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मणिपुर में हालात सुधर नहीं रहे हैं.

15,797 views • 1 year ago •via X (Twitter)

9 Comments

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आदित्य यादव1 year ago

अमेरिका के राष्ट्रपति का कहना है कि वो भारत को बेनकाब कर रहे हैं. ये भारत का अपमान है. ट्रंप ने ये भी कहा कि उनसे डरकर नरेंद्र मोदी ने टैरिफ कम कर दिए. • नरेंद्र मोदी को बताना चाहिए कि ट्रंप को खुश करने के लिए क्या समझौते किए गए? • देश के सम्मान को गिरवी क्यों रखा गया? ये बेहद गंभीर मामला है. इसपर मोदी सरकार को देश को जवाब देना चाहिए. साथ ही सर्वदलीय बैठक बुलाकर इससे जुड़े हर मुद्दे पर चर्चा हो, ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि राष्ट्रहित सर्वोपरि हो। @SupriyaShrinate

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Rahul singh1 year ago

बहुत खतरनाक मंजर है

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श्रीराम शर्मा1 year ago

मणिपुर की हालत बहुत ही बुरी बना दी गई है ...

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SALAUDDIN ANSARI1 year ago

विदेश मंत्री पीके की बात करने लगे हैं दो सालों से मणिपुर स्माल नहीं पाए भारत में ही है मणिपुर की सरकार भी खत्म हो गया केंद्र ने राष्ट्रपति शासन लागू है

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Mayur1 year ago

The peaceful community is behind this.

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sheela Kumari1 year ago

ये हालात कब ठीक होंगे

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Shashikant1 year ago

Vishwaguru abhi ambani ke zoo mai Sher ko Sher banana sikha Raha hai... Ekbaar Sher ban gaya toh Manipur ko dhekenge

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राम कुमार त्यागी1 year ago

जैसे ही माहौल खराब होता हैं, गिद्धों को बड़ा आनंद आता हैं!

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Kaku Badan1 year ago

Jab tak Modi ji Hain tab tak halat nahin sudhar sakte

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कांशीराम दलित अभिव्यक्ति के अलावा कुछ भी नहीं थे, ऐसा राहुल गांधी बता रहे हैं। उनसे यही उम्मीद है-गांधीवादी हैं, स्वाभाविक है सामाजिक न्याय की सतह पर ही फिसल जा रहे हैं। मगर शिकायत दलित बहुजन चिंतक, प्रोफेसर्स और यूटूबर्स से है; जो खुशामदी में मस्त, मुंडी हिला रहे हैं। डांट डपटकर न सही, रोक-टोंक कर भी नहीं कह पा रहे हैं। "काशीराम दलित अभिव्यक्ति से जन्मे नेता नहीं हैं बल्कि दलितों को अभिव्यक्ति देने वाले नेता हैं। उनकी जगाई चेतना से करोड़ों की जिंदगी बदली है, लाखों लोग वालंटियर बनकर मिशन चला रहे हैं। सालों-साल में हालात इतने बदल गए हैं कि जातिवार जनगणना और ओबीसी आरक्षण का विरोध करने वाले आप जैसे लोग भी खुलकर अब 'जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी' का नारा लगा रहे हैं।"

Samar Raj

46,696 views • 2 years ago