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मटन पचौनी दारू बजो की पहली पसंद ₹100 मैं मटन पचौनी आदिवासी स्टाइल 😱

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“2024 के लिए मेरी सोच थोड़ी लंबी है. देश में करीब 20 लाख से ज्यादा लोगों से मैंने इनपुट लिए हैं और मैं उनके आधार पर 2047 का एक विजन डॉक्यूमेंट बना रहा हूं। मैंने चुनावों का ऐलान होने से एक महीने पहले सभी सचिवों की एक बड़ी समिट की थी। मैंने तब कहा कि यह 2047 का विजन है, मुझे उसमें 5 साल की प्राथमिकताएं बताएं। उसके आधार पर 5 साल का मैप बनाया। फिर मैंने उसमें से 100 दिन की प्राथमिकताएं निकालीं। फिर मैंने तय किया कि मेरी पहली प्राथमिकता ये होगी, ये दूसरी होगी। अफसरों ने इस पर काम शुरू कर दिया है, हालांकि मेरा उनके साथ बैठना अभी बाकी है। मैं समय निकालकर बैठूंगा। मेरे मन में काम करते-करते नया विचार आया है कि मैं जब 100 दिन के एजेंडे के बारे में सोच रहा था, अभी मैं 125 दिन के बारे में सोचने पर मजबूर हो गया हूं और मैं उत्साहित भी हो गया हूं। मैं इस पूरे कैंपेन में फर्स्ट टाइम वोटर का उत्साह देख रहा हूं। मैं घोषणा करने वाला हूं कि मैं अब 125 दिन पर काम करना चाहता हूं। 100 दिन का मैंने प्लान कर लिया है। मैं 25 दिन और जोड़ना चाहता हूं। इन 25 दिनों को पूरी तरह यूथ पर फोकस करना चाहता हूं कि आप मुझे आइडिया दीजिए। मुझे अपनी प्रायोरिटी बताइए, जिसके लिए मैं 25 दिन पूरी तरह से डेडिकेट करना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि मैं 100 दिन को आगे बढ़ा रहा हूं, सवा सौ दिन के एजेंडे पर काम करूंगा।”~ प्रधानमंत्री Narendra Modi

Anjana Om Kashyap

56,169 просмотров • 2 лет назад

100 वर्ष पूर्व विजयदशमी के पावन पर्व पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई थी। आज संघ केवल एक संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। संघ ने शिक्षा, स्वास्थ्य, आदिवासी कल्याण, समाज सुधार और महिला सशक्तिकरण जैसे अनेक क्षेत्रों में कार्य किया। विभाजन की त्रासदी हो या प्राकृतिक आपदाएँ, हर संकट में संघ के कार्यकर्ताओं ने निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा की। आज जब भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है, तब संघ अपने पंच परिवर्तन—स्वबोध, सामाजिक समरसता, कुटुम्ब प्रबोधन, नागरिक शिष्टाचार और पर्यावरण—को लेकर नई शताब्दी में प्रवेश कर रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर मैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उसके विचारों से जुड़े प्रत्येक कार्यकर्ता को हृदय से शुभकामनाएँ देता हूँ और कामना करता हूँ कि आने वाली शताब्दी भारत को विश्वगुरु बनाने की दिशा में और भी सशक्त कदम साबित हो। #RSS100Years #RSSCentenary

