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मैं राम जी को नहीं बाबा साहेब को भगवान मानती हूं!
15,372 次观看 • 2 个月前 •via X (Twitter)
34 条评论

Chal fut. Ye lo reality suno.

तू कुत्तों को मानती है सो जा गांधी की लिल्ली

ओह्ह प्यारी बहाना बाबा साहेब के जन्म से पहले भी महारानिया हुई है. बाबा साहेब नहीं थे उसके पहले भी औरतो को आजादी और जीने का हक था. ये मिथक ना फेलाओ की जो बाबा साहेब ने ही औरतो के लिए सब कुछ किया है. अपना व्हाट्सप्प यूनिवर्सिटी वाला अजेंडा बंद करो.

मै नीले दोगले गद्दार कुकुरमुत्तों को इंसान नहीं मानता मेरी मर्जी और इनसे ज्यादा अच्छा तो भारत का देशी नस्ल का कुत्ता होता है जो वफादारी तो रखता है लेकिन नीले कुकुरमुत्तों की नस्ल तो इतनी निर्लज्ज है जो जिसके नाम पर खैरात खा रही है उसी को गालियां दे रही है सोचो क्या स्तर है ?

इस मदरचोद से पूछो इस बाबा ने किया क्या है देश के लिए

तू अगर राम जी को नहीं मानती तो उन्होंने क्या किया या नहीं किया इस पर कोई बकवास ना कर। तुझे जिसे मानना है इससे किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता। वो पुरुषोत्तम राम कैसे बन गए ये जानना तेरे औकात के बाहर है।इसलिए थोड़ा संभल कर ही बोलना नहीं तो बाद में तू भी माफी मांगती फिरेगी।

मैं अंबेडकर को नहीं मानता। B.N. Rau साहब को अपना भगवान मानता हूँ।

कुछ नीलकबोटर बोल रहे हैं कि प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण लागू करो। में उनसे कहना चाहता हू कि जौहर यूनिवर्सिटी, जामिया मियाँ इस्लामिया, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में , अल्फलाह यूनिवर्सिटी में आरक्षण मांगने में इनकी गांव क्यों फट रही है?

तू है कौन..तू क्या मानती या नहीं मानती इससे तेरे घरवालों को भी कोई फर्क पड़ता होगा नहीं लगता..तुझे मुहल्ले में भी कोई ठीक से जानता होगा पता नहीं..कैमरा देख कर भौंकने वाली लगती हो..🤣🤣

Agree 💯👍

Inko Ram se prem nahi hai kyon ki inka prem to topi wale se hai ...bakchod

सनातन धर्म की विविधता है। इसमें कोई ईश्वर को माता, पिता, सखा, किसी भी रूप में पूज सकता है। यदि आप डॉ. आंबेडकर को पूज्य मानती हैं, तो यह आपका अधिकार है। मेरा ईश्वर इतना संकीर्ण नहीं है कि उसे न मानने वालों की हत्या का आदेश दे। सनातन हर श्रद्धा और मत का सम्मान करना सिखाता है।

सबसे ज्यादा ज्ञानी यही पैदा हुई है संसार मे, इसको नासा वाले ले जेएँगे, मंगल पर भेजनें के लिए,

तुम्हारे न मानने से राम राम नहीं रहेंगे क्या। और तुम्हारे बाबा साहेब क्या राम को नहीं मानते थे।

किसी नीलाण्डू भाई के पास सकपाल के देशभक्त होने का प्रमाण हो तो सबूत दे। बाकि सकपाल बांग्लादेश से भागकर भारत क्यों आया? बांग्लादेश क्या मूल निवासी भीमटों की जमीन न थी ? यहां वहां भीमटों की आबादी न थी? वो तो मीम भीम का मुल्क था।

