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मोची जूता सिले तो धंधा, ब्राह्मण पूजा करे तो धर्म। ~ कन्हैया कुमार

157,087 Aufrufe • vor 1 Jahr •via X (Twitter)

35 Kommentare

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Vinay Vishwakarmavor 1 Jahr

सत्य हमेशा सरल शब्दों में ही बयाँ होता है। समाज में समानता और न्याय की यही असली पहचान है

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Dr. Sheetal yadavvor 1 Jahr

बिल्कुल यह तो दोनों धर्म है या तो दोनों धंधा है।

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pkskisidhibaatvor 1 Jahr

@thename_vinay धर्म का मतलब ही आप जैसे लोग गलत लगाते हैं। सिर्फ पूजा, पाठ कर्म कांड करना ही धर्म नहीं होता। ये कन्हैया बरसाती मेढ़क की तरह इलेक्शन के समय टर टर्र उल जलूल करने लगते हैं, फिर इन्हें हाइबरनेशन में भेज दिया जाता है, अगले कहीं इलेक्शन तक।

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Vinay Vishwakarmavor 1 Jahr

@Sheetal2242 मेरे भाई धर्म की शिक्षा और जानकारी उसने अच्छे ली है। कन्हैया कुमार एक अच्छा प्रवक्ता है आप कभी उसको सुनो तर्कपूर्ण बाते करता है।

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Raghav Vatsavor 1 Jahr

@Grok ब्राह्मण के पूरे जनसंख्या में से से कितने % पूजा पाठ से जीवन चलाते हैं ?? क्या ब्राह्मण कम्युनिटी सिर्फ पूजा पाठ कराते हैं? अगर नहीं तो फिर कुछ मानसिक तौर से विकलांग लोग हमेशा अपनी नामर्दी के लिए ब्राह्मण को क्यों कोसते हैं ?

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Fanish Tiwarivor 1 Jahr

Bsdk के तेरे में दम है तो बोल मुल्ले मौलवी,ईसाई पादरी,बौद्ध भंते ये भी सब धंधा करते है...

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Wishdharvor 1 Jahr

शिक्षक पढ़ाता है धर्म है या धंधा? फौजी लड़ता है धर्म है या धंधा? मौलवी अजान देता है धर्म है या धंधा? डोम लाश जलाता है धर्म है या धंधा? पादरी मास करता है धर्म है या धंधा? डाक्टर इलाज करता है धर्म है या धंधा? तेरी मां तेरे बाप को खाना देती है ये धर्म है या धंधा? बोल @kanhaiyakumar

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Guru Rajivvor 1 Jahr

अब सुनो, अगर ये कह दिया जाए कि मोची का जूता सिलना उसका धर्म है? माली का माला बनाना धर्म है? तब यही MC कन्हैया कुमार,मोची और माली को नीचा दिखाने के नाम पर नंगा नाचने लगेगा? तब उनके काम को ये ऊंच नीच के मुद्दे पर भटका देगा? सोचों,ये कितना बड़ा Hरामी है? कैसे लोगों में जहर घोलता है?

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𝐑𝐚𝐠𝐡𝐯𝐞𝐧𝐝𝐫𝐚 𝐘𝐚𝐝𝐚𝐯⭐vor 1 Jahr

धर्म को अपने फायदे के इस्तेमाल करना एक धंधा है धर्म वही जिसमे सब को समान भाव देखा जाय किसी के साथ भेदभाव न हो वही सच्चा धर्म

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सनातन_ब्राह्मण_वीरvor 1 Jahr

जिसकी जितनी क्षमता, वैसा उसका काम। कोई काम छोटा-बड़ा नहीं होता और ज़रूरी नहीं कि मोची का बच्चा भी मोची ही बने। वो भी ब्राह्मणों की तरह मेहनत करे तो जीवन में ज़रूर सफल होगा। आपके लिए एक श्लोक: न हि कश्चित् क्षणमपि जातु तिष्ठत्यकर्मकृत्। कार्यते ह्यवशः कर्म सर्वः प्रकृतिजैर्गुणैः॥

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Anandvor 1 Jahr

जब सीपीआई में थे तो कांग्रेस को गरियाते थे जब कांग्रेस आए राहुल जी की मस्त चाटने लगे। फिर चढ़ने नी दिया मंच पे इसकी कड़ी निंदा...

