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मैं आपको अपना बेटा सौंप रही हूँ… जैसे आपने मुझे अपना माना वैसे ही राहुल को भी अपना मानकर रखना है… ये राहुल आपको निराश नहीं करेंगे - CPP चेयरपर्सन एवं रायबरेली की पूर्व सांसद Sonia Gandhi ji लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान रायबरेली में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi...

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“सत्यमेव जयते ” जनता द्वारा चुने गये सांसद , देश के नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi जी के खिलाफ दूरदर्शन के एंकर अशोक श्रीवास्तव द्वारा की गई अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में दूरदर्शन के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे NSUI के 5 कार्यकर्ताओं को जमानत मिलना लोकतंत्र और न्याय की एक बड़ी जीत है।माननीय न्यायालय के फैसले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सच को दबाया नहीं जा सकता। जब सत्ता के अहंकार में आवाज़ों को दबाने की कोशिश होती है, तब सच्चाई और संघर्ष ही सबसे बड़ा जवाब बनते हैं। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी के खिलाफ की गई अमर्यादित टिप्पणियों को कार्यकर्ता बर्दाश्त नहीं करेंगे। NSUI कार्यकर्ता आगे भी खुलकर अपना विरोध दर्ज कराते रहेंगे। यह लड़ाई सिर्फ NSUI कार्यकर्ताओं की नहीं, बल्कि हर उस आवाज़ की है जो सच और संविधान के साथ खड़ी है। हम डरेंगे नहीं, झुकेंगे नहीं — सच के लिए लड़ते रहेंगे। Congress

VINOD JAKHAR

27,078 Aufrufe • vor 4 Monaten

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi जी ने सदन को संबोधित किया। किसानों, श्रमिकों, महिलाओं, युवाओं सहित करोड़ों देशवासियों की आवाज बनकर राहुल जी ने कहा कि केंद्र सरकार को लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक नीतियों पर चलते हुए, उनका सम्मान करते हुए कार्य करने चाहिए। जिसमें आवश्यक है कि देश का विकास, हर वर्ग के अधिकार एवं हित समाहित हो। सरकार महंगाई और बेरोजगारी पर तो चर्चा से बचती आई है, अब NEET पेपर लीक पर चर्चा करने से लगातार भाग रही है। सभी को साथ लेकर चलना, हर मुद्दे पर चर्चा करते हुए सभी की सहमति के साथ देशहित व जनहित में निर्णय लेना सरकार का कर्त्तव्य भी है और दायित्व भी, जिसे सत्ता पक्ष को हर हाल में सत्य व ईमानदारी से निभाना चाहिए।

Sachin Pilot

137,541 Aufrufe • vor 2 Jahren

मैं ओम बिरला की विचारधारा का समर्थक नहीं हूँ ना ही ओम बिरला को नेता मानता हूँ ओम बिरला नेता कम व्यापारी है लेकिन इनकी इस बात का समर्थन करता हूँ कि हमने अपने जनप्रतिनिधि चुनकर इसलिए भेजे है ताकि वो आमजन के मुद्दे लोकसभा में रखे ना कि अपनी पार्टी का एजेंडा चलाकर लोकसभा को बाधित करने के लिए । आपको लोकसभा ठप करनी है तो प्रश्नकाल और शून्यकाल के बाद करो जिन मुद्दों पर आपको सड़कों पर लड़ना चाहिए उन मुद्दों पर आप लोकसभा में झूठा बवाल मचा रहे हो ये देश की जनता देख रही है और यही कारण है कि आप लगातार हार रहे हो । विपक्ष के सामने सबसे बड़ी समस्या यही है कि वो देश की जनता की नब्ज नहीं पकड़ पा रही , 2014 से पहले सिर्फ राजनीति से जुड़े हुए लोग या पत्रकार ही लोकसभा की कार्यवाही देखते या पढ़ते थे लेकिन अब वक्त बदल गया है अब देश का हर नागरिक ये देखना चाहता है कि लोकसभा में क्या चल रहा है , मेरा चुना हुआ प्रतिनिधि लोकसभा में हमारी आवाज उठा रहा है या हंगामा करके अपनी पार्टी का एजेंडा चला रहा है । मेरा मेरी लोकसभा से सांसद Rahul Kaswan जी से भी निवेदन है कि अपनी पार्टी की मीटिंग में ये बात रखें कि हमने आपको लोकसभा में अपना जनप्रतिनिधि इसलिए चुनकर भेजा है ताकि आप जवान , किसान और क्षेत्र के विकास से संबधित मुद्दे सदन में रखें ना कि हंगामा करके दूसरे सांसदों को भी मुद्दे रखने से रोकने के लिए ।

