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Ana Sayfaya Dön

भाजपा IT सेल की पूरी जमात मिलकर भी यह वीडियो नहीं दिखाएगी, परंतु हम दिखाएंगे!! कांग्रेस पहुंची थी उत्तराखंड में बांध बनाने के विषय को लेकर, कैसा विरोध किया था तत्कालीन शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी ने। #WeSupportShankaracharya

21,819 görüntüleme • 6 ay önce •via X (Twitter)

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सोचिए भारत की मीडिया कितनी नीच है यह 2021 का वीडियो है जब ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल का चुनाव जीती थी किसी भी चैनल ने इस वीडियो को नहीं दिखाया था तृणमूल कांग्रेस के लोग बाकायदा डीजे लेकर गांव गांव में उतरे थे और डीजे पर गाना बजता था खेला होबे खेला होबे सबके हाथों में हथियार थे बड़े-बड़े डंडे थे और उन लोगों ने भाजपा समर्थकों भाजपा कार्यकर्ताओं के घरों में तोड़फोड़ किया था 30 महिलाओं के साथ इन्होंने बलात्कार भी किया था और कई भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या हुई थी और इस तरह की खुलेआम डीजे रैली हफ्तों तक पूरे पश्चिम बंगाल में निकाली गई थी और भाजपा कार्यकर्ताओं पर अत्याचार और जुल्म हुआ था अफसोस तब सुप्रीम कोर्ट भी इस पर कोई सुओ मोटो नहीं लिया था

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

85,885 görüntüleme • 3 ay önce

श्रद्धेय नेता जी मुलायम सिंह यादव जी ने श्रद्धेय चौधरी चरण सिंह जी की प्रतिमा विधानसभा में लगवाई थी, उस वक्त भाजपा ने चौधरी साहब की प्रतिमा का विरोध किया था और प्रतिमा को उखाड़ने का प्रयास किया था, ये भाजपाई चौधरी साहब से बहुत नफरत करते थे श्रद्धेय नेता जी मुलायम सिंह यादव जी ने चौधरी चरण सिंह जी के नाम से लखनऊ अमौसी एयरपोर्ट का नामकरण किया था, इसी भाजपा के लोगों ने उस नामकरण का भी विरोध किया था भाजपा तो शुरू से चौधरी चरण सिंह जी की विरोधी रही है, चौधरी साहब से नफरत करने वाले भाजपाई कभी भी जाट समाज के सगे नहीं हैं हम किसान कभी भूल नहीं सकते कि किस तरह से इन भाजपाइयों ने किसान आंदोलन के दौरान हमें मारा था, थार जीप से रौंदा था, अपमानित किया था, खालिस्तानी बताया था जाटों की पगड़ी, किसानों की पगड़ी उछालने वाली भाजपा की गोद में बैठना शर्मनाक है, जाट समाज किसान समाज के साथ धोखा है, कोई चवन्नी नेता भले ही भाजपा की गोद में जाकर बैठ जाए लेकिन जाट और किसान कभी भाजपा को वोट नहीं देगा ये तय है

Samajwadi Party Media Cell

26,808 görüntüleme • 14 gün önce

देखिए, सर्वप्रथम तो मैं कहना चाहूंगा कि जो यह दुखद और निंदनीय घटना सर्वोच्च न्यायालय में हुई उस पर माननीय प्रधानमंत्री जी ने भी गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने अपने ट्वीट में “Anger” शब्द का प्रयोग किया और मुख्य न्यायाधीश महोदय से बात भी की। परंतु अखिलेश यादव जी जो कह रहे हैं कि “पीडीए के लोग कहीं भी चले जाएं, अपमानित होंगे” यह वही पार्टी है जिसने 1995 में उत्तर प्रदेश की पहली दलित मुख्यमंत्री बनने जा रही मायावती जी पर जानलेवा हमला किया था। यह कोई आरोप नहीं, स्वयं मायावती जी ने अपने हलफ़नामे में लिखा है मुलायम सिंह के गुंडे मेरी जान लेना चाहते थे, मेरे दलित विधायकों को जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया, मारा-पीटा और अगवा करने का प्रयास किया। 20-22 विधायकों को अगवा किया जा चुका था, जब तक तत्कालीन भाजपा नेता स्व. ब्रह्मदेव द्विवेदी जी ने हस्तक्षेप नहीं किया। उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी और वह मुलायम सिंह के साथ खड़ी थी। काशीराम जी ने भी 31 मई 1995 को एक पत्र में लिखा कि “दलितों पर हो रहे घनघोर अत्याचारों और राहत न मिलने से दुखी होकर हम मुलायम सिंह यादव सरकार से समर्थन वापस ले रहे हैं। आज अखिलेश यादव जी आज़म खान से मिलने गए, याद रखिए, यही आज़म खान ने 6 सितंबर 2016 को ग़ाज़ियाबाद में हज हाउस उद्घाटन के समय डॉ. बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को “भूमाफिया” कहा था।

Dr. Sudhanshu Trivedi

25,881 görüntüleme • 10 ay önce