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भारत-पाकिस्तान सामना, मुंबईत ठाकरे गटाचं बॅटने टीव्ही फोडून आंदोलन!

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*Big breaking* *कल गुजरात में पकड़ी गई भरी मात्रा में बच्चा पैदा करने वाली मशीनें ।* *एक अनुमान से लगभग* 3 लाख ऐसी ही खबातिनें हैं जो पाकिस्तानियों से निकाह करके यहीं पसरी पडी हुई हैं.... अर्थात यही औरतें देश में आंदोलन करने में साथ दे रही थीं। ... *यही हैं रास्ता रोको आंदोलन करनेवाली..... *हर गली और मुहल्ले में घुसपैठिये हैं *क्या होगा भारत का,* बिना नागरिकता के बच्चा पैदा करने वाली मशीनें भारत में रह रही हैं.......? भारत को पाकिस्तान और बांग्लादेश के नागरिकों को भारत की नागरिकता देने ही नहीं चाहिये ,शादी की हो या हलाला.... *हलाला से याद आया... ये खबातिनें हलाला भी पाकिस्तान में जाकर ही कराती हैं....। *इसीलिए तो ये कभी पाकिस्तान मुर्दाबाद नहीं बोलते क्योंकि ... इनका आधा परिवार पाकिस्तान में जो रहता है....
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*Big breaking* *कल गुजरात में पकड़ी गई भरी मात्रा में बच्चा पैदा करने वाली मशीनें ।* *एक अनुमान से लगभग* 3 लाख ऐसी ही खबातिनें हैं जो पाकिस्तानियों से निकाह करके यहीं पसरी पडी हुई हैं.... अर्थात यही औरतें देश में आंदोलन करने में साथ दे रही थीं। ... *यही हैं रास्ता रोको आंदोलन करनेवाली..... *हर गली और मुहल्ले में घुसपैठिये हैं *क्या होगा भारत का,* बिना नागरिकता के बच्चा पैदा करने वाली मशीनें भारत में रह रही हैं.......? भारत को पाकिस्तान और बांग्लादेश के नागरिकों को भारत की नागरिकता देने ही नहीं चाहिये ,शादी की हो या हलाला.... *हलाला से याद आया... ये खबातिनें हलाला भी पाकिस्तान में जाकर ही कराती हैं....। *इसीलिए तो ये कभी पाकिस्तान मुर्दाबाद नहीं बोलते क्योंकि ... इनका आधा परिवार पाकिस्तान में जो रहता है....

VINI 💞

192,246 views • 1 year ago

मोदी जी, ज़रा अपने पुरखों के मुस्लिम लीग लगाव पर भी कुछ बोल दीजिए ▪️1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के पहले ही कांग्रेस की प्रांतीय सरकारों ने इस्तीफ़ा दे दिया था, लेकिन आप लोग मुस्लिम लीग के साथ सरकार चला रहे थे ▪️मुस्लिम लीग के साथ NWFP, बंगाल और सिंध में हिंदू महासभा सरकार चला रही थी ▪️1942 में बंगाल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी तो उस सरकार में Dy CM थे जिसके CM फ़ज़लूल हक़ ने 1940 में लाहौर प्रस्ताव पेश करके पाकिस्तान बनाने की माँग की थी ▪️श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने ना सिर्फ़ भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध किया बल्कि पत्र के माध्यम से ब्रिटिश गवर्नर जॉन हरबर्ट को इस आंदोलन को कुचलने के उपाय भी सुझाए थे ▪️अपने शपथ ग्रहण में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को आमंत्रित नरेंद्र मोदी ने किया था ▪️मोदी बिना किसी को बताये पाकिस्तान प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ का बर्थडे मनाने लाहौर लपके गए थे यह मुस्लिम लीग के समर्थक और अंग्रेज़ों के मुखबिर आज राष्ट्रप्रेम की बात कर रहे हैं!

