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मात्र 3 मिनट में 72 करोड़ नाड़ियो को खोलने का अभ्यास...

41,531 просмотров • 1 год назад •via X (Twitter)

Комментарии: 3

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Pradeep Mishra1 год назад

72 करोड़ नहीं 72 हजार

Фото профиля Suresh choudhary🇮🇳
Suresh choudhary🇮🇳1 год назад

तुमने गिनी थी क्या 72 करोड़ नाड़िया। घर का दुश्मन।

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Madan Dwivedi1 год назад

बहुत बढ़िया पोस्ट।

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जिस मनरेगा ने गरीब को काम का अधिकार दिया, जिसे देश-विदेश में सराहा गया और जिसने कोरोना काल में करोड़ों परिवारों को दो वक्त की रोटी का सहारा दिया, उस कानून को भाजपा सरकार ने खत्म कर दिया। 2020-21 में 46 करोड़ मानव दिवस सृजित हुए थे, 2021-22 में 42 करोड़, 2023-24 में 38 करोड़ और 2024-25 में महज 32 करोड़ रह गए। बाद में 2025-26 में दिसंबर तक मात्र 15.54 करोड़ और अब तक केवल 18 करोड़ तक सीमित रह गए, यानी 2020-21 की तुलना में 26 करोड़ मानव दिवस कम हो गए। भाजपा सरकार ने साजिशन इसे खत्म करने के लिए एक तरीके से मौखिक आदेश दिए कि नरेगा चलना ही नहीं चाहिए, स्वीकृति होनी नहीं चाहिए। जहां 2023-24 और 2024-25 में 5-5 लाख परिवारों को 100 दिवस का रोजगार मिलता था, वहीं 2025-26 में दिसंबर तक मात्र 46,684 परिवारों को ही 100 दिन का काम मिला और अब तक केवल 1 लाख 32 हजार परिवार ही लाभ ले सके हैं। नरेगा का पैसा भी भाजपा सरकार से नहीं दिया जा रहा है। 2025-26 में अब तक 3000 करोड़ रुपये से अधिक पैसा बकाया है। स्थिति केवल मनरेगा तक सीमित नहीं है। प्रधानमंत्री आवास योजना में 2025-26 में मात्र 1,08,073 नए आवास बनाए गए और उनका भुगतान भी महीनों लंबित है। विधायक निधि में 2738.84 करोड़ उपलब्ध होने के बावजूद केवल 705.80 करोड़ खर्च हुए और मात्र 11,063 कार्य स्वीकृत हुए। सांसद निधि में 137.68 करोड़ की अभिशंसा के विरुद्ध केवल 31.18 करोड़ खर्च किए गए। प्रदेश में राज्य सरकार की योजनाओं का हाल पूरी तरह से बेहाल है- * डांग क्षेत्र विकास में 100 करोड़ के प्रावधान में से मात्र 17.43 करोड़ खर्च हुए * मगरा क्षेत्र विकास में 100 करोड़ के प्रावधान में केवल 12.67 करोड़ खर्च हुए और 232 कार्य ही हुए। * डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उत्थान योजना में 500 करोड़ का प्रावधान होने के बावजूद एक रुपया भी खर्च नहीं किया गया। * मुख्यमंत्री थार सीमा क्षेत्र योजना में 150 करोड़ के प्रावधान में से मात्र 12.67 करोड़ खर्च हुए। * मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के दूसरे चरण में 1 लाख कार्यों के लक्ष्य के विरुद्ध केवल 26,059 कार्य पूरे हुए और 54.90 करोड़ रुपये खर्च हुए। प्रदेश की जनता को जवाब दिजिए आखिर गरीब का पैसा और उसका हक क्यों छीना जा रहा है? #RajasthanAssembly

Govind Singh Dotasra

17,724 просмотров • 5 месяцев назад