MP Saharan

57,346 Aufrufe • vor 9 Monaten

बेनीवाल जी जब NDA से सांसद बने तब 2 साल में ही सैकड़ों बार संसद में उन्हें "धन्यवाद मोदी जी - धन्यवाद शाह जी" बोलते हुए सुना गया था। लेकिन कांग्रेस के साथ गठबंधन से सांसद बनने के बाद कभी इन्हें राहुल गांधी जी और खड़गे साहब का धन्यवाद तो दूर नाम लेते हुए भी नहीं सुना है। हनुमान बेनीवाल की पार्टी अगर कहीं पर भी उम्मीद रखती है तो वो किसान दलित मुस्लिम इत्यादि वर्ग के वोटों से रखती है और ये सब ऐसे वर्ग है जिनका भरोसा राहुल गांधी के साथ है। बेनीवाल को ये कहते हुए सुना जाता है कि उनका एलायंस केंद्र में है, राज्य में नहीं तो केंद्र में वो अपना नेता किसको मानते हैं, ये जनता को बताना चाहिए और खुलकर बताना चाहिए जैसे आप खुलकर कांग्रेस सांसदों से अपनी तारीफ सुनना चाहते हैं। बाकी ये कोई नकार ही नहीं सकता है कि RLP के वोट कांग्रेस को नहीं मिले होंगे क्योंकि बाड़मेर जैसलमेर लोकसभा में तो आप ने खुलेआम घोषणा कर दी थी, RLP टीम बाड़मेर जैसलमेर मे अपना समर्थन भाजपा को दे चुकी थी उसके बाद भी RLP वोटरों ने कांग्रेस को ही वोट दिए थे। जबकि जयपुर ग्रामीण में घमंडी कांग्रेस नेताओं द्वारा INC प्रत्याशी को आपकी सभा न करने का आदेश देने, उन नेताओं द्वारा आपकी पार्टी का मंच से ही अपमान किए जाने के बाद भी RLP के चाहने वालों ने कांग्रेस के अनिल चोपड़ा को ही वोट दिए थे। क्योंकि RLP और कांग्रेस का वोट बैंक एक ही है तो उन्हें लोकसभा चुनाव में तो बांटना नामुमकिन सा हो जाता है, और इस वोट बैंक की उम्मीद राहुल गांधी जी से है 🙂

अमरेन्द्र खलबली amrendra khalbali

20,635 Aufrufe • vor 3 Monaten

श्री सोनम वांगचुक जी पिछले 19 दिनों से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन पर हैं। उनके गिरते स्वास्थ्य को देखते हुए हम उनसे आग्रह करते हैं कि वे अपना अनशन ख़त्म कर अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष आदरणीय श्री राहुल गांधी जी लगातार छात्रों की आवाज़ बुलंद कर रहे हैं। युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा और छात्रों को हर हाल में न्याय मिलकर रहेगा। भाजपा सरकार अब छात्रों के सवालों से बच नहीं सकती। करोड़ों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली इस विफल शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी तय करनी पड़ेगी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना होगा। Rahul Gandhi Sonam Wangchuk #NirmalChoudhary

