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भक्तों खुशखबरी, तैयार रहो बाबा बुला रहे हैं स्वर्ग के द्वार खुलने वाले हैं 22 अप्रैल से खुलेंगे केदारनाथ के पावन कपाट अब गूंजेगा पूरा धाम ... ॐ नमो पार्वती पतेय, हर हर महादेव 🚩 🔱

25,279 views • 4 months ago •via X (Twitter)

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🙏🏻 सावन के प्रथम सोमवार की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ। 🔱 “भस्म विभूषित गात्राय, नमः शिवाय।” 🙏🏻 सावन के पावन अवसर पर ब्रह्ममुहूर्त में भगवान Shri Mahakaleshwar Temple की विश्वविख्यात भस्म आरती के दिव्य दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ।🧡 डमरुओं की गूंज, ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष और भस्म से महाकाल का अलौकिक श्रृंगार—यह केवल एक आरती नहीं, बल्कि जीवन की नश्वरता, वैराग्य और ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण का दिव्य संदेश है। बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि सभी के जीवन में सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि का वास हो।🙏🏻 जय श्री महाकाल 🙏🏻 हर हर महादेव! 🔱🚩 #Sawan #FirstSomwar #Mahakal #BhasmaAarti #Ujjain #Jyotirlinga #DivineBlessings

Sonal Goel IAS 🇮🇳

17,476 views • 25 days ago

“जहाँ आस्था हो, वहाँ हर कठिन राह आसान हो जाती है। और जहाँ सेवा हो, वहीं साक्षात शिव का वास होता है।”🙏🏻 🏔️🔱 बालटाल मार्ग से अमरनाथ गुफ़ा का ट्रेक केवल पहाड़ों की चढ़ाई नहीं, बल्कि श्रद्धा, धैर्य, सेवा और आत्मबल की भी परीक्षा है। हर मोड़ पर प्रकृति की विराटता, हर कदम पर चुनौती, और हर जयघोष में एक नई ऊर्जा का अनुभव होता है। 🧡 इस यात्रा की सबसे प्रेरणादायक अनुभूति है—निःस्वार्थ सेवा।🙏🍲 दुर्गम हिमालयी मार्ग पर देशभर से आए सेवादारों द्वारा संचालित लंगर, गर्म चाय, भोजन, चिकित्सा सहायता और आत्मीय मुस्कान यह एहसास कराती है कि मानव सेवा ही माधव सेवा है। यहाँ न कोई बड़ा, न छोटा—सभी केवल भोले बाबा के भक्त हैं।❤️ इन सभी सेवादारों, स्वयंसेवी संस्थाओं, श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड, भारतीय सेना, अर्द्धसैनिक बलों, जम्मू-कश्मीर पुलिस, प्रशासन और इस दिव्य यात्रा को सफल बनाने वाले प्रत्येक कर्मयोगी को हृदय से नमन।🫡 आपके समर्पण, सेवा और अथक प्रयासों से ही लाखों श्रद्धालु सुरक्षित रूप से बाबा बर्फानी के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त कर पाते हैं।🇮🇳 हर हर महादेव 🔱❤️ #AmarnathYatra #BaltalRoute #BabaBarfani #LangarSeva #SevaParamoDharmah #Humanity #SpiritualJourney #JammuAndKashmir Information & PR, J&K

