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भाई, ये डरने वाली कौम नहीं है।
11 条评论

इसी क़ौम के ज़िल्ले इलाही ने गुरु गोबिंद सिंह के दोनो बेटे, ज़ोरावर सिंह (9 वर्ष) और फतेह सिंह (7 वर्ष) को 26 दिसंबर 1705 को जिंदा दीवार में चिनवा दिया था, क्योंकि वे इस्लाम धर्म स्वीकार करने से इनकार कर रहे थे…. •

तू bosd ka सरदार है या कटमुल्ला

और ये कौम कौन सी है ❤️ड़े 🤣🤣

ये वही कौम है जिसनें अभी दो साल पहले अफगानिस्तान से जूते मारके तुमको भगा दिया था और भारत माता ने हि अपने ऑचल मे तुम्हें जगह दि थी याद है या सिक्को कि खनक ने याददास्त मिटा दि ।

whoa have you heard this yet?

ये कौम तब तक नहीं डरती जबतक डराने वाले नहीं मिलता और जब डराने वाले मिलता है देखते ही शालीनता आ जाती है जैसे यूपी में और फिलिस्तीन में देखने को मिलता है

ये ले तेरा फूफा BKL खालिस्तानी

जब पेल दिए जाएंगे तो वहाँ से लेकर इंडिया तक आरआर शुरू हो जाएगा कि मार दिया मार दिया, जुलुम हो रहा है।

in suar kaum ko israel acche se darwata hai

When death is looking in your face, either you have courage to fight it out or give in like a weak person.

Aise hi Afghanistan se poonchh uthakrpe, aur Shri Guru Granth Sahab fadwa ke nahi bhage ho......
