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मेट्रो मे चिप्स का पैकेट खोलने मे झिझकते है लोग, और यहाँ ट्रैन मे तो कुकर हांडी ही खोल के खाने लगते है?
26,467 görüntüleme • 6 gün önce •via X (Twitter)
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सही कहा मुझें भी अजीब सा लगता हैं ज्यादा लोंगो के बीच ख़ाना खाना।

इस महिला ने तो ट्रेन को पूरा रसोई घर बना दिया है।

लोग अभी भी ट्रेन में अपना घर जैसा महसूस करते हैं

शुद्ध भोजन है

बाप रे इतना साहस कहां से आता है

ये तो पूरे सफर का खाना बना कर लेकर आई है

रसोईघर बना लिया

क्या बोल भाई साहब यह हमारे भारत है यहां कुछ भी संभव है लगता है यह लोग मंदिरों में भी चिकन मटन लेकर के जाएंगे

ये तो पूरा डिनर सेट लेकर चल रहीं

इस महिला ने तो ट्रेन को अपना घर बना लिया

अगर ये कोयला वाली ट्रेन होती तो खाना और रोटियां भी पनपने लगती है।

अरे दीदी रहने दो इतना काम जाम लेकर चलने को ट्रेन को जलाओगी यह अपने महिलाओं वाला दिमाग अपने घर रखा करो 😂

पक्का बिहारी है ये

Konsa Saala bahar ka khana khayega vo bhi Train mein

कहाँ से आते हैं ये लोग

हम भी गांव जाते तब खाना भरपूर ले जाते घर से बना कर,अगर टिकट कन्फर्म हो तो। 1200-1400 km पूरा दिन रात का सफर ,भोजन पानी पर्याप्त रहनी भी चाहिए। पर ऐसे कुकर,हांडी,स्टील की थाली न ले गये कभी सामान का वजन बढ़ाने।😭

इनका बस चले तो लिट्टी चोखा लगा दें ट्रेन के अंदर 😂

अब खाने में मजा आयेगा।

यह चाहती तो पूरी घर की रसोई को लेकर ट्रेन में चली है कैसे-कैसे लोग हैं यार इस देश में बताओ

ऐसे लोगों को इस तरह की हरकत करने से बचना चाहिए

विपेंद्र जी जाइये आपका स्वागत करती है ये

ये कहां से हो सकती हैं

कैसे कैसे लोग सफ़र करते है ट्रेन में

you will never notice this kinda shit in vande bharat , these drama is for general coach

ट्रेन में तो पूरा किचेन बना दिया है इन्होंने तो फूल पार्टी चल रही है

ये बड़ा काम करते हैं

शुक्र है कि गैस चूल्हा नहीं लेकर आई 😂

Why are you shaming the poor? And how can you compare train & metro journeys? Home cooked is clean, hygenic and cheap. She has made so much effort for her family to provide good food. Not all women go that extra mile. Appreciate small things...

@grok video me Kya glt h btana

हद है क्या ही बोला जाए? इस देश में सिविक सेंस लोगों में कब आएगा? हम व्यक्तिगत और सार्वजनिक स्थान में फर्क करना कब सीखेंगे ?

देश में ऐसे लोग बढ़िया इंफ्रास्ट्रक्चर डिजर्व ही नहीं करते।

और वो भी चिकन क्या बात है

गैस चुला कहां है। 🤨

स्लीपर कोच ही असली भारत है

ट्रेन को घर बना लिए है ये सब
