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बिहार की नौ लाख जीविका दीदियां, अब सिर्फ अपना घर-बार ही नहीं, बिहार भी संभाल रही हैं। #रफ्तार_पकड़_चुका_बिहार #JeevikaNidhi #जीविका_दीदी

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सालाना टर्नओवर : 3 करोड़ रुपये मुनाफा : 50 लाख रुपये सरकार को टैक्स : 15 लाख रुपये स्थान : मुजफ्फरपुर व्यवसाय : 44 जीविका दीदियों का क्लाउड किचन अपनी मेहनत, धैर्य और इच्छाशक्ति से अपने परिवार, समाज और बिहार को संवारने वाली ऐसी करोड़ों जीविका दीदियां हम सबके लिए प्रेरणास्रोत हैं। 1 करोड़ 40 लाख से अधिक जीविका दीदियां अलग-अलग कामों से बिहार और देश की अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। हमारा शुरू से मानना रहा है कि आधी आबादी के उत्थान और सम्मान के बिना कोई समाज, कोई राज्य, कोई देश प्रगति नहीं कर सकता। इसलिए हमारी सरकार ने बिहार की बहन-बेटियों के उत्थान और सम्मान के लिए अनेक काम किए। हमने देश में पहली बार पंचायत और नगर निकाय चुनावों में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था की। हमने सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था की। हमने महिलाओं के लिए डोमिसाइल नीति लागू की। हमारी सरकार ने प्राथमिक शिक्षक भर्ती में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण लागू किया। हमारी सरकार जन्म से लेकर स्नातक करने तक हर बच्ची पर 94,100 रुपये खर्च कर रही है। हमारी सरकार द्वारा हर परिवार की एक महिला को अपनी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए 10 हजार रुपये दिये जा रहे हैं। यह राशि मिलने के बाद कई महिलाओं ने अपना रोजगार शुरू कर दिया है। इसमें यह व्यवस्था की गई है कि रोजगार चलने पर उन्हें 02 लाख रूपये तक की अतिरिक्त सहायता भी दी जायेगी। अब कुछ लोग मतदान से कुछ दिन पहले जीविका दीदियों और बिहार की आधी आबादी का हितैषी दिखने की कोशिश कर रहे हैं। सच यह है कि ‘जीविका दीदियों’ के नाम पर ये लोग अपने परिवार की ‘आजीविका’ तलाश रहे हैं। आधी आबादी के लिए चांद-तारे तोड़ लाने की बात कर रहे हैं। बिहार की जनता ने इन लोगों को भी मौका दिया था लेकिन तब इनका ध्यान सेवा करने से ज्यादा मेवा खाने पर लगा हुआ था। इनके कार्यकाल में महिलाओं का विकास सिर्फ इनके परिवार तक ही सीमित था। इन लोगों के राज में बिहार की महिलाओं ने जो दुख- दर्द और जंगलराज का दंश झेला है, वह किसी से छिपा नहीं है। ऐसे लोगों को पता होना चाहिए कि ये 2005 से पहले वाला बिहार नहीं है। बिहार की बहन-बेटियां पढ़ रही हैं, आगे बढ़ रही हैं, नौकरियां कर रही हैं, स्वरोजगार में लगी हैं, नौकरियां दे रही हैं, बिहार और देश का नाम रोशन कर रही हैं। बिहार की बहन-बेटियों को पता है कि उनके उत्थान और सम्मान के लिए किसने काम किया है। बिहार की बहन-बेटियां एक बार फिर एनडीए सरकार बनाने जा रही हैं। 2005 में बिहार से किया वादा हमें हमेशा याद रहता है। जब तक मैं हूं, बिहार को और विशेषतौर पर हमारी बहन-बेटियों को आगे बढ़ने से कोई शक्ति रोक नहीं सकती।

Nitish Kumar

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बच्चे भी समझ गए हैं कि प्रधानमंत्री की भाषा निम्नस्तरीय है और उनके द्वारा उठाए जा रहे हैं मुद्दे घटिया और हवा हवाई हैं, जिनका बिहार से कोई सरोकार नहीं है! अब बच्चे भी कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री मोदी की राजनीतिक भाषा में कोई मर्यादा या गरिमा नहीं है! प्रधानमंत्री जी, यह बिहार का चुनाव है! बिहार देश का सबसे गरीब राज्य है! थोड़ा गंभीरता दिखाइए! आपके छिछले मुद्दों से बिहार का भला नहीं होगा! 11 साल से केंद्र में बैठे बैठे डबल इंजन का ढिंढोरा पीटकर आपने बिहार की बहुत अनदेखी कर ली! अब बिहार में एक अच्छी #तेजस्वी_सरकार बनने जा रही है! बिहार में नौकरी रोजगार वाली #तेजस्वी_सरकार बनने जा रही है! Tejashwi Yadav #RJD #Bihar #TejashwiYadav #तेजस्वी_सरकार

Rashtriya Janata Dal

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