? विधायक बनने के लिए साक्षरता ज़रूरी नहीं है। लोगों ने उन पर भरोसा किया और वोट दिया। वह जनता का प्रतिनिधित्व करती हैं। पढ़ने-लिखने के लिए प्रशासनिक अधिकारी होते हैं - उनका काम अपनी जनता की आवाज़ बनना है।

Sanjay Chauhan's profile picture
Sanjay Chauhan10 months ago

पढ़े लिखे BLO आत्महत्या कर रहे हैं और अनपढ़ लोग शपथ ले रहे हैं! चुनाव आयोग खामोश है❓ जो जनप्रतिनिधि अपनी शपथ प्रदेश राज्यपाल के सामने पढ़ ना सके वो समाज पे कलंक है इस कुव्यवस्था को रोकने का प्रावधान भी संविधान में हिंदी में लिखा हुआ है लेकिन कोई संविधान को पढ़ना नहीं चाहता❗

pravin's profile picture
pravin10 months ago

अब बताइए अपने क्षेत्र को क्या विकास करेगी। इससे बड़ा कोई बिहार में जंगल राज हो सकता है जंगल राज बोल बोल के बिहार के कितने युवाओं को इन लोगों ने हरा दिया प्रत्यक्ष कैमरा पर दिखाई दे रहा है फिर भी किसी की आवाज नहीं उठ रहा है।

Sunil Kumar's profile picture
Sunil Kumar10 months ago

काम वाली बाई का वीडियो दिखा रहे हो अब AI का कमाल है

सुमन झा (चनका) पूर्णिया's profile picture
सुमन झा (चनका) पूर्णिया10 months ago

लगे हाथ इनको मंत्री पद भी दे देना चाहिए था #बिहार

Priyamwada's profile picture
Priyamwada10 months ago

जब वोटचोरी की सरकार हो तो क्या ही अपेक्षा कर सकते हैं. अनपढ मंत्री बन रहें हैं, पढें लिखे नोकरी की तलाश. वाह रे अमृतकाल.

🇮🇳I'm Indian (Anil Shukla)🇮🇳's profile picture
🇮🇳I'm Indian (Anil Shukla)🇮🇳10 months ago

देश कि क्या दुर्दशा है देख लो अपनी आंखों से। अगर इस तरह के लोग चुनकर आयेगे तो फिर देश का बंटाधार होना निश्चित है।

Abhishek Singh's profile picture
Abhishek Singh10 months ago

आजादी को 75 वर्ष से भी ज्यादा हो गए है, बिहार और बिहारी अपने दुर्दशा के स्वयं जिम्मेवार है।

Political Samvaad's profile picture
Political Samvaad10 months ago

सोचिए, ये बिहार के लिए कितना बड़ा दुर्भाग्य है। एक तरफ़ हम हर जगह पढ़े-लिखे लोगों को प्राथमिकता देते हैं, छोटी नौकरी से बड़े पद तक योग्यता को आधार मानते हैं। और दूसरी तरफ़, राजनीति में हम उन्हीं मानकों को भूलकर ऐसे नेताओं को विजेता बना देते हैं।

Raja007's profile picture
Raja00710 months ago

विकास हि रहा है साल दर साल ......और. नेता ...का विकास ...पढ़ने में नहीं.....प्रॉपर्टी बनाने में .....decide minimum qualification

SADDAM🇮🇳 🍉's profile picture
SADDAM🇮🇳 🍉10 months ago

Wah jiya ho bihar ke janta 😭😂

ThePoliTechs's profile picture
ThePoliTechs10 months ago

ये क्या हमारे भविष्य के लिए सोच पाएगी?

