Video yükleniyor...
Video Yüklenemedi
मोड़ था कैसा तुझे था खोने वाला मैं रो ही पड़ा हूँ कभी न रोने वाला मैं . राजेन्द्र मनचंदा बानी 🌻
25,229 görüntüleme • 1 yıl önce •via X (Twitter)
5 Yorum

कुछ_शब्द - 11 yıl önce
बहुत सुन्दर 👌

ब्राउन बैग वाली लड़की🤎1 yıl önce
भीगी हुई आँखों का ये मंज़र न मिलेगा घर छोड़ के मत जाओ कहीं घर न मिलेगा • बशीर बद्र

jaun elia1 yıl önce
कुछ भी अपना नहीं है मेरे पास बद्दुआ भी किसी की दी हुई है 🥀🕊️

शून्य1 yıl önce
जिंदगी से तंग आकर खुदकुशी को सोचते - उबैद नजीबाबादी 🌻

काव्य कुटीर1 yıl önce
जिद भी बदल जाती हैं साहब कल जिसे पाने की जिद थी आज उसे भुलाने कि हैं...
