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मैं फिर से कहूँगी… आपके पसंदीदा खिलाड़ी को आपकी बेरोज़गारी और पेपरलीक से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता… खेल में मत उलझिये…आपको खेल में उलझाकर बड़ा खेला किया जा रहा है… …शाह के लड़के को इसीलिए BCCI में बैठाकर थोक भाव में क्रिकेट परोसा जा रहा है. …और शाहपुत्र के...

856,271 次观看 • 2 年前 •via X (Twitter)

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आपके पति द्वारा आपको महत्व न देने के संकेत: ✅ वह आपके साथ असम्मानजनक तरीके से बात करता है। यह आपके पति द्वारा आपको महत्व न देने का एक बड़ा संकेत है। अगर वह नाम call करता है, चिल्लाता है, या आपको असम्मानजनक तरीके से पेश आता है, तो वह आपको महत्व नहीं देता। किसी ऐसे व्यक्ति से इस तरह बात नहीं करते, जिसे आप पसंद करते हैं। ✅ वह अब आपको कोई स्नेह नहीं दिखाता। स्नेह देना रिश्ते का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, और यह सबसे पहले गायब होता है। प्यारे नाम, मीम्स, और गिफ्स से अलविदा ले लें। यहां तक कि इमोजी भी रिश्ते से बाहर हो सकते हैं। स्नेह की सभी प्रकार की अभिव्यक्तियां कम हो जाती हैं, और आप सोचने लगते हैं कि सब कुछ कहां चला गया। ✅ वह माइक्रो-चीटिंग करता है। माइक्रो-चीटिंग तब होती है जब कोई व्यक्ति रिश्ते में होते हुए भी किसी और को फ्लर्टी या अनुपयुक्त संदेश भेजता है। अगर आपके पति के पास आकर्षक सोशल मीडिया दोस्त हैं, तो वह ठीक है। लेकिन अगर वह अपने मुद्दों पर बात करने के लिए उनसे संपर्क करता है, तो यह माइक्रो-चीटिंग है। स्पष्ट रूप से कहें तो, माइक्रो-चीटिंग में कोई 'माइक्रो' नहीं है। यह गलत है। ✅ वह आपके लिए समय नहीं निकालता। क्या वह सबके लिए समय निकालता है, लेकिन आपके लिए नहीं? यह तब आम होता है जब वह आपको अब महत्व नहीं देता। वह वही करता है जो उसे पसंद है, लेकिन आपके लिए समय नहीं निकालता। यदि वह आपके साथ समय बिताने या बात करने के लिए समय नहीं निकालता है, तो इसका मतलब है कि वह आपको महत्व नहीं दे रहा है। ✅ वह आपके बिना योजना बनाता है। वह ऐसी चीजों की योजना बनाता है जिनमें आपको शामिल नहीं किया जाता। बड़े मैच के लिए टिकटें जो उसने खरीदीं - उसने आपके लिए एक भी नहीं खरीदी। वह जिस संगीत कार्यक्रम में जाना चाहता है - उसके पास एक बहाना होता है कि आप क्यों नहीं जा सकते। ✅ वह अपने फोन पर अधिक ध्यान देता है, न कि आप पर। अगर वह अपने फोन पर आपसे ज्यादा ध्यान देता है, तो वह यह नहीं दिखा रहा कि वह आपके साथ बातचीत को महत्व देता है। यह अशिष्ट और असम्मानजनक है। अगर वह अपने फोन से शादी करना चाहता है, तो उसे पहले आपको तलाक देना होगा। अन्यथा, उसे अपनी तकनीकी दुनिया से बाहर आकर अपने रिश्ते पर ध्यान केंद्रित करना सीखना होगा। ✅ वह आपके जाने पर आपको मिस नहीं करता। जब आप काम के लिए या परिवार से मिलने जाते हैं, तो वह आपको मिस नहीं करता। न तो वह यह कहता है, न ही ऐसा महसूस होता है। ऐसा लगता है जैसे उसे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप वहां हैं या नहीं। कठोर सच्चाई यह है कि वह आपको महत्व नहीं देता। वह आपको मिस नहीं करता जब आप जाते हैं। आपको वह समय याद होगा जब वह करता था, लेकिन वह समय अब लम्बे समय से चला गया है। ✅ वह हमेशा आपके दोष निकालता है। आप कुछ भी सही नहीं कर पातीं। वह लगातार आपके हर शब्द और काम की आलोचना करता है। कोई भी कोशिश कभी पर्याप्त नहीं होती। आपको हमेशा ऐसा महसूस होता है कि आप उसे निराश कर रही हैं। ऐसा लगता है जैसे आप अब पर्याप्त नहीं हो, और आपको यह समझ नहीं आता कि कैसे बेहतर बनें। आप जो भी कर रही हैं, वह कभी उसकी उच्च मानकों पर नहीं उतर पाती। वह आपको महत्व नहीं देता, इसलिए वह आपको उन अवास्तविक मानकों पर खड़ा कर रहा है। ✅ वह अपने वादे तोड़ता है। जो आदमी आपको अब महत्व नहीं देता, वह अपने वादे तोड़ता है। प्यार करने, सम्मान करने और देखभाल करने के जो वादे किए थे, अब वे टूट चुके हैं। बीमारियों में और अच्छे समय में? वे भी टूट गए हैं। आप सोचने लगती हैं कि अगर वह उन वादों को निभाने वाला नहीं था, तो वह वादे क्यों किए गए थे। टूटे हुए वादे रिश्ते में विश्वास को तोड़ देते हैं। समय के साथ, रिश्ते का अस्तित्व खत्म हो जाता है - बस एक कानूनी समझौता बचता है, जिसे आप खत्म करने के बारे में सोच सकती हैं। आप इसके लायक हैं कि आपको प्यार किया जाए, सराहा जाए और महत्व दिया जाए 🤍। साभार 🙏