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डोली में रसायनिक पानी के खिलाफ धरने में बायतु विधायक हरिश चौधरी ने मीडिया पर आरोप लगाया कि इस इलाके के लोगो की चर्चा कही पर भी नही हो रही है। मुझे लगाता है शायद बायतु विधायक जयपुर दिल्ली की राजनीति में ज्यादा व्यस्त है और इन दोनों के बीच बाड़मेर के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म देख नही रहे है और यहाँ के अखबार पढ़ नहीं रहे हैं। मैं यह बात दावे से इसीलिए कह रहा हूँ क्योंकि एक बार हरीश जी को यह चेक करना चाहिए कि इस मामले और इलाके की कवरेज लगातार सोशल मीडिया से लेकर अखबारों में आ रही है। मीडिया पर महज आरोप लगाने से कुछ भी नहीं होगा। कुछ महीने पहले ही आप सत्ता और सरकार थे, इस मामले को लेकर तब कुछ किया होता तो आज ना धरना होता,ना प्रदर्शन ना लगाने पड़ते आरोप... Harish Chaudhary

Dinesh Bohra

129,465 views • 2 years ago

ये पोस्ट सभी समाज के लिए है। जिस तरह से लड़कियां भाग कर कोर्ट मैरिज कर रही है। माँ बाप जिंदा मार रही है। एक बार काम,नौकरी,व्यापार धंधे से फुर्सत मिल जाये तो देख लेना कि आपकी बेटी,बहन लाइन सही है ? 1. कोचिंग ही जा रही है ना 2. मोबाइल में पासवर्ड तो नहीं है ना 3. स्नेप_चेट का इस्तेमाल कर रही हो तो चेट डिलीट का आप्शन तो नहीं है फेसबुक इंस्टाग्राम पर कौन से फ्रेंड हैं और किस बात हो रही है 4. घंटों अपने कमरे में या अपने दोस्तों के साथ तो समय नहीं बिता रही है। 5. प्रोजेक्ट है, प्रोजेक्ट है कहकर दोस्तों के घर बार बार तो नहीं जा रही है ना 6. अगर आपकी बेटी, बहन का स्कूल आपसे सच्चाई कहे तो स्कूल की बात गंभीरतापूर्वक सुनें न कि गुस्सा हों। 7. कपडे और पहनावा मर्यादा मे तो हैं ना। 8. देर रात तक फोन का इस्तेमाल तो नही किया जा रहा है ना। 9. अगर बेटी, बहन कंही बाहर हॉस्टल मे रहती है तो बिना बताए अचानक कभी-कभार मिलने पहुच जाए। 10. बेटी, बहन की सहेलियो से बेटी, बहन के बारे मे फीडबैक ले रहे हो ना। 11. शापिंग के लिए भले ही सहेलिया साथ मे जा रही हो लेकिन परिवार का कोई न कोई सदस्य भी साथ मे जा रहा है ना 12. एक्स्ट्रा क्लास के नाम पर विशेष सतर्क रख रहे हो ना। 13. बेटी, बहन के दोस्त और सहेलिया कौन है उनका व्यवहार चरित्र और चाल चलन कैसा है इसपर विशेष नजर रख रहे हो ना। 14.एकाद दिन बिना बताएं उनका मोबाइल अपने पास रख कर देखें किसके फोन आ रहे हैं किसके मैसेज उनको भी चेक कर रहे हो ना। 15. शांतिप्रियो से मित्रता पर रोक लगा रहे हो ना। 16. समाज मे घट रही श्रद्धा जैसी घटनाओ से उन्हे अवगत करावा रहे हो ना। 17. अपनी लड़की को जरूर पढाएँ,आजादी दें मगर इतनी भी नहीं कि वो जंगलों में टुकड़े हो जाए, अन्तर्जातीय संबंध और विवाह रोके। 18.आपकी सतर्कता ही बचाव है अन्यथा ये एक ऐसी उम्र होती है कि कोई भी बहक सकता है। 19. यह एक ऐसी उम्र है जिसपर भरोसा तो बिल्कुल भी नही किया जा सकता है। 20. आप अपनी बेटी पर आँख मुक कर विश्वास करना छोड़ दीजिए। आपकी सतर्कता बहुत जरूरी है। अन्यथा जिस हिसाब से कोर्ट मेर्रिज की खबरें अखबार में पढ़ते हैं या टीवी पर सुनते हैं। ऐसा ना हो अपने घर की बेटी की ख़बर दुनिया वाले ना पढ़ लेवें। नोट :- लड़कियां पर माता पिता की अनदेखी अकेले में स्पेस देना, अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा आजादी देना, अकेले में घर से बाहर भेजना, उनका फ़ोन चेक ना करना। ऐसी बहुत सारी बातें हैं। माता पिता की पूरी जिम्मेदारी है। बेटी या बेटे का 21 की उम्र में विवाह कर देना चाहिए।