Sonal Goel IAS 🇮🇳

10,247 views • 1 month ago

6 आतंकी जो जबरदस्ती रायपुर के मॉल में घुसकर क्रिसमस के दिन तोड़ फोड़ किए, उन्हें जमानत मिल गई। उसके बाद उनका Hero के जैसे स्वागत हुआ! ढोल, माला , पटाखे और जश्न का माहौल बना कर 'ईसाई मिशनरी मुर्दाबाद' के नारे लगे! सवाल PM से है, कब तक चुप रहेंगे? सवाल केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों से है जो ख़ुद ईसाई संस्थानों के पूर्व छात्र रहे। जेपी नड्डा, पीयूष गोयल, निर्मला सीतारमण, अश्विनी वैष्णव, ज्योतिरादित्य सिंधिया (आडवाणी जी तक) आप लोग कुछ कहेंगे? हर साल, देश भर में 54,000 ईसाई संस्थानों में 6 करोड़ स्टूडेंट्स का एडमिशन होता है। इन संस्थानों में हर चार में से कम से कम तीन स्टूडेंट्स गैर-ईसाई होते हैं ~हिंदू, मुस्लिम, जैन, सिख, बौद्ध। इनके द्वारा चलाए जाने वाले हेल्थकेयर संस्थान भारत की लगभग 2 प्रतिशत आबादी को सेवा देते हैं। दूरदराज में जहां मेडिकल सुविधाएं नहीं हैं, उन इलाकों में ये काम करते हैं । Covid के दौरान, 1,000 से ज़्यादा अस्पतालों में 60,000 पेशेंट को उन्होंने बेड उपलब्ध कराए। कैथोलिक हेल्थ एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया, जिसके 3500 से ज़्यादा संस्थान हैं, भारत में सबसे बड़ा गैर-सरकारी हेल्थकेयर नेटवर्क है। जो लोग आज ईसाइयों के ख़िलाफ़ माहौल रहे हैं वो ना दुनिया भर में सिर्फ़ देश की छवि ख़राब कर रहे हैं बल्कि ईसाइयो द्वारा देश के लिए किए गए कामों को भी नज़रअंदाज़ कर रहे हैं। इनका राजनीतिक प्रोपेगेंडा अब हिंसा के स्तर तक पहुंच गया है। उस हिंसा को सेलिब्रेट भी किया जा रहा है जो और ख़तरनाक है! अब इन कथित धर्म के रक्षकों में और आतंकवादियों में कोई फ़र्क़ नहीं लगता!

Priyanka Bharti

52,172 views • 7 months ago

कल आजमगढ़ की फूलपुर/पवई विधानसभा सीट पर बसपा का कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमें भारी बारिश के चलते भी उस कार्यकर्ता सम्मेलन में काफ़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए। लेकिन मैंने एक बात को गंभीरता से लिया कि कार्यक्रम स्थल पर भारी बारिश होने की वजह से काफ़ी पानी भर गया था लेकिन बसपा के कार्यकर्ता और समर्थक बारिश में हिले नहीं और अपने नेताओं के भाषणों जो बहनजी ने उन्हें संदेश दिया उसे आराम से सुन रहे थे और अगर ऐसी ही बारिश में किसी अन्य पार्टी का कार्यक्रम होता तो अब पूरा मैदान साफ़ हो जाता और लोग भाग जाते लेकिन बसपा के लोग हर स्तिथि में सामना करते हैं लेकिन बसपा को पीठ नहीं दिखाते हैं।

Jitu Rajoriya

13,371 views • 11 days ago

उत्तर प्रदेश में दलित होना अपराध बन चुका है! मथुरा के थाना जैत के बाटी गांव में दलित समाज की बारात पर हमला, बारातियों की बेरहमी से पिटाई, आगजनी— यह सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि जातिवादी आतंकवाद का खुला प्रदर्शन और सरकार की नाकामी का जिंदा सबूत है। हर दिन यूपी में दलितों पर हमले हो रहे हैं। क्यों? क्योंकि योगी सरकार जातिवादी गुंडों की संरक्षक बनी हुई है! हाथरस हो, उन्नाव हो, लखीमपुर हो, मेरठ या अब मथुरा—हर जगह दलितों पर अत्याचार हो रहे हैं और अपराधियों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है। मैं Government of UP से जवाब चाहता हूँ- 1. दलितों की बारात रोकने और उन पर हमला करने वालों के हौसले इतने बुलंद क्यों? 2. SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम होने के बावजूद अपराधी खुलेआम हिंसा करने की हिम्मत कैसे जुटा रहे हैं? 3. दलितों के संवैधानिक अधिकार कब तक कुचले जाएंगे? परम पूज्य बाबा साहेब के संविधान को ताक पर रखकर दबंगों का राज कब तक चलेगा? मैं Government of UP से मांग करता हूँ - 1. दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी हो और SC/ST एक्ट के तहत कठोरतम कार्रवाई हो। 2. फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर जल्द से जल्द सजा दी जाए। 3. पीड़ित परिवारों को सरकारी सुरक्षा और उचित मुआवजा मिले। 4. उत्तर प्रदेश सरकार जातिगत हिंसा रोकने के लिए सख्त नीति बनाए और लागू करे। मथुरा की भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की टीम देर रात के समय ही पीड़ित बारातियों के साथ थी।

