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भारत के स्कूलों में श्रीमद्भागवत गीता जी क्यों नहीं पढ़ाई जाती?

40,019 Aufrufe • vor 1 Jahr •via X (Twitter)

11 Kommentare

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JYOTI सिंह DHILLON🇮🇳vor 1 Jahr

Sahi kaha jab anya community apne dharma granth padha sakti hai to hindu apne dharam granth kyon nhi padha sakte

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Rarely Tolerable.vor 1 Jahr

What are your thoughts on the H1-B Visa program?

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दलीप पिलानियांvor 1 Jahr

भारत के स्कूलों में श्रीमद्भागवत गीता जी क्यों नहीं पढ़ाई जाती?

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JUST CHILLvor 1 Jahr

Ye to galat hai ji

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Akash kumarvor 1 Jahr

जब जानकारी न हो तो कुछ भी हांकना नही चाहिए,ये सभी धर्मो पर लागू होता है,यदि धार्मिक शिक्षा देनी है तो उसके लिए अपने धार्मिक संस्थान खोल सकते हो लेकिन विद्यालय में ऐसा कुछ भी नही।

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Lokesh Kumarvor 1 Jahr

हमें चिंता करनी चाहिए कि हमारे बच्चे इस महान ग्रंथ से वंचित क्यों हैं 🙏

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Śrīrām 🇮🇳 (Modi's Family)vor 1 Jahr

Well share! Jai Shri Krishna 🙏

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Dr. Prince Vermavor 1 Jahr

क्या मूर्ख बना रहा भाई...तुम अंग्रेजी मीडियम मे पढ़े होगे। हम तो हिन्दी मीडियम मे थे, 7 वी क्लास मे संक्षिप्त रामायण और 8 वी मे संक्षिप्त महाभारत हमे पढ़ाई गई थी। और 9 वी मे तुमुल खंडकाव्य था, जिसमे लक्ष्मण मेघनाद का युद्ध का वर्णन था।

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🤍Shilpa🤍vor 1 Jahr

Padhaane chahie sabko Gyan Deni chahie school se hi

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Nandini Idnani 🚩🇮🇳vor 1 Jahr

Padani chahiye Geeta

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श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या धामvor 1 Jahr

सनातन धर्म की शिक्षा जरूरी है

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सनातन धर्म वह धर्म है जिसमें प्रभु द्वारा प्रदत्त सदग्रंथ चारों वेद, श्रीमद्भागवत गीता के अनुसार एक पूर्ण परमात्मा परम अक्षर ब्रह्म की इष्ट रूप में पूजा की जाती थी। तथा नकली धर्मगुरुओं द्वारा सनातन धर्म के विपरीत भगवान प्राप्ति के लिए तपस्या (हठयोग) करने के लिए कहा जाता है सनातन धर्म के पवित्र सदग्रंथ श्रीमद्भागवत गीता अध्याय 17 श्लोक 5-6 में तपस्या (हठ्योग) करने वालों को असुर स्वभाव के कहा गया है अर्थात सनातन धर्म के अनुसार तपस्या व्यर्थ साधना है। वर्तमान में केवल संत रामपाल जी महाराज जी ही सनातन धर्म के हितैसी हैं जो पवित्र वेद और गीता जी के अनुसार भक्ति विधी बताते हैं जब कि अन्य संत मनमानी शास्त्र विरुद्ध साधना करते और कराते हैं जो बिलकुल व्यर्थ है ।।

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