Manoj Joshi

82,162 просмотров • 10 месяцев назад

यह वीडियो 2 मायनो में आपकी आंखें खोल देगा पहला यह कि पाकिस्तान में कभी भी लोकतंत्र नहीं रहा वहां के मंत्री या प्रधानमंत्री सेना और आईएसआई की कठपुतली है दूसरा यह भारत की दलाल मीडिया जैसी नीच मीडिया कोई नहीं होगी फरवरी 2007 में पाकिस्तान का विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कुरैशी भारत आया था। दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास में उसने भारत के सभी चैनलों को इंटरव्यू दिया। उसका इंटरव्यू राजदीप सरदेसाई रजत शर्मा करण थापर बरखा दत्त शेखर गुप्ता सब ने लिया। कोई परेशानी नहीं.. बहुत फ्रेंडली सवाल पूछे गए.. गंगा जमुनी तहजीब के बारे में पूछे गए पाकिस्तान की जनता के शौक के बारे में पूछे गए लाहौर के गोल चक्कर में बिकने वाले मटन चिकन के बारे में सवाल पूछे गए फिर नंबर आया अर्नब गोस्वामी का जो उस वक्त टाइम्स नाउ में थे अरनव गोस्वामी ने आई एस आई द्वारा दिए गए सवालों की लिस्ट या फ्रेम के बजाय पाकिस्तान के विदेश मंत्री से एक पत्रकार की हैसियत से सवाल पूछना शुरू किया अरनव गोस्वामी का पहला ही सवाल था कि समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट में भारत ने जो सबूत पाकिस्तान को दिया है उस पर आप ने क्या कार्रवाई किया ? पाकिस्तान का विदेश मंत्री जवाब देने में अटक गया फिर और गोस्वामी ने जब कड़वे सवाल पूछने शुरू किये तुरंत ही आईएसआई के अधिकारी आए और अरनव गोस्वामी के साथ तू तू मैं मैं करने लगे और इंटरव्यू बंद करने को कहने लगे पाकिस्तान का विदेश मंत्री चुपचाप बैठा देख रहा था सवाल यह है क्या किसी देश का विदेश मंत्री किसी को इंटरव्यू दे और सेना के अधिकारी उसका इंटरव्यू रुकवा सकते हैं ? दूसरी बात है की अर्नब गोस्वामी के पहले जिन पत्रकारों ने इंटरव्यू लिया उन्होंने उस वक्त मना क्यों नही कर दिया कि हम पत्रकार हैं हमारा धर्म है अपने अनुसार सवाल पूछना ना कि दिए गए फ्रेम के अनुसार सवाल पूछना

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

46,950 просмотров • 1 год назад

सालाना टर्नओवर : 3 करोड़ रुपये मुनाफा : 50 लाख रुपये सरकार को टैक्स : 15 लाख रुपये स्थान : मुजफ्फरपुर व्यवसाय : 44 जीविका दीदियों का क्लाउड किचन अपनी मेहनत, धैर्य और इच्छाशक्ति से अपने परिवार, समाज और बिहार को संवारने वाली ऐसी करोड़ों जीविका दीदियां हम सबके लिए प्रेरणास्रोत हैं। 1 करोड़ 40 लाख से अधिक जीविका दीदियां अलग-अलग कामों से बिहार और देश की अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। हमारा शुरू से मानना रहा है कि आधी आबादी के उत्थान और सम्मान के बिना कोई समाज, कोई राज्य, कोई देश प्रगति नहीं कर सकता। इसलिए हमारी सरकार ने बिहार की बहन-बेटियों के उत्थान और सम्मान के लिए अनेक काम किए। हमने देश में पहली बार पंचायत और नगर निकाय चुनावों में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था की। हमने सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था की। हमने महिलाओं के लिए डोमिसाइल नीति लागू की। हमारी सरकार ने प्राथमिक शिक्षक भर्ती में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण लागू किया। हमारी सरकार जन्म से लेकर स्नातक करने तक हर बच्ची पर 94,100 रुपये खर्च कर रही है। हमारी सरकार द्वारा हर परिवार की एक महिला को अपनी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए 10 हजार रुपये दिये जा रहे हैं। यह राशि मिलने के बाद कई महिलाओं ने अपना रोजगार शुरू कर दिया है। इसमें यह व्यवस्था की गई है कि रोजगार चलने पर उन्हें 02 लाख रूपये तक की अतिरिक्त सहायता भी दी जायेगी। अब कुछ लोग मतदान से कुछ दिन पहले जीविका दीदियों और बिहार की आधी आबादी का हितैषी दिखने की कोशिश कर रहे हैं। सच यह है कि ‘जीविका दीदियों’ के नाम पर ये लोग अपने परिवार की ‘आजीविका’ तलाश रहे हैं। आधी आबादी के लिए चांद-तारे तोड़ लाने की बात कर रहे हैं। बिहार की जनता ने इन लोगों को भी मौका दिया था लेकिन तब इनका ध्यान सेवा करने से ज्यादा मेवा खाने पर लगा हुआ था। इनके कार्यकाल में महिलाओं का विकास सिर्फ इनके परिवार तक ही सीमित था। इन लोगों के राज में बिहार की महिलाओं ने जो दुख- दर्द और जंगलराज का दंश झेला है, वह किसी से छिपा नहीं है। ऐसे लोगों को पता होना चाहिए कि ये 2005 से पहले वाला बिहार नहीं है। बिहार की बहन-बेटियां पढ़ रही हैं, आगे बढ़ रही हैं, नौकरियां कर रही हैं, स्वरोजगार में लगी हैं, नौकरियां दे रही हैं, बिहार और देश का नाम रोशन कर रही हैं। बिहार की बहन-बेटियों को पता है कि उनके उत्थान और सम्मान के लिए किसने काम किया है। बिहार की बहन-बेटियां एक बार फिर एनडीए सरकार बनाने जा रही हैं। 2005 में बिहार से किया वादा हमें हमेशा याद रहता है। जब तक मैं हूं, बिहार को और विशेषतौर पर हमारी बहन-बेटियों को आगे बढ़ने से कोई शक्ति रोक नहीं सकती।