𝐒𝐚𝐦𝐚𝐧𝐭 𝐒𝐡𝐞𝐤𝐡𝐚𝐰𝐚𝐭

12,121 views • 3 months ago

अबे गधे तू बृजलाल जी की भी बात मत मान तू बी एन राय की भी बात मत मान लेकिन तू वीडियो सबूत को तो सच मानेगा ना ?? यह देख ले आज तक चैनल ने पूरे वीडियो में वह सब दिखाया है जो बृजलाल जी बोल रहे हैं किस तरह से मुलायम सिंह के आदेश पर पहले हनुमानगढ़ी के सीढ़ियों पर चटाई बिछाई गई लेकिन बाद में एसएसपी के विरोध पर चटाइयां हटा ली गई और फिर महंत ज्ञान दास के हनुमानगढ़ी स्थित आवास में लगाकर नमाज पढ़ी गई और वीडियो में देख लेना हनुमानगढ़ी में जितने भी देवी देवताओं की तस्वीर थी मूर्तियां थी उन सबको कपड़े से ढक दिया गया ताकि नमाज पढ़ रहे मुसलमान देवी देवताओं की तस्वीर ना देख सके और उस वक्त अयोध्या के एसएसपी ने बयान दिया था कि मुलायम सिंह यादव हनुमानगढ़ी मंदिर के छत पर नमाज पढ़वाना चाहते थे जिसे मैं रुकवा दिया और कहा कि मैं किसी गलत परंपरा की शुरुआत नहीं होने दूंगा मंदिर सनातन मंदिर सनातन धर्म का है और मंदिरों में सिर्फ सनातनी परंपराएं ही निभाई जाएंगे

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

16,831 views • 2 months ago

प्रतापगढ़ की रानीगंज सीट से विधायक Dr. R. K. Verma mla आबान अहमद की सड़क दुर्घटना में हुई मौत के बाद शोकाकुल परिवार के बीच पहुंचे थे। इसके बाद उनसे रिपोर्टर ने सवाल किया कि क्यों आए, जिस पर उन्होंने बेबाक़ी से जवाब दिया है। डॉ. वर्मा जिस विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं, उसी क्षेत्र में उस ‘शाइर’ का भी घर है, जिसने भरे मंच से आबान के पिता को ‘बाप की हैसियत’ दी थी। बताइए! आरके वर्मा जिन्हें चंद महीने बाद ही चुनाव में जाना है, उनके लिए कोई ‘मसेलहत’ नहीं थी। कुछ लोग एक ‘शाइर’ की कायरता और अति महत्त्वाकांक्षा को ‘मसलेहत’ का नाम दे रहे हैं। आरके वर्मा ने इसी बात-चीत में ‘शाइर’ की चुप्पी पर भी सवाल उठाया है। आरके वर्मा ने कहा “इमरान प्रतापगढ़ी अतीक को मसीहा मानते रहे हैं. ऐसे में अतीक के बेटे की मौत के बाद उन्हें कम से कम दो शब्द शोक संवेदना के लिए जरूर कहने चाहिए थे।” सवाल फिर वही घूम कर आ जाता है कि एक शाइर जो सार्वजनिक मंच से कई बार डी.एम. मिश्र की ग़ज़ल का मिसरा पढ़ चुका हो कि, “हम रहे गर चुप तो फिर बोलेगा कौन।” वह शाइर अब ऐसे चुप है, जैसे बोलना ही ना जानता हो।