Chandra Shekhar Aazad

71,421 views • 1 year ago

मुझे भारत के सर्वोच्च न्यायालय पर पूरा भरोसा है कि हमें न्याय मिलेगा। मैंने वन्यजीवों को मरते देखा तब इस नदी पर काम करना शुरू किया था तब कोई नहीं जानता था कि यहां क्या चल रहा है। आज कमेटी के अध्यक्ष संगीत लोढा जी जो सक्रियता के साथ इस पर काम कर रहे हैं आने वाले एक में बहुत कुछ सकारात्मक बदलाव आएगा यहां। जज साहब का दृढ़ संकल्प है कि वे इस समस्या के समाधान निकालकर रहेंगे। इन गाडिमें बैठे हर अधिकारी के पास एक सुनहरा अवसर है अपना नाम ऐतिहासिक काम के साथ जोड़ने का।आप सब एक बहुत बड़ा पुण्य का काम करेंगे माननीय अधिकारी महोदयों जी। प्लीज आप से विनती है एक बार अपने दिल से सोचकर अपने छोटे बच्चों के बारे में सोचकर की यहां माँ कैसे अपने बच्चों को मच्छरों से बचाती होगी।आप सब इमानसे दिल से लगन से जज साहब के साथ काम कर लिजिए साहब।हम सब आपको आशीष देगें। कलेक्टर साहब,प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड,SDM साहब,तहसीलदार,पटवारी ओर हर अधिकारी प्लीज एक बार कर लो जी जान से आपको आने वाली पीढ़िया याद करेगी।सोशल मिडिया पर हर चीज रिकॉर्ड होती है आपको सबको हम याद करेगे।वन्यजीव ओर मरती प्रकृति आपको आशीष देंगे।

Thar_Desert_Photography

14,595 views • 5 months ago

यह वीडियो देखने के बाद मेरे एक जानने वाले का मैसेज आया है उन्होंने कहा कि "भैया अब आपको रिपोर्टिंग छोड़ देनी चाहिए" इस वीडियो में जो लोग दिखाई दे रहे हैं सबको मैं जानता हूं और सब मुझे जानते हैं सवाल इन रिपोर्टर्स पर नहीं है बल्कि व्यवस्था पर है क्या इन रिपोर्टर्स के संस्थान अगर इन पर दबाव बनाने की बजाय इनके विवेक से काम करने देंगे तो क्या ये ऐसे करेंगे? आज मीडिया के हालात क्या हो गए हैं ये सोचने की बात है मैं इस बात का शुक्र मना रहा हूं कि अच्छा हुआ मैं इस मौके पर नहीं था वरना क्या पता मुझे भी इस सर्कस का हिस्सा मजबूरन बन जाना पड़ता? लेकिन ऐसी परिस्थितियां कुछ-कुछ समय पर हर रिपोर्टर के सामने आती हैं सोच कर देखिए कि यह किस तरह का दबाव है जिसमें इतने सीरियस मुद्दे पर भी कॉमेडी हो गई संसद की सुरक्षा में चूक जैसे गंभीर मुद्दे पर रिपोर्टिंग हो रही है, लेकिन जिस तरह रिपोर्टिंग हो रही है उसको देखकर कपिल शर्मा का कॉमेडी शो भी फेल है यह सब देखकर कभी-कभी मन में आता है कि आखिर हम कर क्या रहे हैं? क्यों कर रहे हैं? किसके लिए कर रहे हैं?

