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मजबूत संगठन, कुशल सरकार तब आता है यह हौसला और यह विश्वास

31,532 Aufrufe • vor 1 Jahr •via X (Twitter)

14 Kommentare

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Manan krishna Singhvor 1 Jahr

बेवकूफ नेता, संगठन बेकार इसीलिए उनलोगों का मंदा है व्यापार कहानी दल दल की

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Vijay Chauhanvor 1 Jahr

कमजोर संगठन, पप्पू सरकार, फिर आता है घोषणाओं का बौछार और परिणामों में फुल फेल कारोबार। 😅

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RevanthReddyAnumulavor 1 Jahr

@DineshsonuINC Tha powerful Man💥🔱 #Telangana

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rajan panditvor 1 Jahr

👌👍💞🙏🏼

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abhishek 🚩vor 1 Jahr

Telangana before congress came to power was one of the richest states now this is our condition

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Sandeep Mishravor 1 Jahr

Condition of farmers in Telangana … Data of last year ….

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Ajit Raj Naharvor 1 Jahr

Bakne se kuchch hota h kya chamcho

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maheshvor 1 Jahr

कांग्रेस का राज 2013

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rajesh kumarvor 1 Jahr

झूठे लोग झूठी बातें करते हैं हररोज। इससे ज्यादा कुछ नहीं है। कहां ढूंढे कांग्रेस पार्टी को ?

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Bharat Parimoovor 1 Jahr

सब झूठ यह सब सिर्फ ट्विटर पर है। असल में कर्नाटक हिमाचल और तेलंगाना में कांग्रेसियों ने लूट खसूट करके इन तीनों प्रदेशों को कंगाल किया है।

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Rahul Gandhivor 1 Jahr

जब कोई दलित, पिछड़ा या आदिवासी छात्र पढ़ना चाहता है - तभी मोदी सरकार को बजट याद आता है। National Overseas Scholarship में चयनित 106 में से 66 वंचित छात्रों को सिर्फ इसलिए विदेश में पढ़ने की स्कॉलरशिप नहीं दी गई क्योंकि सरकार के पास “फंड नहीं” है। लेकिन मोदी जी की विदेश यात्राओं, प्रचार और इवेंटबाज़ी पर हज़ारों करोड़ रुपये बेहिचक खर्च किए जाते हैं। BJP-RSS नेताओं के बच्चों को कहीं पढ़ने पर कोई अड़चन नहीं - मगर जैसे ही कोई बहुजन छात्र आगे बढ़ता है, पूरा सिस्टम अड़ंगा लगाने लगता है। कहीं सरकारी स्कूलों को कम कर देना, कहीं बेवजह 'Not Found Suitable' कह कर अवसर के दरवाज़े बंद कर देना तो कहीं मेहनत से हासिल स्कॉलरशिप छीन लेना - ये सिर्फ़ अन्याय नहीं, भाजपा का खुला बहुजन शिक्षा विरोध है। यही मनुवादी सोच आज फिर से एकलव्य का अंगूठा मांग रही है। मोदी सरकार को यह अमानवीय फ़ैसला तुरंत पलटना होगा और इन 66 छात्रों को विदेश भेजना ही होगा। हम बहुजनों से शिक्षा का यह मौलिक अधिकार छिनने नहीं देंगे।

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Pawan Khera 🇮🇳vor 1 Jahr

आज, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 9 अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर चुनाव आयोग द्वारा की जा रही त्रुटिपूर्ण और विनाशकारी विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी। यह एक ऐसा अभ्यास है जिसकी दुर्भावनापूर्ण और मनमानी प्रक्रिया के कारण भारी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की पूरी आशंका है। संपूर्ण विपक्ष इस जनविरोधी कवायद के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को सुनवाई के लिए गुरुवार, 10 जुलाई 2025 को सूचीबद्ध किया है। सत्यमेव जयते।

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Lutyens Mediavor 1 Jahr

सबसे ज्यादा बांग्लादेश तो हिमांता बिस्वा शर्मा जाते हैं हमारे पास रिकॉर्ड मौजूद है, बीजेपी और RSS नेताओं के बॉर्डर के उस पार बिजनेस है - गौरव गोगोई

