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"मोदी ने झालमुडी खाई ,क्या वो मछली खाएंगे ?" "मैं खुद अपने हाथ से बनाकर दूँगी ,फिर भी नहीं खाओगे" --- ममता बनर्जी Narendra Modi जी शुद्ध शाकाहारी है उन्हें आप कैसे मांसाहार खिलाने की बात कर सकती हैं Mamata Banerjee ? आप एक बार मोदीजी के नेताओ से...

121,045 views • 5 months ago •via X (Twitter)

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सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ जी के हत्या में अभिषेक बनर्जी का हाथ होने की पूरी संभावना है उसके कई कारण है पहला कारण यह कि वह वीडियो भी है जिसमें अभिषेक बनर्जी चुनाव के बाद चंद्रनाथ रथ को देखने की धमकी दे रहे हैं और दूसरा यह जब एक काउंटिंग सेंटर पर ममता बनर्जी जबरदस्ती घुसने का प्रयास कर रही थी तब चंद्रनाथ रथ ने ममता बनर्जी को रोका था उन्हें नियम बताए थे कि आप बगैर प्रॉपर आई कार्ड के आप घूस नहीं सकती और यहां तो आप बिल्कुल नहीं घुस सकती क्योंकि आप यहां उम्मीदवार नहीं है और फिर ममता बनर्जी को वहां से जाना पड़ा था तब अभिषेक बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के साथ आए एक व्यक्ति ने उनसे काफी देर तक लड़ाई झगड़ा किया था उन्हें धमकी दिया था उन्हें मारने की बात किया था जिसका यह वीडियो है

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

191,190 views • 4 months ago

नेता प्रतिपक्ष ने ना केवल यह बयान भरे मंच से दिया है बल्कि कांग्रेस ने अपने आधिकारिक पेज से इसे पोस्ट भी किया है- “मोदी वोट के लिए स्टेज पर आकर डांस कर लेंगे।” क्या यह देश के प्रधानमंत्री के लिए शोभनीय भाषा है? राहुल गांधी जी शायद भूल गए हैं — नरेंद्र मोदी जी को देश की जनता अपने प्रेम, विश्वास और आशीर्वाद से सिरमौर बनाया है।प्रधानमंत्री मोदी ने जनसेवा, परिश्रम और राष्ट्रभक्ति से वो स्थान पाया है जहाँ तक कांग्रेस कभी पहुँच ही नहीं सकती।जो नेता जनता से दूर हैं, वही आज जनता के नेता का मज़ाक बना रहे हैं। कांग्रेस का यह अपमानजनक रवैया एक बार फिर साबित करता है उन्हें मोदी से नहीं, भारत की जनभावनाओं से नफ़रत है।

Rohan Gupta

28,153 views • 10 months ago

यह कहना कि Mamata Banerjee बंगाल में Narendra Modi को हरा सकती हैं—सिर्फ़ एक राजनीतिक दावा नहीं, बल्कि ज़मीन से जुड़ी हक़ीक़त का इशारा है। ममता बनर्जी की राजनीति भाषणों से ज़्यादा संघर्ष की कहानी है। उन्होंने बंगाल की गलियों, खेतों और मज़दूर बस्तियों में रहकर राजनीति की है, इसलिए जनता उन्हें दूर से नहीं, अपने बीच से उठी नेता मानती है। बंगाल में पहचान, संस्कृति और आत्मसम्मान बहुत मायने रखते हैं। ममता बनर्जी ने हमेशा “बंगाल की अस्मिता” को केंद्र में रखा है—चाहे वह भाषा का सवाल हो, महिलाओं की सुरक्षा हो, या गरीबों के लिए सीधे ज़मीनी योजनाएँ। यही वजह है कि लोग उन्हें केवल मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि अपनी आवाज़ समझते हैं।

