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मुझे अभी तक समझ नहीं आया आखिर ऐसी रस्म होती कहां है बहुत ही अजीब लग रहा है देखने से भी.....!!????
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ये हमारे राजस्थान में है , बारात में जाने से पूर्व दूल्हा अपनी मां का स्तन पान करता है

मगर कहाँ पर

पूरे राजस्थान में ही है ये रस्म

यह रस्म इसलिए होती है कि मां के दूध का कर्ज़ बुल न जाना कही जोरू का गुलाम बन जाए

बात से सहमत हूं

दूल्हा बनने के पश्चात माँ द्वारा स्तनपान कराया जाता है... हमारे तो प्रतीकात्मक होता है.. कपड़ो के ऊपर से ही मुँह लगाया जाता है... इसमे अजीब की तो कोई बात नहीं है.. माँ अपने बच्चे को स्तनपान कराती ही है... ये अंतिम बार स्तनपान होता है जिसका मतलब है बेटा अब बड़ा हो गया.. अब दूध पीने वाला नहीं रहा...

यह रस्म पहली बार देखी है मैने

मां का दूध पीकर जा रहा है

ऐसी रस्म राजस्थान में बता रहे है

यह रस्म लगभग पूरे राजस्थान में होती है दूल्हा बारात जाने से पहले अपने मां का दूध पीता है

यह सनातन संस्कार का एक अंग है

मैने पहली बार देखा है ऐसा

ये सामाजिक रश्म है

होती कहां पर है

मुझे यह तो पूरा कच्चा वाला लग रहा है विश्वास ही नहीं हो रहा है की ऐसा रस्म है

रस्म है यह भी

यह राजस्थान के किसी इलाके की एक रस्म है जहां शादी के समय मां अपने बच्चों को दूध पिलाती है

मैने जीवन में पहली बार देखा है

राजस्थानी रस्म है क्या ये

शायद ऐसा ही है

यह रस्म अभी भी राजस्थान के कुछ इलाकों में होती है

बहुत अच्छी बात है

सही बात है ऐसा रसम होती क्यों जो सबसे ज्यादा अजीब लगता हूं

पहली बार देखा है

हमारे देश में बहुत सारी परंपराएं हैं उसी में से एक परंपरा यह भी है

हो सकता है ऐसा भी

मैं अजमेर, राजस्थान से हूँ हमारे इधर भी ये रस्म निभाई जाती हैं काशकर जब बारात रवाना होती हैं उससे पहले यह रस्म बताती है कि माँ ने अपने बेटे को बड़ा करने में जो भी त्याग किए हैं, बेटा उस दूध के कर्ज और संस्कारों को शादी के बाद भी कभी नहीं भूलेगा।

राजस्थान में होती है

मुझे आज पता चला

ये कौन सी अजीब और विचित्र रश्म है

इसका मुझे भी आज ही पता चला है

Han hoti hai

ये रस्म राजस्थान मै होती है जब दुल्हा घर से दुल्हन लेनेबके लिए जाता है तो दुल्हन की मां अपने बेटे को अपने आँचल से दूध पिलाती है और अपने बैठे से अपने दूध की लाज रखने की उम्मीद करती है

मां बेटे की दूध पिलाई

किस राज्य में ऐसा होता है

ये पता नहीं पर पहनावे से राजस्थान का लग रहा है

राजस्थान के कुछ हिस्से में इस तरह की परंपरा आज भी चल रही है।

पहली बार देख रही हूं

Pata nhi kaha ki h,.kuch samay pehle bhi viral hua tha ye

राजस्थान में बेटे की शादी में बारात रवाना होने से पहले वर निकासी की रस्म होती है जिसमे दूल्हा की माँ उसे स्तनपान कराती है जिसका उद्देश्य यह होता है कि बेटा माँ के दूध की लाज रखे (माँ याद दिलाती है कि मेरे दूध को लज्जित मत करना)

मेरे यहां नहीं होती यह रस्म

आप कहाँ से हो मैम ?

होती होगी कोई रसम इनके यहां

राजस्थान में होती है ऐसा बता रहे है सभी

Mother doesn't feed her new born in public. Then why is this ritual done in front of everyone?

It look like film scene. Someone can describe where is such ritual?

Har jagah hoti hai west me sabse jayda hoti hai

यह रस्म पश्चिम राजस्थान में यानी कि मारवाड़ क्षेत्र में आज भी होती हैं ओर बड़े ही उत्साह व गर्व के साथ।

ये शायद राजस्थान में होती है ऐसी प्रथा है एक ips ऑफिसर KK विश्नोई ने इस तरह की रस्म निभाई थी तब काफ़ी सुर्ख़ियों में आई थी ये प्रथा

Fir kesi hindu ho tum ?

Innocent girl.

ये रस्म तो आगरा up me भी हैं

मां का आशीर्वाद है, गंदे नाली वालोंं! गन्दी नालियों में लगता है मां नहीं होती!

यह रस्म पूरे उत्तर प्रदेश में होती है, दूल्हा घुड़चढ़ी के बाद अपनी माँ का दूध पीता है या दादी माँ का? पता नहीं आप कौन सी दुनिया में हो।

राजस्थान मे होती है इसका अर्थ है मेरे दूध कि लाज रखना
