Loading video...
Video Failed to Load
“मैं मुसलमान हूँ पुनर्जन्म की बात नहीं कर पाता हूँ. हां, अगर खुदा मिल गया तो जन्नत के बदले उससे यहाँ ही पुनर्जन्म मांगूंगा” फाँसी से पहले क्रांतिकारी अशफ़ाकउल्ला खान की कलम से जन्मभूमि के लिए जन्नत का त्याग करने का भाव है वंदे मातरम् Deepender Singh Hooda
140,596 views • 9 months ago •via X (Twitter)
0 Comments
No comments available
Comments from the original post will appear here
