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मुझे चलते रहने की आदत है, बैसाख़ियों के बग़ैर। ये रास्ता भी मैंने ख़ुद ही चुना है। माथे की पेशानियों पर बिखरे हुए बालों की तरह उलझा हुआ रास्ता….मेरी रफ्तार से कुछ लोग बेचैन हैं, हुआ करें। मैं तो मुतमईन हूँ, अपनी बेतरतीब सी ज़िंदगी से।

18,981 次观看 • 2 个月前 •via X (Twitter)

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माँ के निधन के बाद पैतृक गाँव लौटा बेटा, अब जान बचाने की गुहार, SC-ST Act की धमकियों से हालात ऐसे कि कह रहा है: “या तो गाँव छोड़ना पड़ेगा, या मेरी जान चली जाएगी!” "मैं राजपूत ठाकुर जाति से संबंध रखता हूँ और मेरा जिला बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश है। दरअसल, मैं काफी लंबे समय से दिल्ली में रह रहा था। अभी दो महीने पहले मेरी माता का निधन हुआ, तो मुझे अपने पैतृक गाँव में आकर रहना पड़ा। तो यहाँ की स्थिति ये है कि मेरे पड़ोसी जो भीम आर्मी संगठन से जुड़े हुए हैं। उन लोगों ने मुझे इतना बुरी तरह से प्रताड़ित कर रखा है कि वे मेरे घर में जबरदस्ती घुसने का प्रयास करते हैं, मुझे हमेशा गालियाँ देते हैं, धमकियाँ देते हैं और आते-जाते हुए रास्ते में मुझे परेशान करते हैं। मेरे पास वीडियो साक्ष्य भी मौजूद हैं, जिसमें मुझसे ये तक कहा गया है कि, तू हमारी तरफ देखता क्यों है? तू हमारी तरफ देखेगा नहीं और तू जमीन कि तरफ नीचे नज़र करके चलेगा, हमारे सामने। मैंने पुलिस को भी इस संबंध में कई बार शिकायत दी है। एक महीने से मैं कई बार पुलिस को शिकायत दे चुका हूँ। पुलिस का हमेशा आश्वासन रहता है कि कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में आज सुबह मेरे साथ इन लोगों ने मारपीट की है, गाली-गलौज की है और मुझे धमकी दी है कि हम तुम्हें फर्जी एससी-एसटी एक्ट और महिला उत्पीड़न के केस में किसी न किसी तरह फँसाकर जेल भेजवा देंगे। तुम्हें आज के आज यहाँ से जाना पड़ेगा, या तो तुम यहाँ से कहीं बाहर चले जाओ, नहीं तो हम तुम्हें जेल भेज देंगे। मेरे घर में बहुत सारे लोग नहीं हैं। दरअसल, मैं अकेला हूँ और मेरे वृद्ध पिता हैं। मेरा बहुत बुरी तरह से शोषण और उत्पीड़न किया जा रहा है। तो मेरा सभी संगठनों से, जो भी सवर्ण संगठन हैं या जो भी इस तरह के कुकृत्यों के संबंध में हम जैसे लोगों की रक्षा करते हैं या सुरक्षा करते हैं, उनसे निवेदन है कि मेरी सुरक्षा की जाए। आज जिस तरह से मेरे साथ मारपीट की गई है, मुझे अपनी हत्या तक किए जाने का डर है। अगर मुझे कुछ होता है तो यही लोग, जिनके खिलाफ मैंने शिकायत और प्रार्थना पत्र में नाम दिया है, वही लोग उसके जिम्मेदार होंगे। इन लोगों के द्वारा गलियों में तलवारें लहराई जाती हैं, गली में नीला गमछा डालकर और तरह-तरह से मुझे उत्पीड़ित किया जाता है। तो मेरा यही निवेदन है कि सभी लोग मेरी सुरक्षा सुनिश्चित करें, क्योंकि मैं पुलिस में भी कई बार कंप्लेंट दे चुका हूँ। आज पुलिस के द्वारा मुझे आश्वासन दिया गया है कि जो संबंधित लोग मुझे प्रताड़ित कर रहे हैं, उनके खिलाफ आज मुकदमा दर्ज किया जाएगा। परंतु मेरा कहना ये है कि अगर मुझे इसी तरह प्रताड़ित किया गया और मेरे बचाव में कोई संस्था या कोई लोग नहीं आते हैं, या मेरे ऊपर किसी तरह का फर्जी मुकदमा दर्ज होता है, तो मेरे पास दो रास्ते होंगे। एक रास्ता होगा कि मैं अपने प्राणों की आहुति दे दूँ या अपनी जीवन समाप्त कर लूँ, क्योंकि मैं एक पढ़ा-लिखा व्यक्ति हूँ और मुझे इस तरह प्रताड़ित करके या जेल भेजने का अगर काम किया जाएगा, तो मैं अपने प्राण देने के लिए मजबूर रहूँगा और मेरे पास इसके अलावा कोई रास्ता नहीं होगा। इसके अलावा, मुझे पलायन करना पड़ेगा। मुझे समझ में नहीं आता कि मेरे कई पीढ़ियों से मेरे पूर्वज यहाँ पर रहे हैं, तो अचानक ऐसा क्या हुआ है कि मुझे यहाँ से भगाया जा रहा है। चूँकि मेरा घर इस गाँव में अंतिम पंक्ति में है, ठाकुरों के गाँव में जो घर होते हैं, उसकी अंतिम पंक्ति में मेरा घर है। इन लोगों की कम्युनिटी ने चारों तरफ घर बनाकर हमें चारों तरफ से घेर रखा है। तो अब इन लोगों का ये है कि इन्होंने मुझे वल्नरेबल समझ लिया है कि मैं इनके लिए बहुत ईज़ी टारगेट हूँ। तो अगर मेरी किसी तरह हत्या हो जाती है या मुझे किसी केस में फँसाया जाता है, तो उसके लिए वही लोग जिम्मेदार होंगे। मेरे पास दूसरा रास्ता ये भी है, जो मेरे दिमाग में आ रहा है, कि मुझे धर्म परिवर्तन कर लेना चाहिए, ताकि मेरे ऊपर से ये ठाकुर वाला दाग हट जाए। इसको मैं दाग कहूँगा। एक्चुअली, मैं इस पर पहले गर्व महसूस करता था। गर्व इसलिए महसूस करता था कि हमारे पूर्वजों ने काफी वीरताएँ दिखाई हैं, युद्ध लड़े हैं और कई युद्ध जीते हैं। उन्होंने देश को आगे बढ़ाने में प्रयास किया है। लेकिन अभी मुझे इस बात का भय है कि जिस जाति से मैं बिलॉन्ग करता हूँ, वही जाति मेरे प्राणों के लिए काफी कष्टकर साबित हो रही है।"