Sharad Sharma

230,189 views • 2 years ago

हरियाणा में भाजपा के फैलाए घोर जंगलराज में गुंडों और गैंगों ने "रंगदारी के धंधे" और "फ़िरौती के फंदे" से आतंक मचा रखा है ! 🚨 "7 करोड़ रुपए का इंतजाम कर ले, 24 घंटे हैं तेरे पास..." 🚨 अब पानीपत में इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (PIET) के वाईस चेयरमैन राकेश तायल को व्हाट्सएप कॉल और वॉइस नोट भेज ये रंगदारी डिमांड की धमकी दी गई है ! 🚨 यह रंगदारी की रकम विदेशी नंबर से कॉल करके, कुख्यात अपराधी हैरी बॉक्सर के नाम से मांगी गई है...फिरौती की मिली इस धमकी के बाद चेयरमैन और उनका पूरा परिवार दहशत में है ! 🔴 हर दिन फिर फ़िरौती/रंगदारी की डिमांड और जान से मारने की धमकियों ने प्रदेशवासियों का जीना मुश्किल कर रखा है ! ❓ अब तो भाजपाई नकारेपन के कारण जिस तरीके से प्रदेश में ये डर का धंधा "न्यू नॉर्मल" बन चुका है, उसे देखते हुए नाकाम नायब सरकार को बकायदा "फिरौती मंत्रालय" खोल देना चाहिए... ❓ इसके बाद सरकार ही बता दे कि प्रदेश में चैन से सांस लेने के लिए किस गुंडे और किस गिरोह के नाम पर किसको कितनी रंगदारी की रकम चुकानी है... ❌ जिन गुंडों और अपराधियों के दिमाग़ में सरकार और कानून का भय होना चाहिए वो अपराधी अब बेखौफ होकर अपराध को ही किसी तमगे की तरह लगाकर प्रदेश के लोगों को डराने और धमकाने का धंधा चला रहे हैं ! ❌ PIET के चेयरमैन राकेश तायल को दी धमकी में भी यही कहा कि "यदि उन्हें गुंडे की पहचान में कोई शक हो तो यूट्यूब पर जाकर सर्च करके जान लें कि उसने पहले भी किन-किन लोगों को निशाना बनाया है !" 🔴 पूरे प्रदेश में कारोबारी हों, किसान हों, दुकानदार हों या आम लोग.. हर परिवार अब फ़िरौती के डर और अपराध की असुरक्षा के अंधकार में जीने को मजबूर हैं ! 🔴 हरियाणा के लोग अब भाजपा के "शिगूफा सीएम" श्रीमान नायब सैनी से यही पूछ रहे हैं कि- जब आपको सरकार चलाने के नाम पर केवल झूठ, जुमले और चुटकुले से ही काम चलाना है..तो आप भी अपना यूट्यूब चैनल ही क्यों नहीं खोल लेते? आखिर कब तक 'पर्ची सीएम' और भाजपा की निकम्मी सरकार में अपराधियों की ये मनमानी बढ़ती रहेगी और कब तक लोगों की ज़िंदगी से ये खिलवाड़ चलता रहेगा?

Randeep Singh Surjewala

13,376 views • 27 days ago

😮 ऑनलाइन प्यार... और होटल में खुला ऐसा राज कि उड़ गए होश! इंटरनेट की दुनिया में प्यार होना अब आम बात है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस मामले ने सबको हैरान कर दिया है। दरअसल, एक शख्स को ऑनलाइन एक महिला से प्यार हुआ और दोनों के बीच लंबे समय तक बातचीत चलती रही। प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि दोनों ने असल जिंदगी में मिलने के लिए दूसरे देश में मुलाकात का प्लान बना लिया। दोनों एक होटल में मिले, लेकिन बातचीत के दौरान शख्स को कुछ अजीब लगा और उसे शक हुआ। अपना शक दूर करने के लिए जब उसने सामने वाले का पासपोर्ट चेक किया, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई क्योंकि पासपोर्ट पर जेंडर में ‘MALE’ लिखा हुआ था। जिसे वह अब तक महिला समझ रहा था, वह असल में महिला का रूप धारण किए हुए एक पुरुष निकला। यह अजीबोगरीब मामला सामने आने के बाद से इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर तरह-तरह के रिएक्शंस दे रहे हैं। कुछ लोग इसे डिजिटल दौर का सबसे बड़ा धोखा बता रहे हैं, तो कुछ यूजर्स इस पर मजेदार मीम्स शेयर कर रहे हैं। 💡 Newsify इंडिया की सलाह: ऑनलाइन दुनिया में हर चमकती चीज सोना नहीं होती। किसी अनजान शख्स पर आंख बंद करके भरोसा करने से बचें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!
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😮 ऑनलाइन प्यार... और होटल में खुला ऐसा राज कि उड़ गए होश! इंटरनेट की दुनिया में प्यार होना अब आम बात है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस मामले ने सबको हैरान कर दिया है। दरअसल, एक शख्स को ऑनलाइन एक महिला से प्यार हुआ और दोनों के बीच लंबे समय तक बातचीत चलती रही। प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि दोनों ने असल जिंदगी में मिलने के लिए दूसरे देश में मुलाकात का प्लान बना लिया। दोनों एक होटल में मिले, लेकिन बातचीत के दौरान शख्स को कुछ अजीब लगा और उसे शक हुआ। अपना शक दूर करने के लिए जब उसने सामने वाले का पासपोर्ट चेक किया, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई क्योंकि पासपोर्ट पर जेंडर में ‘MALE’ लिखा हुआ था। जिसे वह अब तक महिला समझ रहा था, वह असल में महिला का रूप धारण किए हुए एक पुरुष निकला। यह अजीबोगरीब मामला सामने आने के बाद से इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर तरह-तरह के रिएक्शंस दे रहे हैं। कुछ लोग इसे डिजिटल दौर का सबसे बड़ा धोखा बता रहे हैं, तो कुछ यूजर्स इस पर मजेदार मीम्स शेयर कर रहे हैं। 💡 Newsify इंडिया की सलाह: ऑनलाइन दुनिया में हर चमकती चीज सोना नहीं होती। किसी अनजान शख्स पर आंख बंद करके भरोसा करने से बचें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!