तृप्त ...🖤

159,803 次观看 • 1 年前

बिहार की राजधानी में पटना मेडिकल अस्पताल है जिसमें एक वार्ड है जिसे लावारिस (परित्यक्त) वार्ड कहा जाता है। यहां आपके पास ऐसे मरीज हैं जिनके पास वापस जाने के लिए कोई नहीं है क्योंकि उन्हें उनके परिवार ने छोड़ दिया है। उनकी भलाई के लिए देखने और प्रार्थना करने वाला कोई नहीं है। कम से कम कहने के लिए वार्ड की स्थिति अमानवीय है। वे शारीरिक और भावनात्मक दोनों तरह से अत्यधिक पीड़ा में हैं। हर रोज रात 9 बजे एक आदमी इस वार्ड में पिछले 22 सालों से इन लोगों के लिए खाना और दवा लेकर आता है और सबसे पहला सवाल यही पूछता है- क्या आपको दर्द हो रहा है? भोजन और दवा गौण है, गुरमीत सिंह जो प्रदान करता है वह कुछ प्यार और सम्मान है। कपड़े की दुकान में पाँचों भाई जो कुछ भी कमाते हैं, वे प्रतिदिन 10% भोजन और दवा लाने में लगाते हैं। उन्होंने पिछले 22 वर्षों में एक भी छुट्टी नहीं ली है और कारण सरल है - मैं परित्यक्त को नहीं छोड़ सकता। मरीज उन्हें भगवान के रूप में मानते हैं लेकिन उनका कहना है कि वह एक साधारण नश्वर हैं और सिर्फ उन लोगों के असहनीय दर्द को कम करने की कोशिश कर रहे हैं जिनके पास कोई नहीं है। गुरमीत सिंह, आप हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। गरीबों के लिए आपका बेहिचक प्यार और 'सेवा' ही आपको असाधारण बनाती है। ईश्वर आपको और अधिक शक्ति दे और हम सभी आपसे सीखें कि - दूसरों के लिए समर्पित जीवन वास्तविक खुशी का अनुभव करता है।