Nirmal Choudhary

51,723 Aufrufe • vor 1 Monat

क्या ही लिखा जाए इस पर? क्या ही कहा जाए? लेकिन फिर भी जो लिखा है उसको पढ़िए और ये समझिए कि मज़ाक करने में और मानसिक तौर पर दिवालिया होने में फर्क होता है। आप बीजेपी के किसी भी नेता-कार्यकर्ता से मिलिए, वो अपनी सरकार के तमाम खामियों पर हामी भरने के बाद भी अंत में आपको यही कहेंगे कि जब तक नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी राजनीति में सक्रिय हैं, जब तक वे कांग्रेस के पोस्टर बॉय बने हुए हैं तब तक बीजेपी की सत्ता में वापसी होती रहेगी। ये सुनकर निश्चित है लगता है कि बीजेपी का ये अति-आत्मविश्वास ही उनको लेकर डूबेगा लेकिन फिर आप नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बीजेपी कार्यकर्ताओं की बातों को यथार्थ करते सुन लेते हैं। तब समझ आता है कि बीजेपी की असल ताकत नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की कांग्रेस ही है। कारण कि राहुल गांधी के आस-पास के Congress Courtier (दरबारी) में उतनी कुव्वत नहीं है कि वे अपने नेता को ये बता सकें कि साहब ये दांव उल्टा भी पड़ सकता है। ऐसे में अक्सर ये दरबारी अपने नेता को खुश करते-करते उनके ही गले पर आरी रगड़ देते हैं। इस बात को प्रमाणित करने के लिए इस वीडियो से बेहतर और क्या ही होगा! इंदिरा गांधी की कांग्रेस के भीतर की रचनात्मकता इस स्तर पर उतर जाएगी, ये कल्पना से परे की बात अब लगती नहीं है। ये कहने में गुरेज नहीं करना चाहिए कि पीएम मोदी के लिए जंतर-मंतर पर जिन अपशब्दों और घटिया टिप्पणियों पर इस देश के GenZ ने माफी मांगी है, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और उनकी कांग्रेस शायद उन अभद्र और ओछे संदर्भों से सबसे ज़्यादा प्रभावित हुईं है। तभी तो नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जब पीएम मोदी के विदेशी नेताओं से गले मिलने का उपहास उड़ा रहे होते हैं तभी संदीप दीक्षित झट से इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी का भी जिक्र कर देते हैं, इसी ताक में कि देश के GenZ को ये घटिया मजाक पसंद आयेगा। क्या रचनात्मक कांग्रेस के बैनर तले राष्ट्रीय सम्मेलन कर रही कांग्रेस पार्टी की यही नई रचनात्मकता है? और क्या होती है वैसे विदेश नीति? क्या अभी ईरान-इज़राइल युद्ध के समय यही कांग्रेस नहीं कह रही थी कि देश में भयंकर ऊर्जा संकट आने वाला है, भूखे मरने की नौबत आने वाली है, ऐसा कुछ हुआ क्या? जिस दौर में पूरा विश्व "ट्रम्प" नाम की वैश्विक अस्थिरता से पीड़ित है, जहां अमेरिका भारत की संप्रभुता को टैरिफ का डर दिखा कर झुकाने की जुगत में लगा रहता है, वहां भारत के साथ रूस और यूरोप जैसी बड़ी वैश्विक ताकतें आज साथ नहीं है क्या? जिस इटली की पहली प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को लेकर कांग्रेस के पोस्टर बॉय Rahul Gandhi अपने नेता Sandeep Dikshit के साथ एक स्तरहीन टिप्पणी पर खिखिया रहे हैं, आज वही इटली भारत के सबसे महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक कॉरिडोर (IMEEC) का प्रमुख भागीदार बना है, इसके अलावा आज इटली चीन के 'बेल्ट एंड रोड' (BRI) प्रोजेक्ट से बाहर निकलकर G7 और G20 जैसे वैश्विक मंचों पर भारत के इंडो-पैसिफिक विजन का खुलकर समर्थन कर रहा है, इसको विदेश नीति नहीं कहते है क्या? या फिर विदेश नीति इसको कहते हैं कि मनमोहन सिंह के कार्यकाल (UPA-1) के दौरान ईरान-पाकिस्तान-भारत (IPI) गैस पाइपलाइन परियोजना जिसे 'पीस पाइपलाइन' भी कहा जाता था, वो 2008-2009 के दौरान अमेरिका के राजनीतिक दबाव और भारत-अमेरिका परमाणु समझौते की शर्तों के कारण रोक दी गई, या यूं कहें कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अमेरिका के आगे सरेंडर कर दिया? नोट कर लीजिए। बकौल नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, बीजेपी, पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का गुब्बारा तो साल 2013 से ही फूल-फूल के उड़ रहा है, जो उनके मुताबिक अब फटने लगा है..लेकिन असल में चिंता अब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को अपने गुब्बारे की भी होनी चाहिए कि आखिर उसमें ऐसा छेद कैसे हो जा रहा कि सुबह तो उसमें बराबर हवा भरा मालूम पड़ता है लेकिन वो शाम होते-होते फुस्स हो जाती है। इस गुब्बारे को भी वैसे 2013 से ही फुलाने की कोशिश हो रही है लेकिन ये संदीप दीक्षित जैसे Royal Congress Courtier ही हैं शायद, जो राहुल गांधी का ये गुब्बारा उड़ने ही नहीं दे रहे!