Wasim Akram Tyagi

31,892 views • 1 month ago

माननीय मुख्यमंत्री श्री Yogi Adityanath जी आप हर मंच से गुंडे माफियाओं को भगाने की बात करते हैं, अगली बार कहीं बोलने से पहले मऊ इन खुंखार अपराधियों की हिस्ट्री शीट को पढ़ लीजिएगा । जो पिछले महीने दोहरीघाट में रेलवे के कार्यक्रम मे पुलिस की मौजूदगी में फ़ायरिंग, मेरे साथ गुंडागर्दी के बाद आज फिर मऊ रेलवे के कार्यक्रम में आप ही के एक माननीय मंत्री जी के संरक्षण में ना केवल मेरे साथ, बल्कि महिलाओं के साथ और पुलिस के साथ भी दुर्व्यवहार किये, हॉ mau police की हिम्मत कार्यवाई की शायद इसलिए नही पड़ती क्योंकि आप केवल CM Office, GoUP हैं और माननीय जी तो माननीय श्री Narendra Modi जी के आशीर्वाद से है। दहशत इतनी इन गुंडों की आपके पार्टी के ही कोई स्थानीय मंत्री, विधायक,विधान परिषद,जिला पंचायत अध्यक्ष तक इनके किसी भी कार्यक्रम में नहीं जाते हैं ।इसलिए अगर आप कोई कार्यवाई इन अपराधियों और इनके सरगना पर नहीं कर सकते तो मंचों से भाषण देना बंद कर दीजिए | अगर अधिकारी आपको बता नहीं रहे हैं तो मैं कुछ सबूत संलग्न कर रहा हू । अगर मेरे उपर फिर हमला हुआ या हत्या हुई तो UP POLICE और आप ज़िम्मेदार होंगे Om Birla Amit Shah Akhilesh Yadav

Rajeev Rai

26,862 views • 3 months ago

महू में भारत की जीत पर निकले जुलूस पर जो मस्जिद में से हमला हुआ उसके अब तक कुल 12 नए वीडियो सामने आ गए जो साबित किया कि मुसलमानो ने हिंसा की प्लानिंग कर रखी थी वीडियो में साफ दिख रहा है की कोई आतिशबाजी नहीं हुई मस्जिद के सामने रुक कर किसी ने नारेबाजी नहीं किया जैसे ही जुलूस सड़क से निकला तो मस्जिद में से 300 से 400 मुस्लिम लोगों की भारी भीड़ बड़े-बड़े पत्थर लेकर हमला कर देती है गाड़ियां तोड़ती है उस सड़क पर कहीं कोई पत्थर नहीं है जो साबित करता है कि इन लोगों ने मस्जिद में पत्थर जमा करके रखे थे और मैच 10:30 बजे खत्म हुआ उसके बाद इतनी भीड़ मस्जिद के अंदर बैठी थी सीसीटीवी फुटेज साफ बता रहा है की जुलूस चुपचाप आगे जा रहा था लोग हाथों में तिरंगा झंडा लिए थे ना तो कोई धार्मिक नारे लग रहे थे लोग भारत माता की जय बोलते हुए जा रहे थे और तभी मस्जिद का गेट खुलता है और दरिंदों की भीड़ एक साथ जुलूस पर हमला करती है मध्य प्रदेश सरकार से निवेदन है कि सभी आरोपियों पर रासुका और मकोका और दूसरी आतंकियों वाली धारा लगाई जाए क्योंकि यह सभी आतंकी है इनके संबंध सिम्मी और अलकायदा से हो सकते हैं क्योंकि मध्य प्रदेश की इस मालवा अंचल से पहले भी सिम्मी और अलकायदा के कई टेरर नेटवर्क टेरर मॉड्यूल पकड़े गए हैं

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

30,258 views • 1 year ago

विधानपरिषद में कामसूत्र ज्ञान दे रहे ये बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार है। पीछे बैठी इनकी महिला मंत्री शर्म के मारे शीश झुका रही है। इन्होंने बीजेपी से आदिवासी वर्ग की एक महिला MLA को विधानसभा में ही अपशब्द कहे थे। एक सरकारी कार्यक्रम में उदघोषिका को bad touch के साथ छुआ था। पूरे बिहार सहित CMO भी सच्चे अंदरूनी चरित्र, चेहरे, चाल और विकृत सोच से वाक़िफ़ है। जिन विभागों में कोई विभागीय कार्यक्रम होता है तो संबंधित विभाग के आला अधिकारियों को एक मौखिक आदेश जाता है कि महिला अधिकारियों, कर्मचारियों इत्यादि को समक्ष ना बुलाया जाए क्योंकि कब क्यों कैसे क्या कर व कह देंगे कोई नहीं जानता। ऊपर से वहाँ मीडिया होती है और बाद में अधिकारियों को जवाब देने में क्या-क्या परेशानी होती है उसका सबको पता है। #नीतीश_की_विनाश_यात्रा