Bawaal

12,164 views • 8 months ago

पश्चिम बंगाल में बिहारी छात्रों से बर्बरतापूर्ण मारपीट की खबर बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। वहां की मुख्यमंत्री ने फिर एक बार बिहारियों का अपमान किया है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मैं ममता बनर्जी जी से पूछना चाहता हूं कि क्या पश्चिम बंगाल में परीक्षा देना भी गुनाह है ? क्या अब भी विपक्षी दल के नेता चुप्पी साधे रहेंगे? मैं पूछना चाहता हूं बिहार के नेता प्रतिपक्ष से कि अब आप किस हक से तृणमूल कांग्रेस का समर्थन करेंगे। मैं माननीय मुख्यमंत्री श्री Nitish Kumar जी से आग्रह करता हूं कि मामले की गहन जांच करा कर दोषियों पर विधिसम्मत कार्रवाई करें। ANI Press Trust of India IANS Mamata Banerjee

युवा बिहारी चिराग पासवान

485,629 views • 2 years ago

आप इस सवाल को ध्यान से सुनिए राहुल गांधी लगातार भारत की आलोचना कर रहे थे विदेशी ताकतों से भारत में दखल करने की बात कर रहे थे फिर एक बुजुर्ग ने राहुल गांधी से सवाल किया है कि राहुल जी मैं उस बात का गवाह हूं और मैं उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में था जब आपकी दादी इंदिरा गांधी लंदन आई थी जब उन्हें मोरारजी देसाई ने सत्ता से बेदखल कर दिया था और इंदिरा गांधी कई समस्याओं से जूझ रही थी तब उनसे एक पत्रकार ने पूछा इंदिरा जी आपको इन सब हालात पर क्या कहना है ?? तब इंदिरा गांधी ने कहा कि मैं इस धरती पर अपने देश की बात आंतरिक मामलों की बात बिल्कुल नहीं करूंगी अगर आपको यह सवाल मुझसे पूछना है तब आपको भारत आना पड़ेगा और आप लगातार विदेश की धरती पर भारत की अपमान कर रहे हैं विदेशी ताकतों की दखल की बात कर रहे हैं तब राहुल गांधी का चेहरा कैसे हो गया आप देखिए

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

30,319 views • 5 months ago

एक बार पुनः बंगाल में ममता बनर्जी राहुल गांधी जी के साथ मिलकर अपने आप मजबूत कर सकती हैं..! एक वक्त क्या मात्र 4 मई से पहले तक ममता बनर्जी के पास 211 विधायक और 28 लोकसभा सांसद थे..! वहीं करीब 13 राज्यसभा सांसद बंगाल से ममता बनर्जी AITC की तरफ से बनाए थे...! लेकिन जैसे ही 4 मई नतीजे आए AITC के 80 विधायक जीते जिसमें 60 विधायकों ने ममता बनर्जी को छोड़कर ऋतुव्रतो बनर्जी के साथ चले गए...! 20 सांसदों ने पाला बदलकर NCPI में विलय कर लिया, 4 राज्यसभा सांसद ने रिजाइन कर दिया..! अब अटकले लगाई जा रही की 3 सांसद यूसुफ पठान खलीलूर रहमान अबू ताहेर खान NDA की बैठक में नहीं गए...! अब ममता बनर्जी को आने वाले बंगाल में पंचायती राज निकाय चुनावों में कांग्रेस राहुल गांधी जी गठबंधन कर लेना चाहिए.....!