Supriya Shrinate

12,358 views • 8 months ago

ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के ख़िलाफ़ भारत द्वारा चलाई गई, अब तक के इतिहास की सबसे बड़ी कार्रवाई है। पैंतीस-चालीस वर्षों से भारत सरहद पार से चलाये जा रही आतंकवाद का सामना कर रहा है। आज भारत ने पूरी दुनिया के सामने स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ हम किसी भी हद तक जा सकते हैं। पहलगाम में आतंकवादी घटना को अंजाम देकर भारत के माथे पर चोट पहुँचाने का काम किया, भारत की सामाजिक एकता को तोड़ने का प्रयास किया गया। उन्होंने भारत के माथे पर वार किया, हमने उनकी छाती पर घाव दिए हैं। पाकिस्तान के ज़ख्मों का इलाज इसी बात में है कि वह भारत विरोधी और आतंकवादी संगठनों को पनाह देना बंद करे, अपनी ज़मीन का इस्तेमाल भारत के ख़िलाफ़ न होने दे। आपको याद होगा कि लगभग इक्कीस साल पहले अटलजी के सामने इसी पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में डिक्लेरेशन किया था कि अब उनकी धरती से आतंकवाद एक्सपोर्ट नहीं किया जाएगा। मगर पाकिस्तान ने भारत को धोखा दिया और आज भी धोखा दिए जा रहा है। इसका ख़ामियाज़ा अब उसको भारी क़ीमत अदा करके भुगतना पड़ रहा है। और यदि आतंकवाद चलता रहा तो यह क़ीमत लगातार बढ़ने वाली है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने दो-टूक शब्दों में आतंकवाद के ख़िलाफ़ भारत की नीति को Redefine कर दिया है, जो यह कहती है कि हिंदुस्तान की सरज़मीं पर किया गया कोई भी आतंकी हमला एक act of war माना जाएगा। दोनों देशों में जो understanding अभी बनी है वह इसी बात को लेकर है कि सरहद पार से कोई बेजा हरकत नहीं की जाएगी। अगर की गई तो बात निकलेगी तो बहुत दूर तलक जाएगी। साथ ही हमारे प्रधानमंत्री ने यह भी साफ़ कर दिया है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चलेंगे और अगर बात होगी तो आतंकवाद पर होगी, पीओके पर होगी। ऑपरेशन सिंदूर की कामयाबी ने पाकिस्तान में छिपे आतंकी संगठनों और उनके आकाओं को भी यह साफ़ बता दिया है कि वो कहीं भी अपने आप को महफूज़ और सुरक्षित न समझें। अब वे भारतीय सेनाओं के निशाने पर हैं। दुनिया जानती है, हमारी सेनाओं का निशाना अचूक है और वो जब वो निशाना लगाते हैं तो गिनती करने का काम दुश्मनों पर छोड़ देते हैं। साथियो, आज आतंकवाद के ख़िलाफ़ भारत की प्रतिज्ञा कितनी कठोर है, इसका पता इसी बात से चलता है कि हमने उनके न्यूक्लियर ब्लैकमेल की भी परवाह नहीं की है। पूरी दुनिया ने देखा है कि कैसे ग़ैर ज़िम्मेदाराना तरीक़े से पाकिस्तान द्वारा भारत को अनेक बार एटमी धमकियाँ दी गईं हैं। आज श्रीनगर की धरती से मैं पूरी दुनिया के सामने यह सवाल उठाना चाहता हूँ कि क्या ऐसे ग़ैर ज़िम्मेदार और rogue nation के हाथों में परमाणु हथियार सुरक्षित हैं? मैं मानता हूँ कि पाकिस्तान के एटमी हथियारों को IAEA यानि (International Atomic Energy Agency) की निगरानी में लिया जाना चाहिए।