Nitish Kumar

97,309 просмотров • 10 месяцев назад

आज AICC General Secretaries और Incharges की बैठक में मेरे शुरूआती वक्तव्य के कुछ अंश - हमें काँग्रेस पार्टी की ideology के COMMITTED ऐसे लोगों को आगे बढ़ाना चाहिए जो विपरीत माहौल में भी चटटान की तरह हमारे साथ खड़े हैं। मैं यहां एक सबसे जरूरी बात Accountability के बारे में भी आप सभी से कहना चाहूंगा। आप सभी अपने प्रभार वाले राज्यों के संगठन और भविष्य के चुनाव परिणामों के लिए Accountable होंगे। आप सभी जानते हैं कि हमारा “संविधान बचाओ अभियान” चल रहा है। जय बापू, जय भीम, जय संविधान कार्यक्रम बेलगांव में हमने तय किया था। ये अगले एक वर्ष तक चलेगा। इसके तहत पदयात्रा, संवाद, Corner meetings जैसी गतिविधियां चलायी जा सकती है। लेकिन ऐसे हर programme का लक्ष्य होना चाहिए संगठन का सशक्तिकरण ! इस बीच हमारे सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है। आप जानते हैं कि इन दिनों चुनाव में Voter List Manipulation का काम बड़े पैमाने पर हो रहा है। इसके बारे में लोक सभा में Rahul Gandhi जी ने भी सवाल उठाया। आप सभी को महसूस होगा कि आज कल हमारे समर्थकों के नाम voter list से काट दिए जाते हैं। या नाम हटाकर बगल के booth से जोड़ दिया जाता है। BJP की तरफ़ से नए नाम चुनाव के ठीक पहले जोड़े जाते हैं। इस धांधली को हर हाल में रोकना होगा। Supreme Court के आदेश से Chief Election Commissioner (CEC) की Selection Committee में Chief Justice को भी जोड़ा गया था। मोदी जी ने उन्हें भी बाहर कर दिया। सरकार को देश के Chief Justice की निष्पक्षता पर भी भरोसा नहीं है। Supreme Court में आज इस मामले की सुनवाई होने वाली थी, सरकार ने इसके पहले नए CEC की घोषणा कर दी। राहुल जी ने कहा भी कि ऐसे Selection Committee का क्या फायदा, जहाँ आप LOP का इस्तेमाल सिर्फ़ certification के लिए कर रहे हैं? इन बातों के साथ देश के सामने अनगिनत चुनौतियाँ हैं। महँगाई और बेरोज़गारी स्थायी मसला बना हुआ है। मोदी सरकार इस मामले में पूरी तरह विफल रही है। मोदीजी की यात्रा के बावजूद अमेरिका पहले की ही तरह भारतीय नागरिकों को हथकड़ी लगा कर वापिस भेज रहा है। Vegetarian यात्रियों को non veg खाना दिया गया । हमारी सरकार इस अपमान का ठीक तरीके से विरोध जताने में भी विफल रही। आर्थिक मामलों में भी अमेरिका हम पर गहरी चोट कर रहा है। हम पर उलटा Tariff लगा दिया, पर प्रधानमंत्री ने इसका विरोध तक नहीं किया। वे हम पर जबरदस्ती घाटे का सौदा थोप रहे हैं, जिसे हमारी सरकार चुपचाप मान ले रही है। ये साफ़-साफ़ हिंदुस्तान और हिंदुस्तान के लोगों का अपमान है। अगला 5 साल हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम जनता के मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष और जन आंदोलन करके मुख्य विपक्ष की भूमिका में उभरने का प्रयास करें। इससे ही हम लोगों की पहली पसंद बनेंगे।

