Video wird geladen...
Video konnte nicht geladen werden
भारत के शेयर बाजार की तबाही यहां से शुरू हुई..
27,834 Aufrufe • vor 1 Jahr •via X (Twitter)
0 Kommentare
Keine Kommentare verfügbar
Kommentare vom Original-Post werden hier angezeigt
Ähnliche Videos
0:15
Sensitive content
#मेरठ का कबाड़ी बाजार "एशिया के सबसे पुराने रेडलाइट एरिया" में से एक है कल रात यहां पुलिस छापे में एक कोठे से 21 लड़कियां बरामद की गयी है. इनमें कई नाबालिग भी थी. कोठा संचालिका, 4 दलाल और कुछ ग्राहक भी मौके से गिरफ्तार हुए है कोठों की बंदी से पहले 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अपने चुनाव-प्रचार की शुरूआत इसी कबाड़ी बाजार से की थी. पूरे शहर में उल्लास छाया था. कबाड़ी बाजार को दुल्हन की तरह सजाया गया. अमित शाह इसी बाजार से होकर शहर तक रोड शो करते हुए निकले थे. समाज की मुख्य धारा से छिटके पड़े समाज की सियासत ने पहली बार सुधि ली थी. वैश्याओं ने खूब आशीर्वाद दिया. यूपी में बीजेपी की सरकार भी बनी मुगलकालीन इस बाजार में नीचे सेठों की दुकानें है और ऊपर वेश्याओं के कोठे. मेरठ उस वक्त मुगलों के नवाबों के हवाले था. नवाबों की रिहायश के पास ही कबाड़ी बाजार के कोठों में सांझ ढलते ही मुजरे हुआ करते थे. हरियाणा के एक नवाब और कबाड़ी बाजार की एक हसीन वैश्या के प्रेम और अदावत की कहानी इतिहास के पन्नों में दर्ज है उस जमाने का तो पता नही मगर आजादी के बाद शहर की इमेज पर यह बाजार एक कालिख की तरह है. लंबी लड़ाई के बाद 2019 में सोशल एक्टिविस्ट लोकेश खुराना की याचिका पर हाईकोर्ट के आदेश पर इस बाजार के 58 कोठों पर ताला डाल दिया गया था. मगर 2023 में हाईकोर्ट की अनुमति के बाद 15 कोठे इस शर्त पर खुले कि यहां कोठा संचालिकाऐं अपने परिवारों को निवास करायेगी, वैश्यावृत्ति नही. मगर बीते दो बरसों में यहां फिर से देहव्यापार पनप गया. खाकी के पहरे के बीच दिल्ली को मुक्ति फाउन्डेशन को इन कोठों में वैश्यावृत्ति होने की पुख्ता जानकारी थी. उन्होने पुलिस अफसरों से मदद मांगी तो अफसरों ने इलाके के बाहर की पुलिस टीम से यहां छापेमारी कराई
Narendra Pratap
231,564 Aufrufe • vor 10 Monaten