Rajnath Singh

107,621 views • 1 year ago

क्या मोदी अब चीन का डटकर सामना कर पाएंगे? जो लोग पाकिस्तान को पानी के लिए तरसाने के लिए सिंधु नदी का पानी रोकने की बात करते हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर तक बहने वाली सभी प्रमुख नदियाँ चीन (तिब्बत) से निकलती हैं। चिनाब, झेलम, सिंध, सतलुज, ब्यास, गंगा-यमुना से लेकर ब्रह्मपुत्र तक सभी चीन से ही आती हैं। 1996 से पहले, कांग्रेस सरकारों ने कभी भी तिब्बत पर चीन के आधिकारिक दावे को मान्यता नहीं दी; इसके बजाय, उन्होंने वहाँ के कब्ज़े को अवैध माना था। हालाँकि, जब अटल बिहारी वाजपेयी की 13 दिन की भाजपा सरकार सत्ता में आई, तो वह दौड़ते हुए चीन पहुंच गये और उन्होंने चीन के दावे को स्वीकार कर लिया था। बाद में 2003 में उनकी सरकार ने इस रुख को आधिकारिक रूप से मंजूरी दे दिया था। अब, वही चीन चेतावनी दे रहा है कि अगर पाकिस्तान के हिस्से का एक भी बूंद पानी रोका गया, तो वह भारत को कभी न भूलने वाला सबक सिखाएगा; चीन का कहना है कि भारत का ऐसा कदम मानवता का उल्लंघन होगा—जिसे वह बर्दाश्त नहीं करेगा। प्रधानमंत्री Narendra Modi का नाम लेकर चीन यह बात सार्वजनिक तौर पर कह रहा है। तभी डरी हुई BJP RSS अब पाकिस्तान से बात करने के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं।

Ajay Shukla अजय शुक्ल اجے شکلا

69,401 views • 1 month ago

एक भी फैसला गलत हुआ तो ये लोग देश जलाने में देरी नहीं करेंगे। 2021में सबसे पहला तख्तापलट अफगानिस्तान हुआ, तख्ता पलट के बाद वहाँ तालिबान आ गया, 2022 में पाकिस्तान की जनता सड़कों पर आ गई और इमरान खान को कुर्सी से उखाड़ फेंक दिया, 2023 में मणिपुर जलाना शुरू हुआ और 2024 में बंगलादेश का भी खेल ख़त्म हुआ यानी कि भारत के आसपास देशों में अपने मनपसंद सरकार हो या वहां पर तख्ता पलट कर दिया जाये। जब भी किसी देश की सत्ता पलटनी हो तो सबसे पहले जनता को उकसाया जाता है। कोई ना कोई मुद्दा नैरेटिव सेट किया जाता है। इससे जनता भड़के और सड़कों पर आ जाये। अब जरा भारत के तरफ देखिए कभी किसान आंदोलन के नाम पर दिल्ली की चोखट पर भीड़ खड़ी कर दी जाती है। आज कल किसान आंदोलन के नाम पर भीड़ इकट्ठा की जा रही है, जबकि असलियत में कोई आंदोलन है ही नहीं, ये सब उस तंत्र का हिस्सा है,जो तंत्र बंग्लादेश जैसे देश में चलाया गया था। जब संयोग देखिए दिसंबर के पहले हफ्ते किसान आन्दोलन शुरू हुआ उसी समय अमेरिका का तख्तापलट एक्सपर्ट डोनाल्ड लूं भारत आया हुआ था और अब इंतजार किया जा रहा है कि देश की जनता सड़क पर कब आए, लेकिन शुक्र है इस देश का प्रधानमंत्री का इस गहरे षडयंत्र को समझते हुए शांत दिमाग और ठोस फैसले से इस गहरे षडयंत्र की आग को ठंडा कर रहे हैं Narendra Modi Amit Shah #Soros_Toolkit_Gang CongressMuktBharat