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seekervor 1 Jahr

मूर्खों की दलीलें उसकी जाति में नजीर ही लगेगी। ब्राह्मण का ज्ञान है जो उसे धार्मिक कार्यों से धन अर्जित करवाता है। मोची जूता सिले तो क्या उसे भी धर्म का नाम दोगे? या ब्राह्मण ईश्वर पूजा करवाता है तो उसे धर्म से बहिष्कृत करोगे? धर्म की परिभाषा क्या है? कुंठा को चेतना पर हावी न करो

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Er.Rafiquekhanvor 1 Jahr

कटु सत्य!!

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Avanish Pandeyvor 1 Jahr

ब्राह्मण है कौन ? ब्राह्मण कहा किसे गया है?? प्रबंधक हैं कौन सब या जो है वही?? प्रधानमंत्री है कौन सभी या कोई और?? अब दूसरी बात ब्राह्मण के घर में पैदा हुए तो क्या आज सब पुजारी ही है?? अरे हर बात की बात होती है आपस के मतभेद खत्म होंगे नहीं बस बाते वही पुरानी घिसी पिटी।

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Asutosh Panigrahyvor 1 Jahr

कन्हैया बाबू ज़रा ये बताइए 👇 मोची जूता सिले तो धंधा, माली फूल उगाए तो काम — इसमें किसी को शर्म नहीं, बल्कि मेहनत का हक़ मिलता है। 👞🌸 तो फिर ब्राह्मण जब पूजा कराए, वेद-पाठ करे, तो अचानक वो "धर्म" बन गया और मेहनताना देना अपमान क्यों समझा जाता है? 🤔 मेहनत का सम्मान सबका हक़ है, चाहे वो मोची हो, माली हो या ब्राह्मण। या फिर आपको सिर्फ ब्राह्मणों की मेहनत मुफ्त चाहिए? 😏 जातिवाद का खेल कांग्रेस का पुराण खेल है। इसमें अब जनता नहीं फसेंगी। 😡

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Ravindra Kumar Guptavor 1 Jahr

ये वही लिब्रांडु है जो नारे लगाया "भारत तेरे टुकड़े होंगे इंशा अल्लाह इंशा अल्लाह" "अफजल हम शर्मिंदा हैं तेरे कातिल जिंदा हैं" अब इसकी नीचताई देखो, देश बांटने का ज्ञान पेल रहा है। इसका चाल चलन, अर्बन नक्सल को परिभाषित करता है। @kanhaiyakumar

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Ghanshyam_shakshibhavakvor 1 Jahr

भाई , सभी कर्म ही धर्म कहलाता है जैसे क्षत्रिय धर्म , वैश्य धर्म वैसे ही ब्राह्मण धर्म ! धर्म के नाम पर ईमानदारी की गारंटी मिलती है ! कर्म ही धर्म है ! एक जूते बनानेवाला का धर्म भी जुता बनाना ही है जैसे ब्राह्मण का कर्म !

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Amaresh Kumar Jhavor 1 Jahr

थेथरई का क्या किया जा सकता है। कर्म ही धर्म है। मोची का ठीक से जूता सिलना ही उसका धर्म है। ब्राम्हण का कर्म पूजा पाठ करना और समाज को ज्ञान देना। फर्क यह है के जूता सिल कर उसे पैसे मिलते है और पंडित को गाली।

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Ved prakash Chandravor 1 Jahr

कुछ दिनों से धर्म के बड़े बड़े प्रकांड विद्वान पैदा हो चुके है जो दिन रात हिंदू धर्म पे जान पेलते है कभी मजहब के लिए एक शब्द नहीं बोलते जहां महिलाओं को उपभोग की वस्तु समझी जाती है तब तुम जैसलोगो का ज्ञान गान में घुस जाता है क्या।

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A.K.SRIVASTAVAvor 1 Jahr

अबे घोसड़ी के धर्म को धंधा से जोड़ रहे हो. इसी करण से अभी तक लार चाट रहे हो. आगे भी चाटते रहोगे. इसका जन्म ही हुआ है लार चाटने के लिए. धंधा की परिभाषा आपने मालकिन से पूछो ❓