Bharat Suraj भारत सूरज

25,612 Aufrufe • vor 15 Tagen

"झूठे वीडियो के सहारे सियासी खेल: भाजपा और सीता सोरेन के खिलाफ मानहानि का 100 करोड़ का दावा, चुनाव आयोग से करेंगे शिकायत" यह स्पष्ट है कि भाजपा और सीता सोरेन द्वारा मेरे वीडियो को काट-छाँट कर गलत तरीके से पेश किया गया है। ओरिजिनल वीडियो में मैंने सीता सोरेन का नाम तक नहीं लिया, फिर भी भाजपा की चालबाजियों में मेरे खिलाफ झूठ फैलाने के लिए वीडियो को क्रॉप कर पेश किया जा रहा है। भाजपा में आते ही उन्होंने अपना स्तर इतना गिरा लिया है कि झूठ के सहारे जामताड़ा की जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। सीता सोरेन जी, आप इस क्रॉप किए गए वीडियो के सहारे चुनाव जीतना चाहती हैं, लेकिन याद रखें कि जामताड़ा की जनता मेरे साथ है और मुझे भली-भांति जानती है। आप चाहे जितने भी तिकड़म लगा लें, जनता का विश्वास मुझ पर अडिग है। मुझे बदनाम करने का यह प्रयास न सिर्फ मेरी प्रतिष्ठा पर आघात है, बल्कि सच्चाई को दबाने का षड्यंत्र भी है। सीता सोरेन और भाजपा के इन प्रयासों के खिलाफ मैं कोर्ट में 100 करोड़ का मानहानि का दावा करूंगा और चुनाव आयोग में भी इस मामले को उठाऊंगा। यह वही भाजपा है जिसने लोकसभा चुनाव के दौरान नाला के विधायक और विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो के बेटे पर भी झूठे आरोप लगवाए थे, जिनका बाद में पर्दाफाश हुआ। आज यही शातिर लोग मेरे खिलाफ भी यही हथकंडे अपना रहे हैं। मैं जल्द ही कोर्ट में न्याय की गुहार लगाऊंगा और इन झूठे आरोपों के खिलाफ सख्त कदम उठाऊंगा। झारखंड की जनता सच जानती है, और झूठ के इस जाल को जल्द ही हम सब मिलकर उजागर करेंगे। Ghulam Ahmad Mir Rahul Gandhi

Dr. Irfan Ansari

18,392 Aufrufe • vor 1 Jahr

आखिरकार मेरी हर बात पे मुहर लगाते हुए बौखलाहट में ही सही अपना अलसी चेहरा और रंग दिखा ही दिया... आज सीधे सोनिया गांधी जी और कांग्रेस पार्टी को षड्यंत्रकारी बोलकर अपनी असलियत सबके सामने ले आए... जो बातें बंद कमरे में बैठकर मुझसे किया करते थे, जिस तरह की अभद्र और घटिया बातें राहुल गांधी जी और सोनिया जी के लिए किया करते थे सारी सीमाएं लांघते हुए आज उस सोच को सरेआम कर दिया... अपनी कुर्सी बचाए रखने के लिए तमाम तरह के षड्यंत्र रचकर पार्टी और आलाकमान की पीठ में छुरा घोंपकर आज बोल रहे हैं सोनिया गांधी और कांग्रेस ने मेरे खिलाफ बहुत बड़ी कॉन्सपिरेसी की... 21 सीटें आने के बाद भी आपको मुख्यमंत्री बनाया ये कॉन्सपिरेसी थी...?? तीन बार प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया ये कॉन्सपिरेसी थी...?? या 2020 के सरकार बचाने के झूठे तमाशे के बाद आपको राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की मंशा ये कॉन्सपिरेसी थी...?? "मेरा इस्तीफा हमेशा सोनिया गांधी जी के पास रहता है, वो जब चाहें जब उसे स्वीकार कर सकती हैं" "मुझे तीन बार प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया" "मैं संतुष्ट नहीं अति संतुष्ट राजनेता हूँ" "मैं कांग्रेस का अनुशासित सिपाही हूँ, कांग्रेस पार्टी ने मुझे सब कुछ दिया है" बोलने वाले दोहरे चरित्र वाले छद्म गांधी वेष धारी ने बड़ी बेशर्मी से सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को षड्यंत्रकारी कहकर देश के लाखों कांग्रेसियों की भावनाओं को बुरी तरह ठेस पहुंचाई है... कहते हैं व्यक्ति स्वयं ही अपना दुश्मन होता है उसी कहावत को चरितार्थ करते हुए सचिन पायलट से बेंतहा नफ़रत ने इनका वास्तविक रूप सबके समक्ष ला दिया है.. और आखिर में कह दूँ सचिन पायलट का नुकसान मीडिया वालों ने नहीं सिर्फ आपने किया है...