Neeraj Diwakar

26,705 views • 3 months ago

🔥 उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में फिर एक शर्मनाक हमला और प्रबंधन अब भी सो रहा है! आज गाज़ीपुर ज़िले में #UPGB की शादियाबाद शाखा की रिकवरी के दौरान सीनियर मैनेजर श्री अविनाश श्रीवास्तव पर ग्राहक ने बेरहमी से हमला कर दिया। वीडियो में साफ़ दिख रहा है कि ग्राहक ने लट्ठ उठाकर अधिकारी को बुरी तरह मारा है और यदि बैंकर्स नहीं भागते तो ये स्थिति बदतर हो सकती थी! ये हमला नहीं, बल्कि प्रबंधन की नाकामी का खुला सबूत है। ऊपर वाले कहते है कि रिकवरी के वीडियो और फोटो डालो और वीडियो बनाओ तो ग्राहक डंडों से मार रहे है आखिर UPGB में बैंकर्स करे तो क्या करे? हर दिन फील्ड में काम करने वाले बैंककर्मी बिना सिक्योरिटी के जान जोखिम में डालकर रिकवरी कर रहे हैं, और ऊपर बैठे अधिकारी बस टारगेट-टारगेट-टारगेट चिल्ला रहे हैं! क्या यही है “लीडरशिप”? क्या अधिकारी की सुरक्षा की कोई कीमत नहीं? क्या बैंककर्मी की जान से ज़्यादा टारगेट जरूरी है? चेयरमैन YS_Thakur अब जवाब दीजिए! कब तक आपके दबाव और अपमान के चलते फील्ड में हमारे साथी पिटते रहेंगे? कब तक “समीक्षा बैठकें” सिर्फ डर और धमकी का दूसरा नाम बनी रहेंगी? आज अविनाश श्रीवास्तव जी पिटे हैं, कल कोई और भी हो सकता है क्योंकि सिस्टम बीमार है! ⚠️ बैंककर्मियों से अपील है कि अब अपनी सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता दें। क्योंकि ये GM/RM की तो AC कमरों मे बैठकर ज़ुबान हिलती है लेकिन भुगतना आपको पद रहा है अब प्रबंधन के अंधे आदेशों के आगे ना कहना सीखना ही पड़ेगा। #UPGB #BankersSafety #StopHarassment #BankersUnderAttack #WeStandWithAvinash