अखण्ड भारत संकल्प

34,003 views • 1 year ago

अगर इस तरह की बातें कोई हिंदू व्यक्ति भारत के टीवी चैनलों पर करता तो मुस्लिम लोग उसके खिलाफ आंदोलन करते हैं उसे गिरफ्तार करने की मांग करते हैं सुप्रीम कोर्ट न जाने कितने नोटिस भेज देता लेकिन यह पाकिस्तान के चैनल पर पाकिस्तान का ही एक मुस्लिम मुसलमानो के इतिहास और वर्तमान को बखूबी बता रहा है आप लोग सुनिए यह खुलकर कह रहे हैं कि जब आपके पास ताकत थी तब सलाहुद्दीन अय्यूबी तैमूर गजनवी जैसे लोगों ने दुनिया के तमाम देशों पर हमला किया कत्लेआम किया आज इजरायल के पास ताकत है तो यदि वह हमला कर रहा है कत्लेआम कर रहा है तो आपको दुख नहीं होना चाहिए क्योंकि जब आप अपने लोगों के द्वारा किये कत्लेआम पर उसे गाजी का कर खुश होते हैं तो फिर दूसरे लोगों के कत्लेआम पर दुख क्यों मनाते हैं ? यह आगे कह रहे हैं कि हमारा पूरा इतिहास गद्दारी का है प्लासी की लड़ाई में हमने (मीर जाफर) गद्दारी की बक्सर की लड़ाई में हमने (शाह आलम) गद्दारी की और हमारे गद्दारी की वजह से इस खित्ते अभिभाजित भारत में अंग्रेज मजबूत हुए और अंग्रेजों ने भारत पर कब्जा किया अगर हमारी कौम गद्दार नहीं होती तो अंग्रेज भारत पर कभी राज नहीं कर सकते थे यह आगे बता रहे हैं कि आपने यानी हम मुसलमानो ने दुनिया को कुछ नहीं दिया है हम एक सेफ्टी पिन तक नहीं बना सके आप यह पूरा वीडियो सुनिए बेहद शानदार वीडियो है

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

35,823 views • 1 year ago

किसान आंदोलन के समय कई विदेशी सेलिब्रिटीज जैसे रिहाना ग्रेटा थनबर्ग, मिया खलीफा ने कई ट्वीट किए थे इस पर सचिन तेंदुलकर और लता मंगेशकर ने सिर्फ इतना ट्वीट किया की विदेशी लोगों को भारत के आंतरिक मामलों में बोलने की जरूरत नहीं है हम भारतीय अपनी समस्या सुलझाने में माहिर है इस बात पर महाराष्ट्र की तब की उद्धव ठाकरे कांग्रेस और शरद पवार की मिली जुली सरकार ने इन दोनों हस्तियों यानी सचिन तेंदुलकर और लता मंगेशकर के खिलाफ एक जांच आयोग बिठा दिया कि इन लोगों ने यह ट्वीट कितने पैसे लेकर किया जबकि कोविद के समय हूबहू एक ही ट्वीट की कॉपी जो बॉलीवुड की सैकड़ो लोगों को किसी व्हाट्सएप ग्रुप में दी जाती थी सब वही कॉपी पेस्ट करते थे उद्धव ठाकरे की तारीफ में एक से एक ट्वीट होते थे और बॉलीवुड के सैकड़ो लोगों के ट्वीट में कॉमा फुल स्टाफ का भी फर्क नहीं होता था खैर इस मामले में जब स्वर्गीय रोहित सरदाना जी ने कांग्रेसी कुत्ते से सवाल किया था तब वह कांग्रेसी कुत्ता ऐसे व्यवहार कर रहा था जैसे उसे रेबीज हो गया हो

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

29,742 views • 6 months ago

मोदी जी ने कहा था - ‘50 दिन दे दो, अगर कोई गलती हो, कोई कमी हो, या मेरा इरादा गलत निकले - तो मैं चौराहे पर खड़ा हो जाऊंगा, और देश जो सज़ा देना चाहे दे दे।’ देश ने 50 दिन नहीं, 11 साल दे दिए। लेकिन न मोदी चौराहे पर आए, न मीडिया के सामने आने की हिम्मत दिखाई। कहा था - ‘नोटबंदी, CAA और धारा 370 से आतंकवाद की कमर टूटेगी।’ पर टूटी किसकी कमर? 2014 से 2025 के बीच 9 बड़े आतंकी हमले हुए - Pathankot, Uri, Pulwama, Reasi, Rajouri, Dhangri, Anantnag, Jammu, Pahalgam… लेकिन हर बार प्रधानमंत्री छुप गए, हर बार सवालों से भाग गए। और अब सवाल ये - क्या जयशंकर 2024 में इस्लामाबाद खीर खाने गए थे? क्यों विदेश मंत्री ने सेना की ऑपरेशन रणनीति पाकिस्तान को पहले ही बता दी? क्यों भारत की सुरक्षा नीति को कमजोर किया गया? चौराहा तो बहुत दूर है साहब, अब तो सच्चाई का सामना करने का भी साहस नहीं बचा।

Nighat Abbass🇮🇳

88,350 views • 1 year ago