Lokesh Sharma

104,174 Aufrufe • vor 2 Monaten

बिहार में वोटबंदी के खिलाफ नेता विपक्ष श्री Rahul Gandhi का पूरा वक्तव्य: कुछ महीने पहले महाराष्ट्र और हरियाणा में लोकसभा का चुनाव हुआ था और उसके कुछ ही दिन बाद वहां विधानसभा का चुनाव हुआ। लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र में INDIA गठबंधन जीत गया और विधानसभा के चुनाव में कुछ ही महीने बाद INDIA गठबंधन हार गया। हमने इसपर ज्यादा कुछ बोला नहीं, लेकिन हमने डाटा देखना शुरू किया तो हमें पता लगा कि लोकसभा और विधानसभा में 1 करोड़ नए वोटर शामिल हुए। मतलब विधानसभा में 10% ज्यादा वोटरों ने वोट किया। जब हमने पता लगाया कि यह वोटर कहां से आए, ये कौन हैं तो पता चला कि जिन क्षेत्रों में वोटर बढ़े, वहां वोट BJP को गया। एक बिल्डिंग में 4000-5000 वोटर रजिस्टर हुए और गरीबों के वोट काटे गए। जब हमने चुनाव आयोग से कहा कि आप हमें वोटर लिस्ट दीजिए, वीडियोग्राफी दीजिए तो चुनाव आयोग ने इसपर एक शब्द नहीं कहा। हमें आज तक महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट नहीं मिली और वीडियोग्राफी का कानून बदल दिया गया। ये सब इसलिए किया गया, क्योंकि ये सच्चाई छिपाना चाहते हैं। हम बिहार आए हैं, यहां लोग संविधान के लिए शहीद हुए। हमारे संविधान में लिखा है कि हिंदुस्तान के हर नागरिक को वोट देने का अधिकार है। मैं हिंदुस्तान और बिहार की जनता को बताना चाहता हूं कि जैसे महाराष्ट्र का चुनाव चोरी किया गया था, उसी तरह बिहार का चुनाव भी चोरी करने की कोशिश की जा रही है। उन्हें पता चल गया है कि हमें महाराष्ट्र मॉडल समझ आ गया है, इसलिए अब वे बिहार मॉडल लेकर आए हैं। मैं आपको साफ बताना चाहता हूं कि यह गरीबों का वोट छीनने का तरीका है, लेकिन इनको पता नहीं है कि ये बिहार है और बिहार की जनता ऐसा कभी नहीं होनी देगी। INDIA गठबंधन के लोग चुनाव आयोग से जाकर मिले, लेकिन वहां से आकर हमारे लोगों ने कहा कि चुनाव आयोग BJP-RSS की तरह बात कर रहा है। चुनाव आयोग भूल गया है कि वह किसी राजनीतिक पार्टी का नहीं है। वो हिंदुस्तान के इलेक्शन कमिश्नर हैं और उनका काम संविधान की रक्षा करने का है। मैं साफ संदेश देना चाहता हूं कि आपको जो करना है, करिए.. लेकिन बाद में कानून आप पर लागू होगा। भूलिए मत.. आप कितने भी बड़े हों, कहीं भी बैठे हों, मैं आपको गारंटी दे रहा हूं कि कानून आपको नहीं छोड़ेगा। चुनाव आयोग का काम, BJP के लिए काम करने का नहीं है। चुनाव आयोग का काम संविधान की रक्षा करने का है, लेकिन ये अपना काम नहीं कर रहे हैं। पहले इलेक्शन कमिश्नर सिर्फ BJP नहीं चुनती थी। पहले इलेक्शन कमिश्नर को चुनने का काम BJP, विपक्ष और CJI करते थे, लेकिन मोदी सरकार ने CJI को हटा दिया और BJP ने हमें भी साफ़ कह दिया कि ये नाम है और हमने इन्हें चुना है। मैं बिहार के युवाओं से कहना चाहता हूं ये सिर्फ वोट की चोरी नहीं है। ये आपके भविष्य, आपके हक की चोरी है, लेकिन आपको ये चोरी नहीं होने देनी है। पूरा INDIA गठबंधन बिहार के साथ खड़ा है और हम ये चोरी कभी नहीं होने देंगे। 📍 पटना, बिहार

