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मैं आज ज़द पे हूँ तो इतना ख़ुशगुमान न हो चराग़ सबके बुझेंगे हवा किसी की नहीं।
10 条评论

फिर से अतीक़ ~ मुख़्तार को याद करने लगा 😈

You know it's time for something else when: ⬜⬜🟨⬜⬜ ⬜🟨🟨⬜⬜ ⬜🟨🟨🟨⬜ 🟨🟨🟨🟨⬜ 🟨🟨🟨🟨🟨 🟨🟨🟩🟨🟨 🟨🟩🟩🟨🟨 🟨🟩🟩🟩🟨 🟩🟩🟩🟩🟨 🟩🟩🟩🟩⬛

अतीत कौन झाँकेगा??…विथ आउट पास्ट, कुछ भी नहीं होता है..इसलिए पूर्व के ज़िल्लेइलाहियों की मोहब्बत भी तो देखिए…अनुच्छेद 370/35ए, हिंदू कोड बिल, वक्फ बोर्ड सशक्तिकरण, 42वां संशोधन, आपातकाल, शाह बानो संशोधन, पूजा स्थल अधिनियम !!! तब शायद हमने भी यही सोचा होगा 👇🏻 “मैं आज ज़द पे हूँ तो इतना ख़ुशगुमान न हो चराग़ सबके बुझेंगे हवा किसी की नहीं”😌😌

आँखों में मंज़िल थी, गिरे और संभलते रहे, आँधियों में क्या दम था, चिराग हवा में भी जलते रहेI गलतफहमी में मत रहना

मैं आज खांग्रेस में हूँ तो इतना ख़ुशगुमान न हो चराग़ सभी काफ़िरों के बुझेंगे मुल्ले किसी के नहीं।

भक्क BSDK , चराग़ का तेल ख़त्म हो गया और हवा का रुख़ बदल चुका अब ,, तुम जैसे टुच्चे छपरी अब सिर्फ़ गली गली जाकर मुशायरा और मुजरा ही कर पाओगे क्योंकि ,,,👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻 खफा होते है हो जाने दो, घर के मेहमान थोड़ी है जहाँ भर से लताड़े जा चुके है, इनका ईमान थोड़ी है.. ये कृष्ण-राम की धरती, सजदा करना ही होगा मेरा वतन ये मेरी माँ है, लूट का सामान थोड़ी है मैं जानती हूँ, घर में बन चुके है सैकड़ों भेदी जो सिक्कों में बिक जाए वो मेरा ईमान थोड़ी है मेरे पुरखों ने सींचा है इसे लहू के कतरे कतरे से बहुत बाँटा मगर अब बस, खैरात थोड़ी है . जो रहजन थे उन्हें हाकिम बना कर उम्र भर पूजा मगर अब हम भी सच्चाई से अनजान थोड़ी है ? . बहुत लूटा फिरंगी तो कभी बाबर के कपूतों ने ये मेरा घर है मेरी जाँ, मुफ्त की सराय थोड़ी है जितना था तुम्हारा खून शामिल तुम ले चुके वो हिस्सा अब ये तुम्हारे बाप का हिंदुस्तान थोड़े है जो आज हिन्द की रहमत में पल रहे हो किरायेदार हो तुम, ये देश तुम्हारा जाती मकान थोड़े है.... जय हिन्द 🇮🇳🫡🚩 #WaqfAmendmentAct

तुष्टिकरण की आँच थम रही है तो शोर न करो, राष्ट्रवाद की बयार है — संग बहो, अभिशप्त नहीं, आशीषित रहो।

Aisa lgta hai ki Congress wale parliament mein Heera Mandi ke tucche shayar le aayi hai.

चराग वही भुजते है जो बद नियत से जलाये जाते है, ईमान की शम्मा तो तूफानों मे भी जलती रहती है ll

जिहादी के दरबारी