Vatsala Singh

48,217 次观看 • 8 天前

मैं SC -ST समाज के युवाओं को एक ही बात बोलना चाहता हूँ कि जो कांग्रेस पार्टी अपने प्रदेश अध्यक्ष को जेल से निकलवाने में लिए कोई प्रयास नहीं कर रही ऐसे में आम कार्यकर्ता के लिए कितना कुछ करती होगी, ये आपको समझने की जरुरत है..... इतने दिन हो गए अपने प्रदेश अध्यक्ष को जेल से नहीं निकलवा पा रही...... मैं आमंत्रित करता हूँ कि आप सब हमारी पार्टी में आए, हनुमान बेनीवाल जी अपने छोटे से छोटे कार्यकर्ता का भी ध्यान रखते है जिसका उदाहरण आप हर बार देखते हो,पिछले दिनों छोटे से कार्यकर्ता महिपाल को भाजपा के मंत्री के इशारे पर जेल में डाला था उसके लिए हनुमान जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी और DGP तक से मुलाक़ात की थी और उसके बाद किसी की उस कार्यकर्ता के सामने देखने तक की हिम्मत नहीं हुई... आंदोलन करते हुए भी थानसिंह डोली को गिरफ्तार किया था लेकिन उसी दिन वापिस रिहा करना पड़ा, कल आपने श्रवण चौधरी समेत अन्य कार्यकर्ताओं को डिप्टी CM और मंत्री से उलझने में बावजूद same day रिहा करना पड़ा क्योंकि हनुमान जी उनके पीछे मजबूती से खड़े थे.... कांग्रेस भाजपा दोनों में कार्यकर्ताओं के लिए खड़े रहने वाला कोई नहीं है और जो भी कार्यकर्ता हमारी पार्टी में आना चाहता है उसका स्वागत है, आपके साथ साथ आपके सामाजिक मुद्दों पर भी RLP मजबूती से लड़ेगी 🙏 HANUMAN BENIWAL Rashtriya Loktantrik Party

Shekhar Choudhary

57,496 次观看 • 10 个月前

चुनाव में हारे हुए नेता मंत्री पद से चूके विधायक-सांसद परीक्षा में असफल रहे विद्यार्थी नौकरी पाने में नाकाम अभ्यर्थी व्यापार में विफल उद्यमी से लेकर प्रेम में पिछड़े प्रेमी तक के लिए अटल जी एक ऐसी कविता रच कर गए हैं जो सभी को फिर से उठ खड़े होने, फिर से पूरी ताकत, पूरी ऊर्जा और पूरे साहस के आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। अटल जी कोई साधारण राजनेता नहीं थे। की बोर्ड पर अटल लिखते ही जी अपने आप सामने आता है। आजीवन राजनीति में रहते हुए भी उन्होंने लगातार सम्मान कमाया। सत्ता की चाह सभी राजनेताओं को होती है लेकिन उनको इसकी परवाह नहीं थी कि हर हाल में सत्ता में रहें ही। ऐसे विरले राजनेता को हमने देखा भी है और उनका दौर भी देखा है। हम उनकी कविताएं पढ़ते-सुनते हुए बड़े हुए हैं। आज देश को फिर ऐसे फक्कड़ नेताओं की जरूरत है जो राजनेताओं में जनता का भरोसा फिर से कायम कर सकें। जयंती पर अपने प्रिय नेता को विनम्र श्रद्धांजलि #अटल_बिहारी_वाजपेयी Arvind Chotia

Arvind Chotia

31,632 次观看 • 8 个月前

काशी - पवित्र और प्राचीन है. भगवान शिव की नगरी, मोक्ष का द्वार है. काशी का उल्लेख वेदों, पुराणों, प्राचीन ग्रंथों में है उसी वाराणसी में विकास के नाम पर धर्म की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं, विनाश किया जा रहा है मणिकर्णिका घाट पर प्राचीन मूर्तियों को ध्वस्त किया जा रहा है, मंदिर ढहाये जा रहे हैं - लोग आहत हैं, मुखर हैं - कोई सुनवाई नहीं है पहले काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनाने के लिए सैकड़ों प्राचीन मंदिर और मूर्तियों को तोड़ दिया गया - अब फिर से बुलडोज़र चल रहा है लेकिन, जब प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र में आस्था पर इस तरह से हमला किया जा रहा है तब हिंदू धर्म के स्वयंभू ठेकेदारों के मुँह में दही जम गई है

Supriya Shrinate

57,178 次观看 • 7 个月前

अगर आपके पास भी बेटी है तो 1 मिनट का समय निकाल कर जरूर पढ़ें इस खबर को और शेयर करें। 10 साल की एक मासूम बच्ची का माँ बन जाना सिर्फ़ एक खबर नहीं बल्कि हमारे समाज की सामूहिक विफलता है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अपराध किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं बल्कि घर के भीतर से ही किया गया। जिस उम्र में बच्चों को सुरक्षा प्यार और शिक्षा मिलनी चाहिए उसी उम्र में अगर उन्हें डर और दर्द झेलना पड़े तो यह पूरे समाज के लिए आत्ममंथन का विषय है। ऐसे मामलों में चुप्पी भी अपराध के बराबर होती है। ज़रूरत है कि हम बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें समय पर आवाज़ उठाएँ और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें। यह पोस्ट किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाने के लिए नहीं बल्कि जागरूकता फैलाने और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर चर्चा शुरू करने के लिए साझा किया जा रहा है। ऐसे लोगों को क्या सजा मिलनी चाहिए कमेंट में अपनी राय जरुर दें आपका एक शेयर दोषियों को सजा दिलवा सकता है ।