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Arpit Goyalvor 1 Jahr

Na mochi bharat tere tukde honge ke mare lagata hai Na pandit bharat tere tukde honge ka nara lagata hai Par aap jaise kansh wadi yadav har aise admi ko uthate hai jo hindu aur bharat ka virodh karte hai

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🌺 मन ही देव है 🌺vor 1 Jahr

इन मूर्खो को समझाओ! शास्त्र हर कर्म को धर्म कहता है।

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Fightervor 1 Jahr

बस, यही सोच तुम्हें नफरत का पात्र बनाती है.. अरे जिओ न अपनी जिन्दगी जैसे भी जीना हो.. दूसरों को भला बुरा क्यों कहते फिरते हो.. मुकाबला कर नहीं पाते तो रोने लगते हो.. ऐसे कैसे चलेगा..

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जातिविहीन हिंदू 🚩vor 1 Jahr

तुम अपनी मोची से सिलवा लो, जो भी जहाँ भी चाहो! 🤣😂🤣

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dhananjay mishravor 1 Jahr

तेरी बीबी खानाबनाकर खिलाती हैं धर्म है या धंधा। तुम रात दिन उजूल फिजूल बकते हो कुतार्किक बाते धर्म है या धंधा तुम आधाजीवन जे एन यू में बिताया वो धर्म था या धंधा ।

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Arvind Belewarvor 1 Jahr

पता नहीं, कैसी और किस विषय में PhD की है? जो यह नहीं पता है कि पूजा-पाठ करवाना पुरोहित ब्राह्मणों का परंपरागत धंधा ही होता है, जबकि भगवान की उपासना व्यक्ति विशेष का ऐसा स्वधर्म है, जो हर जाति बंधन से मुक्त है!

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Ranjeesh Sharmavor 1 Jahr

मानसिक विक्षिप्त है बेतुके सवाल ओर बेतुके जबाब, यह बेवकूफ केवल राजनीति कर रहा है, जातिवाद की बाते कर रहा है खुद दोष दे रहा है ब्राह्मण को।

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गौतम अम्बेडकरvor 1 Jahr

मोची जूता सिले तो धंधा, ब्राह्मण पूजा करे तो धर्म। धंधा ही है

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Seshagiri Raovor 1 Jahr

कन्हैया तुम क्या बोलना चाहते हो? मोची अपनी धर्म निभा रहा है और माली भी अपना धर्म। ब्राह्मण का नाम लेकर धंधा तो तुम कर रहे हो।

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Krishnan Gaurvor 1 Jahr

कर्म ही धर्म 🙏

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ARYAN RAJ Yadavvor 1 Jahr

Kya gjb dhoya h

Profilbild von Manish Bajpai आपस में बटेगा, तो कटेगा ।।
Manish Bajpai आपस में बटेगा, तो कटेगा ।।vor 1 Jahr

जीवन में खुद अपनी लकीर बड़ी न करना और दूसरे को दोष देना ये कमजोरो की निशानी है , मोची अपने हुनर से अपना परिवार पाल रहा है और ब्राह्मण अपने सबको जीने का हक है , आज यही सब करके हुनर के काम हिन्दुओं से दूर कर दिए और एक समुदाय विशेष ने इन पर कब्जा कर लिया

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Alok Ranjan Mehtavor 1 Jahr

तो अपने से पूजा पाठ कर लिया करो, मगर यहाँ RR ना करो। किसी ने तुम्हें मजबूर नहीं किया है।

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Nayan Upadhyayvor 1 Jahr

एक बहुत बड़ा तबका ब्राह्मण के पीछे पड़ा है देश भर में। उनकी रोजी रोटी और पूरी राजनीति ही चलती है ब्राह्मणों को कोस कोस कर।

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ashutosh singhvor 1 Jahr

मोची भी जूता सिलने को धर्म मानें कौन मना कर रहा है भाई सबको आजादी है कन्हैया कुमार जैसे देश विरोधी एजेंडा चलाने वाले लोगो को राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी टिकट दे रही है

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