Nitin Tyagi

65,311 views • 9 months ago

बदायूं: शादी से पहले दुल्हन की मौत, हल्दी की खुशियों के बीच उठी अर्थी बदायूं: शादी से पहले दुल्हन की मौत ने छीन ली सारी खुशियां, मातम में बदला जश्न – दिल दहला देने वाली खबर #बदायूं – नूरपुर पिनौनी गांव में उस वक्त मातम पसर गया जब हल्दी की रस्म के कुछ ही घंटे बाद दुल्हन की अचानक मौत हो गई। रविवार रात दिल का दौरा पड़ने से दुल्हन की जान चली गई, जबकि सोमवार को बारात आने वाली थी। पूरा गांव शादी की खुशियों में डूबा हुआ था, रिश्तेदार सज-धज कर पहुंचे थे, लेकिन चंद मिनटों में पूरा माहौल गमगीन हो गया। दुल्हन की मां बेसुध है और पिता हर आने-जाने वाले से एक ही सवाल पूछ रहे हैं – "हमारी बेटी की डोली की जगह अर्थी क्यों उठी?" गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। लोग जो मिठाई और संगीत के साथ बारात का स्वागत करने वाले थे, अब आंखों में आंसू लिए अंतिम संस्कार में शामिल हो रहे हैं। यह घटना इस्लाम नगर थाना क्षेत्र के नूरपुर पिनौनी गांव की है। गांव वालों और रिश्तेदारों का कहना है कि लड़की एकदम स्वस्थ थी, किसी को अंदेशा भी नहीं था कि इतनी बड़ी अनहोनी हो जाएगी। दुल्हन की अचानक मौत ने एक पूरे परिवार के सपनों को राख कर दिया। #Badaun #BadaunNews #UPNews #UttarPradesh