Ajeet Bharti YouTube

85,901 次观看 • 23 天前

पुनः मैं दोहराता हूँ कि मैं समावेश की सोच रखता हूँ। समाज का एक सबसे अगड़ा वर्ग जिसको कहा जाता है कि पूरी तरीके से सक्षम है, क्या वो वर्ग को न्याय मिल रहा है? आज मेरे बिहार में ही एक एनकाउंटर हुआ, वो पंडित परिवार से ही वो आता था, उसकी भी मैंने निंदा उतनी ही प्रमुखता से की जितने यहाँ पर किसी पासी समाज के साथ हो रहे अन्याय की। मैंने उतनी ही प्रमुखता से आवाज बनने का प्रयास किया, ये दो छोर हैं जिनको अपनी-अपनी राजनीतिक दृष्टि से दूर रखने का प्रयास किया जा रहा है। पंडित-पासी-पासवान के बीच में समाज का हर एक वर्ग है जिसकी मैं आवाज बनने का प्रयास कर रहा हूँ।

युवा बिहारी चिराग पासवान

66,557 次观看 • 2 个月前

साथियों, मुझे नहीं लगता सुसाइड के अलावा मेरे पास कोई ऑप्शन बचा हुआ है । मैंने बहुजन समाज की आवाज उठाई तो मेरे फ़ोन को छीनने की कोशिश की गई। चमार बोला गया। फिर भी मैंने कहा रुचि तिवारी भटकी हुई है और इसे माफ कर दिया जाना चाहिए । आपने सारी वीडियोज़ देखी। इस लड़की ने झूठा नैरेटिव गढ़ा। कहा ब्राह्मण होने की सजा दी गई। जब मैंने पत्रकारिता की डिग्री मांगी तो 6 दिन बाद फ़र्जी आरोप लगा रही है नवीन ने इसके कपड़े में हाथ डाला 😂😂 अब ये बताए कहा हुआ ऐसा, कौन कौन गवाह है और दिल्ली पुलिस से सीसीटीवी निकालने की मांग मैं कर रहा हूँ और मेरा और रुचि का नार्को टेस्ट कराया जाए । रुचि तिवारी के सारे हथकंडे फेल होने के बाद अब सबसे घटिया हरकत पर उतर आई है। Chandra Shekhar Aazad Mayawati आप लोग कुछ बोलेंगे या नहीं ।मेरा मनोबल अब टूट रहा है । मुझे झूठे केस में फंसाया जा रहा है । जबकि मैं दूध की तरह साफ़ हूँ । सैकड़ों लोग गवाह हैं कि नवीन कुमार नंदन पूरी तरीके से सही है ।
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साथियों, मुझे नहीं लगता सुसाइड के अलावा मेरे पास कोई ऑप्शन बचा हुआ है । मैंने बहुजन समाज की आवाज उठाई तो मेरे फ़ोन को छीनने की कोशिश की गई। चमार बोला गया। फिर भी मैंने कहा रुचि तिवारी भटकी हुई है और इसे माफ कर दिया जाना चाहिए । आपने सारी वीडियोज़ देखी। इस लड़की ने झूठा नैरेटिव गढ़ा। कहा ब्राह्मण होने की सजा दी गई। जब मैंने पत्रकारिता की डिग्री मांगी तो 6 दिन बाद फ़र्जी आरोप लगा रही है नवीन ने इसके कपड़े में हाथ डाला 😂😂 अब ये बताए कहा हुआ ऐसा, कौन कौन गवाह है और दिल्ली पुलिस से सीसीटीवी निकालने की मांग मैं कर रहा हूँ और मेरा और रुचि का नार्को टेस्ट कराया जाए । रुचि तिवारी के सारे हथकंडे फेल होने के बाद अब सबसे घटिया हरकत पर उतर आई है। Chandra Shekhar Aazad Mayawati आप लोग कुछ बोलेंगे या नहीं ।मेरा मनोबल अब टूट रहा है । मुझे झूठे केस में फंसाया जा रहा है । जबकि मैं दूध की तरह साफ़ हूँ । सैकड़ों लोग गवाह हैं कि नवीन कुमार नंदन पूरी तरीके से सही है ।

Naveen Kumar Nandan

78,984 次观看 • 7 个月前