Ratan acharya

67,961 views • 1 month ago

पत्रकार : कल आपके यहां जो कार्यक्रम हुआ है, उसको लेकर क्या कोई गलत संकेत गए? जवाब : कोई गलत संकेत नहीं है। वो तो जो आदिवासी जो थे कार्यकर्ता वो आए थे, खाली मिलने के लिए आए थे। जॉइनिंग की बात थी नहीं कहीं। मुझे कहा गया भाई वो जिद किए हुए हैं बच्चे, बीस - पच्चीस दिन से बात चल रही थी। मैं मना कर रहा था, यहां आने की जरूरत नहीं है। मैं खुद आऊंगा बांसवाड़ा मिल लेंगे बच्चों से। अब 500 किलोमीटर बस लेकर कोई आए तो मुझे अजीब लगता है और मैं हमेशा डिस्करेज करता हूं। कल की बात छोड़ दीजिए। जब कभी कोई मुझसे मिलने की बात करते हैं तो मैं मना करता हूं, इतनी दूर से क्यों आ रहे हो? मैं टूर प्रोग्राम बनाऊंगा, वहीं मिल लेंगे अपन। पर इन लोगों ने जिद पकड़ ली कि नहीं, हमें तो मिलना ही है। तो जब मालवीय जी ने बार बार कहा तो फिर अल्टीमेटली मैंने कहा कि भई ठीक मिला दीजिए। तो मिलने मुझसे भी आए थे, तो मुझसे मिलना है तो मैंने भी कहा और उनके खुद ने भी टाइम ले लिया था पीसीसी से भी कि हम जाकर वहां भी आशीर्वाद लेंगे, मिल लेंगे अध्यक्ष जी से मिलेंगे और कोई बात थी ही नहीं। ना ज्वाइनिंग की थी, ना चर्चा हुई ज्वाइनिंग की और वो तो कार्यकर्ता थे। ज्वाइनिंग नेताओं की होती है। 500 कार्यकर्ता, 400 आए थे कल। जो आंकड़े बता रहे हैं अब 400 कार्यकर्ता क्या वो कार्यकर्ता तो उन्हें कब तो वो गए और कब वापस आए। तो ये तो क्या कार्यकर्ता गांव में होते हैं ना। अगर मान लो बाप पार्टी का मोह भंग हो रहा है, आ गए तो अच्छी बात है। वेलकम करना चाहिए सबको। इतनी सी बात है। बाकी तो मीडिया वाले जो है आप लोग, आप भी कम नहीं हो, कैसे आप किस प्रकार से माहौल बिगाड़ो, कैसे डराओ नेताओं को, उसमें भी कई मीडिया के हमारे साथी जो हमारे बड़े प्यारे हैं, उनकी बड़ी भूमिका होती है। भाई इससे ज्यादा कुछ भी नहीं है। हम सब एक हैं, एक होकर चलेंगे, एक होकर सरकार बनाएंगे और सरकार बननी निश्चित है राजस्थान में दिमाग के अंदर रखो। बाकी सब बातें छोड़ दो। कोई नाराजगी नहीं है, कोई नाराजगी ना अध्यक्ष जी को, ना मुझे है। अध्यक्ष जी क्या नाराजगी बताएंगे? कोई नाराजगी नहीं बताई उन्होंने। उनको तो जो महसूस हुआ, उन्होंने बता दी बात। पर मीडिया वाले बार- बार, बार- बार अगर आप ऐसे क्वेश्चन पूछोगे जो उनकी जानकारी में नहीं होगी बात को तो वो जवाब क्या देंगे? तो इस प्रकार का मैं समझता हूं। कोई बात नहीं, पूरी कांग्रेस एकजुट है और अभी मैं बार बार कह रहा हूं सुन लीजिए आप लोग देश को जरूरत कांग्रेस की है। कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व में, खड़गे साहब के नेतृत्व में एकजुट है। डेमोक्रेसी खतरे के अंदर मैं बार बार चेता रहा हूं पिछले छह महीने साल भर से वो हकीकत है। इसमें कोई आपस में मनमुटाव, झगड़ों का कोई स्थान होना ही नहीं चाहिए। सब मिलकर काम कैसे करें, यह हमारा ध्येय होना चाहिए। वो हमारा ध्येय है। उसी ध्येय से हम आगे बढ़ रहे हैं सब लोग और हम जानते हैं कि मीडिया वाले हमें क्वेश्चन क्या पूछेंगे। अब जब आपने सब कैमरे लगाए तो बाकी बातों में जानता हूं कि भूमिका आपकी है। बाकी तो आप लोग क्या पूछने वाले हो, क्यों पूछने वाले हो, मुझे मालूम था। तो इसलिए आप मुझसे , हम सब से एक्सपेक्ट मत करो कि हम कोई ऐसी बात बोलेंगे जिससे आपस में लड़ाई बढ़े यह बात है।

