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बिहार में लोग बाढ़ से मर रहे हैं और साहब अपने जन्मदिन पर दीया जलवा रहे हैं।
24,779 görüntüleme • 2 gün önce •via X (Twitter)
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प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर भी सिर्फ जश्न नहीं बल्कि बिहार में रक्तदान शिविर जैसे सेवा कार्य हुए और देशभर में स्वास्थ्य जांच स्वच्छता अभियान तथा जरूरतमंदों को सहायता पहुंचाने जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं ऐसे में हर चीज को सिर्फ राजनीति और दिखावे के चश्मे से देखना भी सही नहीं है

Two Sides of Bihar नहीं.. आधी कहानी है। बाढ़ की तस्वीर दिखा दी.. लेकिन 8.27 लाख परिवारों को ₹579.23 करोड़ की राहत और ground level relief review भी बिहार की ही तस्वीर है। पूरी तस्वीर दिखाइए...narrative नहीं...

बाढ़ जैसे संकट के समय जनता की समस्याओं पर गंभीर चर्चा जरूरी है। सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी से प्रभावित परिवारों की मुश्किलें कम नहीं होंगी, ठोस मुद्दों और समाधान पर बात होनी चाहिए।

Pagle ye oil nhi pani h..

कुछ भी कहो जिसने लूटकर या छीनकर खाना सीखा हो वो मेहनत की कद्र नहीं जानता वो बस त्याग आम जनता से ही चाहेगा खुद से तो कभी नहीं ।सच्चा नायक वही बन सकता है जो पहले खुद त्याग करे तब पब्लिक से बोले पर समय बोलता है आज उनका है कल किसी और का होगा

खाने का तेल बचाना "देशभक्ति" था, तो जन्मदिन पर दीयों में इतना तेल जलाना क्या था? बिहार बाढ़ में डूब रहा था, और तेल दीयों में बह रहा था....

बिहार बाढ़ प्रभावितों के लिए लगातार राहत सामग्री कार्य वितरण एवं अन्य जरूरी सामान का वितरण किया जा रहा है

जन्मदिन पर दीया जलाना किसी का निजी कार्यक्रम हो सकता है, लेकिन असली सवाल यह है कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत, बचाव और प्रशासनिक इंतज़ाम कितने प्रभावी हैं। भावनाओं से नहीं—काम और नतीजों से हिसाब होना चाहिए।

Tel marna sabhi jagah chalta hai chahe company ho ya rajniti

दिए जलते हैं, फूल खिलते हैं, बड़ी मुश्किल से मगर, नेक नेता मिलते हैं।

मोदी जी का बाढ आने से लेना देना नहीं है

बाढ़ राहत भी चल रही है और सेवा-संकल्प के कार्यक्रम भी। 15 जिलों में करीब 50 लाख लोग प्रभावित हैं, फिर भी राहत शिविर, 1,000+ सामुदायिक रसोई और 1,800 के करीब नावें तैनात हैं। प्रशांत किशोर जी, संकट पर राजनीति नहीं, खुद भी धरातल पर काम करिए।

बाढ आना मोदी से कोई लेना देना नहीं हैं

Shameful activity

बाढ़ पर राजनीति नहीं, राहत और जवाबदेही की बात होनी चाहिए।

Modiji X uno reverse

जब एनडीए सरकार के मंत्री, अधिकारी और राहतकर्मी जमीनी स्तर पर बाढ़ पीड़ितों के लिए सामुदायिक रसोई, डिग्निटी किट, मेडिकल कैंप और आर्थिक मुआवजा वितरित कर रहे थे, तब हमारे ट्विटर-राजकुमार बाढ़ क्षेत्र में जाने के बजाय सोशल मीडिया पर अनर्गल आरोप गढ़ रहे थे।

बाढ़ में NDA की टीम जमीन पर राहत पहुँचा रही थी, और ट्विटर-राजकुमार सोशल मीडिया पर आरोप गढ़ रहे थे। जनता ने काम भी देखा और फर्क भी।

Delhi durbar 2.0 hai ye

अपने जन्मदिन पर, साल 1981 की वीडियो जिसमें मोदी जी अपने संघर्ष को देश के सामने दिखाते हुए।

What can you say to those fools rather sycophants who are doing this extravaganza ?