Congress

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राजस्थान विश्वविद्यालय को RSS अपनी राजनीति का अखाड़ा बनाना चाहता है, लेकिन हम ऐसा कभी स्वीकार नहीं करेंगे। राजस्थान के किसी भी शैक्षणिक संस्थान को हम RSS की प्रयोगशाला नहीं बनने देंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा परिसर में शस्त्र-पूजा जैसी गतिविधियों की अनुमति देना न केवल ग़लत था बल्कि शैक्षणिक वातावरण के लिए भी घातक है। हम इसका लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीक़े से विरोध कर रहे थे, लेकिन हमें ग़लत तरीक़े से गिरफ्तार किया गया। फिर भी, RSS हमारे हौसले और जज़्बे को कभी नहीं तोड़ सकती। हमारे आदरणीय नेता श्री राहुल गांधी जी लगातार पूरे देश में RSS की नीतियों और एजेंडे के ख़िलाफ़ मुखर आवाज़ उठाते रहे हैं। उनकी सोच और संघर्ष ही हमारे लिए प्रेरणा है, और उसी मार्ग पर चलते हुए हम अपना शांतिपूर्ण, मज़बूत और निरंतर संघर्ष जारी रखेंगे। Congress Rahul Gandhi Kanhaiya Kumar NSUI

VINOD JAKHAR

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मेरे सब से बड़े ताऊ जी ज्योतिष के अच्छे ज्ञाता थे और आसपास के इलाके में उन के कुंडली फलादेश को लोग बेहद सटीक माना करते थे। बचपन में गर्मियों की छुट्टियों में मुझे गांव भेज दिया जाता था, सो, तभी से ज्योतिष विज्ञान मुझे आकर्षित करने लगा था। अर्थपूर्ण क़िताबें पढ़ने की आदत शुरू से है और इसी के चलते तक़रीबन चार दशक से मुझे ज्योतिष शास्त्र के अलग-अलग पहलुओं का स्वांतःसुखाय स्वाधाय करने का मौक़ा भी मिलता रहा है। किसी पत्रकार को ज्योतिष के गणनालोक की सैर करनी चाहिए या नहीं, मुझे नहीं मालूम, मगर मैं कर रहा हूं और इस का अपना अलग आनंद है। दो दिन पहले, शुक्रवार, 19 जून को राहुल गांधी का जन्म दिन था तो मैं ने उन के अगले बरस की कुंडली पर निग़ाह डाली। जो लगा, उस पर एक ट्वीट कर दिया। पिछले बारह साल से Rahul Gandhi की मीडिया के एक ख़ास हिस्से को कितनी फ़िक्र है, यह इस से समझिए कि मेरे इस आकलन तक पर रजत शर्मा Rajat Sharma के इंडिया टीवी India TV पर सौरव शर्मा Saurav Sharmma ने अपने शो में विस्तृत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किया। चर्चा में वरिष्ठ पत्रकार आलोक मेहता Alok Mehta और प्रदीप सिंह Pradeep Singh ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। चुनावों में मतदाताओं के रुझान का विश्लेषण करने वाले मनोज कुमार सिंह Manoj Kumar Singh ने भी राहुल और कांग्रेस Congress के राजनीतिक भविष्य पर अपना आकलन बताया। सभी ने मेरा नाम नहीं ले कर मुझे कृतार्थ किया। मगर मैं ने तो खुलेआम लिखित ट्वीट किया था, इसलिए अगर नाम ले भी लेते तो मैं कौन-सा बुरा मान जाता? एक अनुरोध है, अगले साल 19 जून को सौरव जी अपने शो में यह बताएं कि मेरा ट्वीट कितने प्रतिशत सही-ग़लत रहा। उस दिन आलोक जी, प्रदीप जी और मनोज जी को भी ज़रूर आमंत्रित करें।