Mallikarjun Kharge

107,538 просмотров • 1 год назад

स्मार्ट मीटर का विरोध क्यों ?? किसी भी समाज में जब कोई बदलव होता है तो लोग उसे बहुत ही ज्यादा रेजिस्टेंस के साथ स्वीकार करते हैं, क्योंकि पुराने सिस्टम की आदत कुछ इस कदर लग जाती है की नयी व्यवस्था को अपनाने से हम परहेज करने लगते हैं ..ऐसा ही कुछ इन दिनों गुजरात में बिजली विभाग द्वारा शुरू किये गए प्रीपेड स्मार्ट मीटर्स के साथ भी होते हुए दिखाई दे रहा है विरोध का कारण ये हैं की स्मार्ट मीटर , रेग्युलर मीटर की तुलना में तेज़ चलता है और बिल दुगुना आ रहा है -- सुनकर क्या लगेगा कि सभी मीटर ख़राब हैं और इन स्मार्ट मीटर्स के आने से पूरी व्यवस्था चरमरा जाएगी .. जिस तरह से लोगों के विरोध की reels वायरल हो रही हैं, पहली नज़र में मुझे भी ऐसा ही लगा.. रीजनल न्यूज़ चैनल्स पर देखा तो उसमे भी ज्यादा बिल आने की कहानियाँ पर खबर के पीछे क्या कारण है ये कोई नहीं दिखा रहा था. इसीलिए मैंने खुद ही पुरे मुद्दे की पड़ताल करने का फैसला किया और सभी पक्षों से बातचीत करके उन्हें वेरिफाई करके जो तथ्य सामने आये उनसे स्पष्ट होता है की स्मार्ट मीटर के तेज़ चलने के बारे में सारा प्रचार भ्रांतियों से भरा हुआ है .. इसलिए तथ्यों को सामने रखना बहुत जरुरी है सबसे पहले ये पता चला की लोगों के मन में शंका ना बढे इसके लिए हर 100 मीटर्स के क्लस्टर में रैंडम बेसिस पर 5 पुराने मीटर्स भी लगे होंगे जो की नए प्री-पेड मीटर्स के साथ भी जुड़े होंगे ताकि रीडिंग्स को कम्पेयर किया जा सके.. (मैं यहाँ पर आज सुबह का ही ये वीडियो भी पोस्ट करूँगा जिसमे रीडिंग्स को कम्पेयर भी किया गया है..नतीजा खुद ही देखिएगा) तो फिर ये भ्रान्ति पैदा कहाँ से हुई की ये मीटर तेज़ चल रहे हैं . इसकी सबसे बड़ी वजह ये है की जिन घरों में भी पायलट प्रोजेक्ट के तहत नए मीटर लगाए गए हैं वहां उन घर वालों की सुविधा के लिए पुराने मीटर के यूसेज को उसे वक्त सेटल नहि किया गया और घर वालों की जानकारी में लाने के बाद उस यूसेज चार्ज को 180 दिनों में डिवाइड करके नए मीटर के यूसेज के साथ डेली बेसिस पर जोड़ना शुरू किया गया है .. जिससे लोगों को लगता है की 10 दिन में इतना एक्स्ट्रा पैसा कहा से लग गया . इसके अलावा प्री-पेड मीटर्स में ये व्यवस्था की गयी है की ग्राहक को मोबाइल फोन की जी तरह मीटर पहले से ही चार्ज करवाना होगा और यदि उसका उपयोग प्री-पेड