Ashok Gehlot

82,236 views • 1 month ago

शुभंकर मिश्रा से बड़ा मौकापरस्त व्यक्ति मैंने अपनी जिंदगी में कभी नहीं देखा। सबसे पहले तो यह व्यक्ति जिस तरीके से अपने पॉडकास्ट में लोगों से बातें उगलवाता है, वो बहुत ही गलत तरीका है। उसके बाद आज जब गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर धब्बा लगा तो इस व्यक्ति ने अपने हाथ एकदम ऐसे खड़े कर लिए जैसे इसका उस यूनिवर्सिटी से कुछ लेना-देना ही नहीं है। अब आप देखिए कि एक पुरानी वीडियो है जहाँ शुभंकर मिश्रा गलगोटिया यूनिवर्सिटी की इतनी तारीफ कर रहे हैं कि तारीफ करते-करते थक नहीं रहे। लेकिन अब अपने हाथ खड़े करके इस यूनिवर्सिटी के बारे में बुरा-भला बोल रहे हैं और कह रहे हैं कि "किसी की तरक्की में क्रेडिट नहीं लिया जाता।" अरे जनाब, आप ही वो थे जो कह रहे थे कि मैं जो कुछ हूँ गलगोटिया यूनिवर्सिटी की वजह से हूँ। मैं कह रहा हूँ कि मान लीजिए कि आज गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने गलत किया है, तो आप उसे गलत बोलिए। आपका कर्तव्य है, आप पत्रकारिता के जाने-माने चेहरे हैं। लेकिन आप यह क्लैरिफिकेशन क्यों दे रहे हैं कि "उसके बनने में मेरा कोई योगदान नहीं है"? यह आपके ही शब्द हैं। आज यूनिवर्सिटी बेकार है? क्या पता कल तक वो काम सही करते थे जिसकी वजह से आप वहाँ बैठे हैं। कबीर का दोहा था - "गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूँ पाँय।" आज शुभंकर मिश्रा ने केवल अपने गुरुओं का ही नहीं बल्कि अपने विद्यालय का अपमान कर दिया। ऐसे मौकापरस्त व्यक्ति से क्या ही उम्मीद की जा सकती है?

चाय, इश्क और राजनीति।

43,072 views • 7 months ago

ममता बनर्जी ने इंडिया एलायंस में होने का कोई भी धर्म नहीं निभाया.. 1. 2024 के लोकसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने बंगाल में अपने कोटे से एक भी सीट अपने एलायंस को नहीं दी 2.राहुल गांधी ने वोट चोरी की बात की लेकिन ममता बनर्जी हमेशा चुप रहीं 3.गौतम अडानी के मुद्दे पर संसद में कभी भी TMC साथ नहीं आई 4.नीतीश कुमार को इंडिया एलायंस का संयोजक बनने से ममता ने रोका..राहुल तब भी चुप रहे तो क्या एलायंस का धर्म निभाने के सारी जिम्मेदारी राहुल गांधी की ही हैं.. अब जब ममता खुद हार गईं तब कह रही हैं मैं इंडिया एलायंस को मजबूत करूंगी अब तो आपके पास कोई चारा ही नहीं बचा। प्रधानमंत्री पद के 3 उम्मीदवार थे नीतीश कुमार, ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल तीनों हार के घर बैठ चुके हैं.. अमित शाह ने कलकत्ता में पत्रकारों से कहा था कि आने वाले समय में बंगाल में बीजेपी vs कांग्रेस होगा।

