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भारत पर बड़ा खुलासा देख चौके रूस - चीन के लोग , पगलाया अमेरिका!!

11,496 просмотров • 22 дней назад •via X (Twitter)

Комментарии: 4

Фото профиля Kondapalli Paparao
Kondapalli Paparao21 дней назад

Jai Hind Jai Bharat 🇮🇳❤️

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Mandeep Singh21 дней назад

Fake 🤥

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Hary21 дней назад

Etna pragti hai to bhart me etni mehngai Kyu hai

Фото профиля 𝙷𝙸𝙼𝙰𝙽𝚂𝙷𝚄 𝚂𝙾𝙽𝙸
𝙷𝙸𝙼𝙰𝙽𝚂𝙷𝚄 𝚂𝙾𝙽𝙸22 дней назад

मिडिया की बाते

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अमेरिका को चीन से लड़ना है तो उसे हिन्दुस्तान के डाटा की जरुरत है। बिना हिन्दुस्तान के डाटा के अमेरिका चीन से नहीं लड़ सकता। क्योंकि चीन के पास दुनिया का सबसे बड़ा डाटा है और फिर भारत के पास है। दुनिया AI की बात करती है लेकिन बिना डाटा के AI का कोई मतलब नहीं है और डाटा भारत के पास है। पिछली सदी तेल की थी, सउदी अरब, अमेरिका, रूस, ईरान के पास तेल था लेकिन 21वीं सदी डाटा की है। लेकिन US-भारत की ट्रेड डील में नरेंद्र मोदी ने पूरा डाटा अमेरिका के हवाले कर दिया है। अब हिन्दुस्तान का डाटा अमेरिका कहीं भी रख सकता है। : 'कांग्रेस मजदूर महारैली' में नेता विपक्ष श्री Rahul Gandhi 📍 बरनाला, पंजाब

Congress

301,951 просмотров • 7 месяцев назад

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी crisis को opportunity में बदलने में माहिर हैं. हमें मोदी पर भरोसा करना चाहिए. Trump के tariff से पैदा होने वाले संकट को भी सफलता में बदलेंगे. हो सकता है कि साल, दो साल मुसीबतों का सामना करना पड़े. हो सकता है कि भारत की अर्थव्यवस्था जिस गति से आगे बढ़ रही है उसमें रुकावट आए. लेकिन इस समय भारत की अर्थव्यवस्था pressure को झेल सकती है. Covid का बुरा वक्त इसका example है. भारत ने संकट को अवसर में बदला. इससे पहले 1998 में अमेरिका ने भारत पर sanctions लगाए थे. उस समय हमारी अर्थव्यवस्था बहुत मज़बूत नहीं थी. अब तो भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में चौथे नंबर की economy है. अमेरिका को होने वाला export हमारी GDP का सिर्फ 2% है. इसीलिए चिंता करने की ज़रूरत नहीं. भारत का market हमारी अर्थव्यवस्था की शक्ति है. अमेरिका के लिए भी ये बहुत बड़ा market है. अगर भारत को tariff से नुकसान होगा तो अमेरिका के हाथ से भी बड़ा market जाएगा. भारत में तो मान्यता है कि जो होता है अच्छे के लिए होता है. अगर अमेरिका कोई रास्ता बंद करेगा तो दूसरे देशों के बाज़ार भारत के लिए खुलेंगे. Trump के रुख से भारत, रूस और चीन करीब आए हैं. भारत, रूस, चीन की आबादी दुनिया की कुल population का 38% है. यानी दुनिया का 38% market इन तीन देशों के पास है. इसी तरह textiles, pharma, engineering goods, steel और marine products का 30% से ज़्यादा market भारत, रूस और चीन के पास है. अगर ये तीनों देश एक साथ आ जाते हैं तो अमेरिका sideline हो जाएगा. अमेरिका की दादागीरी खत्म हो जाएगी. #MyTake #AajKiBaat #TrumpTariffs #Modi

Rajat Sharma

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