Rahul chetry

71,676 次观看 • 7 个月前

गाजा में खाना बांटने के लिए एक केंद्र शुरू किया गया। गाजा की आम पीड़ित जनता वहां पर खाना लेने के लिए इकट्ठा हुई। इजराइल की ओर से वहां पर गोली चलाई गई। इस गोलीबारी में 33 फिलिस्तीन मारे गए। कुछ मीडिया में यह संख्या 37 बताई जा रही है। आप सोचिए कि आप किसी जगह पर अपना पेट भरने के लिए रोटी मांगने पहुंचे हैं और आपको गोली मार दी जाए। दुनिया के किसी हिस्से में कोई देश आम जनता के साथ ऐसा व्यवहार करे, इससे पहले मैंने यह कभी नहीं सुना। गाजा में इस समय अकाल, भुखमरी, मौत और नरसंहार का नंगा नाच चल रहा है। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख से लेकर एमनेस्टी इंटरनेशनल समीर तमाम वैश्विक संस्थाओं ने इस कृत्य की निंदा की है। बेशक आप अपने दुश्मन को मारिए, लेकिन यह ऐसा शैतानी कृत्य है इसके बारे में कोई इंसान कल्पना तक नहीं कर सकता। लेकिन इजरायल ऐसा राक्षसी मुल्क है जो धड़ल्ले से काम करता है और अमेरिका उसका सहयोग करता है। जब तक यह दोनों देश धरती पर मौजूद हैं इंसानियत का कत्ल होता रहेगा। शांति के लिए असली खतरा अमेरिका और इजरायल हैं।

Krishna Kant

62,298 次观看 • 1 年前

कल कानपुर देहात में अंजली कुमारी नाम की एक युवती ने अखिलेश यादव से कहा - “भइया, मेरे कान की बाली चंदे में ले लो, लेकिन सरकार बनाओ।” अंजली का दलित समाज से होना इस प्रसंग को एक व्यापक राजनीतिक अर्थ देता है। यह उस भरोसे की झलक है, जो PDA के सामाजिक आधार में धीरे-धीरे गहरा होता दिखाई दे रहा है। राजनीति में वोट माँगे जा सकते हैं, भीड़ जुटाई जा सकती है, लेकिन ऐसा विश्वास प्रचार से पैदा नहीं होता। यह तब बनता है, जब लोगों को किसी राजनीति में अपनी आवाज़, सम्मान और हिस्सेदारी दिखाई देने लगे। अंजली की बाली की कीमत रुपयों में नहीं आँकी जा सकती। यह PDA के ‘D’ के बढ़ते विश्वास का प्रतीक है - और Akhilesh Yadav के लिए उपलब्धि से अधिक एक बड़ी जिम्मेदारी भी।

Dr. Laxman Yadav

18,822 次观看 • 16 天前

ये उत्तर प्रदेश का #प्रयागराज है, यहाँ लाखों बच्चें IAS PCS से लेकर तमाम भर्ती परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। योगी सरकार के RO/ARO के दो शिफ़्ट में परीक्षा कराने के फ़ैसले को ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं। अगले महीने यहाँ महाकुंभ का आयोजन है। आयोग कोई भी भर्ती सुचारु रूप से नहीं करा पा रहा लेकिन परेशान कौन है ?? वो युवा जो अपने घरों से दूर एक कमरें में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं, उम्र निकलती जा रही है मगर अंधी और बहरी सरकार को ना दिखता है ना ही कुछ सुनाई पड़ता है। सरकार चलाने के लिए “परिवार वाले” व्यक्ति को ही सत्ता में बैठना चाहिए वरना वो कभी भी दर्द नहीं समझ पाएगा… चमचागिरी करने वाले अफ़सरों को भी छात्रों के बारे में एक बार सोचना चाहिए #UPPSC_ROARO_ONESHIFT

Mamta Tripathi

37,170 次观看 • 1 年前