एमाउंट से 300 रूपए ज्यादा भी हो जायेगा तब तक उसकी बिजली नहीं कटेगी .. यानी उतना क्रेडिट उसे मिलेगा.. लेकिन उसके बाद बिजली कट जाएगी और रिचार्ज करवाने पर कनेक्शन ऑटोमैटिकली दोबारा शुरू हो जायेगा.. इन्टरेस्टिंगली 300 रुपये माइनस में जाने के बाद भी बिजली विभाग ग्राहक को 5 दिन का ग्रेस पीरियड दे रहा है अगर उसमे भी रिचार्ज नहीं होता है तब बिजली कटेगी.. अब वडोदरा का वो किस्सा ही ले लीजिये जिसमे एक महिला ये कहते हुए दिख रही है की उसका बिल डबल से भी ज्यादा हो गया .. उसकी हकीकत ये है की महिला ने रिचार्ज एमाउंट यूज़ करने के बाद 300 रुपये की लिमिट भी क्रॉस कर लिए 5 दिन का ग्रेस भी बीत गया उसके बाद तीन दिन की छुट्टी आ गयी (रूल्स के अनुसार छुट्टी के दिन भी बिजली नहीं काटी गयी) बाद में जब बिजली कट गयी तब उसने सब-डिवीज़न ऑफिस में जा कर रिचार्ज करवाणा कनेक्शन शुरू हो गया पर उसके 1500 के रिचार्ज में से 300 रुपये का एक्सेस एमाउंट + 8 दिन ( जिसमे लिमिट क्रॉस करने के बावजूद बिजली नहीं काटी गयी) का एक्सेस यूसेज चार्ज तुरंत कट गया .. अब जानकारी के आभाव में उसे लगा उसका बिल ज्यादा आ रहा है .. पर बाद में जब उसे असली वजह के बारे में बताया गया तो उसका कन्फ्यूज़न दूर हो गया पर तन तक खबर इतनी वायरल हो गयी की दूसरे जिलों से भी लोगों को लगने लगा की उनका मीटर भी तेज़ चल रहा है .. This is called fear of unknown और जब भी कोई नया सिस्टम इंट्रोड्यूस होता है उसको लेकर संशय बना रहता है.. मुझे लगता है सरकार को इसके बारे में और ज्यादा अवेयरनेस फ़ैलाने की जरुरत है क्योंकि सिस्टम सचमुच में उपयोगी है क्योंकि 1. इससे बिजली के उपयोग की रियाल टाइम जानकारी हमें मिलेगी .. हम उसे कंट्रोल भी कर पाएंगे 2. ⁠सरकार के लेवल पर डिस्ट्रीब्यूशन लॉसेस भी कम होंगे 3. ⁠विभाग के हाथ में पैसा होगा तो सर्विसेज़ भी और बेहतर होगी बिहार, आसाम और आंध्रप्रदेश जैसे राज्यों में ये सिस्टम सक्सेसफुली इम्प्लीमेंट हुआ है .. नॉएडा की का बड़ी कप्लोनीज़ में ये सिस्टम सक्सेसफुली चल रहा है तो गुजरात में क्यों नहीं .. वैसे बता दूँ की गुजरात के सूरत में इस सिस्टम को सबसे अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है वहां सबसे पहले ये मीटर GEB की कॉलोनी में ही लगाए गए और बाद में सूरत के पाल इलाके में जहाँ लोग जानकारी को जल्दी स्वीकार कर पाए India TV Bhupendra Patel

