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भाई घोड़ी पर बैठकर बारात लेकर नहीं आ सकता! 😂😂

33,240 просмотров • 1 месяц назад •via X (Twitter)

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देखो मनुवादियों, तुम बात करते हो जातिवाद खत्म ,ये क्या हैं? जोधपुर के चौखा गांव में दूल्हे को घोड़ी पर बैठकर बारात नहीं निकालने दी जा रही थी, आज का दलित/पिछड़ा/आदिवासी अपमान न सहेगा नहीं बर्दाश्त करेगा और सम्मान की खातिर सब कुछ न्योछावर कर देगा। जोधपुर के चोखा गांव में दलित दूल्हे को घोड़ी पर नहीं चढ़ने देने की आशंका के चलते दूल्हे के भाई नरेंद्र कुमार ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर राजीव गांधी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सुरक्षा व्यवस्था के बीच बारात घोड़ी पर धूमधाम से निकाली गई। दूल्हे के भाई नरेंद्र कुमार ने कहा, "पुलिस का पूरा सहयोग रहा, उनकी मौजूदगी से हम निडर होकर बारात निकाल सके।" दूल्हे ने भी कहा, "हम चाहते थे कि हमारी शादी सम्मानपूर्वक हो, पुलिस ने हमारा हौसला बढ़ाया और हमारे साथ न्याय किया।" पुलिस अधिकारी रोशन मीणा ने बताया कि शिकायत मिलते ही जाप्ता मौके पर भेजा गया और शांति से बारात रवाना की गई। #DalitLivesMatter News:

Sunil Astay

120,144 просмотров • 9 месяцев назад

भिवाड़ी के खैरथल के कोटकासिम में दलित और मुस्लिम परिवार रहते थे इस गांव में आज तक कभी किसी दलित की बारात घोड़ी पर नहीं निकली थी क्योंकि गांव के मुसलमानो ने इस पर रोक लगाई थी कि कोई भी दलित घोड़ी पर नहीं बैठेगा फिर इस गांव के आशीष की जब शादी तय हुई तो उनकी इच्छा थी कि उनकी बारात घोड़ी पर निकले फिर गांव के मुसलमानो ने मना कर दिया कि अगर घोड़ी पर बारात निकलोगे तो हम निकलने नहीं देंगे फिर आशीष ने जिले के पुलिस कप्तान को प्रार्थना पत्र दिया उसके बाद तीन जिलों की पुलिस और खुद SP के हाजिरी में कोट कासिम गांव में पहली बार किसी दलित की बारात घोड़ी पर निकली और हां अब तक मुसलमानों ने ही दलित को इस गांव में घोड़ी पर बारात नहीं निकालने दिया था मुझे आश्चर्य हुआ कि किसी भी दलित पोर्टल पर या किसी भी दलित एक्टिविस्ट ने इस खबर के बारे में नहीं लिखा क्योंकि यह उनके एजेंडा में फिट नहीं होता था

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

82,203 просмотров • 1 год назад