Загрузка видео...

Не удалось загрузить видео

На главную

भरोसा खरीदा नहीं जा सकता कामना पड़ता है..शुक्रिया दोस्तों..

226,016 просмотров • 1 год назад •via X (Twitter)

Комментарии: 9

Фото профиля Pragya Mishra
Pragya Mishra1 год назад

*कमाना*

Фото профиля प्रमोद तिवारी
प्रमोद तिवारी1 год назад

आपकी सम्मानित पार्टी की हार पर यदि आपको आज प्रभु ने इतनी बड़ी खुशी दी है तो,आपको ढेर सारी शुभकामनाएं, भगवान करें ये खुशी आने वाले चुनाओं में भी बरकरार रहे,

Фото профиля Praveen Ravishankar Tiwari🇮🇳
Praveen Ravishankar Tiwari🇮🇳1 год назад

कुछ नहीं कह सकते बस बापू और सपा की आरती उतर सकते है।

Фото профиля RAJA BABOO
RAJA BABOO1 год назад

जय हरियाणा

Фото профиля Ujjaval Tiwari
Ujjaval Tiwari1 год назад

पर्वतों से मत टकराओ सिर्फ चमचों से टकराओ वो ही जुगाड कर देंगे आपका 😊

Фото профиля Bulla Tweets
Bulla Tweets1 год назад

भीख मांगने का तरीका थोड़ा कैसुअल् है।

Фото профиля Akash Pandey
Akash Pandey1 год назад

बहुत नौटंकी करती है। उनके फॉलोअर्स को इनसे बच के रहना चाहिए। कांग्रेस की हार का ग़म भूलने के लिए यह इस तरह से सबको अपना परिवार बना रही हैं।

Фото профиля Shyam Sharma
Shyam Sharma1 год назад

ऐसे फ़र्ज़ी youtuber और तुम्हारे जैसे ही कांग्रेस कि लुटिया डुबो रहे है.. खुद पैसे लेकर उनका propaganda करते हो, और अपने दर्शकों को मूर्ख बनाते हो.. शर्म करो शर्म.. यह कौनसी पत्रकारिता है... अब पढ गयी ठंडक.. और फैलाओ झूठ और करो नौटंकी..

Фото профиля Siddh Narain
Siddh Narain1 год назад

ईमानदारी क्या होती है ये आप और आपकी टीम नहीं जानती ! आप केवल पैसे पर नाचने वाले लोग है. मदारी तुम्हारे आका बैठे वह दिल्ली में बंदरों की तरह नाचते हो तुम लोग

Похожие видео

कांग्रेस को किसी की भी बात पर भरोसा ही नहीं है। ये वो लोग हैं जिनको 2016 में भरोसा ही नहीं था, कह रहे थे सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत दो। 2019 एयर स्ट्राइक हुई तो एयरफोर्स पर इनको भरोसा नहीं था। जब कोविड वैक्सीन आई तो इनको भरोसा नहीं था, यहां तक कि जब कोविड का टीका लगने की बात आई तो कहने लगे कि सैंपल का स्टैटिस्टिकल डाटा दीजिए हमें उसपर भरोसा नहीं है। चुनाव आयोग पर इनको भरोसा नहीं था, मीडिया पर इनको भरोसा नहीं था। इनके नेता जो इनके द्वारा नामित होकर संसदीय मामलों की विदेश संबंधी समिति के अध्यक्ष हैं यदि वो विदेश संबंधी मामले में भारत का पक्ष रखने गए तो उसपर भरोसा नहीं है। अरे भाई तो भरोसा है किस पर? हकीकत में आपका खुद पर भरोसा खत्म हो गया है इसीलिए आपको किसी भी बयान को लेकर भरोसा दिलाना संभव ही नहीं है। क्योंकि सोते हुए व्यक्ति को तो जगाया जा सकता है, लेकिन जो व्यक्ति जागते हुए सोने का नाटक कर रहा हो, उसे कितना भी हिलाइए-डुलाइए, वो आंख नहीं खोलता। कहता है मुझे कुछ नहीं दिख रहा, मुझे सिर्फ अंधेरा दिख रहा है।

Dr. Sudhanshu Trivedi

28,235 просмотров • 1 год назад