Nirnay Kapoor

55,323 просмотров • 2 лет назад

कांग्रेस अधिवेशन में कांग्रेस महासचिव Sachin Pilot जी ने 'न्याय पथ' प्रस्ताव को अनुमोदन के लिए रखा। आज से ठीक 100 साल पहले महात्मा गांधी जी ने कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष पद संभाला था, उसी के साथ ये सरदार पटेल की 150वीं जयंती है। देश में जो हालात बने हैं, वो सबके सामने हैं। पिछले दस साल में महंगाई, बेरोजगारी, आर्थिक असमानता और धार्मिक ध्रुवीकरण ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दी हैं। इसलिए कांग्रेस अब नफरत, नकारात्मकता और निराशा के वातावरण को बदलकर न्याय और संघर्ष के रास्ते पर चलने के लिए प्रतिबद्ध है। जो लोग राष्ट्रवाद का चोला ओढ़कर वोट बटोरने का काम करते हैं, मैं उन्हें बता दूंं कि कांग्रेस पार्टी का जन्म देश की आजादी के लिए हुआ था। कांग्रेस पार्टी के इतिहास में हमारे नेताओं ने जो कुर्बानियां दी हैं, ऐसा कोई दूसरा उदाहरण पूरी दुनिया में नहीं है। कांग्रेस के नेताओं ने देश को अखंड रखने के लिए छाती पर गोलियां खाई हैं- ये कांग्रेस का राष्ट्रवाद है। कांग्रेस का राष्ट्रवाद देश को जोड़ने का है, BJP का का राष्ट्रवाद देश को तोड़ने का है। कांग्रेस का राष्ट्रवाद देश की अनेकता को एकता में मिलाने का है और BJP का राष्ट्रवाद अनेकता को खत्म करने का है। अब समय आ गया है कि धर्म-जाति, भाषा, क्षेत्रवाद, पहनावा और खानपान की दुहाई देकर सत्ता को हथियाने वालों को कड़ा जवाब दिया जाए, आईना दिखाया जाए। जो लोग आज कांग्रेस मुक्त भारत बनाने की बात करते हैं, मैं उन्हें बता दूं कि राजीव गांधी जी जब प्रधानमंत्री बने थे, तब कांग्रेस के पास 400 से ज्यादा सांसद थे.. लेकिन हमने उन्हें ये बोलते हुए कभी नहीं सुना कि वे विपक्ष मुक्त देश बनाना चाहते हैं। कांग्रेस की जड़ें गुजरात के साथ ही पूरे देश में बहुत गहरी हैं। वे याद रखें कि 400 पार का नारा देने वालों को देश ने आईना दिखा दिया। देश का सद्भाव सर्व धर्म समभाव सरदार वल्लभभाई पटेल जी ने 1948 में जयपुर के अधिवेशन में कहा था कि कांग्रेस और कांग्रेस की सरकार इस बात के लिए प्रतिबद्ध हैं कि भारत एक सच्चा धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र हो। हमारी अलग-अलग पृष्ठभूमि है, संस्कृति एवं वेशभूषा है, लेकिन जो लोग उत्तर-दक्षिण के राग में धर्म, जाति, गोत्र के नाम पर बांटना चाहते हैं उन लोगों से हमें सावधान रहना पडे़गा। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस प्रतिबद्ध है कि धार्मिक, भाषाई और जातिगत व क्षेत्रीय बंटबारे को आखिरी दम तक लड़ते रहेंगे। हमारा नारा है- नफरत छोड़ो- भारत जोड़ो आधी आबादी और पूरा हक काग्रेस का हक है, एनीबेसेंट जी, सरोजनी नायडू जी, नेली सेन गुप्ता जी, इंदिरा गांधी जी एवं सोनिया गांधी जी ने महिलाओं के अधिकारों को पहली पंक्ति में लाने का काम किया है। पिछले एक दशक में भारत में अपराध इतने बढ़ गए हैं कि भारत मां की आत्मा छलनी हो गई है। केंद्र की भाजपा सरकार के आदेश पर महिला पहलवानों को सड़कों पर घसीटा गया, मणिपुर में महिलाओं को सार्वजनिक तौर पर निर्वस्त्र कर घुमाया गया, हाथरस से लेकर उन्नाव तक भारत मां के सीने पर ऐसे हजारों घाव हैं। देश की बेटियों के बारे में BJP के मुख्यमंत्री, सांसद और नेता जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं, उसका हमें विरोध करना पड़ेगा। हमने संकल्प लिया है कि किसानों को MSP पर उनका कानूनी अधिकार देंगे और 50% से ऊपर समर्थन मूल्य किसानों को मिलेगा। श्वेत क्रांति, हरित क्रांति, MSP ये सब कांग्रेस सरकार की देन है। किसान विरोधी BJP सरकार तो तीन काले कानून लेकर आई जिसके बाद किसानों ने लंबा आंदोलन किया, 700 किसान शहीद हुए, इसके बाद इस BJP सरकार ने तीन कानून वापस लिए। जमीन अधिग्रहण को लेकर राहुल गांधी जी ने भट्टा पारसौल में आंदोलन किया जिसके बाद जमीन अधिग्रहण का कानून बना। डॉ. मनमोहन सिंह जी की सरकार में 10 साल में 27 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाया गया, 8% की GDP ग्रोथ हुई। आज 1% अमीर लोगों के पास देश की 40% संपत्ति है, जो निचले 50% लोग हैं उनके पास मात्र 6.5% संपत्ति है। आज का संकल्प है- इस अधिवेशन की आवाज पूरे देश के हर गांव में पहुंचे। जिस मजबूती के साथ राहुल गांधी जी मोदी सरकार को चुनौती देने के लिए बढ़ रहे हैं, उनके साथ कंधे से कंधे मिलाकर हमें राजनीतिक विजय प्राप्त करनी पड़ेगी जिसके लिए हमें संगठन को मजबूत करना बहुत जरूरी है। न्याय का संकल्प संघर्ष का पथ हम सभी कार्यकर्ता मजबूती के साथ कांग्रेस की असीम संगठनात्मक क्षमता, दक्षता और कार्यकुशला के आधार पर अधिक से अधिक विस्तार करें और भारतवासियों के लिए न्याय के संकल्प को साकार करें। ये संघर्ष रंग लाएगा और विजय दिलाएगा। चले संघर्ष आठों याम तुमसे, करेंगे अन्त तक संग्राम तुमसे। हमारे न्याय की संकल्पना साकार होगी कांग्रेस की फिर जय-जयकार होगी

Congress

55,796 просмотров • 1 год назад