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भरोसा बहुत महंगी चीज है भरोसा हर किसी पे नहीं किया जाता है 😎

23,426 просмотров • 7 месяцев назад •via X (Twitter)

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कांग्रेस पार्टी कहती है कि उसे चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं है, इनको मीडिया पर भरोसा नहीं है। सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाकर इन्हें सेना पर भरोसा नहीं है। इन्हें एयर फोर्स पर भरोसा नहीं है, इन्होंने बालाकोट को लेकर सवाल उठाए। अभी जब ऑपरेशन सिंदूर हुआ, तो भारत के विदेश मंत्रालय पर भरोसा नहीं है। जिस समय हिंडनबर्ग का मुद्दा आया, तो इन्होंने कहा कि SEBI पर भरोसा नहीं है। इन्होंने कहा कि LIC बिक गई, लेकिन LIC ने ऑल टाइम हाई प्रॉफिट गेन किया। इन्होंने कहा कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बिक गया, जबकि SBI का पिछले क्वार्टर का प्रॉफिट पूरे भारत में प्राइवेट और सरकारी बैंकों में सबसे ज्यादा है। जब कोविड वैक्सीन आई, तो इन्होंने कहा कि वैक्सीन पर भरोसा नहीं है। क्या यह कोई शक-ओ-शुब्हा है या फिर आपके अंदर कोई षड्यंत्रकारी मनोवृत्ति बैठी हुई है, जो भारत की हर चीज के बारे में संदेह पैदा करना चाहती है? वैक्सीन से लेकर इलेक्शन कमीशन तक, सेना से मीडिया तक, सेबी से एलआईसी तक आखिर आपको भरोसा किस पर है? और तो और, कांग्रेस को भारत का पक्ष रखने विदेश गये अपने सांसदों / नेताओं पर भी भरोसा नहीं है।

Dr. Sudhanshu Trivedi

35,306 просмотров • 1 год назад

कांग्रेस को किसी की भी बात पर भरोसा ही नहीं है। ये वो लोग हैं जिनको 2016 में भरोसा ही नहीं था, कह रहे थे सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत दो। 2019 एयर स्ट्राइक हुई तो एयरफोर्स पर इनको भरोसा नहीं था। जब कोविड वैक्सीन आई तो इनको भरोसा नहीं था, यहां तक कि जब कोविड का टीका लगने की बात आई तो कहने लगे कि सैंपल का स्टैटिस्टिकल डाटा दीजिए हमें उसपर भरोसा नहीं है। चुनाव आयोग पर इनको भरोसा नहीं था, मीडिया पर इनको भरोसा नहीं था। इनके नेता जो इनके द्वारा नामित होकर संसदीय मामलों की विदेश संबंधी समिति के अध्यक्ष हैं यदि वो विदेश संबंधी मामले में भारत का पक्ष रखने गए तो उसपर भरोसा नहीं है। अरे भाई तो भरोसा है किस पर? हकीकत में आपका खुद पर भरोसा खत्म हो गया है इसीलिए आपको किसी भी बयान को लेकर भरोसा दिलाना संभव ही नहीं है। क्योंकि सोते हुए व्यक्ति को तो जगाया जा सकता है, लेकिन जो व्यक्ति जागते हुए सोने का नाटक कर रहा हो, उसे कितना भी हिलाइए-डुलाइए, वो आंख नहीं खोलता। कहता है मुझे कुछ नहीं दिख रहा, मुझे सिर्फ अंधेरा दिख रहा है।

Dr. Sudhanshu Trivedi

28,235 просмотров • 1 год назад

अब भरोसा टूटने की शिकायत है… 🤔 कहा जा रहा है हिंदू अब मुस्लिमों को दुकान किराए पर नहीं दे रहे, ग्राहक ढाबों–होटलों से दूरी बना रहे हैं, शादी–ब्याह में रसोई का काम भी नहीं दिया जा रहा। और सवाल उठाओ तो जवाब मिलता है “ये नफरत है… ये बदनाम करने की साज़िश है।” 😏 अब्दुल बोले— तुम नफरती चिंटू हो नेता बोले— मुसलमानों को बदनाम किया जा रहा है लेकिन ज़रा ईमानदारी से सोचिए 👇 क्या भरोसा अचानक टूटा है? क्या थूक लगाकर रोटी बनाते वीडियो झूठे थे? 🤢 क्या मिलावट और धोखाधड़ी के मामले फर्जी थे? क्या हज़ारों गिरफ्तारियाँ हवा में हुईं? क्या अदालतों में चल रहे मुकदमे कहानी हैं? ⚖️ अगर सब झूठ है तो जेल क्यों भरी हैं? जमानत क्यों लेनी पड़ी? और जब लैंड जिहाद पर सवाल उठते हैं तो जवाब तर्क नहीं, गुस्सा क्यों? 😡 Waqf Board के नाम पर कभी खेत, कभी स्कूल, कभी मंदिर, हर जगह “ये ज़मीन हमारी” कैसे लिख दी गई? भरोसा कोई भाषण नहीं होता, जो माइक पर मिल जाए। 🎤 भरोसा व्यवहार से बनता है, और कर्मों से टूटता है। आज समाज दूरी बना रहा है, तो उसे “नफरत” कहकर टालना आसान है, लेकिन सच ये है👇 👉 भरोसा माँगा नहीं जाता 👉 भरोसा कमाया जाता है। ये नफरत नहीं, सवाल हैं। और सवालों से भागना, किसी भी समाज को आगे नहीं ले जाता। 🚫

अखण्ड भारत संकल्प

19,795 просмотров • 6 месяцев назад