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Supriya Shrinatevor 1 Jahr

जिन बेवक़ूफ़ों को माँग में सिंदूर - जो पति के नाम का होता है और एक महिला के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए सेनेटरी पैड एक बात लग रही हो, उन जाहिलों से क्या बात की जाये यह आप सबकी माँ, बहन, पत्नी, बेटी इस्तेमाल करती हैं माहवारी एक नैचुरल प्रक्रिया है, और सियाह सच तो यह है कि आज भी बड़ी संख्या में हमारे देश की महिलाओं के पास साफ़ स्वच्छ सुरक्षित उपाय नहीं है - कहीं जानकारी की कमी है, कहीं पैसों की तंगी गाँवों में लड़कियाँ महीने के उन 4-5 दिन स्कूल नहीं आतीं. गाँवों में महिलायें गंदे कपड़े, यहाँ तक कि घास और मिट्टी भी इस्तेमाल करने को मजबूर हैं इस पर तो जागरूकता फैलाई जानी चाहिए, सैनिटेरी पैड उपलब्ध कराने चाहिए यह सिंदूर नहीं है, जो सिर्फ़ पति अपनी पत्नी को देता है यह साधारण सफ़ाई की चीज है, जिसे बेझिझक बाँटना चाहिए लेकिन जाहिल कहाँ बाज आयेंगे!

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लोकसभा चुनाव में जब उम्मीदें सीमित थीं, तब मिले विश्वास को जनसमर्थन में बदलकर पाँच की पाँच सीटों पर जीत दर्ज की। बिहार विधानसभा चुनाव में भी चुनौतियों से भरी सीटों पर संगठन और कार्यकर्ताओं की मेहनत ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन कर दिखाया। अब अगला लक्ष्य और भी स्पष्ट है। संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करते हुए उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर तैयारी का संकल्प लिया गया है। यह सिर्फ चुनाव लड़ने की तैयारी नहीं, बल्कि हर विधानसभा में कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाने, जन-जन तक पहुँचने और गठबंधन की ताकत को और मजबूत करने का अभियान है। जब नेतृत्व पर विश्वास, संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं का समर्पण एक साथ खड़े हों, तब हर चुनौती अवसर में बदल जाती है। यही संकल्प, यही तैयारी और यही विश्वास आने वाले चुनावों की सबसे बड़ी शक्ति बनेगा।

युवा बिहारी चिराग पासवान

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सवाल तो बनता है... राजस्थान में कांग्रेस मजबूत संगठन का दावा करते हुए अगली सरकार बनाने की हसरत संजोए हुए है. लेकिन सवाल यह भी है कि पार्टी के पदाधिकारियों का सार्वजनिक आचरण और उनकी गतिविधियां क्या संगठन की राजनीतिक छवि को मजबूत कर रही हैं या कहीं अनजाने में ‘पंजे’ को कमजोर तो नहीं कर रहीं? खासकर जब किसी जिला महिला कांग्रेसाध्यक्ष से जुड़ी सार्वजनिक रूप से सामने आई गतिविधियों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सवाल उठने लगें, तो पार्टी नेतृत्व को भी यह देखना होगा कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सार्वजनिक पद की गरिमा के बीच संतुलन कैसे कायम रहे? आखिर मजबूत संगठन केवल दावों से नहीं, बल्कि उसके पदाधिकारियों के आचरण और सार्वजनिक छवि से भी पहचाना जाता है.

Balmukund Joshi

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आज देश के बैंकों में हमारे नागरिकों का 78,000 करोड़ रुपये बिना दावे के पड़ा है। हमें नहीं पता कि यह पैसा किसका है, यह यूँ ही पड़ा है। बीमा कंपनियों के पास 14,000 करोड़ रुपये हैं, म्यूचुअल फंड्स के पास 3,000 करोड़ रुपये हैं। डिविडेंड में 9,000 करोड़ रुपये पड़ा हुआ है। और यह सारा पैसा बिना दावे के पड़ा है। यह पैसा गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों का है और यह सरकार यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह पैसा किसका है, क्योंकि हम इस पैसे के असली मालिक का पता लगाना चाहते हैं। हमारी सरकार देश में इस धन के मालिको इसके मालिकों तक वापस पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं। अब तक, इस पैसे के मालिकों की पहचान के लिए लगभग 500 जिलों में विशेष शिविर लगाए जा चुके हैं और हमने उन्हें कई हज़ार करोड़ रुपये वापस किए हैं। साथियों, यह सिर्फ एसेट की वापसी का मामला नहीं है। यह विश्वास का मामला है। यह जनता के विश्वास को निरंतर हासिल करने की प्रतिबद्धता है। और जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। अगर गुलामी की मानसिकता होती तो सरकारी मानसिकता हावी होती और ऐसे अभियान कभी नहीं चलते। - प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi

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