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Ana Sayfaya Dön

मुख्यमंत्री Nitish Kumar को छोड़कर पुरे देश को पता है बिहार में क्या हो रहा है #BPSCReExamForAll के लिए आंदोलन हो रहा है #BpscTRE शिक्षक बहाली में इतनी उच्च स्तर पर धांधली हो रही है,लेकिन मुख्यमंत्री जी कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं BJP Bihar #बिहार_मांगे_95_प्रतिशत_डोमिसाइल

11 Yorum

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प्रकृति प्रेमी🌲1 yıl önce

@NitishKumar @BJP4Bihar मुख्यमंत्री जी असंवेदनशील हो गए हैं उनको बिहार के अभ्यर्थियों का दर्द नहीं दिखाई दे रहा है।

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A℘ຮara𐙚1 yıl önce

@NitishKumar @BJP4Bihar सही कहा आपने

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Travala.com 🏨 ✈️4 yıl önce

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लोकचंद्र जी profil fotoğrafı
लोकचंद्र जी1 yıl önce

@NitishKumar @BJP4Bihar अपने राज्य की महिलाओं से ज्यादा बाहर के महिला select कर रहे हैं चाचा जी शिक्षक बहाली में. यहां की महिला भी टैलेंटेड ही हैं,ग्रेजुएशन,deled,bed के सभी कॉलेज में फीस दें यहां की महिला और डिग्री मिलने के बाद नौकरी ले जाएं बाहर वाले🤦 उस cutoff पे नहीं मिल रहे तो थोड़ा कम पर ले लें..

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Prakashmani Kumari1 yıl önce

@NitishKumar @BJP4Bihar Bahut hi achcha bahut hi behtarin boli hai ekadam jamini Star ki baat

HAMARA BIHAR 🇮🇳 profil fotoğrafı
HAMARA BIHAR 🇮🇳1 yıl önce

@NitishKumar @BJP4Bihar सबको पता है कि 5 हजार रुपये मे झारखंड और उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थी फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र बना कर बिहारियों के हक और अधिकार पर डाका डाल रहा है। लेकिन हमारा मुख्यमंत्री को कुछ पता नहीं है। 🤔

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A℘ຮara𐙚1 yıl önce

@NitishKumar @BJP4Bihar सही मे

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Prakashmani Kumari1 yıl önce

@NitishKumar @BJP4Bihar Khali mahila mahila chillate hain na general OBC na EWS ke sabke liye abhishap Bane hue hain

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m.ali samad1 yıl önce

@NitishKumar @BJP4Bihar #बिहार_मांगे_95_प्रतिशत_डोमिसाइल

Madan Kumar profil fotoğrafı
Madan Kumar1 yıl önce

@NitishKumar @BJP4Bihar देखो बहन ऐसा है कि बिहार का मुख्यमंत्री गूंगा और बहार है... और उनके आसपास के मंत्री सिर्फ अपना और अपने परिवार का पेट पालने में लगे हैं... किसी मंत्री या अफसर की इतनी हैसिएत नहीं है कि सही को सही बोल सके... भ्रष्टाचार चरम पर है और समय अब आ गया है कि जनता को सड़क पर उतरना ही होगा.

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Raahi (राही)1 yıl önce

@NitishKumar @BJP4Bihar क्या पता, जितना वीडियो बनाने में दिमाग लगा रहे लोग उतना पढ़ लेते तो क्या पता नौकरी लग जाती। ऐसे लोगों का, सिर्फ बिहारियों के लिए कर दिया जाएगा तो अगला वीडियो किसी और चीज को कोसते हुए आ जाएगा। लोगों का इतनी वेकेंसी में भी नौकरी नहीं लगी तो कभी नहीं लगेगी। Focus on quality

Benzer Videolar

विपक्ष के लोगों को पता है कि चुनाव मैदान में वे साफ हो चुके हैं। इसलिए NDA में क्या हो रहा है, इस बारे में भ्रांतियां फैला रहे हैं, निराधार स्टोरी प्लांट करवा रहे हैं। माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी चुनाव मैदान में जाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। एक-एक चीज पर खुद उनकी नजर है। सारे लोगों से वे खुद बात कर रहे हैं। एनडीए के घटक दलों के नेतागण, खासकर दिल्ली में बीजेपी के जो बड़े नेता हैं, उनसे भी मुख्यमंत्री जी की बात हो रही है। जो कुछ भी तय हो रहा है, मुख्यमंत्री जी से बात करके ही तय हो रहा है। NDA के पांचो घटक दल साथ मिलकर प्रचंड बहुमत के लिए काम कर रहे हैं। हमलोग तो सीटों की संख्या भी घोषित कर चुके हैं। कौन किस सीट पर लड़ेगा, संभवत: आज शाम तक वह भी फाइनल हो जाएगा। एनडीए का लार्जर परपस है कि बिहार में जो विकास का मोमेंटम पकड़ा हुआ है, वह कहीं से भी बाधित नहीं हो। ऐसे लोग फिर से सत्ता में न आ जाएं, जिनका ट्रैक रिकार्ड बिहार की जनता जानती है। इस उद्देश्य के लिए पूरा एनडीए एकजुट है, और मुख्यमंत्री Nitish Kumar जी नेतृत्व में, उनके गाइडेंस में तथा उनके गार्जियनशिप में ही यह चुनाव सभी लोग लड़ रहे हैं। मैं बिहार की जनता से भी अनुरोध करता हूँ कि अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। आज पटना में ANI से बात करते हुए 👇 #SanjayKumarJha #BiharElections #BiharElections2025 #2025FirSeNitish #NDA4Bihar