Rashtriya Janata Dal

84,539 views • 1 year ago

जमुई में एक युवा लड़के और लड़की के साथ हुई दरिंदगी किसी को भी झकझोर कर रख देगी लेकिन जमुई की विधायक और मंत्री श्रेयसी सिंह को लगता है कि बजाय ज़ोर ज़बरदस्ती के “moral policing dignified और elegant ढंग” से की जाये तो कोई दिक्कत नहीं है बिहार सरकार के मंत्री शरण कुमार और JDU अध्यक्ष उमेश कुशवाहा इसे पहले ही “छिटपुट घटना” बता चुके हैं किस मिट्टी के बने हुए हैं यह भाजपाई और उनके घटक दल मैडम, moral policing ग़लत है. किसी को यह हक़ नहीं कि वो अपनी opinion किसी और पर थोपे, वो किसी लड़की को बताए कि वो क्या पहने, कहाँ जाए, किससे मिले यह लोग कौन सी दुनिया में रह रहे हैं? वो ज़माने लद गए. अपनी गुफा से बाहर आ जाओ - लड़कियों की आज़ादी, उनकी मर्ज़ी, उनकी अभिव्यक्ति, उनकी ना और उनकी हाँ को समझो यह संघ की शाला नहीं, संविधान से चलने वाला देश है - जहाँ औरतों को पूरी आज़ादी और बराबरी का हक है नेशनल TV चैनलों पर रोज़ prime time में शाम 5 से रात 10 बजे के बीच 30-35 डिबेट होते हैं. कल शाम को जमुई में हुई दरिंदगी पर महज़ 4 डिबेट हुए और वो भी बड़े वाले चैनलों पर नहीं. उन बेचारों को हिंदू-मुस्लिम से ही फुर्सत नहीं ये बस महिला सम्मान का ढोंग करना जानते हैं, फर्जी बकबकाते रहते हैं - ढोंग करते हैं

