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मैं 80 करोड़ लोगों को मुफ्त खाना खिलाता हूं मुझे वोट दो, नहीं तो तुम्हे पुण्य नही लगेगा। ज़रा इनसे पूछो तो, मुफ्त खाना खिलाया मुफ्त राशन दिया बोल रहे हो... अनाज अपने मामा के घर से लाए थे क्या।

461,703 Aufrufe • vor 2 Jahren •via X (Twitter)

10 Kommentare

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Incognitovor 2 Jahren

TMC MLA Hamidur Rehman is threatening people to vote him or else.... Zara inse pucho toh ki yeh vote inke baap ka hai, mama ka hai, chacha ka hai, fufa ka hai, dada ka hai...kiska hai??

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Mukesh Ambani ( Parody )vor 2 Jahren

Rahul 1 lakh tujhe heeramandi me bithwake banyega?

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ExtraSpiceAnivor 2 Jahren

Kejriwal ki free electricity mamujaan ke ghar se ati hai?

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Chandravor 2 Jahren

Telangana/Karnataka mein congress ne women ko free bus scheme diya, kya bus mein dalne wala diesel tere gaan se niklega.?

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KK NEHRAvor 2 Jahren

सुना है कांग्रेसियों से तुम्हारी अच्छी जानकारी है एक बार उनसे जाकर पूछो कि जो 5 किलो राशन पर गरीबों का मजाक उड़ाते थे वह 10 किलो अनाज देकर क्या गरीबी और बढ़ाना चाहते हैं? और दूसरी बात कांग्रेस क्या अपने मामा के घर से लाती है जो 10 किलो का वादा कर रही है

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SHIVANI VERMAvor 2 Jahren

पहला प्रश्न तो 80 करोड़ जनता को देना क्यों पड़ता है मुफ्त राशन दूसरा ये कोई अपने पॉकेट से थोड़ी देते हैं.

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raevor 2 Jahren

Tereko 14 lac tere mamu de rahe hai ya abba??

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Anuradha Mishra (Modi's Family)vor 2 Jahren

10 किलो Khangress ने भी देने का वादा किया है, उनसे पूछ कहाँ से लाएंगे नानी के घर, इटली से??

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Amit Thakur 🇮🇳vor 2 Jahren

Kuch bhi Propaganda faila ayega to Modi Hi

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Gareeboovor 2 Jahren

तो ब स ड क कर्नाटक में जो बस ट्रैवल मुफ़्त है उसका पेट्रोल तेरे मामू के घर से आता उन्हें चलाने के लिए

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"हम तो अपने घर में मिट्टी के दो चूल्हे मंगवा लिए हैं.. क्योंकि गैस तो सबको दिक्कत आएगी न.." अखिलेश यादव ने गैस की दिक्कत को लेकर दिया बड़ा बयान.. बोले, "मैंने कहा था कंडे, लकड़ी, अंगीठी तैयार कर लो.. आप लोगों ने मेरा कहना नहीं माना.. हम तो अपने घर में मिट्टी के दो चूल्हे मंगवा लिए हैं क्योंकि गैस तो सबको दिक्कत आएगी न.. हमें भी दिक्कत आएगी.. आपको भी दिक्कत आएगी.. तो हमने तो अपने यहां लकड़ी से, कोयले से खाना बनाने का इंतजाम कर लिया है.. हम सबको इसी तरीके से खाना बनाना पड़ेगा.." अखिलेश यादव ने कहा, "छात्र हों.. कारोबारी हों.. व्यापारी हों.. सबसे बड़ी दिक्कत तो छात्रों के साथ है ही, गरीबों के साथ है और जो डेली अपना काम करते थे ठेले पर.. कोई चाट बेचता था.. कुछ मोमोज बेचते थे. मैगी बेचते थे.. नूडल्स बनाते थे.. आप बताइए गैस पर ही भरोसा नहीं है.. एक कचौड़ी, एक समोसा.. गैस पर नहीं भरोसा.. तो दिक्कत आई कि नहीं आई हम सबको.. एक-एक करके हम सबको परेशानी आएगी.." #AkhileshYadav #SamajwadiParty #gascylinershortage #GasCrisis #Panic #UttarPradesh #Politics

Vivek K. Tripathi

30,634 Aufrufe • vor 5 Monaten

मामा जमीनी हैं.. आज स्वागत पर गुस्सा गए.. लेकिन गुस्से में भी उनकी बात सुनिये.. बिल्कुल धैर्य और संयम के साथ मामा ने अल्टीमेटम दिया है.. कह रहे, "ये जो कर्मकांड है न!! स्वागत करवाना.. शॉल पहनना.. श्रीफल पहनना.. ये सब मुझे तो पाखंड लगते हैं.. बेमतलब में काहे को पैसा बिगाड़े हैं.." "इसके बजाय मेरा सम्मान करना चाहते हैं तो आप पेड़ लगा दो एक.. और फोटो मुझे भेंट कर दो या अपलोड कर दो कि हमने पेड़ लगाया.." मामा ने साफ कहा, "आगे से हमारा कोई भी संस्थान इसमें पैसे खर्च नहीं करेगा. कोई नेता का स्वागत करने की जरूरत नहीं है.." मामा बोले, "शॉल..श्रीफल.. माला.. कोई जरूरत नहीं है.. ये काय के लिए हम करें.." "हम तो अपना परिवार है..मैं कोई ऐसा थोड़ी हूं कि शॉल ओढ़ाओ, श्रीफल ओढ़ाओ, माला पहनाओ और मैं गदगदायमान हो जाऊं.. कि वाह, साला मैं तो साहब बन गया.. मैं इन सब चीजों से परे हूं.." मामा लव यू है आपको..

Vivek K. Tripathi

110,204 Aufrufe • vor 6 Monaten

अरे Shyam Meera Singh जी यह आप क्या बोल रहे है, इसमें आपकी जातिवादी और दलित विरोधी मानसिकता दिख रही है। Sumit Chauhan ने आपको बहुजन यूट्यूबर मीट में बुलाया और सम्मान दिया था, लेकिन आप कह रहे है कि बहुजनों के यूट्यूबर मीट में जाकर मुझे क्या मिला? मैं तो 3 घंटे का 50,000 रुपये लेता हूं। वहां जो लोग आए थे, वो तो किसी लायक नहीं थे। आपकी भाषा और टोन को देखा तो जातिवादी मानसिकता झलक रही है। आप कह रहे है कि मैं बहुत बड़ा आदमी हूं और वहां जो 150 दलित, आदिवासी और पिछड़े पत्रकार और कंटेंट क्रिएटर आए थे। उनकी कोई वैल्यू या औकात नहीं लेकिन मैं बहुत बड़ा आदमी हूं और मैंने उनको सिखाया तो उनका भला होगा। खुलेआम आप हमारे समाज को दो कौड़ी का कह रहे है और हमारी बेइज्जती कर रहे है। आपसे हमें ऐसी उम्मीद नहीं था, आपको अपने यह शब्द वापस लेने चाहिए और हमारे समाज से माफ़ी माँगनी चाहिए।

Ashok Meghwal

80,877 Aufrufe • vor 1 Jahr