और ये लोग खुद जब राम को मानते ही नहीं हैं, तब राम मंदिर में पूजा का अधिकार देने की मांग क्यों करते हैं ?? मन्दिरों में पूजा आस्था का विषय है तो आस्थाविहीन व्यक्ति को मंदिरों में पूजा का अधिकार दिया ही नहीं जा सकता।

तुम तुम्हारे आंबेडकर को भगवान मानो, कोई दिक्कत नहीं है। पर तुम हमारे आराध्य भगवान श्री राम का नाम लेकर क्यों प्रोपेगेंडा फैला रही हो। ध्यान रखना कि आंबेडकर साहब को पढ़ने और उच्च शिक्षा दिलवाने वाले एक सामान्य वर्ग का ही व्यक्ति था और अंबेडकर सर नेम भी उन्हीं का था।

बहन ना अच्छा बोला जाये तो गलत भी मत माता सीता औरत और भगवान राम ने सिर्फ उन्ही को बचाया. जाकर वाल्मीकि जी द्वारा रचित रामायण पड़ ले एक बार. सम्पूर्ण ज्ञान आ जायेगा. ऐसे व्हाट्सएप्प यूनिवर्सिटी कैसे मेसेज इधर उधर करने से कुछ ना होगा.

नीली कबूतरी के लिए ग्रोक AI का जवाब. 😂

Baba साहब अंग्रेजों के गुलाम थे😀

अरे बेवकूफ यह बता अगर अंबेडकर के संविधान के बाद महिलाओं को पढ़ने का अधिकार मिला तो जो संविधान सभा में महिलाएं थीं जिनकी संख्या 15 है उनका अधिकार किसने दिया था? वैसे जो प्रजाति 5000 साल तक बिना पानी पिए रह सकती है वह कुछ भी कर सकती है😄🤓

तु मत मान, पर अगर मुरती पुजा के खिलाफ हे तै अमबेडकर की फोटो कयो गले मे डालकर धुम रहे हो,, वो भी हाड मांस का इनसान था, यै दोगलेपन किसलिए.इ्सा मसीह, पैगम्बर मुहम्मद भी इनसान रूप मे आए , उनके बारे मे एक शब्द नही,पर सनातन पर भाषण

Iske ghar kab notice jayega ye roj dharm ko gali bakti h is par dhyan do bajarng dal

क्यों तेरे बाबा साहब के पहले लोग सास लेने के लिए ऑक्सीजन का उपयोग करते थे क्या

Tu hain kaun teri kya okat he jatav samaz ke Sant ravidas sabhi sanatni samaj ke guru hain wah rajput rana sanga ke bhi kul guru the🚩📢

Isko arrest karo yeh nafrat faila rahi hai.

Nice

क तुवे से तूने शादी कर रखी है और बकवास कर रही है

Jai Bhim Jai Savidhan 💙

तु तो जेंडर भी नहीं मानती, खडे होकर पेशाब करो कहीं गर्मी में बनियान ऊतार कर घुमो, सब ठीक है पर एक आदमी का नाम बताओ जिसको इस संविधान ने दलित वंचित और पिछड़ेपन से निकालकर सामान्य कर दिया हो?

आप हो तो कठमुल्ली ... क्या फर्क पड़ता है .... बाबा साहेब की किताब "Pakistan, Partition of India" पहले पढ़ लीजिए ....

जय भीम 💐💐

बहुत खूब। भीम राव अम्बेडकर ने आरक्षण भी मात्र ८ वर्षों के लिए कहा था, पर नेहरू ने पलट दिया था। तो अंबेडकर के आरक्षण सीमा को भी मान लो।

तू किसी को भी भगवान मान खुद को भगवान घोषित कर ले कोई हिन्दू तुझे कुछ बोले तो तू बताना। पर तू दल्ली ये बात जब तू हिन्दू देवी देवताओं को भगवान नहीं मानती तो क्यों बकवास करती है। जो मानते हैं। क्या उनकी भावना नहीं हैं। उन्हें बुरा नहीं लगता होगा। फिर कोई तेरी थूत पीट देगा