Jeetu Besla

80,016 views • 4 months ago

विपक्ष के नेता Rahul Gandhi को मेरा सुझाव - RSS-BJP द्वारा हल्द्वानी में किया गया "शुद्धिकरण" कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ जातिवाद और छुआछूत का एक घिनौना और निंदनीय कृत्य था, और इसने BJP-RSS की मनुवादी सोच को एक बार फिर बेनकाब किया। इससे भी बुरी बात यह है कि खड़गे-जी को अपनी ही कांग्रेस पार्टी के सदस्यों द्वारा इस जातिवादी कृत्य की स्पष्ट रूप से निंदा न किए जाने पर अपना दुख जताना पड़ा। कल आपने 15 दिन बाद इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करके एक प्रेज़ेंटेशन दी, जिसमें आपने शुद्धिकरण करने वालों को एक्सपोज़ किया। आप विपक्ष के नेता हैं, आपके कार्यकर्ता आपको अगला प्रधानमंत्री बनाने की तैयारी कर रहे हैं। बहुत अच्छी बात है पर जो पार्टी के बड़े लोग अपने ही पार्टी अध्यक्ष पर हुए जातिवाद पर छुपी साधे रहते हैं वो BJP मनुवादियों से कैसे बेहतर हैं? ये प्रेज़ेंटेशन में तस्वीर दिखाने से कुछ नहीं होगा। सबको पता है खड़गे जी खिलाफ ये जातिवाद BJP-RSS ने किया है; इसमें कोई दो राय नहीं हैं। आप बोल रहे हैं कि खड़गे जी को न्याय मिलेगा? पर कैसे? आप क्या कर रहे हैं? आप विपक्ष के नेता हैं , आपने FIR करवाई क्या? जब आप अपने पार्टी अध्यक्ष के लिए नहीं लड़ेंगे तो गरीब दलित, शोषित समाज क्या समझेगा? अंग्रेजी में एक कहवात है - walk the talk"। मतलब यह कि आप जो कहते हैं उसे करें और ऐक्शन के साथ अपने शब्दों का समर्थन करें!

Prakash Ambedkar

57,248 views • 23 days ago

दिन-रात पंडित नेहरू के नाम की माला जपने वाले मोदी जी भयंकर ‘हीन भावना’ और ‘कुंठा’ में जी रहे हैं अपने 4400 दिन के कार्यकाल की लकीर बड़ी दिखाने के लिए पंडित जी के 6130 दिनों की लकीर कैसे छोटी करें ये टेंशन मोदी जी को खाए जा रही है क्योंकि खुद भी जानते हैं कि अगला चुनाव तो जीत पाएंगे नहीं इसीलिए ‘Longest Serving PM’ का स्वघोषित ताज अपने ही अँधभक्तों के हाथों से पहन रहे हैं 🥴 पर एक बात तो बताइए मोदी जी, यदि आपके हिसाब से आज़ादी 1947 में मिली पर नेहरू जी प्रधानमंत्री 1952 में बने, तो फिर… सरदार वल्लभ भाई पटेल भी 1947 में देश के पहले गृहमंत्री नहीं बने होंगे बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर भी 1947 में देश के पहले कानून मंत्री नहीं बने होंगे मतलब, हम जानते हैं कि ‘Entire Political Science’ की degree के अलावा आप जीवन में कुछ ज्ञान अर्जित नहीं कर पाए..पर मूर्खता की कुछ तो limit होनी चाहिए 🥴 कहॉं तो नेहरू जी ने दुनिया में Non Aligned Movement चलायी और कहॉं आप अमेरिका के आगे नाक रगड़ कर Surrender कर आए ! कहॉं तो नेहरू जी ने IIT, IIM, AIIMS, DRDO, ISRO, SAIL, BHEL, UGC, LIC, BARC, HAL, Doordarshan बनाए और कहॉं आप सारे PSUs अपने मित्रों को बेच आए वो क्या है ना मोदी जी - ऐड़ियां उचकाने से कद नहीं बढ़ा करते !!!

Dr. Ragini Nayak

17,624 views • 3 months ago