Supriya Shrinate

37,977 views • 8 days ago

दावे और प्रचार प्रसार से दूर भारत की अर्थव्यवस्था वाक़ई में डांवाडोल है. मोदी सरकार कितना भी प्रोपेगेंडा कर ले, मगर उसकी निकम्मी आर्थिक नीतियों और विफलताओं को छिपाया नहीं जा सकता ▪️सरकार के ख़ुद के आंकड़ें ही बता रहे हैं कि इस साल GDP ग्रोथ मात्र 6.4% होने वाली है. यह ना सिर्फ़ 4 साल में सबसे कम है, बल्कि कोरोना महामारी के बाद की सबसे निचली ग्रोथ रेट है ▪️इसका देश के लोगों पर कितना कहर होगा, इसकी ना तो सरकार को, ना RBI को कोई सुध है और ना शायद कोई परवाह. नवंबर 2024 की शुरुआत तक RBI 7.5% और सरकार 7.2% GDP ग्रोथ की उम्मीद करे बैठी थी. ▪️इन दोनों एजेंसियों के पास सारा इकोनोमिक डेटा और हाई फ्रैक्वेंसी इंडिकेटर हैं और उसके बावजूद भी यह इतने अनभिज्ञ कैसे हैं? यह इनकी अकर्मण्यता है या सच छिपाने की सोची समझी साज़िश - फैसला आप कीजिये ▪️सरकार के मंत्री और BJP वाले विशेषज्ञों पर कितना ही कटाक्ष कर लें लेकिन इस सरकार ने पूरे देश को कम ग्रोथ और कमरतोड़ महंगाई में झोक दिया है. जब सरकार आर्थिक तंगी की असलियत ही नहीं स्वीकारेगी तो समाधान क्या खाक ढूँढेगी ▪️उपभोग हमारे GDP का 2/3 हिस्सा है, इसीलिए इसमें कमी का मतलब है आर्थिक मंदी का असर मध्यम वर्ग और गरीबों पर सबसे ज़्यादा है. लोग भोजन और शिक्षा जैसी आवश्यक वस्तुओं पर कम खर्च कर रहे हैं. प्राइवेट कंजम्पशन पर खर्च की ग्रोथ सिर्फ 6% रह गई है ▪️FMCG कंपनियों ने इस बात की पुष्टि की है कि कैसे छोटे पैकेजों की मांग बढ़ी है, मतलब लोगों के पास ज़रूरी चीज़ें ख़रीदने के लिए पैसा नहीं है ▪️मैन्युफ़ैक्चरिंग की ग्रोथ इस वर्ष केवल 5.3% रह गई है. यहां तक कि माइनिंग ग्रोथ भी एक वर्ष की अवधि में 7.1% से घटकर केवल 2.9% रह गई है. निर्यात (export) में गिरावट जारी है ▪️इन सबके बीच निवेश का ठप्प होना लाजमी है. बदले की भावना से काम करने वाली ED, CBI जैसी एजेंसियों के दबाव में, भारतीय उद्योग जगत भले ही मोदी का गुणगान करता हो, लेकिन पैसा लगाने से तो उन्होंने बिल्कुल इनकार कर दिया है ▪️बेरोजगारी, कम आय, जबरदस्त टैक्स और कमरतोड़ महंगाई के कारण लोग अपनो भविष्य की बचत से खर्च करने को मजबूर हैं. घरेलू बचत 50 साल के सबसे निचले स्तर पर है. जेवर गिरवी रखने वालों की संख्या करीब 50% बढ़ गई है. लोग ऋण चुकाने में असमर्थ हैं, डिफ़ॉल्ट में 30% की वृद्धि हुई है ▪️सेकेंड्री स्कूल के एडमिशन में गिरावट और विश्वविद्यालयों से बिना डिग्री के पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर छात्र भी आर्थिक बर्बादी का प्रमाण हैं ▪️सूट बूट की इस सरकार में इनकम टैक्स, कॉर्पोरेट टैक्स से कहीं ज़्यादा है. साधारण आटे, दही, दवाई, पढ़ाई, पॉपकॉर्न और यहां तक कि पुरानी कारों की बिक्री पर जमकर GST वसूला जा रहा है ▪️मोदी ने भारतीय अर्थव्यवस्था को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है. आप उन वेबसाइटों को हटा सकते हैं, जहाँ डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में GDP की ज्यादा ग्रोथ लिखी थी! लेकिन आप कैसे झुठलायेंगे कि UPA (2004-14) के तहत औसत वार्षिक GDP ग्रोथ 7.5% थी, जबकि मोदी (2014-24) के कार्यकाल में ये काफी कम 6.5% रही है ▪️प्रधानमंत्री और उनकी सरकार 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का जाप करती रहे - यह अलग बात है कि ऐसा होना तो 2022 में था और अब 2025 भी आ गया. लेकिन भारत को उस आंकड़े तक पहुंचने के लिए कम से कम 10% की वार्षिक GDP ग्रोथ चाहिए ▪️सीना ठोकने और प्रोपेगेंडा फैलाने से आपको अंधभक्तों की तालियां और चरणचुंबक मीडिया की ओर से अहम मुद्दों पर सुई टपक सन्नाटा तो मिल सकता है. इसलिए अब सरकार को फैसला करना है कि क्या वो अर्थव्यवस्था को सुधारेगी या पूरे देश में खुदाई करा कर मुद्दों से भटकाती रहेगी? लेकिन भीषण बेरोजगारी, भयावह महंगाई और कम आय से जूझ रहे मेरे देश का काम 6.4% GDP ग्रोथ से कतई नहीं चलेगा