UttarPradesh.ORG News

46,840 views • 1 year ago

ग़ालिब छूटी शराब पर अब भी कभी कभी पीता हूँ, रोज ए अब्र ए शब ए माहताब में कभी कभी शायरी पढ़ता हूँ। जावेद अख्तर फेवरिट है, बशीर बद्र भी, और राहत इन्दोरी भी। ●● गालिब भी पढ़ता हूँ। पहली बार गालिब से परिचय जगजीत सिंह के एलबम के मार्फ़त हुआ। तब आधा समझे, और बाकी आधा गलत सलत ही रटते हुए गुनगुनाते थे। फिर एक किताब ली। दीवान ए गालिब... उसमे कठिन शब्दो के अर्थ दिए होते थे। अबकी ज्यादा समझा। और अनसुने कलाम को भी पढा। लेकिन शब्द समझने के बाद भी कई बार भाव, सिर के ऊपर से निकल जाता। ●● फिर गूगल युग आया। न सिर्फ शब्दार्थ, बल्कि भावार्थ भी मिल जाते। ग़ालिब की खासियत यह है, हर सिचुएशन को एक्सप्लेन कर जाते हैं, अनिवर्चनीय को कह जाते हैं। और जादू यह, कि उस बोल का अर्थ दूसरी बहुत सी सिचुएशन में लागू होता है। याने अपने हालात के मुताबिक हर पाठक के लिए अर्थ कुछ अलग है। हर एक के दिल की किसी जुदा तंत्रिका को वह शेर छूता है। और जुबान वाह कहना भी भूल जाती है। ●● अच्छा लेखन वही, कि आदमी खो जाये। उसके भीतर कुछ घुड़मुड़ाये। उसके लिए, शब्द समझ मे आने चाहिए, भाव हृदय में उतरना चाहिए। ग़ालिब के दौर में अधिसंख्य लोग उर्दू समझते होंगे। अब नही। वो ट्रेडिशन्स नही, जिसमे ग़ालिब के भाव फिट हों। जैसे कागजी है पैरहन हर पैकरे तस्वीर का। तब जिन्हें शिकायत होती थी, वे कागज के वस्त्र पहनकर जाते थे शिकवा करने। अब वो ट्रेडिशन नही रही। तो कैसे समझेंगे की ग़ालिब कह रहे है- यहां हर शख्स कुछ न शिकवा लिए घूम रहा है। ●● इसके मुकाबले आप बशीर बद्र को पढिये। सीधी, साफ, समझ मे आने वाली खूबसूरत रूमानी शायरी है। जावेद को पढिये। एक मोहरे का सफर, नया हुक्मनामा, जो कहते सब डरते है, तू वो बात लिख... सीधा, सिम्पल, सटाक से दिल को लगने वाला। मगर इन सबसे ऊपर हैं- राहत इंदौरी। द किंग ऑफ सिम्पलीसिटी। हिम्मत, गुरुर, जज्बे का शायर। बशीर और जावेद का कॉंटॅक्स पूरा पेज या नज्म पढ़ने पर जाहिर होता है। यहां राहत, दो लाइन में आग लगा जाते हैं। गुलाब,ख़्वाब, दवा, ज़हर, जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता, इंतिज़ाम क्या क्या है ●● बड़े शायर, बड़े लेखक, शब्दो से नही खेलते। भाव से खेलते हैं। ये भाव, अनुभव से आपबीती से आते हैं। आपबीती न हो, तो सिंपथि से आते हैं, एम्पाथि से आते है, करुणा से उपजते हैं। यह करुणा, इंसान के हृदय को उर्वर बनाती है, ख्याल उपजते हैं। गैर की पीड़ा को, उसके दिल के हालात को, उसकी निगाह को अपने भीतर पैवस्त करना-फिर जहां को देखना जो दिखे, उसे गहरे, आसान लफ्जों में लिख देना। महान शायर और लेखक तो वही हुए, जिन्होंने आसान लफ्जों में गहरी बात कही- क्या बिगाड़ के डर से ईमान की बात नही कहोगे?? यहां साहस है, चुनौती है, एक मजबूर, मजलूम बेवा की इल्तजा है पंच परमेश्वर से सवाल है। ●● आपमे सिंपथि नही, एम्पाथि नही, तो भाव कालजयी कैसे हो?? जब आपकी बात भीतर प्रेम न जगाए, शीतल न करे। चुनौती न दे, सवाल न हो, जो विद्रोह का साहस न जगाए... घृणा जगाये। जातीय, धार्मिक, सामुदायिक नफरत से लबरेज हो। लेखक का, शायर का दिल बंजर है, ईर्ष्या से भरा है। इस ज्वालामुखी के क्रेटर से कौन से भाव उगलेंगे?? ●● जलाने वाला मैग्मा ही निकलेगा। सस्ता साहित्य, घटिया कविता, बकवासी तुकबन्दी। पाकिस्तान से पर चढ़ाई और हिंदुस्तान की वाहवाही.. छपवा लो दस किताबें, मगर कालजयी कृति कैसे बनेगी भईया? खोखले चिकने शब्दों से कितना खेलोगे। अगर खूब सारे भारी भरकम शब्दो का जमावड़ा ही कालजयी साहित्य होता.. तो भार्गव की डिक्शनरी शेक्सपियर के साहित्य से बड़ी मानी जाती। ●● आज शब्दजाल वाले किसी उभरते लेखक से बकझक हुई। सो लिख दिया। समझने वाले समझ गए। जो न समझे उनके लिए अर्ज करता हूँ- जमी पर घर बनाया, मगर जन्नत में रहते है हमारी खुश नसीबी है, कि हम भारत मे रहते है अब आप इसे घटिया शेर मानते है तो आपकी शायरी की समझ है। अगर बेहतरीन शेर मानते है, तो पॉलिटिक्स की समझ है। अगर आप इसे शेर नही, अनहद पॉपुलिस्ट बकैती मानते है, तो अब आपको मेरी भी समझ है। ❤️

Manish Singh

29,823 views • 1 year ago

यह कोई स्वामी आनंद स्वरूप हैं। इनका कहना है कि यही वो व्यक्ति होंगे जो इस दुनिया से इस्लाम को मिटाएंगे, यह इनकी कुंडली में लिखा है। हालांकि यह हेट स्पीच है, चूंकि आरोपी ‘दूसरा’ नहीं है इसलिए मदर ऑफ डेमोक्रेसी की पुलिस इन्हें छू भी नहीं पाएगी। खैर बाबा जी! को सपने देखने और मुग़ालता पालने का पूरा अधिकार है, इसलिए ये खुश रहें। बाक़ी इस्लाम तो तब ना मिटा जब इसके मानने वाले महज़ 313 थे, और तब भी नहीं मिटा जब करबला में नवासा-ए-रसूल को उनके खानदान के साथ शहीद कर दिया था, तो अब क्या खाक मिटेगा। अब तो इस्लाम की रोशनी लगभग दुनिया के हर देश में पहुंच चुकी है। सुनो बाबा जी! इक़बाल ने सवा सो पहले लिखा था- कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा

Wasim Akram Tyagi

49,582 views • 4 months ago