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भाई घोड़ी पर बैठकर बारात लेकर नहीं आ सकता! 😂😂

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देखो मनुवादियों, तुम बात करते हो जातिवाद खत्म ,ये क्या हैं? जोधपुर के चौखा गांव में दूल्हे को घोड़ी पर बैठकर बारात नहीं निकालने दी जा रही थी, आज का दलित/पिछड़ा/आदिवासी अपमान न सहेगा नहीं बर्दाश्त करेगा और सम्मान की खातिर सब कुछ न्योछावर कर देगा। जोधपुर के चोखा गांव में दलित दूल्हे को घोड़ी पर नहीं चढ़ने देने की आशंका के चलते दूल्हे के भाई नरेंद्र कुमार ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर राजीव गांधी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सुरक्षा व्यवस्था के बीच बारात घोड़ी पर धूमधाम से निकाली गई। दूल्हे के भाई नरेंद्र कुमार ने कहा, "पुलिस का पूरा सहयोग रहा, उनकी मौजूदगी से हम निडर होकर बारात निकाल सके।" दूल्हे ने भी कहा, "हम चाहते थे कि हमारी शादी सम्मानपूर्वक हो, पुलिस ने हमारा हौसला बढ़ाया और हमारे साथ न्याय किया।" पुलिस अधिकारी रोशन मीणा ने बताया कि शिकायत मिलते ही जाप्ता मौके पर भेजा गया और शांति से बारात रवाना की गई। #DalitLivesMatter News:

Sunil Astay

120,144 Aufrufe • vor 11 Monaten

भिवाड़ी के खैरथल के कोटकासिम में दलित और मुस्लिम परिवार रहते थे इस गांव में आज तक कभी किसी दलित की बारात घोड़ी पर नहीं निकली थी क्योंकि गांव के मुसलमानो ने इस पर रोक लगाई थी कि कोई भी दलित घोड़ी पर नहीं बैठेगा फिर इस गांव के आशीष की जब शादी तय हुई तो उनकी इच्छा थी कि उनकी बारात घोड़ी पर निकले फिर गांव के मुसलमानो ने मना कर दिया कि अगर घोड़ी पर बारात निकलोगे तो हम निकलने नहीं देंगे फिर आशीष ने जिले के पुलिस कप्तान को प्रार्थना पत्र दिया उसके बाद तीन जिलों की पुलिस और खुद SP के हाजिरी में कोट कासिम गांव में पहली बार किसी दलित की बारात घोड़ी पर निकली और हां अब तक मुसलमानों ने ही दलित को इस गांव में घोड़ी पर बारात नहीं निकालने दिया था मुझे आश्चर्य हुआ कि किसी भी दलित पोर्टल पर या किसी भी दलित एक्टिविस्ट ने इस खबर के बारे में नहीं लिखा क्योंकि यह उनके एजेंडा में फिट नहीं होता था

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

82,203 Aufrufe • vor 1 Jahr