Sanjay Kumar Jha

40,177 görüntüleme • 11 ay önce

रियांबड़ी में बजरी माफिया के आतंक पर : देखिए मैं कह चुका हूं बजरी में सरकार पर माफिया हावी हो गए हैं, बजरी बहुत महंगी मिल रही है, हमारे वक्त में भी तकलीफ थी लोगों को मैं स्वीकार करता हूं हमारे वक्त में भी थी पर हमनें पूरा रोकने की कोशिश करी, पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन को पाबंद किया, आज इतना बड़ा नेक्सस बन गया ये कि नीचे से ऊपर तक ऐसा सिस्टम बन गया बना दिया अब इन लोगों ने कि कितने लोग कुचल कर मारे जा रहे हैं, पुलिस पर हमले हो रहे हैं, कई लोगों को कुचल देते हैं लोग जो इनके गैंग में शामिल नहीं होते हैं , इतनी घटनाएं हो रही हैं उसके ऊपर रोक नहीं लग रही है इस बात का दुख है और इसलिए ये बढ़ता ही जा रहा है बढ़ता ही जा रहा है,बढ़ता ही जा रहा है, और लूट मचा रही है इन लोगों ने यह स्थिति है और मुख्यमंत्री को मैं कहना चाहूंगा आप ध्यान क्यों नहीं दे पा रहे हो ? भई घूमना अच्छी बात है, अगर दौरे करते हैं मैं उसको बुरा नहीं मानता, कितने दौरे करो, पर दौरे करने के साथ साथ में गवर्नेंस भी तो करो शासन भी तो करो भई, और जो प्रॉब्लम बर्निंग प्रोब्लम आपकी है जैसे कानून व्यवस्था की स्थिति होती है घटनाएं रेप की हो रही हैं डकैती की हो रही हैं चोरी हो रही है, रोज हो रही हैं ये प्रायोरिटी पर होना चाहिए उनकी,बजरी अपने आप में ही प्रायोरिटी पर होनी चाहिए क्योंकि बजरी जब इतना, एक मध्यम क्लास का व्यक्ति भी वो मकान छोटा मोटा बनाता है उसको बजरी इतनी महंगी मिलती है कि वो बेचारा क्या मकान बनाएगा, तो तकलीफ मध्यम परिवार के लोगों को हो रही है सबको हो रही है उस पर ध्यान मुख्यमंत्री जी को देना चाहिए। मुख्यमंत्री जी की बहुत बड़ी ऑथोरिटी होती है, है, भजनलाल जी के पास में आज इतनी बड़ी पावर है उसको यूज करने की आवश्यकता है खाली उनको और कुछ नहीं करना है, प्रमोशन हो गए आईपीएस के, वहीं बैठे हुए हैं एसपी के रूप में जो डीआईजी बन गए, पहले आईएएस की यह स्थिति थी अब जा के लिस्ट निकली है तो इनको कौन रोक रहा है ? अब तो नए डीजी बन गए हैं , नए डीजी बनने के बाद में अब क्या तकलीफ आ रही है ? हो सकता है उनको कोई सलाह लेनी होगी, रुक गया होगा मान लो अब क्या दिक्कत है उनको ? तो ये जो जिस प्रकार गवर्नेंस हो रही है न उससे नुकसान इन्हीं को हो रहा है इन्हीं को हो रहा है।

Ashok Gehlot

22,470 görüntüleme • 1 yıl önce

सवाल: मुख्यमंत्री जी की चौपाल के संबंध में आपका क्या कहना है? जवाब: मैंने पहले भी कहा है कि असली 'चौपाल' का मतलब होता है कि पहले गाँव में बाकायदा सूचना दी जाए कि आज इतने बजे मुख्यमंत्री जी की चौपाल होने वाली है। गाँव के सभी लोग, जिनकी परेशानियाँ हैं, तकलीफ़ें हैं, समस्याएँ हैं, वे सब वहाँ खुलकर आएँ। कोई ज्ञापन दे रहा हो, कोई अपनी बात बता रहा हो और मुख्यमंत्री वहीं अधिकारियों को समाधान के निर्देश दे रहे हों; इसे कहते हैं असली चौपाल। लेकिन वहाँ तो चुनिंदा (Selected) लोगों को बुलाया जा रहा है, जो न तो कोई सवाल पूछ सकते हैं, न कोई ज्ञापन दे सकते हैं, न अपनी समस्याओं पर चर्चा कर सकते हैं और न ही कोई ज़मीनी फीडबैक दे सकते हैं। असली चौपाल का मकसद ही यह होता है कि गाँव के लोग सरकार और नीतियों के बारे में क्या सोचते हैं, उनकी क्या समस्याएँ हैं और उन्हें कैसे दूर किया जा सकता है, इसका पता चले। अगर मुख्यमंत्री के पास सीधे जनता से ऐसा फीडबैक आता है, तभी प्रदेश और गाँव का भला हो सकता है। ग्रामीण जनता को यह भरोसा होना चाहिए कि 'हमने मुख्यमंत्री से बात की, उन्होंने तुरंत आदेश दिया और हमारा काम हो गया।' आज धरातल पर वैसी चौपालें नहीं हो रही हैं, यही मेरी मुख्य शिकायत है।

Ashok Gehlot

33,503 görüntüleme • 2 ay önce