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मजबूत संगठन, कुशल सरकार तब आता है यह हौसला और यह विश्वास
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बेवकूफ नेता, संगठन बेकार इसीलिए उनलोगों का मंदा है व्यापार कहानी दल दल की

कमजोर संगठन, पप्पू सरकार, फिर आता है घोषणाओं का बौछार और परिणामों में फुल फेल कारोबार। 😅

@DineshsonuINC Tha powerful Man💥🔱 #Telangana

👌👍💞🙏🏼

Telangana before congress came to power was one of the richest states now this is our condition

Condition of farmers in Telangana … Data of last year ….

Bakne se kuchch hota h kya chamcho

कांग्रेस का राज 2013

झूठे लोग झूठी बातें करते हैं हररोज। इससे ज्यादा कुछ नहीं है। कहां ढूंढे कांग्रेस पार्टी को ?

सब झूठ यह सब सिर्फ ट्विटर पर है। असल में कर्नाटक हिमाचल और तेलंगाना में कांग्रेसियों ने लूट खसूट करके इन तीनों प्रदेशों को कंगाल किया है।

जब कोई दलित, पिछड़ा या आदिवासी छात्र पढ़ना चाहता है - तभी मोदी सरकार को बजट याद आता है। National Overseas Scholarship में चयनित 106 में से 66 वंचित छात्रों को सिर्फ इसलिए विदेश में पढ़ने की स्कॉलरशिप नहीं दी गई क्योंकि सरकार के पास “फंड नहीं” है। लेकिन मोदी जी की विदेश यात्राओं, प्रचार और इवेंटबाज़ी पर हज़ारों करोड़ रुपये बेहिचक खर्च किए जाते हैं। BJP-RSS नेताओं के बच्चों को कहीं पढ़ने पर कोई अड़चन नहीं - मगर जैसे ही कोई बहुजन छात्र आगे बढ़ता है, पूरा सिस्टम अड़ंगा लगाने लगता है। कहीं सरकारी स्कूलों को कम कर देना, कहीं बेवजह 'Not Found Suitable' कह कर अवसर के दरवाज़े बंद कर देना तो कहीं मेहनत से हासिल स्कॉलरशिप छीन लेना - ये सिर्फ़ अन्याय नहीं, भाजपा का खुला बहुजन शिक्षा विरोध है। यही मनुवादी सोच आज फिर से एकलव्य का अंगूठा मांग रही है। मोदी सरकार को यह अमानवीय फ़ैसला तुरंत पलटना होगा और इन 66 छात्रों को विदेश भेजना ही होगा। हम बहुजनों से शिक्षा का यह मौलिक अधिकार छिनने नहीं देंगे।

आज, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 9 अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर चुनाव आयोग द्वारा की जा रही त्रुटिपूर्ण और विनाशकारी विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी। यह एक ऐसा अभ्यास है जिसकी दुर्भावनापूर्ण और मनमानी प्रक्रिया के कारण भारी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की पूरी आशंका है। संपूर्ण विपक्ष इस जनविरोधी कवायद के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को सुनवाई के लिए गुरुवार, 10 जुलाई 2025 को सूचीबद्ध किया है। सत्यमेव जयते।

सबसे ज्यादा बांग्लादेश तो हिमांता बिस्वा शर्मा जाते हैं हमारे पास रिकॉर्ड मौजूद है, बीजेपी और RSS नेताओं के बॉर्डर के उस पार बिजनेस है - गौरव गोगोई

जिन बेवक़ूफ़ों को माँग में सिंदूर - जो पति के नाम का होता है और एक महिला के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए सेनेटरी पैड एक बात लग रही हो, उन जाहिलों से क्या बात की जाये यह आप सबकी माँ, बहन, पत्नी, बेटी इस्तेमाल करती हैं माहवारी एक नैचुरल प्रक्रिया है, और सियाह सच तो यह है कि आज भी बड़ी संख्या में हमारे देश की महिलाओं के पास साफ़ स्वच्छ सुरक्षित उपाय नहीं है - कहीं जानकारी की कमी है, कहीं पैसों की तंगी गाँवों में लड़कियाँ महीने के उन 4-5 दिन स्कूल नहीं आतीं. गाँवों में महिलायें गंदे कपड़े, यहाँ तक कि घास और मिट्टी भी इस्तेमाल करने को मजबूर हैं इस पर तो जागरूकता फैलाई जानी चाहिए, सैनिटेरी पैड उपलब्ध कराने चाहिए यह सिंदूर नहीं है, जो सिर्फ़ पति अपनी पत्नी को देता है यह साधारण सफ़ाई की चीज है, जिसे बेझिझक बाँटना चाहिए लेकिन जाहिल कहाँ बाज आयेंगे!