Pankaj Sharma पंकज शर्मा

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एकलव्य जब द्रोणाचार्य के पास गए तो उन्होंने कहा कि मैं वर्षों से धनुष चलाना सीख रहा हूं। आप मेरे गुरू बनिए। द्रोणाचार्य ने एकलव्य से कहा कि आप ऊंची जाति से नहीं हैं, इसलिए मैं आपका गुरू नहीं बनूंगा। कुछ समय बाद... द्रोणाचार्य और पांडव जंगल से गुजर रहे थे, जहां एक कुत्ता भौंक रहा था, लेकिन अचानक कुत्ते की आवाज शांत हो गई। द्रोणाचार्य और पांडव जब आगे बढ़े तो देखा कि कुत्ता बाणों के जाल से घिरा हुआ था। द्रोणाचार्य ने पूछा कि ये तुम्हें किसने सिखाया? एकलव्य ने जवाब में कहा कि मैंने आपको गुरू मानकर मूर्ति बनाई और धनुर्विद्या का अभ्यास किया। ऐसे में द्रोणाचार्य ने एकलव्य से गुरुदक्षिणा में उसका अंगूठा मांग लिया और एकलव्य ने अपना अंगूठा काट कर दे दिया। जैसे द्रोणाचार्य ने एकलव्य का अंगूठा काटा, वैसे ही ये सरकार भी देश का अंगूठा काट रही है। जब ये सरकार देश की संपत्ति अडानी को सौंपती है, तब इस देश के छोटे-बड़े उद्योगों और कारोबारियों का अंगूठा कटता है। : लोक सभा में नेता विपक्ष श्री Rahul Gandhi

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राहुल गांधी बेहद ख़तरनाक राजनीति कर रहे हैं - बिहार में चुनाव है - RJD-कांग्रेस में सीट बंटवारे को लेकर जूतमपैजार हो रही है - लेकिन विदेश से आते ही Rahul Gandhi Bihar की जगह चंडीगढ़ गए हैं - और आत्महत्या करने वाले दलित IPS के परिवार से मिल रहे हैं RAGA का स्पष्ट एजेंडा है - बिहार हारें तो हार जाएं - बिहार के लालू यादव कांग्रेस को सीटें दें या न दें - लेकिन जातिगत जहरीली राजनीति होती रहनी चाहिए अब अगला मुद्दा CJI गवई साहब जूताकांड होगा जबकि CJI साहब जूता फेंकने वाले वकील को माफ कर चुके हैं इसका दुष्परिणाम क्या हो सकता है, राहुल गांधी को इससे मतलब नहीं है को अपना दांव खुलकर खेल रहे हैं, समाज में जातिगत वैमनस्यता बढ़ रही है, सोशल मीडिया जाति के आधार एक दूसरे को गालियां दी जा रही हैं, सवर्ण-दलित-OBC एक दूसरे के ख़िलाफ़ खुलकर जहर उगल रहे हैं और अपने पाप व अपराधों के कारण सत्ता से दूर हुए नेताओं को लग रहा है कि जातिगत जहर के मंथन से शायद ऐसा अमृत निकलेगा जो उन्हें सत्ता दिलाएगा फिर भले इस मंथन से निकला विष इस देश को तबाही के दलदल में धकेल जाए लोकतंत्र में नेता राष्ट्रनिर्माता होते हैं, उन्हें विभाजनकारी नहीं बल्कि निर्माणकारी राजनीति करनी चाहिए

Abhay Pratap Singh (बहुत सरल हूं)

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