Supriya Shrinate

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कभी-कभी लोग मुझसे आकर कहते हैं कि ज़िंदगी बहुत परेशान कर रही है, प्यार छोड़ गया, एग्ज़ाम्स नहीं निकल रहे, बहुत डिप्रेशन में हूँ। उनसे मैं हमेशा एक ही बात कहता हूँ अगर तुम्हारे पास थेरेपी का इंतज़ाम नहीं है, अच्छे साइकाइट्रिस्ट को नहीं दिखा सकते और अच्छे दोस्त भी नहीं हैं, सोशल लाइफ जीरो पर है, तो बस एक काम करो ओशो को सुनो। दो से तीन महीने तक लगातार सुनो, ओशो तुम्हें भीतर से बदल देंगे। जितने भी वक्ताओं को मैंने सुना है, उनमें ओशो का सम्मोहन कुछ अलग ही है। लोग नहीं जानते कि उन्हें क्या सुनना चाहिए, लेकिन ओशो जानते हैं कि तुम क्या सुनना चाहते हो। उनके डिस्कोर्स हर जगह उपलब्ध हैं यूट्यूब पर, उनकी वेबसाइट पर, वो में नीचे मेंशन कर दूंगा वहाँ तुम सुन भी सकते हो और पढ़ भी सकते हो। उनकी किताबें असल में उनके लाइव लेक्चर्स का संकलन हैं, इसलिए जब तुम उन्हें पढ़ोगे तो महसूस होगा जैसे कोई तुम्हारे सामने बैठकर बोल रहा है। मेरा मानना है कि 20वीं सदी के महानतम orator में से एक ओशो भी हैं। ओशो को सुनने वाला एक चीज़ ज़रूर पा लेता है ज़िंदगी की समस्याएँ अब पहले जितना परेशान नहीं करतीं। वो जीवन को एंजॉयमेंट के साथ जीना सीख जाता है, थोड़ा मुस्कुराना, थोड़ा ठहरना, थोड़ा जीना यही वो सिखाते हैं। लेकिन एक बात याद रखना उनका आकर्षण बहुत गहरा है। अगर लगातार सुनते रहोगे, तो उनका सम्मोहन तुम्हें उनकी आंधी में उड़ा ले जाएगा। इसलिए बीच-बीच में विराम लेना ज़रूरी है। दो-तीन डिस्कोर्स सुनने के बाद थोड़ा रुक जाना, खुद को संभालना साइंस और ह्यूमन ब्रेन पर लेटेस्ट रिसर्च पढ़ लेना जिससे ध्यान थोड़ा तार्किक हो जाए, रैशनल रहो। हर बात को दिल में उतरने मत दो, वरना तुम खो जाओगे। ओशो को सुनो, फिर जीवन को महसूस करो। धीरे-धीरे तुम्हारा thought process बदल जाएगा, भय, चिंता, डिप्रेशन सब पीछे छूट जाएगा, और तुम देखोगे ज़िंदगी अब उतनी भारी नहीं लगती, जितनी पहले लगती थी। कुछ बातें जो मैने सीखी: न बीता हुआ कल, न आने वाला कल, बस वर्तमान का यह पल ही सब कुछ है। जिंदगी अभी और यही है इसी क्षण में है इसी क्षण में परमात्मा भी है परमात्मा आपके अंदर है बाहर बैठा कोई व्यक्ति नहीं l निडरता से जीना एक ठसक के साथ आचार्य प्रशांत भी यही बोलते है, आप जैसे हैं वैसे ही सर्वश्रेष्ठ हैं किसी की नकल ना करें l आप अपनी चिंता करें लोग क्या कहेंगे इसकी फिक्र ना करें मनुष्य जीवन अनमोल है इसे व्यर्थ ना गवाएं l सुख-दुख कुछ भी नहीं ठहरता यह भी बीत जाएगा l किसी से कोई गलती हुई है तो उसे माफ कर दें बीती बातों को पकड़कर नहीं बैठे रहे। संसार में रहते हुए सन्यासी बनना है हर काम को होश पूर्वक करना है चले तो होश पूर्वक बैठे उठे सब कुछ होश पूर्वक करना चाहिए , होश पूर्वक किया गया हर काम ही ध्यान बन जाता है l प्रेम ,ध्यान और आनंद पूर्वक साक्षी भाव के साथ जीवन को जीए l और लास्ट में जीवन को बस एंजॉय करे ज्यादा लोड न ले, सब काम करे नाचे गाए खुशियां मनाए घूमे फिरे, जीवन को उच्चतम शिखर पर ले जाए, खूब विज्ञान पढ़े खूब गणित पढ़े और नई नई खोज करे, नदी की तरह बहते रहे पढ़ते रहे और अपने ज्ञान को बढ़ाते रहे। इंसान खोजी है खोज करते रहे and be rational किसी पर अंध विश्वास न करे। जीवन यात्रा... 🚶‍♂️

जीवन यात्रा

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