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मित्र वह है जो आपके चरित्र पर कभी दाग न लगने दे..

35,973 Aufrufe • vor 1 Jahr •via X (Twitter)

10 Kommentare

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NSG_Commandos Fan🇮🇳vor 1 Jahr

आज के युग में प्यार करने वाले अक्सर अकेले और रोते ही रह जाते है लेकिन वहीं दूसरी और अपनी कामना की पूर्ति करने वाले वासना में युक्त जिस्मों की चाह मात्र रखने वाले बाजी मार जाते हैं! भले ही कोई कुछ भी बोले आज के युग की यही सच्चाई है, सच्चा मित्र मिलना बहुत मुश्किल है!

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Belen Alfarovor 1 Jahr

🌸Te deseo un hermoso Dia🌸 🌸Have a great day🌸

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हिंदी की दुनियाvor 1 Jahr

बिल्कुल सही कहा है। 🙌

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सन्यासी 🐚 ısɐʎuɐSvor 1 Jahr

मित्र का अच्छा परिभाषा दिया आपने राधे राधे

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तेजा भक्त श्रवण चौधरीvor 1 Jahr

Bilkul sahi kaha

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Dilkesh meena Rajasthanvor 1 Jahr

@parm_b29 मित्र और चरित्र दोनों अच्छा होना चाहिए

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Villen..vor 1 Jahr

Good morning

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आज़ाद परिंदाvor 1 Jahr

Bilkul

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ALONE☠️vor 1 Jahr

Ek dum sahi dost Aisa hi hona chahiye

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Kavita Niyogivor 1 Jahr

Right 🌺

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शाश्वत मित्रता वृक्ष मित्र मित्रता केवल साथ चलने का नाम नहीं है। यह विश्वास, समर्पण और निस्वार्थ प्रेम की वह अनुभूति है, जो जीवन को अर्थ देती है। हमारी संस्कृति ने श्रीकृष्ण–सुदामा की मित्रता और प्रभु श्रीराम–हनुमान के समर्पण के माध्यम से सिखाया है कि सच्चा मित्र वही है, जो बिना किसी स्वार्थ के हर परिस्थिति में साथ खड़ा रहे। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस धरती पर हमारा सबसे सच्चा और सबसे निस्वार्थ मित्र कौन है? वह है—वृक्ष। वृक्ष कभी कुछ माँगता नहीं, बस देता ही देता है। प्राणवायु देता है, छाया देता है, फल-फूल देता है, वर्षा का आधार बनता है, धरती को जीवन देता है और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य संवारता है। वह स्वयं धूप सहता है, ताकि हमें शीतलता मिल सके। वह स्वयं मौन रहता है, लेकिन पूरी सृष्टि के जीवन का गीत गाता है। ऐसे मित्र का साथ केवल एक दिन का नहीं, जीवनभर का होता है। इसलिए आइए, वृक्ष लगायें मित्र बने वृक्ष मित्र बने अपने जन्मदिन पर, अपने बच्चों के जन्मदिन पर, विवाह वर्षगाँठ पर, या जीवन के किसी भी शुभ अवसर पर एक वृक्ष अवश्य लगाएँ और उसे केवल पौधा नहीं, अपना “वृक्ष मित्र” मानकर उसका पालन-पोषण करें। जब वह वृक्ष बड़ा होगा, तो वह केवल आपको ही नहीं, अनगिनत लोगों को जीवन देगा। वही मित्र आपके बच्चों को छाया देगा, स्वच्छ हवा देगा और इस धरती को हरा-भरा बनाए रखेगा। आइए, आज हजारों नहीं, लाखों “वृक्ष मित्र” बनाएँ। मित्रता को केवल शब्दों तक सीमित न रखें, उसे धरती पर हरियाली के रूप में जीवंत करें।

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आज स्थापना दिवस पर एक बात साफ कहना चाहता हूँ, जो कहते है— “कांग्रेस खत्म हो गई है।” मैं उन्हें बताना चाहता हूँ — हमारे पास सत्ता कम हो सकती है, लेकिन हमारी रीढ़ अभी भी सीधी है। हमने समझौता नहीं किया— • न संविधान से • न धर्मनिरपेक्षता से • न गरीब के हक से हम सत्ता में न हों, लेकिन सौदेबाज़ी नहीं करेंगे। कांग्रेस ने कभी धर्म के नाम पर वोट नहीं माँगा । कांग्रेस ने कभी मंदिर–मस्जिद से नफरत नहीं फैलाई। कांग्रेस जोड़ती है। बीजेपी तोड़ती है। काँग्रेस ने धर्म को आस्था ही रखा ! पर कुछ लोगों ने धर्म को राजनीति बना दिया! आज BJP के पास सत्ता है, लेकिन उनके पास सच्चाई नहीं है। इसलिए— • कभी आंकड़े छुपाए जाते हैं • कभी जनगणना रोकी जाती है • कभी संविधान बदलने की बातें होती हैं जो आज इतिहास पर भाषण दे रहे हैं, उनके पूर्वज इतिहास से भाग रहे थे। कांग्रेस विचारधारा है— और विचारधाराएँ कभी मरती नहीं।

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