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मोदी जी छात्रों की डिमांड में थोड़ा सा चेंज है 👇🏻

22,226 次观看 • 6 天前 •via X (Twitter)

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एंकर ओर BJP प्रवक्ता - बस थोड़ी सी ही महंगाई बढ़ी है! जवाब - सुबह उठते ही 29₹ गैस का दाम बढ़ गया, थोड़ा सा बढ़ा! 1% के पास 40% धन है, हमसे थोड़ा सा हो ज्यादा है! 19% बच्चे कुपोषित है, बस थोड़ा सा कुपोषित है! हर तीसरा बच्चा बौना पैदा होता है, थोड़ा सा बौना पैदा हो रहा! भारत भुखमरी में 123 देशों में 102 वें नंबर पर है, बस थोड़ा सा भुखमरी है! ये कैसा थोड़ा सा है? शर्म भी नहीं आती! मोदी जी कहते है, देश संकट में है जनता पब्लिक ट्रांसपोर्ट से चले! शाम होते ही, महामानव 30-32 गाड़ियों के काफिले के साथ रोडशो पर निकल जाते है! फिर कहते है, विदेश भ्रमण मत करिए और दूसरे ही दिन 4 देशों की विदेशी यात्रा पर मेलोडी खिलाने निकल पड़ते है! SBI की रिसर्च कहती है कि गरीबी रेखा में वो आते है गाँव में जिनका महीने की आमदनी 1,632 रुपये, और शहर में 1,944 रुपये है वो गरीब है। उससे 1₹ ज्यादा वाले अमीर है? यह आंकड़ों में गरीब को मिटाने का तरीका है। रेखा इतनी नीचे खींच दो कि कोई उसके नीचे बचे ही नहीं। और ऐसे सबको अमीर बना दो?

Priyanka Bharti

140,847 次观看 • 1 个月前

जब सब लोग खामोश थे, तब NSUI छात्रों की आवाज़ बनकर सड़कों पर उतरी थी। राष्ट्रीय प्रभारी श्री Kanhaiya Kumar जी, सह प्रभारी श्री Anshul Trivedi जी के मार्गदर्शन और राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री VINOD JAKHAR जी के नेतृत्व में NSUI के लाखों कार्यकर्ताओं ने गली-गली, चप्पे-चप्पे पर संघर्ष किया। लाठियाँ खाईं, गिरफ्तारियाँ झेलीं, लेकिन छात्रों का साथ नहीं छोड़ा। आज धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा उस संघर्ष की जीत का प्रतीक है। यह किसी एक संगठन की नहीं, बल्कि उन लाखों छात्रों की जीत है जिन्होंने अन्याय के सामने झुकने से इनकार किया, और उन लाखों NSUI कार्यकर्ताओं की जीत है जिन्होंने इस लड़ाई को देश का सबसे बड़ा छात्र आंदोलन बनाया। हम लड़े थे। हम लड़ हैं। लड़ते रहेंगे। ✊🇮🇳 यह जीत भारत के हर छात्र को समर्पित है। ❤️

NSUI

19,144 次观看 • 6 天前