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मोदी जी के गुजरात और बिहार के भाषणों में अंतर?
13,504 görüntüleme • 5 gün önce •via X (Twitter)
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BJP was the hope; But they also turned into congress. My friends who left the country timely, made a better decision; I kept on paying taxes in India and now seeing India becoming more castist 😐

गुजरात हो या बिहार, मोदी जी का मूल संदेश एक ही है—विकास, सुशासन और आत्मनिर्भर भारत। फर्क भाषण में नहीं, राज्य की जरूरतों और स्थानीय मुद्दों के हिसाब से बात रखने में है; राजनीति को तुलना नहीं, काम के परिणाम देखने चाहिए।

Maha jhootha hain modi Sirf jhooth bolta hain. Aur anpadh logo ko apna shikaar banata hain..

बैठकों और दावों से चुनाव नहीं जीते जाते, जनता आज संगठन की मजबूती से ज्यादा विकास और सुशासन के कामों का हिसाब देख रही है।

भाई जिन लोगों को जो अच्छा लगता है वही बोलेंगे मोदी जी.

अगली बार भी बीजेपी ही जीतेगी 10000 की जगह 20000 कर देगी महिलाओं के अकाउंट में 😁😁बैलेट पेपर से इलेक्शन करवाना अगला @jansuraajonline

यह हमेशा दो पैमाने अपनाते हैं इनका गुजरात और बाकी शेष राज्य ।

चुनाव सिर्फ बैठकों और दावों से नहीं, बल्कि जनता के विश्वास से जीते जाते हैं। आज जनता संगठन की मजबूती के साथ-साथ विकास, सुशासन और किए गए कामों का स्पष्ट हिसाब भी देख रही है।

यही तो है खुश करने का तरीका

आजकल घर के नौकरों को भी बड़े प्यार और सम्मान से रखा जाता है। हम बिहारी तो गुजरात के evertime नौकर हैं—बस हर पाँच साल में एक रसगुल्ला मिल जाता है। लेकिन हमारे बुरे वक्त यानी बाढ़ में न साथ दिखता है, न विशेष राज्य के दर्जे की बात आती है। Wah ji wah ...!!!

भाषण अलग होना भेदभाव का सबूत नहीं। सवाल भाषण का नहीं, बिहार को मिले बजट, योजनाओं और विकास के आंकड़ों का है।
@NitinNabin Bihar ki janta ab jaag chuki hai.. ab @BJP4India ko nahi @girirajsinghbjp has done nothing for Bihar

Kauleb? Collab?

larchatt ko chunoge to yehi ,milega

मोदी जी हैं जो पूरे विश्व में भारत का मान सम्मान बढ़ाया आर्थिक स्थिति ऊंची हुई है जीडीपी 7% से ऊंचा हुआ है

भाषणों की तुलना करके राजनीतिक नैरेटिव बनाना आसान है, लेकिन असली सवाल काम और परिणाम का है। गुजरात हो या बिहार, जनता विकास, रोजगार और बेहतर सुविधाओं का ठोस हिसाब चाहती है—सिर्फ शब्दों के अंतर से कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं।

अंतर भाषण में नहीं, प्रशांत किशोर की नजर में है। मोदी जी का एजेंडा हर राज्य में विकास, रोजगार, निवेश और गरीब कल्याण है। गुजरात हो या बिहार, विकास का लक्ष्य सबके लिए समान है।

जो व्यक्ति कल तक चुनाव जिताने के लिए नेताओं को भाषण की लाइनें रटाता था आज वही जब राजनीति में पूरी तरह फ़्लॉप होने लगा है तो शब्दकोश और भाषणों का अंतर गिनवा रहा है।
